सचिन पायलट का भाजपा पर वार: “फर्जी वोटर्स जोड़कर चुनाव जीतती है भाजपा” कांग्रेस के “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को दुर्ग में भाजपा पर कड़ा हमला बोला। सभा स्थल पर पहुंचने से पहले सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बाइक रैली में शामिल हुए।पाटन और दुर्ग के करीब 300 युवाओं ने रैली में भाग लिया। सभा में आरोप गांधी चौक पर आयोजित सभा में सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने खुलासा किया है कि भाजपा हर चुनाव में फर्जी मतदाताओं को जोड़कर और मत प्रतिशत बढ़ाकर जीत हासिल करती है। यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं बल्कि लोकतंत्र में आम आदमी के वोटिंग अधिकार का हनन है।उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आने वाले चुनावों में भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा। भूपेश बघेल और दीपक बैज के बयान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “हमने लोहा चोर देखा, अनाज चोर देखा, लेकिन पहली बार वोट चोरी करने वाली पार्टी देखी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वाले दावा करते हैं कि उन्हें 50 साल तक कोई नहीं हरा सकता, क्योंकि वे फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतते हैं।प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा “साम, दाम, दंड, भेद” अपनाकर सत्ता हासिल करती है। महंगाई और बिजली दरें बढ़ाकर यह सरकार सिर्फ उद्योगपतियों का भला कर रही है। किसानों और आमजन की समस्याएं पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद और यूरिया नहीं मिल रही, 266 रुपए की खाद 1,000 रुपए में बेची जा रही है और हाफ बिजली बिल योजना भी बंद कर दी गई है।पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भाजपा अपने पन्ना प्रभारियों को फर्जी मतदाता जोड़ने और नकली मतदान कराने की ट्रेनिंग देती है, और बूथ स्तर से ही वोट चोरी शुरू होती है। हस्ताक्षर अभियान और आगे की योजना सचिन पायलट ने घोषणा की कि गांव-गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे ताकि कार्रवाई हो सके।दुर्ग पहुंचने से पहले पायलट ने सतनाम भवन में मिनी माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, गुरुद्वारे में मत्था टेका और यादव व बोहरा समाज के स्वागत पंडालों में भी गए। सभा के दौरान नमाज शुरू होने पर पायलट ने करीब डेढ़ मिनट तक अपना भाषण रोककर धार्मिक मर्यादा का सम्मान भी किया।
नान घोटाला: रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट का आदेश न होने पर लौटे
छत्तीसगढ़ के चर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में रिटायर्ड IAS अफसर आलोक शुक्ला शुक्रवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे। लेकिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बिना सरेंडर स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद आलोक शुक्ला अदालत से वापस लौट गए। कोर्ट ने क्या कहा बचाव पक्ष के वकील फैज़ल रिज़वी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आलोक शुक्ला सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन जज ने कहा कि फिलहाल आदेश अपलोड नहीं हुआ है। जब आदेश की कॉपी आ जाएगी तभी सरेंडर स्वीकार होगा।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आलोक शुक्ला को दो हफ्ते ED (प्रवर्तन निदेशालय) की कस्टडी और दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला नान घोटाले में हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को पहले अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ED की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने ED और EOW को तय समयसीमा में जांच पूरी करने के निर्देश दिए — ED को तीन महीने और EOW को दो महीने। क्या है नान घोटाला फरवरी 2015 में ACB/EOW ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को संभालने वाले नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के 25 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे।इन छापों में 3.64 करोड़ रुपये नकद मिले थे और चावल-नमक समेत कई नमूनों की गुणवत्ता जांच में घटिया पाए गए। EOW की FIR के मुताबिक, डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के साथ मिलकर अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने सरकारी कागजों और प्रक्रियात्मक दस्तावेज़ों में हेरफेर कर अपने पक्ष में जवाब तैयार करवाए ताकि अदालत में उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके। किन धाराओं में मामला दर्ज EOW ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7(क), 8, 13(2) और IPC की धाराएं 182, 211, 193, 195-A, 166-A और 120-B के तहत केस दर्ज किया है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा एक्शन – रिटायर्ड IAS निरंजन दास गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने रिटायर्ड IAS अफसर निरंजन दास को हिरासत में लिया है। कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे दास पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और तत्कालीन विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी के साथ मिलकर शराब घोटाले का सिंडिकेट तैयार किया था।जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवैध नेटवर्क से उन्हें हर महीने करीब 50 लाख रुपए की अवैध कमाई होती थी। सिंडिकेट की कार्यप्रणाली EOW की चार्जशीट के मुताबिक, सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करने, डिस्टलरी से अतिरिक्त शराब तैयार कराने, विदेशी ब्रांड की अवैध आपूर्ति कराने और नकली होलोग्राम के जरिये शराब बेचने जैसी योजनाओं से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। दास पर यह भी आरोप है कि उन्होंने नोएडा स्थित ‘प्रिज़्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स’ को टेंडर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी योग्य नहीं थी, इसके बावजूद शर्तें बदलकर उसे काम दिया गया और फिर डुप्लीकेट होलोग्राम बनाकर अवैध शराब को वैध दिखाया गया। झारखंड तक फैला असर चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि निरंजन दास और उनके सहयोगियों ने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कराने की कोशिश की। जनवरी 2022 में ढेबर और त्रिपाठी के साथ मिलकर उन्होंने झारखंड के अधिकारियों से बैठक की और ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ लागू करवाने की साजिश रची। रिटायरमेंट के बाद भी फरवरी 2023 में दास को संविदा पर आबकारी आयुक्त बनाया गया था। उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी कई बार खारिज हो चुकी है। अब EOW उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। घोटाले की शुरुआत 2019 में ED की जांच के मुताबिक, फरवरी 2019 में कारोबारी अनवर ढेबर ने रायपुर के जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में छत्तीसगढ़ की प्रमुख डिस्टलरियों के मालिकों को बुलाकर एक मीटिंग की थी। इस बैठक में शराब की सप्लाई और प्रति पेटी कमीशन तय किया गया।शुरुआत में हर महीने 200 ट्रक (लगभग 800 पेटियां) अवैध शराब की आपूर्ति होती थी, बाद में यह बढ़कर 400 ट्रक प्रतिमाह हो गई। शुरुआती कीमत 2,840 रुपए प्रति पेटी थी, जो बाद में 3,880 रुपए प्रति पेटी तक पहुंच गई। जांच एजेंसी के अनुसार, तीन साल में 60 लाख से अधिक पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। शराब दुकानों को सलाह दी गई थी कि सरकारी रेकॉर्ड में खपत दर्ज न करें, ताकि बिना शुल्क चुकाए नकली होलोग्राम वाली शराब दुकानों तक पहुंचाई जा सके।
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Bilashpur, Chhattisgarh, Raipur, Top Newsभिलाई: नौकरी की तलाश में ऑनलाइन कंपनी से जुड़े दो इंजीनियरिंग पास युवक, फर्जीवाड़े के केस में यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के भिलाई में रहने वाले दो सगे भाई नौकरी के चक्कर में फर्जी कंपनी के झांसे में आ गए। परिवार के मुताबिक, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब दोनों को रोजगार नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन जॉब जॉइन कर ली। अब यूपी पुलिस ने उन्हें ठगी और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट मामले में हिरासत में ले लिया है। पिता शिवशंकर शाह का कहना है कि उन्होंने 36 साल तक अंडे की दुकान चलाकर बच्चों को इंजीनियर बनाया, इसके लिए 10 लाख रुपये तक का लोन लिया। मगर अब उनके बेटे शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) जेल में हैं, जबकि जिस अरेबियन कंपनी पर मामला दर्ज है, उसका नाम उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। भिलाई से उठाकर ले गई यूपी पुलिस 11 सितंबर की रात भिलाई कैंप-1 सुभाष चौक से चार से ज्यादा लोग अचानक पहुंचे और दोनों भाइयों को गाड़ी में बिठाकर ले गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और छावनी थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अगले दिन स्पष्ट हुआ कि दोनों को यूपी पुलिस ने अंबेडकर नगर ज़िले के सुल्तानपुर राजे थाने में दर्ज केस में पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी में विदेश भेजने और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट तैयार कराने के आरोप में FIR दर्ज है। FIR कंपनी के खिलाफ हुई है, लेकिन यूपी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर शुभम और विष्णु को भी अज्ञात आरोपी मानकर गिरफ्तार किया है। फर्जी कंपनी में HR हेड बने थे विष्णु परिवार का कहना है कि बड़ा बेटा विष्णु “बी फॉर एफ माइक्रो फाइनेंस” नामक कंपनी से जुड़ा था। उसे छत्तीसगढ़ का HR हेड बनाया गया था। उसका काम केवल मोबाइल पर इंटरव्यू लेकर रिपोर्ट भेजना था, पैसों का लेन-देन उसके पास नहीं था। 5 महीने काम करने के बाद भी उसे सिर्फ एक बार 25 हजार रुपए मिले, तीन महीने की सैलरी आज तक नहीं मिली। पिता ने बताया कि कंपनी ने पहले गाजियाबाद बुलाया था, फिर घर से काम करने को कहा। ऑफिस खोलने की बात भी हुई, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह संभव नहीं हो पाया। परिवार पर संकट, शादी पर भी खतरा विष्णु की फरवरी में शादी तय है, सगाई हो चुकी है। पिता को डर है कि जेल जाने से बेटों का भविष्य और शादी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि दोनों बेटे ठगी के आरोपी नहीं हैं, बल्कि फर्जी कंपनी के शिकार हुए हैं। दुर्ग पुलिस बोली- जांच यूपी में दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज है और वहीं की पुलिस जांच कर रही है। आगे का फैसला यूपी की अदालत ही करेगी।
रायगढ़: मछली कंपनी के ड्राइवर से 2.57 लाख की लूट, बदमाश एक्टिवा छोड़कर भागे
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम बड़ी लूट की वारदात हुई। एमएम फिश कंपनी के ड्राइवर मोहम्मद रफीक से तीन अज्ञात बदमाशों ने करीब 2 लाख 57 हजार 660 रुपये लूट लिए। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रफीक मछली की सप्लाई के बाद रकम कलेक्शन कर बिलासपुर लौट रहा था। इसी दौरान खड़गांव-सिथरा रोड पर एक्टिवा सवार तीन बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। उन्होंने हथियार दिखाकर उससे नकदी छीन ली। आरोपी एक्टिवा छोड़कर जंगल भागे वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी स्कूटी वहीं छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। आरोपियों ने स्कूटी का नंबर प्लेट भी ढका हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और वारदात की जांच जारी है।
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Chhattisgarh, Crime, Raipur, State, Top Newsरायपुर: डायल-112 पुलिसकर्मी से मारपीट, वर्दी फाड़ी और गाड़ी जलाने की धमकी; 4 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में डायल-112 की टीम पर हमला करने और सरकारी वाहन जलाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कैसे हुआ विवाद सूत्रों के मुताबिक, 11 सितंबर को अमलीडीह के जोसेफ कॉलोनी रोड पर कुछ लोगों के सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने की शिकायत मिली थी। डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची तो वहां चार युवक नशे में थे और पुलिसकर्मी से बहस करने लगे। शिकायतकर्ता तुलेश मनहरे, जो जुलाई 2023 से 112 पर कार्यरत हैं, ने बताया कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की, फिर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी और 112 की गाड़ी को जला देने की धमकी भी दी। आरोपियों की पहचान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई — सभी आरोपी इस समय रायपुर के राजेंद्र नगर इलाके में रह रहे थे। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और चारों युवकों को थाने ले आए। आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और धमकी देने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है।
शादी का झांसा देकर यौन शोषण की कोशिश का आरोप, BJYM अध्यक्ष बोले- बेबुनियाद
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि राहुल टिकरिहा ने पहले उससे नजदीकियां बढ़ाईं, हग-स्मूच किया, जबरन छूने की कोशिश की और फिर सेक्स करने की कोशिश की। पीड़िता का आरोप युवती ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि उसका राहुल टिकरिहा से अफेयर था। वह बताती है कि जब वह कक्षा 10वीं में थी, तब पहली बार राहुल से उसका संपर्क हुआ। शुरुआत में वह मोहल्ले की समस्या (लाउडस्पीकर) को लेकर मिली थी। इसके बाद राहुल ने उसे मैसेज भेजना शुरू कर दिया और रात-रात भर परेशान करता था। पीड़िता के मुताबिक, 5 अप्रैल की रात 12 बजे वह राहुल से मिलने गई थी। खेत के पास राहुल उसे अपने साथ ले गया और रात 1 बजे उसने सेक्स करने की कोशिश की। युवती ने कहा कि उस दौरान उसका पीरियड चल रहा था और गर्भवती होने के डर से उसने मना कर दिया। इसके बाद राहुल ने उसे छोड़ दिया, लेकिन बात करते रहने की बात कही। युवती का यह भी आरोप है कि राहुल ने शादी का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में मुकर गए। इस विवाद के बाद उसका परिवार भी उससे दूरी बनाने लगा है। अब युवती चाहती है कि राहुल उससे शादी करें ताकि उसकी इज्जत और जिंदगी सुरक्षित रहे। पुराने विवाद भी जुड़े कुछ दिन पहले ही राहुल टिकरिहा पर उनके कथित चाचा रविकांत टिकरिहा ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया था। तब उनका एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस नए मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राहुल टिकरिहा का पक्ष इन आरोपों पर राहुल टिकरिहा ने कहा कि यह सब बेबुनियाद है। उनका कहना है कि कांग्रेस उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा करवा रही है। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है और कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
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Birgaon, Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top Newsरायपुर : सीनियर रेलवे अधिकारी पर FIR, 13 साल पुराने केस की CBI जांच
रायपुर रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। शिकायत एडवोकेट आनंद कुमार शर्मा ने की है। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में तैनात सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी और अन्य अधिकारियों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरटीआई में गलत जानकारी देने का आरोप शिकायतकर्ता कल्पना स्वामी का कहना है कि उन्होंने रायपुर आरक्षण केंद्र के कॉमर्शियल स्टाफ से जुड़ी जानकारी RTI के जरिए मांगी थी, लेकिन जो सूचना उन्हें मिली, वह कथित रूप से गलत थी। इसी आधार पर उन्होंने सीआईडी में शिकायत दर्ज कराई। यह FIR ओडिशा के कटक में धारा 173(1) बीएनएसएस-2023 के तहत दर्ज हुई है। अब सीआईडी यह जांच करेगी कि गलत जानकारी क्यों दी गई और इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही। अधिकारी की प्रतिक्रिया सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें इस एफआईआर की जानकारी है। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही अगला कदम तय करेंगे, इसलिए इस समय कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं करेंगे। रेलवे मंडल में चर्चा तेज आरटीआई विवाद सामने आने के बाद रेलवे मंडल में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह मामला आगे और गंभीर रूप ले सकता है। शिकायतकर्ता एडवोकेट आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सूचना का अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन गलत सूचना दिए जाने के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी। फिलहाल, सीआईडी इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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Chhattisgarh, Crime, Raipurरायपुर : हिंदी दिवस पर सर्वेक्षण ने खोली छात्रों की कमजोरियां
45% छात्रों को नहीं पता कब मनाते हैं हिंदी दिवस, ‘हिन्दुस्तान’ तक सही नहीं लिख पाए रायपुर में हिंदी दिवस के मौके पर किए गए एक सर्वेक्षण ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। दैनिक भास्कर टीम ने राजधानी के 100 छात्रों (50 उच्चतर माध्यमिक और 50 कॉलेज स्टूडेंट्स) से हिंदी भाषा पर उनकी राय जानने के लिए 3 प्रश्न पूछे— इसके लिए छात्रों को आधा घंटा समय दिया गया। गलतियां और सोच लेख लिखने के दौरान कई छात्रों ने ‘हिन्दुस्तान’, ‘संवैधानिक’, ‘विकसित’, ‘वासियों’, ‘प्रतीक’, ‘जीवन’ जैसे आम शब्द भी गलत लिखे। 45% छात्रों को यह तक नहीं पता था कि हिंदी दिवस कब मनाया जाता है। कई स्टूडेंट्स ने लिखा कि हिंदी बोलने पर लोगों को “अनपढ़” समझा जाता है और इससे नौकरी के अवसर कम हो जाते हैं। उच्चतर माध्यमिक के 50 में से सिर्फ 10 छात्रों ने हिंदी को ‘राजभाषा’ लिखा, बाकी ने इसे ‘राष्ट्रभाषा’ बताया। कॉलेज के 50 में से 22 छात्र हिंदी की कोई कविता नहीं लिख पाए। छात्रों की राय स्कूल के छात्रों के लेख से पांच मुख्य बिंदु सामने आए— अधिकतर कॉलेज स्टूडेंट्स ने भी माना कि अंग्रेजी बोलने वालों को समाज में ज्यादा प्रतिष्ठा और अवसर मिलते हैं, यही कारण है कि घर वाले उन्हें अंग्रेजी माध्यम स्कूल भेजते हैं। कविता लिखने में भी कमजोरी उच्चतर माध्यमिक के 50 में से केवल 19 छात्र (38.4%) ही कविता लिख पाए। कॉलेज में यह आंकड़ा 27 (53%) रहा। हालांकि, जिन छात्रों ने कविता लिखी, उनमें भी कईयों को कवि का नाम याद नहीं था। विशेषज्ञों की राय हिंदी पढ़ाने वाली शिक्षिका किरण तिवारी ने कहा कि बच्चों का व्याकरण कमजोर है और वे हिंदी से दूर भाग रहे हैं। यह पूरी तरह बच्चों की गलती नहीं है। वे सोचते हिंदी में हैं, लेकिन अंग्रेजी सीखने का दबाव इतना बढ़ गया है कि वे हिंदी से कटते जा रहे हैं। शिक्षिका अनामिका तिवारी ने कहा कि हिंदी को पाठ्यक्रमों में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिससे बच्चे अपनी ही भाषा से दूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गलत हिंदी लिखने की आदत ने भी बच्चों की शुद्ध हिंदी बिगाड़ दी है।
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Chhattisgarh, Education, Raipur, Top Newsरायपुर में ‘न्यूड पार्टी’ विवाद – 40 हज़ार एंट्री फीस, 21 युवक-युवती रजिस्टर्ड
रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘न्यूड पार्टी’ के पोस्टर्स ने सनसनी फैला दी है। अलग-अलग नामों से चल रहे इन पोस्टर्स में युवाओं को बिना कपड़ों के पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया था। शनिवार को यह पोस्टर कांग्रेस नेताओं और हिंदू संगठनों तक पहुंचने के बाद मामला तूल पकड़ गया। नेताओं ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच में सामने आया कि भाठागांव स्थित एक फार्महाउस में 21 सितंबर की शाम 4 बजे से देर रात 3 बजे तक यह ‘न्यूड पार्टी’ आयोजित की जानी थी, जहां नशीले पदार्थ भी परोसे जाने की तैयारी थी। इस मामले में तेलीबांधा थाने में दो एफआईआर दर्ज की गईं—एक ‘न्यूड पार्टी’ आयोजकों पर और दूसरी ‘स्ट्रेंजर पूल पार्टी’ आयोजकों के खिलाफ। छह लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक आरोपी मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह आरोपी पहले भी एक बड़े घोटाले में फंस चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवक ‘अपरिचित क्लब’ नाम से अलग-अलग फार्महाउस, रिसॉर्ट और क्लब में ऐसे इवेंट आयोजित करते थे। एफआईआर के बाद ‘न्यूड पार्टी’ को रद्द कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण पर राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल प्रमुख से 2 दिन में रिपोर्ट मांगी है। ‘न्यूड पार्टी’ क्या है? पश्चिमी देशों में ‘न्यूड पार्टी’ या ‘न्यूडिस्ट इवेंट्स’ आम हैं। इनका उद्देश्य शरीर के प्रति झिझक खत्म करना और समान विचारधारा वाले लोगों के बीच रहना होता है। यूरोप-अमेरिका में न्यूडिस्ट बीच और रिसॉर्ट कानूनी हैं। भारत में कानूनी व सांस्कृतिक कारणों से सार्वजनिक रूप से ऐसे आयोजनों की अनुमति नहीं है, फिर भी गुपचुप आयोजन की खबरें आती रहती हैं। रायपुर में क्यों मचा हंगामा इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘न्यूड पार्टी’, ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ और ‘हाउस पूल पार्टी’ के नाम से इवेंट्स के पोस्टर तेजी से वायरल हुए। इनमें तारीख, समय और 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों को आमंत्रण जैसी जानकारी भी थी। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पहले ही इन पोस्टर्स में शराब और ड्रग्स का संकेत था, अब नग्नता का लालच देकर युवाओं को फंसाने की कोशिश सामने आई है। एंट्री फीस और गुप्त आयोजन पुलिस के मुताबिक, पूल पार्टी के बाद चुने हुए मेहमानों के लिए अलग क्लोज्ड पार्टी आयोजित होती थी। यह पार्टी रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक चलती थी, जिसमें एंट्री फीस 40 हजार रुपए और कपल एंट्री 1 लाख रुपए तय थी। यहां कमरों की व्यवस्था भी होती थी। इन पार्टियों में हेरोइन और एमडीएमए जैसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ की एंट्री फीस 2 से 5 हजार रुपए थी, जिसमें खाने-पीने की अलग व्यवस्था थी और शराब व हुक्का की कीमत अलग से वसूली जाती थी। पार्टी में 110 लोगों के शामिल होने की तैयारी थी। 10 दिन पहले शुरू किया प्रमोशन आयोजकों ने 10 दिन पहले सोशल मीडिया पर ‘न्यूड पार्टी’ का प्रमोशन शुरू किया था। इवेंट से जुड़ी आईडी अब डिलीट कर दी गई है। अभी तक 21 युवक-युवतियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया था, जबकि 24 से अधिक लोग लोकेशन मिलते ही रजिस्ट्रेशन कराने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है और महिला आयोग ने सख्त रिपोर्ट मांगी है।
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