Crime

शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा: रायपुर में 2 करोड़ की ठगी, ओडिशा के कारोबारी से कैश लेकर फरार हुए ठग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 2 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ओडिशा के कालाहांडी जिले के एक कारोबारी से आरोपियों ने कैश में यह रकम हासिल की और फिर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित कारोबारी नेमीचंद जैन के मुताबिक, नवंबर 2025 में उनके मोबाइल फोन पर एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक आया था। ग्रुप में दावा किया गया था कि टाटा कंसलटेंसी के नाम पर निवेश करने पर मात्र 10 दिनों में भारी मुनाफा मिलेगा। 1 लाख रुपए के निवेश पर 30 हजार रुपए प्रॉफिट का लालच दिया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने कारोबारी को 30 हजार रुपए का मुनाफा भी दिखाया। इसके बाद उससे बड़ी रकम निवेश करने के लिए लगातार कॉल आने लगे। ठगों के झांसे में आकर कारोबारी ने अपने साले से 2 करोड़ रुपए उधार लिए और रायपुर आकर एक होटल में आरोपियों को कैश सौंप दिया। रकम मिलने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे और कुछ दिनों बाद अचानक संपर्क तोड़कर फरार हो गए। खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामला संगठित साइबर और निवेश फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और बैंकिंग व डिजिटल लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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शराब के नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप, DEO ने किया निलंबित

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लोरमी विकासखंड के लखासर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक लक्ष्मण कोलम के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल सख्त कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, यह घटना 5 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। वीडियो में शिक्षक की हालत नशे में होने जैसी नजर आ रही है। वायरल वीडियो के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने मामले की प्राथमिक जांच कर इसकी पुष्टि की और तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली एल.पी. डाहिरे को सूचना देते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब के नशे में स्कूल आना न केवल शासकीय सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि इससे छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर भी सीधा असर पड़ता है। शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। नियमों के तहत किया गया निलंबन जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 (1), (2) और (3) का उल्लंघन करार दिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (नियंत्रण, वर्गीकरण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(ए) के तहत सहायक शिक्षक लक्ष्मण कोलम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायगढ़ में बंद मकानों को बनाया निशाना, दो घरों से नकदी व जेवरात समेत 2.10 लाख की चोरी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चोरों ने त्योहार के दौरान सूने पड़े मकानों को निशाना बनाते हुए दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया है। अज्ञात चोरों ने दोनों घटनाओं में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। दोनों ही परिवार घर में ताला लगाकर त्योहार मनाने बाहर गए हुए थे। मामलों में संबंधित थानों में अपराध दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जूटमिल थाना क्षेत्र में पहली वारदात पहली घटना जूटमिल थाना क्षेत्र के मिट्ठुमुड़ा इलाके की है। पीड़ित शिव कुमार साव (42) ने पुलिस को बताया कि वे पीडी कॉमर्स कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं। शनिवार सुबह वे अपने परिवार के साथ बड़े भंडार पर्व मनाने के लिए घर बंद कर बाहर गए थे। सोमवार को घर लौटने पर उन्होंने देखा कि कमरे का ताला टूटा हुआ है और घर का सामान बिखरा पड़ा है। अलमारी का लॉकर भी तोड़ दिया गया था, जिसमें रखे 80 हजार रुपये नकद और करीब 1 लाख 20 हजार रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। आसपास पूछताछ के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने जूटमिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली थाना क्षेत्र में दूसरी चोरी दूसरी चोरी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के रामभांठा इलाके में सामने आई है। यहां रहने वाले अनिल कुजूर (52) जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत हैं। वे 26 दिसंबर को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने गृह ग्राम बासाडीह, जिला जशपुर चले गए थे। अगले दिन मकान मालिक से उन्हें सूचना मिली कि घर का ताला टूटा हुआ है। रायगढ़ लौटने पर उन्होंने पाया कि अलमारी का लॉकर तोड़ा गया है और उसमें रखे करीब 90 हजार रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। इसके बाद अनिल कुजूर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा किया जाएगा।

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दुर्ग में शिवनाथ नदी पर ठेकेदार का 30 साल पुराना अवैध एनीकट ध्वस्त, पुलिस बल की मौजूदगी में चली बुलडोजर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर वर्षों से चल रही एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। ईंट-भट्टा व्यवसाय से जुड़े ठेकेदार ने अपने निजी फायदे के लिए नदी पर अवैध एनीकट (अस्थायी पुल) का निर्माण कर लिया था, जिसकी जानकारी प्रशासन को करीब 30 साल बाद मिली। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार (5 जनवरी) को पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को हटवा दिया। जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार नीलकंठ पांडे ने अपने ईंट-भट्टे के लिए कच्चा माल लाने-ले जाने की सुविधा के उद्देश्य से शिवनाथ नदी पर मिट्टी और पाइप डालकर अस्थायी पुल बना लिया था। यह पुल पथरिया और रवेलीडीह पंचायत के बीच बनाया गया था, जबकि इस क्षेत्र में पहले से ही वैकल्पिक पुल मौजूद हैं। 10 किलोमीटर की दूरी बचाने बनाया निजी रास्ता स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार ने करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बचाने के लिए नदी के ऊपर ही निजी रास्ता तैयार कर लिया था। हैरानी की बात यह है कि उसी क्षेत्र में एक पुराना एनीकट और एक नया पक्का पुल पहले से बना हुआ है, इसके बावजूद ठेकेदार ने अपने फायदे के लिए अवैध निर्माण कर लिया। बताया जा रहा है कि इसी तरह पिछले लगभग तीन दशकों से शिवनाथ नदी पर अस्थायी बांध बनाकर ईंट-भट्टे का संचालन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान ठेकेदार ने किया विरोध सोमवार को जब प्रशासन ने एनीकट हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई थी। कार्रवाई के दौरान ठेकेदार ने विरोध शुरू कर दिया और जेसीबी मशीन को भी बंद करवा दिया। इसके बाद पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में दोबारा मशीन चालू कर एक छोर से पुल तोड़ने की कार्रवाई की गई। दोनों पंचायतों के सरपंचों ने जताया विरोध पथरिया पंचायत के सरपंच मीत कुमार निषाद ने बताया कि ईंट-भट्टा ठेकेदार ने पंचायत से किसी तरह की अनुमति नहीं ली थी। वर्षों से मिट्टी का बांध बनाकर नदी का उपयोग किया जा रहा था, जिससे ठेकेदार को लाखों रुपये का फायदा हो रहा था। वहीं रवेलीडीह पंचायत के सरपंच माधोलाल देवांगन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अपने निजी लाभ के लिए नदी पर बांध बनाया। इससे ईंट और मिट्टी के परिवहन में उसे सुविधा मिलती थी। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार ने पंचायत की जमीन किराए पर ली है, लेकिन उसका किराया भी नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदार का दावा, प्रशासन का सख्त रुख ठेकेदार नीलकंठ पांडे का कहना है कि नदी में बनाए गए बांध में पानी के बहाव के लिए पाइप लगाए गए थे और इसका उपयोग ग्रामीण किसान भी करते थे। उनका दावा है कि नियमों के तहत ही यह व्यवस्था की गई थी और इससे सभी को फायदा हो रहा था। हालांकि प्रशासन ने इस दावे को खारिज करते हुए कार्रवाई जारी रखी। कलेक्टर बोले—बिना अनुमति नदी में निर्माण गलत दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि शिवनाथ नदी में मिट्टी डालकर रास्ता बनाना नियमों के खिलाफ है। इस निर्माण के लिए किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। जल संसाधन विभाग और एसडीएम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। जो हिस्सा अभी बचा है, उसे भी हटाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नदी पर इस तरह के अवैध बांध से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।

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रायपुर में संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, हादसे से मौत की आशंका

राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है और मजदूरी के सिलसिले में रायपुर आया हुआ था। युवक के पैर में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे पुलिस को आशंका है कि उसकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई हो सकती है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मृतक की पहचान शुभम राणा (25) के रूप में की है, जो झारखंड के देवघर जिले का निवासी था। वह रायपुर में एक निर्माणाधीन मकान में कारपेंटरी का काम कर रहा था और अन्य मजदूरों के साथ वहीं रह रहा था। जानकारी के मुताबिक, शुभम बीती रात करीब 11 बजे अपने कमरे से बाहर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन जब उसके साथ काम करने वाले मजदूरों ने आसपास तलाश शुरू की, तो पास ही स्थित एक निर्माणाधीन मकान के नजदीक उसका शव पड़ा मिला। शव देखते ही साथी मजदूर घबरा गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, क्योंकि शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। परिजनों ने जताई संदेह, जांच की मांग घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन झारखंड से रायपुर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शुभम का किसी से कोई विवाद नहीं था और उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। विधानसभा थाना पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसके साथ ही शुभम के साथ काम करने वाले साथियों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

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रायपुर में स्विगी डिलीवरी बॉय से चाकू की नोक पर लूट, ऑर्डर कैंसल के बहाने दिया वारदात को अंजाम

राजधानी रायपुर में देर रात फूड डिलीवरी बॉय के साथ लूट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। सडडू बाजार चौक के पास दो युवकों ने स्विगी डिलीवरी कर्मचारी को चाकू दिखाकर डराया और उसका मोबाइल फोन व नकदी लूटकर मौके से फरार हो गए। मामले में विधानसभा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित की पहचान तोष यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छोटे टेमरी का निवासी है। वर्तमान में वह रायपुर के भैरव नगर, संतोषी नगर इलाके में किराए पर रहकर स्विगी में डिलीवरी का काम करता है। पीड़ित के मुताबिक, 4 जनवरी की रात करीब 1:30 बजे उसे शंकर नगर स्थित बर्गर किंग से एक पार्सल डिलीवरी का ऑर्डर मिला था। निर्धारित समय पर वह करीब 2 बजे सडडू बाजार चौक स्थित लोकेशन पर पहुंचा, जहां दो युवक उसका इंतजार कर रहे थे। पार्सल देने के बाद आरोपियों में से एक युवक ने ऑर्डर कैंसल कराने की बात कहते हुए अचानक जेब से बटनदार चाकू निकाल लिया और उसे डराने लगा। इसी दौरान दूसरे आरोपी ने पीछे से पकड़ लिया। दोनों ने मिलकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे 500 रुपये भी लूट लिए। धमकी देकर फरार हुए आरोपी, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस लूट के बाद आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। घटना से डरा-सहमा डिलीवरी बॉय किसी तरह परिचितों की मदद से घर पहुंचा और बाद में थाने जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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रायपुर: बच्चा चोरी के शक में महिला के साथ मारपीट, कॉलोनी में मचा हंगामा; पुलिस ने भीड़ से बचाया

रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पार्वती नगर कॉलोनी में बच्चा चोरी के संदेह को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। कॉलोनी में घूम रही एक महिला पर स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला कॉलोनी में संदिग्ध अवस्था में घूम रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस पर शक जताया, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। बिना किसी पुष्टि के लोगों ने महिला से पूछताछ शुरू की और बाद में उसके साथ हाथापाई करने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। पुलिस ने भीड़ से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। बच्चा चोरी की पुष्टि नहीं, जांच जारी पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक बच्चा चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है कि महिला किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल थी या नहीं। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और किसी संदिग्ध स्थिति में सीधे पुलिस को सूचना दें।

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दुर्ग: पेशाब करने पर विवाद, सगनी पुन्नी मेला से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से हमला; 13 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मामूली बात को लेकर हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। धमधा थाना क्षेत्र में सगनी पुन्नी मेला देखकर लौट रहे दो युवकों पर गांव के आउटर में चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना में दोनों युवक घायल हो गए। पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए 4 जनवरी को सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 11 बालिग और 2 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है। मेला से लौटते वक्त हुई वारदात यह घटना 3 जनवरी की शाम करीब 5:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सगनी पुन्नी मेला देखकर अपने गांव लौटे थे। गांव पहुंचने के बाद घर जाने से पहले वे गांव के बाहरी हिस्से में पेशाब करने के लिए रुके। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद युवकों के एक समूह ने इस पर आपत्ति जताई और बातों-बातों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट और चाकूबाजी में बदल गई। एकजुट होकर किया हमला, आरोपी मौके से फरार पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद आरोपी युवक एक समूह में खड़े थे और वे नंदिनी थाना क्षेत्र के चार अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। सभी आरोपी भी मेला देखकर लौट रहे थे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने मिलकर दोनों युवकों पर चाकू से वार कर दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन छुट्टी दे दी गई, जबकि दूसरे की हालत भी अब स्थिर बताई जा रही है। दो नाबालिग समेत सभी आरोपी गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही धमधा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तफ्तीश के बाद पुलिस ने 13 आरोपियों की पहचान कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग आरोपियों के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

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बिलासपुर में पुलिस का एक्शन मोड: अड्डेबाजी और नशाखोरी करने वालों पर सख्ती, चाकू के साथ युवक गिरफ्तार

बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर अड्डेबाजी, नशाखोरी और ग्रुप बनाकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ रविवार रात पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 12 बदमाशों को खदेड़कर पकड़ा और सार्वजनिक स्थानों पर उनसे उठक-बैठक कराई, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी जा सके। जिलेभर में सघन अभियान, 36 से ज्यादा असामाजिक तत्व पकड़े गए पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते 3 से 4 दिनों में जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 36 से अधिक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से कुछ के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में केस दर्ज किया गया, जबकि कुछ को सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाकर सख्त हिदायत दी गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से की जा रही है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि यह अभियान एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाया जा रहा है। गुंडे-बदमाशों, नशेड़ियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वारदात से पहले चाकू के साथ पकड़ा गया युवक रविवार देर रात सिविल लाइन थाना पुलिस ने मगरपारा इलाके में पेट्रोलिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को घूमते हुए देखा। पुलिस को देखकर युवक भागने लगा, जिसके बाद थाना प्रभारी एस.आर. साहू के निर्देश पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी अरशद खान के पास से बटनदार चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, अड्डेबाजी, ग्रुप बनाकर उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस के अनुसार, सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 9479193099, डायल 112 या सीएसपी सिविल लाइन (9479193006) पर संपर्क किया जा सकता है।

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रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, फांसी लगाने का आरोप; जेल के बाहर परिजनों और समाज का धरना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सुनील महानंद (30) के रूप में हुई है, जो पॉक्सो प्रकरण में 11 नवंबर 2025 से जेल में बंद था। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी ललिता महानंद जेल परिसर के बाहर बेहोश हो गईं। इसके बाद परिजन, समाज के लोग और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता जेल के बाहर धरने पर बैठ गए और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप परिजनों का आरोप है कि सुनील महानंद को जेल में लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि वह कई बार फोन और मुलाकात के दौरान अपनी परेशानी बता चुका था। इसी के विरोध में परिजनों और समाज के लोगों ने जेल के बाहर प्रदर्शन करते हुए जेलर पर कार्रवाई की मांग की और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कैसे हुई घटना? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:45 बजे सुनील महानंद जेल परिसर में टहलते हुए पीपल के पेड़ के पास पहुंचा। वहां उसने गमछे से फंदा बनाकर पेड़ की टहनी पर फांसी लगा ली। मौके पर मौजूद जेल प्रहरी ने उसे तुरंत नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उसे तत्काल मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज में कैदी को फांसी लगाते हुए देखा गया है, जिसके आधार पर पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। बिना सूचना दिए भेजा गया शव? परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद बिना जानकारी दिए शव को चोरी-छिपे मॉर्चुरी भेज दिया गया। उन्हें इस घटना की सूचना काफी देर बाद दी गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें जानकारी दी जाती, तो वे मौके पर पहुंच सकते थे। उन्होंने जेल प्रशासन पर जानबूझकर सूचना देने में देरी करने का आरोप लगाया है। सामान और पैसे छीनने के आरोप मृतक के परिजनों ने बताया कि सुनील पिछले दो महीनों से जेल में बंद था और वे नियमित रूप से उससे मिलने जाते थे। सुनील ने उन्हें बताया था कि जेल में उसके कपड़े, खाने-पीने का सामान और पैसे छीन लिए जाते थे। परिजनों का दावा है कि उन्होंने उसे स्वेटर, कपड़े और खाने का सामान दिया था, जो उसे नहीं मिलता था। इसके अलावा पेटीएम के जरिए भेजी गई राशि भी उसे नहीं दी गई। जेल प्रशासन का पक्ष इस मामले पर जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। फिलहाल मामले ने तूल पकड़ लिया है और जेल प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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