Raipur

रायपुर में शादी के 2 महीने बाद दुल्हन फरार, जेवर और नकदी लेकर भागने का आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी के महज दो महीने बाद नवविवाहिता घर से गायब हो गई। पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोने-चांदी के गहने और 50 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गई है। जानकारी के अनुसार युवक और युवती करीब 6 महीने से रिश्ते में थे। इसके बाद दोनों ने 20 मार्च को प्रेम विवाह किया था। परिवार को उम्मीद थी कि दोनों खुशी-खुशी अपना जीवन बिताएंगे, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद मामला विवाद में बदल गया। पति गगन साहू का कहना है कि उसकी पत्नी अचानक घर से लापता हो गई। घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी गायब मिले। युवक ने आशंका जताई है कि उसकी पत्नी अपने पुराने प्रेमी के साथ चली गई है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने डीडी नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और महिला की तलाश की जा रही है।

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Crime, Raipur

रायपुर में नशा करने से रोकने पर परिवार पर चाकू से हमला, पति-पत्नी और बेटा घायल

राजधानी Raipur के पारस नगर इलाके में देर रात एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घर के सामने नशा करने से रोकने पर आरोपियों ने एक ही परिवार के तीन लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में पति-पत्नी और उनका बेटा घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, आरोपी साहिल खान और उसके पिता इस्माइल इलाके में नशा कर रहे थे। स्थानीय निवासी अरुण साहू ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। हमले में अरुण साहू, उनकी पत्नी रजनी साहू और बेटे अनुज साहू घायल हो गए। बताया जा रहा है कि अरुण साहू और उनके बेटे अनुज की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी सेंट्रल और एसीपी कोतवाली समेत वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी साहिल खान और उसके पिता इस्माइल को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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Crime, Raipur

रायपुर में ट्यूशन जा रहे छात्र को पानी टैंकर ने कुचला, CCTV में कैद हुआ दर्दनाक हादसा

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। छात्र ट्यूशन जाने के लिए पैदल घर से निकला था, तभी तेज रफ्तार पानी टैंकर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दुर्घटना के बाद बच्चा कुछ क्षण के लिए उठकर खड़ा होता दिखाई देता है, लेकिन फिर सड़क पर गिर जाता है। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह हादसा विधानसभा थाना क्षेत्र के सड्डू स्थित शासकीय स्कूल के पास मंगलवार 26 मई को हुआ। मृतक की पहचान महावीर शर्मा के रूप में हुई है, जो सड्डू इलाके की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता था। बताया जा रहा है कि वह कंधे पर बैग टांगे ट्यूशन के लिए जा रहा था, तभी तेज गति से गुजर रहे पानी टैंकर ने उसे कुचल दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को पास के अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में एक बाइक सवार भी वीडियो में दिखाई दिया है। पुलिस को आशंका है कि बाइक की हलचल के कारण बच्चा अचानक टैंकर के सामने आ गया होगा। जांच के दौरान यह भी पता चला कि हादसे के तुरंत बाद सबसे पहले वही अज्ञात बाइक सवार मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने टैंकर चालक की पहचान कर ली है और उसकी तलाश जारी है। घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम का माहौल है और माता-पिता गहरे सदमे में हैं।

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Accident, Raipur

रायपुर में बेटे ने की रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी की हत्या, शराब पार्टी के दौरान हुआ था विवाद

रायपुर के तिल्दा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने अपने ही पिता की लकड़ी से हमला कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 70 वर्षीय संतु कोठारी के रूप में हुई है, जो रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी थे। जानकारी के मुताबिक, संतु कोठारी अपने घर में कुछ दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान उनका बेटा वीरेंद्र कोठारी वहां पहुंचा और पिता को शराब पीते देख नाराज हो गया। दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक विवाद में बदल गई। गुस्से में बेटे ने घर में रखी लकड़ी से पिता पर कई बार हमला कर दिया। हमले में संतु कोठारी को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी बेटे ने पूरी रात शव को घर में ही रखा। सुबह वार्ड पार्षद को मामले की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आरोपी वीरेंद्र कोठारी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र के बीच शराब की आदत को लेकर पहले भी विवाद होता रहता था।

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Crime, Raipur

दिल्ली में ‘अपनापन’ पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल हुए CM विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन, कार्य अनुभव और आत्मीय संबंधों पर आधारित है। पुस्तक में नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत अनुभवों को भावनात्मक और प्रेरक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुंचाना एक प्रेरणादायक पहल है। इससे नई पीढ़ी को जनसेवा और नेतृत्व के मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन और जनसेवा की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पाठकों को प्रेरित करेगी और समाजसेवा के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करेगी। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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Political, Raipur

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का तहसील ऑफिस में औचक निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

रायपुर तहसील कार्यालय में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। एक महिला की शिकायत सुनने के बाद मंत्री अधिकारियों पर भड़क गए और कहा कि “जनता की सेवा के लिए बैठे हो, कुर्सियां तोड़ने के लिए नहीं।” महिला ने मंत्री को बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी रजिस्ट्री रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिला के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसके मकान का नाम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो गया है। रिकॉर्ड सुधार के लिए वह लगातार पटवारी और अधिकारियों के पास जा रही है, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता है। महिला ने यह भी बताया कि उसके ससुर की तबीयत खराब है और वे दफ्तर आने की स्थिति में नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें बार-बार बुलाया जा रहा है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री टंकराम वर्मा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे “सांप की तरह बैठे रहते हैं” और समय पर जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं करते। मंत्री की सख्ती के बाद अधिकारियों ने तुरंत महिला की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी। इससे पहले भी मंत्री टंकराम वर्मा राजस्व विभाग की लापरवाही पर सख्त रुख अपना चुके हैं। कुछ दिन पहले तिल्दा-नेवरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में उन्होंने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को जमीन रिकॉर्ड सुधार के लिए कई दिनों तक परेशान किया गया और उसकी जमीन रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दी गई थी। तिल्दा-नेवरा में आयोजित शिविर के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि जनता की समस्याओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अतिक्रमण, अपराध और लंबित मामलों पर समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। राजस्व मंत्री ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे और समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन की चेतावनी दी थी। वहीं, बढ़ते अपराधों को लेकर मंत्री ने पुलिस विभाग को भी फटकार लगाई थी। उन्होंने नेवरा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी और अन्य वारदातों पर नाराजगी जताते हुए कानून व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले आरंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal ने भी नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। उन्होंने अधिकारियों पर लोगों से पैसे मांगने और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने के आरोपों पर नाराजगी जताई थी।

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GOVERNMENT, Raipur

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा फैसला, रिटायर्ड IAS निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अधिकारी निरंजन दास को जमानत दे दी है। निरंजन दास पूर्व आबकारी आयुक्त रह चुके हैं और जांच एजेंसियों के मुताबिक वे कथित सिंडिकेट के अहम सदस्य माने जा रहे थे। उन पर आबकारी नीति तैयार करने और शराब कारोबार से जुड़े फैसलों में प्रभावशाली भूमिका निभाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि निरंजन दास ने आबकारी नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे कुछ लोगों को कथित रूप से फायदा पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार किस जिले में कौन अधिकारी तैनात होगा, किस ब्रांड की शराब बिकेगी और सप्लाई व्यवस्था कैसी होगी, इन फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच में यह भी दावा किया गया कि उन्हें 30 करोड़ रुपए से ज्यादा का कमीशन मिला। यह मामला सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ में सुना गया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले के कई सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है। इसी आधार पर निरंजन दास को भी जमानत दी गई। हालांकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि निरंजन दास को छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। वे केवल जांच और अदालत में पेशी के लिए ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं, कारोबारी अनवर ढेबर ने भी छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से 3 जून तक जवाब मांगा है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट 13 मई को उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित शराब घोटाले को तत्कालीन आबकारी सिस्टम और कारोबारी नेटवर्क के जरिए संचालित किया गया। ED और EOW की जांच में दावा किया गया है कि डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी शराब पर कमीशन लिया जाता था और नकली होलोग्राम के जरिए अवैध शराब सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्रदेश के 15 जिलों को शराब खपाने के लिए चिन्हित किया गया था। आरोप है कि नकली होलोग्राम लगी शराब बिना शुल्क के सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में कई अधिकारियों और कारोबारियों की भूमिका रही। बताया जा रहा है कि अब तक शराब, कोयला, DMF और अन्य आर्थिक घोटालों से जुड़े मामलों में कई बड़े अधिकारियों और कारोबारियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इनमें रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, निलंबित IAS रानू साहू, समीर विश्नोई, पूर्व मंत्री कवासी लखमा और अन्य नाम शामिल हैं। इन सभी को राज्य से बाहर रहने जैसी शर्तों के साथ राहत दी गई है।

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रायपुर में सड़क चौड़ीकरण अभियान तेज, गोगांव मार्ग से हटाए गए 17 अवैध निर्माण

रायपुर नगर निगम ने शहर में सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में गोगांव अंडरब्रिज से गोगांव पानी टंकी तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को हटाया गया। निगम की टीम ने अभियान चलाकर करीब 17 छोटी और बड़ी दुकानों समेत कई अस्थायी कब्जों को हटाया। नगर निगम के अनुसार इस मार्ग पर 15वें वित्त आयोग मद से सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। लेकिन सड़क किनारे बनी दीवारें, पाटा, सीढ़ियां, ठेले और गुमटियां निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर रही थीं। इसके बाद निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान नगर निगम जोन-1 की टीम और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस अभियान में कार्यपालन अभियंता द्रोणी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता शरद देशमुख और शैलेंद्र पटेल, उप अभियंता अर्जिता दीवान, अंकिता सोनवर्षा और इम्तियाज अहमद सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इससे पहले नगर निगम ने गोंदवारा क्षेत्र में होटल पैराडाइज से गोंदवारा अंडरब्रिज तक भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। उस दौरान करीब 20 अवैध कब्जे हटाए गए थे और 15 अवैध पाटों को तोड़ा गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी। साथ ही नालियों पर बने अवैध पाटों को हटाने से सफाई कार्य में भी आसानी होगी, जिससे जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शहर में आगे भी अवैध कब्जों और यातायात बाधाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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GOVERNMENT, Raipur

मरीन ड्राइव की गंदगी पर प्रशासन सख्त, 15 दिन में जलकुंभी हटाने के निर्देश

रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में बढ़ती गंदगी और अव्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने मरीन ड्राइव पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और तालाब किनारे फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवार डेरा क्षेत्र का तकनीकी सर्वे जल्द कराया जाए और वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने क्षेत्र को व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने तेलीबांधा तालाब की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सफाई कार्य में लापरवाही पर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए अगले 15 दिनों के भीतर तालाब से जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि मरीन ड्राइव क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके। नगर निगम ने मरीन ड्राइव क्षेत्र के दुकानदारों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी दुकानों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकानदार तालाब में कचरा फेंकता हुआ पाया गया या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निवेशक आभाष मिश्रा, जोन-3 कमिश्नर प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह समेत नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 पहुंचा

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 25 मई को पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का रेट ₹109 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल ₹107.96 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में ईंधन की कीमतें सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर पहुंच गया है। सरगुजा संभाग के जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर दर्ज किया गया। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं प्रदेश में सबसे कम कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूरस्थ जिलों में ट्रांसपोर्टेशन लागत अधिक होने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। जबकि बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई बेहतर होने के कारण कुछ राहत देखने को मिलती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। माल ढुलाई खर्च बढ़ने से यात्री किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है। यदि क्रूड ऑयल की कीमतें आगे भी ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है।

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