Crime

रायगढ़ में मोबाइल दुकान से 16 iPhone चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में एक मोबाइल शॉप में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोर ने दुकान में घुसकर 16 आईफोन और करीब 30 हजार रुपए नकद सहित लगभग 13.39 लाख रुपए का सामान चोरी कर लिया। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर दुकान में घुसा मिली जानकारी के अनुसार, गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल शॉप का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करते हैं। सोमवार रात दुकान बंद करने के बाद संचालक और कर्मचारी घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब दुकान खोली गई, तो काउंटर में रखे मोबाइल फोन बिखरे हुए मिले। जांच करने पर पता चला कि दुकान की दूसरी मंजिल का ताला टूटा हुआ है। इसी रास्ते से चोर अंदर घुसा था। फ्लैश लाइट जलाकर बैग में भरकर ले गया iPhone CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान के अंदर घूम रहा था। इसके बाद उसने शोकेस से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार रुपए निकालकर अपने पिट्ठू बैग में भर लिए और फरार हो गया। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें आरोपी बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस और FSL टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। संदिग्ध की तस्वीरें पुलिस ने जारी कीं पुलिस अधिकारी शशि मोहन सिंह के अनुसार, CCTV फुटेज से मिले संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ आसपास के जिलों में भी भेजी गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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भिलाई में किराए के मकान से सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, बंगाल समेत कई जगहों से लाई गई थीं युवतियां

दुर्ग/भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में पुलिस ने एक पॉश कॉलोनी में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। नेहरू नगर क्षेत्र के विद्या विहार कॉलोनी में किराए के मकान में यह अवैध कारोबार पिछले करीब तीन महीनों से संचालित किया जा रहा था। पुलिस की रेड के दौरान कमरे से 8 युवतियां बरामद हुई हैं। जानकारी के अनुसार, स्मृति नगर चौकी पुलिस और महिला रक्षा टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात को इस रैकेट का खुलासा किया। पुलिस ने पहले एक प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा, जिसके बाद पूरी योजना के साथ मकान पर छापा मारा गया। सरगना महिला और एक ग्राहक गिरफ्तार पुलिस जांच में सामने आया कि मकान नंबर 146/8 को धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह रावत (35) ने किराए पर लिया था। इसी मकान में बाहर से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। छापेमारी के दौरान एक ग्राहक को भी आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। पुलिस ने रैकेट संचालित करने वाली महिला धनवंती रावत और दुर्ग निवासी ग्राहक अमन शेख को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मौके से मिली युवतियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार छोड़ दिया गया। बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से लाई गई थीं लड़कियां पुलिस के मुताबिक, पकड़ी गई युवतियों में ज्यादातर पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों की लड़कियां भी शामिल हैं। आरोप है कि संचालिका उन्हें ग्राहकों के पास दो से तीन दिनों के लिए भेजती थी। अलग-अलग जगहों पर भी भेजी जाती थीं युवतियां सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी महिला बाहर से युवतियों को बुलाकर इस मकान में रखती थी। ग्राहक मिलने के बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मौके से मोबाइल, बाइक और आपत्तिजनक सामग्री जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक पल्सर बाइक, 12 मोबाइल फोन, 5,500 रुपए नकद और देह व्यापार से जुड़ी सामग्री जब्त की है। कमरे से हुक्का भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार करीब दो से तीन महीने से चल रहा था। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी आयुक्त की जमानत याचिका खारिज

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आबकारी आयुक्त Niranjan Das को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। Chhattisgarh High Court ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस Arvind Kumar Verma की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसमें आरोपी की मुख्य भूमिका सामने आई है। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी ने अपने पद की जिम्मेदारी के विपरीत जाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और सार्वजनिक धन की हेराफेरी की। यह मामला राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है। Enforcement Directorate ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए 19 दिसंबर 2025 को निरंजन दास को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कार्रवाई Anti Corruption Bureau Chhattisgarh की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। एफआईआर में आरोप है कि शराब नीति में हेरफेर कर अवैध कमीशन वसूला गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस घोटाले में निरंजन दास को मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना गया है। हाईकोर्ट में दायर दो अलग-अलग याचिकाओं में दास ने जमानत की मांग की थी और आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा पीएमएलए के तहत अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपी उस समय आबकारी विभाग के शीर्ष प्रशासनिक पद पर थे और यह एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है, जिसने राज्य के वित्तीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि इस मामले में 50 से अधिक अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि दो महीने की हिरासत को लंबी कैद नहीं माना जा सकता। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों के अनुसार इस घोटाले के जरिए लगभग 18 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है। आरोप है कि निरंजन दास से जुड़ी करीब 8.83 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत से जुड़ी दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।

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रायगढ़ में दो दोस्तों ने की आत्महत्या: जन्मदिन की पार्टी के बाद एक ही साड़ी से पेड़ पर लटके मिले शव

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां दो युवकों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि दोनों दोस्त रविवार रात जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुए थे और शराब पीने के बाद सोमवार देर रात आत्महत्या कर ली। यह घटना पुसौर थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान तेतला निवासी दीपक बरैठ (20) और कटंगपाली निवासी शिवशरण (21) के रूप में हुई है। जन्मदिन की पार्टी के बाद उठाया कदम जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दीपक का जन्मदिन था। इसी मौके पर वह अपने दोस्त लाभों के साथ पहले शिवशरण के पास गया। कुछ समय बाद तीनों चिखली लौट आए। इसके बाद लाभों अपने घर चला गया, जबकि दीपक और शिवशरण बाजार की ओर निकल गए। बताया जा रहा है कि चिखली बाजार में दोनों दोस्तों ने शराब पी और इसके बाद पास स्थित शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में पहुंच गए। पेड़ पर एक ही साड़ी से लगाई फांसी रात के दौरान दोनों ने स्कूल परिसर में मौजूद बबूल के पेड़ पर एक ही साड़ी के अलग-अलग छोर से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सुबह ग्रामीणों ने देखा शव मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने दोनों युवकों के शव पेड़ पर लटके हुए देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। जांच में जुटी पुलिस घटनास्थल से पुलिस को शराब की बोतल भी मिली है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

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बिलासपुर में हनी ट्रैप का मामला: बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर युवक का वीडियो बनाया, 1 लाख की ब्लैकमेलिंग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हनी ट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने बेटे के जन्मदिन का बहाना बनाकर एक युवक को घर बुलाया और फिर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी महिला युवक से 1 लाख रुपये की मांग कर रही थी। यह पूरा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक और आरोपी महिला एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों के गांव भी पास-पास हैं। बर्थडे पार्टी के बहाने घर बुलाया शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी को महिला ने अपने बेटे के जन्मदिन का हवाला देकर युवक को घर बुलाया था। जब युवक वहां पहुंचा, तो घर में उसकी एक महिला मित्र भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि महिला ने दोनों को एक कमरे में भेज दिया। छिपकर बना लिया वीडियो युवक का आरोप है कि कमरे में रहते समय उसने अपनी महिला मित्र के साथ निजी संबंध बनाए। इसी दौरान आरोपी महिला ने छिपकर दोनों का वीडियो बना लिया। स्क्रीनशॉट भेजकर मांगे पैसे कुछ दिनों बाद महिला ने युवक को मोबाइल पर वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजा और दावा किया कि उसके पास पूरा वीडियो है। इसके बाद उसने युवक से 1 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस में दर्ज हुई शिकायत लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने सोमवार को पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला मित्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में पुलिस को शक है कि युवक के साथ मौजूद महिला की भी इस साजिश में भूमिका हो सकती है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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बिलासपुर में रेलवे ट्रैक के पास अवैध महुआ शराब बनाने की तैयारी, नाले से 6 टन लहान बरामद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध महुआ शराब बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापा मारकर नाले के पास गड्ढों में छिपाकर रखे करीब 6 टन महुआ लहान बरामद किए हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान शराब तैयार करने वाले आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। यह पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र के घुटकू इलाके का बताया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर से लगे घुटकू इलाके में रेलवे लाइन के पास बड़ी मात्रा में महुआ लहान छिपाकर रखा गया है और वहां कच्ची शराब बनाने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही सीएसपी गगन कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया। 300 डिब्बों में छिपाकर रखा गया था लहान तलाशी के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे नाले में गड्ढे बनाकर करीब 300 डिब्बों में महुआ लहान रखा हुआ मिला। जांच में सामने आया कि इन डिब्बों को झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि लहान को सड़ाकर उससे कच्ची शराब बनाई जा सके। पुलिस ने सभी डिब्बों को बाहर निकालकर जांच की, जिसमें लगभग 6000 किलो महुआ लहान बरामद हुआ। बाद में पुलिस ने मौके पर ही इसे नष्ट कर दिया। आरोपियों की तलाश जारी कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे की टीम ने आसपास के घरों और इलाके में तलाशी भी ली। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि यह लहान किसने रखा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अवैध शराब बनाने वाले लोगों की तलाश जारी है।

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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान भाजपा नेता गिरफ्तार, पुलिस से बदसलूकी और आरक्षक की कॉलर पकड़ी

राजधानी रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियान के दौरान एक भाजपा नेता द्वारा हंगामा करने का मामला सामने आया है। नशे की हालत में गाड़ी चला रहे आरोपी ने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की और ड्यूटी पर तैनात आरक्षक की कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की भी की। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम विकास शुक्ला है, जो खुद को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताकर पुलिसकर्मियों को धमका रहा था। यह मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान हुआ विवाद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 8 मार्च की रात तेलीबांधा थाना पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक कार (CG-07-DD-6532) को जांच के लिए रोका गया। कार चला रहे व्यक्ति की जब जांच की गई तो वह शराब के नशे में पाया गया। पुलिस द्वारा कार्रवाई की बात कहने पर वह भड़क गया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा। TI को दी धमकी, आरक्षक से की धक्का-मुक्की बताया जा रहा है कि आरोपी ने खुद को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताते हुए ट्रैफिक टीआई को वर्दी उतरवा देने की धमकी दी। इसके अलावा उसने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने एक आरक्षक की कॉलर पकड़ ली और धक्का-मुक्की करते हुए उसकी वर्दी भी फाड़ दी। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट और अभद्र व्यवहार समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ पुलिस की सख्ती पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

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रायपुर में नहर से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच में जुटी पुलिस

राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मांडर भट्टी के पास नहर में एक व्यक्ति की लाश तैरती हुई देखी गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने नहर से शव को बाहर निकलवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब 45 वर्ष बताई जा रही मृतक की उम्र पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है। शव के पास कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान की जा सके। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाली जा रही है। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

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बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल, हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में पुलिस की प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने राज्य के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और बच्चों की आपातकालीन हेल्पलाइन 1098 की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे गए हैं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती। कई बार तो स्वयं पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी नहीं रहती। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों के स्थानांतरण के बाद कई बार नए बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी लंबे समय तक अपडेट नहीं हो पाती। इसके अलावा कुछ मामलों में जिला स्तर पर गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई की जानकारी भी थानों में स्पष्ट नहीं रहती। बच्चों से जुड़े मामलों में नहीं हो पाता उचित व्यवहार आयोग के अनुसार इन कमियों के कारण बच्चों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान कई बार बाल-सुलभ प्रक्रिया का पालन नहीं हो पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए थानों में स्पष्ट और स्थायी डिस्प्ले व्यवस्था लागू करने की अनुशंसा की गई है, ताकि पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। कानून में भी है स्पष्ट प्रावधान आयोग ने अपनी अनुशंसा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस कानून के तहत हर थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन अनिवार्य है। साथ ही बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे में जनजागरूकता फैलाना भी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। इस तरह बनाया जाएगा डिस्प्ले बोर्ड आयोग के निर्देश के अनुसार प्रत्येक थाने में प्रमुख दीवार के साथ दो अन्य स्थानों पर आयताकार डिस्प्ले बोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए दीवार पर काले रंग से पुताई की जाएगी और बॉर्डर स्लेट की तरह बनाई जाएगी ताकि यह बच्चों के लिए भी सहज और आकर्षक दिखाई दे। बोर्ड के अंदर सफेद रंग से जिले की विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी का पदनाम, थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का पदनाम और बच्चों की हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखा जाएगा। संबंधित अधिकारियों के नाम चॉक से लिखे जाएंगे, ताकि उनके स्थानांतरण होने पर आसानी से बदला जा सके। 31 मार्च तक पूरी करनी होगी व्यवस्था आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक हर हाल में लागू कर दी जाए। साथ ही डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीरों के साथ पालन प्रतिवेदन आयोग को भेजने को भी कहा गया है।

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NDPS मामलों में सख्त फैसला, तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा

नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। रायपुर और गरियाबंद में दर्ज इन मामलों में आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया गया। टिकरापारा क्षेत्र से 320 नशीली टैबलेट के साथ पकड़ा गया आरोपी पहला मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। 23 दिसंबर 2023 को पुलिस को सूचना मिली थी कि बोरियाखुर्द शमशान घाट के पास एक युवक प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शेख अजहर उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से पीले रंग के कैरी बैग में रखी स्पास ट्रैनकैन प्लस की 40 पत्तियां बरामद की गईं। प्रत्येक पत्ती में 8-8 टैबलेट थीं, इस तरह कुल 320 टैबलेट जब्त की गईं। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर इनका कुल वजन 163.2 ग्राम पाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाहों के बयान पेश किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। मैनपुर में 22.4 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार दूसरा मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 2 जून 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एनएच-130सी पर स्थित मां अंबे पेट्रोल पंप के पास दो व्यक्ति बैग में अवैध गांजा लेकर खड़े हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और त्रिनाथ मेहर तथा इंद्रभूषण मेहर को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान दोनों के बैग से प्लास्टिक में पैक गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर त्रिनाथ मेहर के पास से 11 किलो 300 ग्राम और इंद्रभूषण मेहर के पास से 11 किलो 100 ग्राम गांजा मिला। इस तरह कुल 22 किलो 400 ग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त गांजे का सैंपल तैयार कर जांच के लिए एफएसएल रायपुर भेजा और मामले में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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