Raipur

साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, ट्रांसफर पॉलिसी और अनुपूरक बजट पर लग सकती है मुहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जा रही है। सबसे ज्यादा ध्यान नई स्थानांतरण नीति, विधानसभा के आगामी मानसून सत्र और चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट पर केंद्रित है। जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक में 13 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही सरकार अपने विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कई संशोधन विधेयकों के प्रारूप और महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग की तैयारियों तथा धान सहित अन्य फसलों की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय नई स्थानांतरण नीति मानी जा रही है। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। यदि कैबिनेट नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी देती है, तो प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर तबादलों का रास्ता खुल सकता है। इसके अलावा वित्तीय मामलों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे विभिन्न विभागों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधानसभा मानसून सत्र, किसानों से जुड़े मुद्दे, प्रशासनिक फेरबदल और वित्तीय निर्णयों को देखते हुए साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर राजनीतिक, प्रशासनिक और कर्मचारी संगठनों की विशेष नजर बनी हुई है।

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Political, Raipur, State, Top News

नाव्या मलिक ड्रग्स केस में ED की एंट्री, मनी ट्रेल और हाईप्रोफाइल नेटवर्क की होगी जांच

रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन के लेन-देन के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने मामले से संबंधित चार्जशीट, केस डायरी और अन्य जांच दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस से मांगी हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अब जांच केवल ड्रग्स सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन और कथित काले धन के स्रोतों की भी पड़ताल की जाएगी। जानकारी के अनुसार, ED यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रग्स कारोबार से कथित रूप से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। एजेंसी उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में ला सकती है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। ED की सक्रियता के बाद उन लोगों में भी हलचल बढ़ गई है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए थे लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से किसी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बने हैं। इस मामले का खुलासा अगस्त 2025 में हुआ था, जब पुलिस ने एमडीएमए के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई करते हुए नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में दावा किया गया कि नाव्या मलिक रायपुर समेत अन्य स्थानों पर संचालित एक कथित ड्रग्स नेटवर्क की प्रमुख कड़ी थी। पुलिस जांच के अनुसार, नाव्या मलिक का नेटवर्क मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। आरोप है कि वह शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और क्लब कल्चर से जुड़े लोगों तक ड्रग्स पहुंचाने का काम करती थी। जांच में यह भी सामने आया था कि उसके संपर्क प्रभावशाली वर्ग के लोगों तक फैले हुए थे। नाव्या की गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में करीब 850 लोगों के संपर्क और बातचीत के रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया था। इनमें व्यवसायी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश चार्जशीट में केवल नौ आरोपियों को ही नामजद किया गया। चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज कथित तौर पर इस पूरे मामले के सामने आने की महत्वपूर्ण कड़ी बना। दस्तावेजों के अनुसार, अयान ने दिल्ली से आने वाली कथित ड्रग्स खेप की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि अयान स्वयं भी कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की चार्जशीट में एक रहस्यमयी नाम ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ का भी कई बार उल्लेख किया गया है। हालांकि यह व्यक्ति कौन है और उसकी वास्तविक पहचान क्या है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। इस नाम को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल इस हाईप्रोफाइल मामले में नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब ED की जांच के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

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सेंट पॉल स्कूल परिसर के विवादित निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई, बुलडोजर से ढहाया गया ढांचा

रायपुर के सेंट पॉल स्कूल परिसर के समीप स्थित निर्माणाधीन विवादित ढांचे पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। सुबह से शुरू हुए इस अभियान में जेसीबी और अन्य भारी मशीनों का उपयोग कर पूरे निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर प्रशासन, नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र की घेराबंदी की गई और आसपास की सड़कों पर आवाजाही को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया। अधिकारियों के अनुसार जिस भूमि पर यह निर्माण किया जा रहा था, उसकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसी कारण नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन ढांचे को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और भूमि उपयोग से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस निर्माण को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद बना हुआ था। कुछ स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने आरोप लगाया था कि सामुदायिक भवन की आड़ में चर्च का निर्माण किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासन को शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रशासन ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। इस कार्रवाई के बाद राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध होने वाले किसी भी निर्माण पर भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

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छत्तीसगढ़ में मानसून की धमाकेदार एंट्री, दंतेवाड़ा से शुरू हुआ सफर; रायपुर-रायगढ़ में झमाझम बारिश, 5 दिन अंधड़ और बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो गई है। मानसून ने दंतेवाड़ा जिले के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया है, जिसके बाद बस्तर संभाग के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों को भी कवर कर लेगा। मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर में अगले पांच दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदलने से रायपुर, रायगढ़ और आसपास के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। राजधानी रायपुर में दोपहर बाद काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। भारी बारिश के कारण सुंदरनगर क्षेत्र स्थित महादेवघाट रोड पर पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते रायगढ़ सहित पूर्वी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि मानसून की एंट्री के बावजूद मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस बनी रह सकती है तथा लू जैसी परिस्थितियां भी देखने को मिल सकती हैं। रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मानसून की एंट्री से किसानों के बीच भी उत्साह का माहौल है। धान की खेती की तैयारी कर रहे किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की गतिविधियां इसी तरह बनी रहीं तो खरीफ सीजन की खेती को बड़ा फायदा मिल सकता है।

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Raipur, weather

रायपुर में युवक की बेरहमी से हत्या, WRS मैदान में सिर कुचला शव मिला, टैटू के आधार पर पहचान में जुटी पुलिस

राजधानी रायपुर में एक युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खमतराई थाना क्षेत्र स्थित WRS कॉलोनी के खुले मैदान में सोमवार सुबह एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने शव देखे जाने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के सिर और चेहरे पर किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से हमला किया गया है। घटनास्थल पर खून के निशान मिलने से पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। हालांकि युवक के दाहिने हाथ पर “RK सारथी” नाम का टैटू मिला है, जिसके आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी भी जुटा रही है। घटना की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची। विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि घटना से जुड़े संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या व्यक्तिगत कारणों को हत्या की वजह माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है। खमतराई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतक की पहचान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

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राहुल गांधी के दौरे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पोस्टर विवाद, सह-प्रभारियों ने हाईकमान से की शिकायत

राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के समाप्त होते ही कांग्रेस संगठन के भीतर पोस्टरों को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए पोस्टरों में प्रदेश के सह-प्रभारियों की तस्वीरें नहीं होने पर नाराजगी जताई गई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग, संपत कुमार और विजय जांगिड़ ने इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पार्टी हाईकमान से शिकायत की है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है। सह-प्रभारियों का आरोप है कि प्रदेश स्तर के इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी पूरी तरह उपेक्षा की गई। राहुल गांधी के स्वागत के लिए लगाए गए अधिकांश पोस्टरों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व महापौर एजाज ढेबर की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दीं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें अपेक्षाकृत छोटे आकार में नजर आईं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं और प्रचार-प्रसार में एजाज ढेबर की सक्रिय भूमिका के कारण पोस्टरों में उनकी मौजूदगी सबसे अधिक दिखाई दी। हालांकि, सह-प्रभारियों की तस्वीरें पूरी तरह गायब रहने से संगठन के भीतर असंतोष बढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने अभनपुर में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ संवाद भी किया। करीब चार घंटे के कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने रास्ते में एक चाय दुकान पर रुककर चाय पी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट खिलाया। उनके साथ सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अब राहुल गांधी के दौरे से ज्यादा चर्चा पोस्टर विवाद की हो रही है। सह-प्रभारियों की नाराजगी और हाईकमान तक शिकायत पहुंचने के बाद इस मामले को कांग्रेस के भीतर गुटीय संतुलन और शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी के कई नेता इसे सामान्य मुद्दा बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

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अभनपुर में राहुल गांधी का 4 घंटे का दौरा, प्रशिक्षण शिविर से पहले भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi आज एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में वे करीब चार घंटे तक मौजूद रहेंगे और जिला व शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक Purandar Mishra ने राहुल गांधी के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को क्या सिखाने आ रहे हैं और व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या वे “आलू से सोना निकालने” जैसी बातें सिखाएंगे। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक Vikas Upadhyay ने भाजपा विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दौरा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से है। अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में कांग्रेस का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार से शुरू हो चुका है। संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान कांग्रेस नेताओं को गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करने, मनरेगा की जमीनी स्थिति समझने, नशे की समस्या पर चर्चा करने तथा स्थानीय सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा योग, मार्शल आर्ट्स, व्यक्तित्व विकास, संगठन प्रबंधन, मीडिया हैंडलिंग, जनसंपर्क और बूथ प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राहुल गांधी अपने विशेष सत्र में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, भाजपा के खिलाफ राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनावों की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे। शिविर में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होकर विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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Political, Raipur, State, Top News

बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर जनता को लूटने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रायपुर, बिलासपुर और कोंडागांव सहित कई जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रायपुर के डंगनिया स्थित बिजली कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष कुमार मेनन ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से पैसे वसूलकर चुनावी योजनाओं का खर्च निकालना चाहती है। बिलासपुर में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है, जबकि आम जनता लगातार महंगाई और बढ़ती बिजली दरों से परेशान है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर और अन्य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। इस बीच, कोंडागांव में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग का कहना है कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक खपत करने वाले अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा।

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गृह मंत्रालय और विधि मंत्रालय की अहम बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर रखे सुझाव

रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। यह बैठक संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा संघ राज्य क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2025 के अध्ययन दौरे के तहत आयोजित की गई थी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि बैठक के दौरान गृह मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विधेयकों के प्रावधानों और उनके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने अपने सुझाव और विचार भी समिति के समक्ष रखे। बैठक में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs), बार एसोसिएशन, न्यायिक अकादमी, नीति अनुसंधान संस्थानों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया गया। विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों की राय और सुझावों को भी समिति ने गंभीरता से सुना। बैठक में समिति की अध्यक्ष सांसद अपराजिता सारंगी सहित सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, बृजलाल, मनन कुमार मिश्रा, उज्ज्वल देवराव निकम, असदुद्दीन ओवैसी तथा अन्य सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा विधायी प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस तरह की चर्चाएं महत्वपूर्ण हैं।

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रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: एयर इंडिया विमान से टकराया पक्षी, 2 घंटे प्रभावित रहीं उड़ानें

रायपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब दिल्ली से रायपुर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई। घटना के बाद विमान की सुरक्षा जांच की गई, जिसके चलते एयरपोर्ट संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी आवश्यक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पूरे किए गए। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विमान को उसके अगले गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बर्ड हिट की घटना के कारण रायपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली कई फ्लाइटें लगभग दो घंटे की देरी से संचालित हुईं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, हालांकि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अधिकारियों ने सभी जरूरी जांच पूरी की। गौरतलब है कि दो महीने पहले भी रायपुर एयरपोर्ट पर एक बंदर रनवे पर पहुंच गया था। उस समय लखनऊ से आ रही इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान स्थिति बनी थी, लेकिन समय रहते रनवे खाली कराकर बड़ा हादसा टाल दिया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर में हर दिन औसतन 34 बर्ड हिट की घटनाएं दर्ज होती हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में विमान को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन सुरक्षा कारणों से हर घटना की गंभीरता से जांच की जाती है। एयरपोर्ट प्रशासन पक्षियों को रनवे से दूर रखने के लिए स्पीकर सिस्टम, लेजर गन और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है ताकि विमान संचालन सुरक्षित बना रहे।

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