Raipur

पंडरी बाजार में फिर लौटा जाम का संकट: सील खुलते ही सड़कों पर खड़ी गाड़ियां, पार्किंग व्यवस्था का वादा अधूरा

शर्तों के साथ खुलीं 19 दुकानें, लेकिन सड़क पर ही पार्किंग से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था; नियम तोड़ने पर दोबारा कार्रवाई की चेतावनी राजधानी के सबसे व्यस्त कपड़ा बाजार पंडरी में एक बार फिर ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या लौट आई है। मुख्य सड़क की ओर खुलने वाली 19 दुकानों की सील हटते ही ग्राहकों की गाड़ियां फिर सड़क पर खड़ी होने लगी हैं, जबकि सील हटाने की प्रमुख शर्त यह थी कि दुकानदार अपने ग्राहकों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेंगे। (विस्तार से) पंडरी कपड़ा बाजार की मुख्य सड़क से लगी 19 दुकानों में अवैध रूप से लगाए गए शटर को हटाने के बाद नगर निगम ने इन्हें शर्तों के साथ खोला था, लेकिन दुकानें खुलते ही स्थिति पहले जैसी हो गई है। ग्राहक अब फिर से अपनी गाड़ियां सीधे दुकानों के सामने मुख्य सड़क पर खड़ी कर रहे हैं, जिससे पूरे दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। यह मार्ग देवेंद्रनगर, फाफाडीह सहित आसपास की कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। पीक आवर्स में यहां वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं। थोक बाजार के रूप में हुआ था विकास पंडरी कपड़ा मार्केट को आरडीए ने 1980 के दशक में थोक बाजार के रूप में विकसित किया था। उस समय स्वीकृत नक्शे के अनुसार दुकानों के दरवाजे अंदर की ओर खुलते थे और पूरा बाजार कवर संरचना में था। लेकिन वर्ष 2000 के बाद मुख्य सड़क से लगी दुकानों के कारोबारियों ने पीछे की दीवार तोड़कर सड़क की ओर शटर लगा लिए और वहीं से दुकान संचालित करना शुरू कर दिया। इसके कारण ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा करने लगे और मुख्य मार्ग संकरा हो गया। शपथ पत्र के बावजूद नियमों का उल्लंघन पहले हुई कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने लिखित शपथ पत्र दिया था कि मुख्य सड़क की ओर केवल शो-केस लगाए जाएंगे और वहां से दुकान संचालित नहीं होगी। इसके बावजूद दुकानदार इस शर्त का पालन नहीं कर रहे हैं और सड़क की ओर से ही व्यापार जारी है। 3 जून 2025 को सील, 10 महीने बाद खुलीं दुकानें लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम ने 3 जून 2025 को इन 19 दुकानों को सील कर दिया था। लगभग 10 महीनों तक सड़क की ओर के दरवाजे बंद रहे। इसके बाद व्यापारी जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों की मदद से सील हटवाने के प्रयास करते रहे। 12 मार्च को महापौर, विधायक और निगम आयुक्त की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें दुकानदारों ने अपने ग्राहकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने पर सहमति दी। इसी आधार पर अगले दिन दुकानों की सील हटा दी गई। जनप्रतिनिधियों के बयान सहमति के आधार पर खोली गई दुकानें विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर दुकानदारों से सहमति बनने के बाद ही दुकानें खोली गई हैं। यदि शर्तों का पालन नहीं होता है तो निगम दोबारा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। नियमों का उल्लंघन हुआ तो फिर होगी कार्रवाई महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा कि सील हटाने के साथ यह शर्त रखी गई थी कि सड़क पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा। यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो नगर निगम फिर से सख्त कार्रवाई करेगा। निष्कर्ष पंडरी बाजार की दुकानों से सील हटाने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था फिर से बिगड़ती दिखाई दे रही है। यदि जल्द पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा और प्रशासन को दोबारा कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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बिरगांव (रायपुर) में LPG गैस महंगाई के खिलाफ आम आदमी पार्टी का अनोखा विरोध, सिलेंडर की निकाली शवयात्रा

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से लगे Birgaon क्षेत्र में आज Aam Aadmi Party (AAP) ने बढ़ती LPG गैस कीमतों, सिलेंडर की कमी और कथित कालाबाजारी के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक “शवयात्रा” निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती रसोई गैस कीमतों से आम आदमी का घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है, जिससे परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है। AAP नेताओं का आरोप है कि कई जगहों पर LPG सिलेंडर की उपलब्धता भी समस्या बनी हुई है और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी के विरोध में यह प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर सरकार का ध्यान आम जनता की परेशानियों की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। रैली के दौरान “महंगाई वापस लो” और “सस्ती गैस दो” जैसे नारे लगाए गए। 🚩 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती महंगाई देशभर में एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है और विभिन्न राजनीतिक दल इस पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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रायपुर में ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बवाल: नोरा फतेही–संजय दत्त के खिलाफ FIR की मांग, वकील ने बताया अश्लील

रायपुर में फिल्म केडी: द डेविल के एक गीत को लेकर कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में रिलीज हुए गाने “सरके चुनर तेरी सरके” के खिलाफ शहर के एक वकील ने आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की प्रस्तुति को कथित तौर पर अश्लील बताया गया है। रायपुर के अधिवक्ता अनुराग गुप्ता सिविल लाइंस थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माताओं व कलाकारों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत के बोल और दृश्य सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं तथा इसमें डबल मीनिंग शब्दों का प्रयोग किया गया है, जो सार्वजनिक प्रसारण के लिए उपयुक्त नहीं हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री समाज के नैतिक मूल्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वकील ने नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, संगीतकार अर्जुन जन्या और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है। इस बीच विवाद बढ़ने के बाद नोरा फतेही ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह गाना उन्होंने लगभग तीन वर्ष पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था और उन्हें इसके अर्थ के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि बाद में इस गीत को हिंदी में बिना उनकी अनुमति के तैयार किया गया और रिलीज कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि लिरिकल वीडियो में उनकी एआई से बनाई गई छवि का उपयोग किया गया, जिसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें इस पूरे विवाद की जानकारी देर से मिली क्योंकि वह निजी कारणों से व्यस्त थीं और नेटवर्क से दूर थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हिंदी संस्करण देखा तो वह स्वयं भी चौंक गईं। अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस गाने के आपत्तिजनक रूप से सहमत नहीं हैं। विवाद गहराने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने गाने का हिंदी संस्करण यूट्यूब से हटा दिया है। अब लिंक खोलने पर वीडियो उपलब्ध नहीं होने का संदेश दिखाई देता है। नोरा फतेही ने भी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस गीत से जुड़ी सामग्री हटा दी है। हालांकि, यह गाना अन्य भाषाओं—कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम—में अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध बताया जा रहा है। इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में एक बार फिर सेंसरशिप, कलाकारों की सहमति और डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

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रायपुर में आज चेट्रीचंड्र महोत्सव, कृष्णा अभिषेक होंगे शामिल; भव्य शोभायात्रा और खास आतिशबाजी

Raipur में आज सिंधी समाज का प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूज्य छग सिंधी सेवा महापंचायत की युवा विंग द्वारा निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर शहर में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस बार आयोजन की सबसे बड़ी खासियत मशहूर कॉमेडियन Krushna Abhishek की मौजूदगी है, जो टीवी के लोकप्रिय शो The Kapil Sharma Show से घर-घर में पहचाने जाते हैं। उनके रायपुर आगमन से प्रशंसकों में उत्साह चरम पर है। समिति के प्रवक्ता दिनेश आनंद अठवानी के अनुसार भगवान Jhulelal के अवतरण दिवस पर निकाली जाने वाली यह शोभायात्रा 59वें वर्ष लाखेनगर से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए एमजी रोड स्थित मंजू ममता होटल के सामने समाप्त होगी। मुंबई से आए कलाकार भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। कृष्णा अभिषेक के साथ देव आशीष गुरु और भूमिका मीरचंदानी का प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। आयोजकों ने बताया कि इस बार विदेशी तकनीक से तैयार विशेष सुरक्षित आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे आयोजन की भव्यता कई गुना बढ़ जाएगी और दर्शकों को नया अनुभव मिलेगा। शोभायात्रा लाखेनगर, पुरानी बस्ती, ककाली पारा, तात्यापारा चौक, बढ़ई पारा, रामसागर पारा, राठौर चौक और संजय गांधी चौक होते हुए गुरूनानक चौक से एमजी रोड पहुंचेगी। रात 9 बजे के बाद इसका समापन होगा। आयोजकों ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद लेने की अपील की है।

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धर्मांतरण पर सख्त कानून: छत्तीसगढ़ में आजीवन कारावास तक की सजा, शादी के लिए धर्म बदलना भी अवैध

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने “धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026” को पास कर दिया है, जिसके तहत अवैध धर्मांतरण कराने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया गया है। \ नए कानून के अनुसार, अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर दोषी व्यक्ति को 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना होगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा 10 से 20 साल तक और न्यूनतम जुर्माना 10 लाख रुपये होगा। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और भी कठोर है—10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की जेल और कम से कम 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति पहले भी ऐसे मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और दोबारा अपराध करता है, तो उसे सीधे उम्रकैद हो सकती है। कानून में यह भी प्रावधान है कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला कलेक्टर को आवेदन देना होगा। धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले पादरी, मौलवी या पुजारी को भी पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति धर्मांतरण कराना अवैध माना जाएगा और तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है। शादी के लिए धर्म बदलने पर भी सख्ती की गई है। यदि विवाह केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया पाया गया, तो अदालत उसे शून्य घोषित कर सकती है। सरकार ने विदेशी फंडिंग और संस्थाओं की भूमिका पर भी निगरानी कड़ी कर दी है। दोषी पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। मामलों की सुनवाई के लिए प्रत्येक जिले में विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, ताकि छह महीने के भीतर फैसला हो सके।

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सीवेज टैंक में 3 मौतें: रायपुर निगम ने अस्पताल को नोटिस भेजा, मैनुअल सफाई पर सख्ती

Raipur के Ramkrishna Care Hospital में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान तीन युवकों की मौत के बाद नगर निगम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शुरुआती जांच में बिना सुरक्षा उपकरण और मशीनरी के मजदूरों को टैंक में उतारने की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जबकि इस तरह की मैनुअल सफाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया जा रहा है कि करीब 30 फीट गहरे टैंक में गैस निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी और मजदूरों को बिना मास्क, रस्सी या ऑक्सीजन सपोर्ट के नीचे भेज दिया गया। जहरीली गैस के कारण दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा और नाबालिग बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये देने की घोषणा की है। घटना के बाद राज्य सरकार ने सीवरेज की मैनुअल सफाई पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि केवल नगर निगम या पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ही सफाई कराई जाए और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही गई है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में बड़ा खुलासा: बिना सरिया डाला स्लैब, भारी कंक्रीट से ढहा हिस्सा

Raipur के तेलीबांधा एक्सप्रेस-वे हादसे की जांच में निर्माण एजेंसी की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार जिस हिस्से का स्लैब गिरा, वहां लोहे की सरिया (री-इन्फोर्समेंट) पर्याप्त नहीं थी, इसके बावजूद उस भाग को आगे बढ़ाकर केवल कंक्रीट डाल दिया गया। बिना मजबूत सपोर्ट के भारी कंक्रीट का भार सहन न कर पाने से स्लैब अचानक ढह गया। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित 75 मिमी की जगह लगभग 150 मिमी मोटी कंक्रीट डाली गई, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। तकनीकी मानकों की अनदेखी ही हादसे की मुख्य वजह बताई गई है। यह वही फ्लाईओवर है जिसका एक हिस्सा 2019 में भी धंस गया था और बाद में इसे तोड़कर 2022 में दोबारा बनाया गया था। कुछ ही वर्षों में फिर से खराबी सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पुल के नीचे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाई गई फॉल्स सीलिंग भी जर्जर हालत में है और कई जगह से टूटकर लटक रही है, जो नीचे से गुजरने वालों के लिए खतरा बन सकती है। जांच टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा मानकों के अनुसार बनाने, दरारों की मरम्मत करने और खराब फॉल्स सीलिंग को हटाने या सुधारने की सिफारिश की है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

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रायपुर में नक्सलियों का शहरी नेटवर्क बेनकाब: मजदूर बनकर रहते थे, पेनड्राइव-कोडवर्ड से भेजते थे सूचना

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने 9 आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि ये लोग शहर में मजदूर बनकर रह रहे थे और गुप्त सूचनाएं जंगल में बैठे नक्सली नेताओं तक पहुंचा रहे थे। जांच के अनुसार आरोपी Raipur के रिहायशी इलाकों में किराए के मकानों में रहते थे, ताकि किसी को शक न हो। बताया गया कि संगठन का सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर मुआर्य चंगोराभाठा क्षेत्र में मजदूर बनकर रह रहा था और यही मकान शहरी नेटवर्क का संचालन केंद्र बना हुआ था। पेनड्राइव और कोडवर्ड से होता था संपर्क 💻 SIA की जांच में सामने आया कि आरोपी पेनड्राइव, लिफाफों में बंद पत्र और तय कोडवर्ड के जरिए संदेश भेजते थे। वे Raipur, Simga, Rajim और Bilaspur में गुप्त बैठकों का आयोजन करते थे। कुछ आरोपी शहर और जंगल के बीच “कूरियर” की भूमिका निभाते थे—वे सूचनाएं, विस्फोटक सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाते-लाते थे। छापे में सोना, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद 💰 जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया, जिसमें सोने के बिस्किट, करीब 2.5 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, कई पेनड्राइव और मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 तोला सोना मिलने की बात सामने आई है। कॉल इंटरसेप्शन से मिला सुराग 📡 खुफिया एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में फोन कॉल इंटरसेप्शन से जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी में रायपुर से बस्तर क्षेत्र तक संपर्क होने के संकेत मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई। 23 सितंबर 2025 को डीडी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच SIA को सौंपी गई। टीम ने रायपुर के साथ-साथ Bijapur और Narayanpur में भी दबिश देकर नेटवर्क को ध्वस्त किया। गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई ⚖️ गिरफ्तार आरोपियों पर गंभीर धाराओं—BNS और UAPA—के तहत केस दर्ज किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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रायपुर में सीवरेज टैंक हादसा: सफाई के दौरान 3 कर्मियों की दम घुटने से मौत, एक गंभीर

रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल के पीछे बने सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस के संपर्क में आने से टैंक में उतरे तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे अस्पताल परिसर में सीवरेज टैंक की सफाई का काम चल रहा था। सफाई के लिए बुलाए गए मजदूरों में से जैसे ही पहला कर्मचारी टैंक के अंदर उतरा, वह गैस की वजह से बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए उसके अन्य साथी भी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे में अनमोल मांझी, गोविंद सेंद्रे और सत्यम कुमार की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मृतकों के परिजनों ने सुरक्षा इंतजाम न होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और कुछ लोगों ने पथराव भी किया। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के गटर में उतारा गया, जबकि अंदर जहरीली गैस होने का खतरा था। हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिसर में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। अस्पताल प्रबंधन ने आधिकारिक बयान में कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में रखरखाव का काम कर रहे श्रमिक बाहरी ठेका एजेंसी के माध्यम से तैनात थे और कार्य के दौरान आपात स्थिति में फंस गए। प्रबंधन ने दो मौतों की पुष्टि की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों के साथ-साथ लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

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Swami Vivekananda Airport पर फर्जी पहचान के सहारे हवाई यात्रा करने की कोशिश कर रहे एक युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया

युवक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट से रायपुर से इंदौर जाने वाला था। सुरक्षा जांच के दौरान उसने पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाया, लेकिन दस्तावेज संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने गहन जांच की। जांच में पता चला कि आधार कार्ड नकली है और उसमें असली धारक की जगह आरोपी की फोटो चिपकाई गई थी। पुलिस के अनुसार घटना 12 मार्च 2026 की है, जब नियमित चेकिंग के दौरान एक यात्री इंदौर जाने वाली फ्लाइट के लिए पहुंचा। उसने स्नेहल राजू भाई पटेल के नाम से जारी टिकट प्रस्तुत किया। पहचान पत्र की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर उसे तुरंत रोक लिया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान कुलदीप सिंघल के रूप में हुई, जो मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है। उसने अपने परिचित के आधार कार्ड में अपनी तस्वीर लगाकर नकली दस्तावेज तैयार किया था और उसी के आधार पर यात्रा करने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने युवक को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया 🚨। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। माना सीएसपी के अनुसार आरोपी पेशे से फोटोग्राफर है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली आधार कार्ड बनाने में किसी और व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।

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