Raipur

मंत्रियों के बंगलों की ‘फुलवारी’ पर 6 करोड़ का अतिरिक्त बोझ: पुराने बंगले नहीं छोड़े, कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़कर 350

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में मंत्रियों के बंगलों की सजावट और बागवानी ने उद्यानिकी विभाग की जेब ढीली कर दी है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के नए-पुराने दोनों बंगलों की सुंदरता बनाए रखने के लिए पहले जहां 200 कर्मचारी लगाए गए थे, अब यह संख्या बढ़कर 350 हो गई है। विभाग के अनुसार, कई मंत्री नए बंगलों में शिफ्ट तो हो गए हैं, लेकिन पुराने बंगलों को अभी खाली नहीं किया है। दोनों जगह बागवानी के काम के कारण विभाग पर करीब 6 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आ गया है। अब विभाग के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। फुलवारी सजाने में खजाना खाली मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और सभी मंत्रियों के बंगलों में सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के फूल-पौधे लगाए गए हैं। इसके रखरखाव के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नवा रायपुर में नए बंगलों के साथ-साथ रायपुर शहर में पुराने बंगलों में भी फुलवारी बनाए रखी जा रही है। पहले इस काम में 200 कर्मचारी लगे थे, लेकिन अब उनकी संख्या 350 तक पहुंच चुकी है। इसी कारण मजदूरी भुगतान का बोझ बढ़ गया है। विभाग ने शासन से 6 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट की मांग करते हुए पत्र भेजा है और कहा है कि अक्टूबर के बाद सैलरी देने के लिए धन नहीं बचा है। अरुण साव ने छोड़ा पुराना बंगला, बाकी मंत्री अब तक काबिज राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कुल 14 मंत्री हैं। इनमें से डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपना पुराना बंगला खाली कर विभाग को हैंडओवर कर दिया है। जबकि बाकी मंत्री—मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उद्योग मंत्री, खाद्य मंत्री और वन मंत्री—नवा रायपुर में रहने लगे हैं, पर पुराने बंगलों को अभी तक खाली नहीं किया है।मंत्री ओपी चौधरी अब भी पुराने बंगले में ही रह रहे हैं और उन्होंने नए बंगले में कोई काम शुरू नहीं कराया है। हर साल 3 करोड़ बागवानी पर उद्यानिकी विभाग का कहना है कि सिर्फ रायपुर के मंत्रियों के बंगलों में बागवानी के लिए सालाना 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था। हर मौसम में नई फुलवारी लगाई जाती है—अब बारिश खत्म होने के बाद सर्दियों के फूल-पौधे लगाने की तैयारी शुरू है। 7 महीने से बजट अटका विभाग ने अप्रैल 2025 में नवा रायपुर के बंगलों के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बावजूद मंजूरी नहीं मिली है।उद्यानिकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मिथिलेश देवांगन ने बताया कि “पुराने और नए दोनों बंगलों की देखभाल करनी पड़ रही है, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। इसके लिए शासन से अतिरिक्त बजट मांगा गया है, पर अभी तक स्वीकृति नहीं आई है।”

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से 4 दिन की अंतरिम जमानत

छत्तीसगढ़ के बड़े शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिन की अंतरिम जमानत दी है। जमानत मां के खराब स्वास्थ्य के कारण दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल पारिवारिक परिस्थिति के लिए है और 4 दिन बाद उन्हें फिर से जेल लौटना होगा। ढेबर के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे समय में परिवार के पास रहने का अवसर मिलना चाहिए। 🔹 छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का मामला ED की जांच में सामने आया कि 3,000 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला हुआ। तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर सिंडिकेट बनाया। अनवर ढेबर ने रिश्तेदारों और CA के नाम कंपनियों में निवेश कर कमीशन का पैसा छिपाया। EOW के अनुसार, शराब डिस्टलर्स से कमीशन और बी पार्ट की बिक्री से 15% रकम अनवर ढेबर को जाती थी। इसे ढेबर के करीबी विकास अग्रवाल और सुब्बू इकट्ठा करते थे। 🔹 फरवरी 2019 में बना सिंडिकेट अनवर ढेबर ने फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में डिस्टलरी मालिकों और आबकारी अधिकारियों की बैठक कर सिंडिकेट बनाया। इसमें नवीन केडिया, भूपेंदर पाल सिंह भाटिया, प्रिंस भाटिया, राजेंद्र जायसवाल और AP त्रिपाठी समेत अन्य शामिल थे। सिंडिकेट ने शराब बिक्री के लेन-देन को ए, बी और सी पार्ट में बांटा: A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन B: नकली होलोग्राम वाली शराब C: डिस्टलरी सप्लाई एरिया बदलकर अवैध वसूली 🔹 गिरफ्तारी EOW ने इस मामले में कवासी लखमा, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह, अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक दुआरी, दिलीप टुटेजा, सुनील दत्त समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया।पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बाद पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस जमानत का लाभ ढेबर केवल परिवार के साथ समय बिताने के लिए ले सकेंगे, और चार दिन बाद उन्हें जेल लौटना अनिवार्य है।

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रायपुर: 17 मामलों का आरोपी जमानत पर छूटा, गांव में खुलेआम धमकी दी — “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा”

रायपुर जिले के मुजगहन थाना क्षेत्र के भटगांव में एक कुख्यात बदमाश का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही आरोपी है, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया है और अब गांव में फिर से दहशत फैलाने में जुटा है। वीडियो में आरोपी तरुण रात्रे चौराहे पर खड़ा होकर लोगों को गालियां देते हुए कहता दिख रहा है कि “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा।” ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी और वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि तरुण रात्रे लोगों से जबरन पैसे वसूलता है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता है। कई बार उसने स्थानीय लोगों के साथ मारपीट भी की है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जिला बदर किया जाए ताकि गांव में फिर से शांति बहाल हो सके।

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छत्तीसगढ़ NGO घोटाला: CBI ने तेज की जांच, 14 लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग से जुड़ा बहुचर्चित NGO घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। सोमवार को CBI अधिकारियों ने मना स्थित समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पर दबिश दी और स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) से जुड़े दस्तावेज मांगे। अधिकारियों ने NGO से संबंधित तीन बंडल फाइलों की फोटो कॉपी भी अपने कब्जे में ली है। CBI ने साफ किया है कि इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस केस में एक पूर्व मंत्री, सात IAS अफसर और कई राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों समेत कुल 14 लोगों के नाम जांच के घेरे में हैं। कैसे बना था NGO और कौन थे संस्थापक 2004 में तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री रेणुका सिंह के साथ कई शीर्ष अफसरों — जैसे रिटायर्ड IAS विवेक ढांढ, MK राउत, डॉ. आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, BL अग्रवाल, सतीश पांडे और पीपी श्रोती — ने मिलकर दो NGO की स्थापना की थी। दिव्यांगों की मदद के नाम पर बने इन संगठनों का उद्देश्य व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, ट्राईसाइकिल और सुनने की मशीनें बांटना था, लेकिन हकीकत में यह काम केवल कागजों पर ही हुआ। बिना मान्यता और बिना चुनाव के चला NGO यह NGO समाज कल्याण विभाग से कभी मान्यता प्राप्त नहीं कर सका, फिर भी राज्य और केंद्र की योजनाओं के तहत इसे करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी NGO का सदस्य नहीं हो सकता, लेकिन मंत्री और अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर संगठन बना लिया। न चुनाव हुआ, न प्रबंधकारिणी की बैठक, न ही 17 साल तक कोई ऑडिट। कैसे खुला घोटाले का राज 2016 में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब संविदा कर्मचारी कुंदन ठाकुर ने अपनी नौकरी रेगुलर करवाने के लिए आवेदन किया। उन्हें पता चला कि वे पहले से ही एक अन्य पद पर पदस्थ हैं और उनके नाम से दूसरी जगह से वेतन जारी हो रहा है। RTI लगाने पर खुलासा हुआ कि उनके जैसे कई कर्मचारी हैं जिनके नाम पर दो-दो जगह से वेतन लिया जा रहा है। फर्जी नियुक्तियां और डबल सैलरी का खेल जांच में सामने आया कि कई कर्मचारियों को कागजों में पदस्थ दिखाया गया, जबकि वे जमीन पर काम ही नहीं कर रहे थे। कुछ कर्मचारियों के नाम से 2 से 3 जगहों से सैलरी निकाली जाती रही। सिर्फ पांच साल में लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये फर्जी नियुक्तियों के जरिए खर्च दिखाए गए। जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने डॉ. कमलप्रीत सिंह को जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में पाया गया कि 2004 से अब तक NGO का एक भी ऑडिट नहीं हुआ। फर्जी नियुक्तियां की गईं और कर्मचारियों को नकद में भुगतान किया गया।सरकार ने अदालत में यह तर्क दिया कि केंद्र भौतिक रूप से संचालित था और वहां कृत्रिम अंग लगाए गए, लेकिन भुगतानों में पारदर्शिता नहीं रही। अब CBI की नजर बड़े नामों पर CBI अब उन अधिकारियों और पूर्व मंत्रियों पर फोकस कर रही है जिनके दस्तखत फंड ट्रांसफर फाइलों में मिले हैं। साथ ही जिला स्तर के अफसर, ऑडिट रोकने वाले अधिकारी और फर्जी सैलरी पाने वाले नाम भी जांच की जद में हैं। 15 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच आगे बढ़ने पर और कई बड़े नाम बेनकाब होने की संभावना है।

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दीपक बैज का भाजपा पर हमला: सरकार में 14-सिर वाला रावण, ननकीराम कंवर को तीसरा मर्द बताया

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आठ सवाल उठाए हैं और पूछा कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका जवाब देंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को भाजपा का “तीसरा मर्द” बताया और कहा कि भाजपा सरकार में 14 सिर वाला रावण बैठा है। बैज ने भाजपा विधायक रेणुका सिंह के “सरकार में रावण” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि असल में सरकार में रावण कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट जारी है, और जनता की हालत चिंताजनक है। बैज ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके धरने को दबाने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल के बाद ननकीराम कंवर भाजपा के तीसरे मर्द नेता माने जाते हैं, और कांग्रेस उनकी आवाज का समर्थन करती है। साथ ही बैज ने भाजपा नेता पुरंदर मिश्रा के दशहरा उत्सव को लेकर दिए बयान पर भी हमला बोला। मिश्रा ने अपने बयान में “रावण के बदले राम का वध” की बात कही थी, जिस पर बैज ने सवाल उठाया कि क्या यह राम विरोधी बयान नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की रामभक्ति अब कालनेमी जैसी बन चुकी है।

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रायपुर में गन प्वाइंट लूट: 1.5 करोड़ की चांदी लूटकर बदमाश फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह एक बड़ी लूट की घटना सामने आई। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो नकाबपोश बदमाशों ने सराफा कारोबारी राहुल गोयल के फ्लैट में घुसकर 1 करोड़ 50 लाख रुपये की चांदी लूट ली। इस दौरान लुटेरों ने कारोबारी को गन की नोक पर बेहोश किया और हाथ-पैर बांधकर जेवरात लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, राहुल गोयल आगरा के रहने वाले हैं और रायपुर में किराए के फ्लैट में रहते हैं। वे सदर बाजार में जेवर बेचते हैं। लुटेरे पूर्व में ही कारोबारी और उनके जेवरों के बारे में जानकारी रखते थे। घटना शनिवार सुबह हुई, जब दो नकाबपोश बदमाश सदर बाजार स्थित जैन मंदिर के पीछे राजधानी पैलेस पहुंचे। उन्होंने फ्लैट का दरवाजा खटखटाया और जैसे ही राहुल ने दरवाजा खोला, लुटेरों ने उनकी कनपटी पर गन टिका दी। इसके बाद कारोबारी को बेहोश करने के लिए दवा दी और उनके हाथ-पैर बंध दिए। लुटेरों ने लगभग 86 किलो चांदी के जेवर और सीसीटीवी कैमरे का DVR भी लेकर भाग गए। सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि राहुल गोयल आगरा से रायपुर आकर जेवर बेचते हैं। एडिशनल एसपी लखन पटले ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। मामले की पूरी जांच की जा रही है।

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बिलासपुर में शिव मंदिर के पास युवक की हरकत से बवाल: धार्मिक तनाव के बाद मुस्लिम बस्ती में तोड़फोड़, पुलिस ने संभाली स्थिति

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में शुक्रवार देर रात धार्मिक तनाव की स्थिति बन गई। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है, जहां एक मुस्लिम युवक द्वारा शिव मंदिर के पास पेशाब करने की घटना के बाद माहौल बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि युवक का नाम अशरफ खान है, जिसे पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। 🔹 घटना के बाद तनाव सूत्रों के मुताबिक, युवक ने अशोक नगर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर के शिव मंदिर के पास पेशाब किया था। जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई। 🔹 पथराव और तोड़फोड़ आक्रोशित भीड़ ने नजदीकी मुस्लिम बस्ती में पथराव और तोड़फोड़ की। कई घरों की खिड़कियां और शीशे टूट गए। मौके पर पुलिस बल पहुंचा और भीड़ को काबू में किया। इलाके में स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया। 🔹 पुलिस की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी युवक से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। वहीं, तोड़फोड़ से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। 🔹 प्रशासन की अपील वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखना कितना जरूरी है, ताकि किसी छोटी सी घटना से शहर का माहौल न बिगड़े।

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रायपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार शुरू: 4 से 8 अक्टूबर तक होगी हनुमंत कथा, सुरक्षा में 5 हजार बाउंसर तैनात

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से आस्था और श्रद्धा का भव्य संगम देखने को मिल रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गुढ़ियारी इलाके में दिव्य दरबार और हनुमंत कथा का आयोजन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें लाखों भक्तों के शामिल होने की संभावना है और तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 🔹 सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर हजारों पुलिस जवानों के साथ 5 हजार बाउंसरों की तैनाती की गई है। पूरा परिसर CCTV कैमरों से लैस है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने। 🔹 आयोजन की जिम्मेदारी इस आयोजन की जिम्मेदारी ‘स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ ने संभाली है, जिसका नेतृत्व चंदन अग्रवाल और बसंत अग्रवाल कर रहे हैं। बीते 14 सितंबर को भूमि पूजन और अर्चन के साथ कार्यक्रम स्थल का शुभारंभ किया गया था। मुख्य आयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि आयोजन के संचालन के लिए एक केंद्रीय कार्यालय बनाया गया है, जहां से पंडाल, भंडारा, सुरक्षा, यातायात और भक्तों की बैठने की व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। 🔹 भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं फाउंडेशन के मीडिया समन्वयक सौरभ कुमार के अनुसार, आयोजन के दौरान 8 हजार से अधिक स्वयंसेवक सेवा देंगे। बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए 200 नि:शुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो 4 से 8 अक्टूबर तक कथा स्थल तक आने-जाने की सेवा देंगे। भक्तों के लिए भंडारा सुबह 10 बजे और रात 9 बजे नि:शुल्क आयोजित किया जाएगा। 🔹 पार्किंग की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइंस कॉलेज मैदान, कोटा मैदान, और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां कार और बाइक सुरक्षित खड़ी की जा सकेगी। 🔹 प्रमुख अतिथि होंगे शामिल कथा में शामिल होने के लिए कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य अतिथि पहुंचेंगे — यह आयोजन रायपुर में भक्ति, संस्कृति और संगठन का अद्भुत संगम साबित होगा, जहां आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दिया जाएगा।

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रायपुर में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर नजरबंद — अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने वाले थे, कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग

रायपुर में शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया जब पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर को पुलिस ने गहोई भवन में नजरबंद कर दिया। वे अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ सीएम हाउस के बाहर धरना देने वाले थे। जानकारी के अनुसार, कंवर रायपुर में कोरबा कलेक्टर अजित वसंत को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठने वाले थे। पुलिस ने उन्हें एम्स के पास रोक लिया, जिसके बाद उन्होंने गेट कूदकर निकलने की कोशिश भी की। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा — “अगर यही रवैया रहा, तो अगली बार भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। जनता कह रही है कि अगली बार बीजेपी को 15 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।” 🔹 विवाद की जड़ कंवर ने कलेक्टर अजित वसंत पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कोरबा में प्रशासन “हिटलरशाही” तरीके से काम कर रहा है। आरोपों में शामिल हैं — 🔹 ननकीराम कंवर की प्रमुख मांगें 🔹 शासन की प्रतिक्रिया राज्य शासन ने इस मामले में बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, जैन ने कहा कि उन्हें अभी लिखित आदेश नहीं मिला, लेकिन आदेश मिलते ही जांच शुरू करेंगे। 🔹 पृष्ठभूमि यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी कलेक्टर अजित वसंत ने कई राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए नोटिस भेजे थे। अब ननकीराम कंवर ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।

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