Raipur

रायपुर से दुबई तक लाल चंदन तस्करी का खुलासा, 8.6 करोड़ की संपत्ति जब्त

रायपुर।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लाल चंदन की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 63 करोड़ रुपये के रैकेट से जुड़े आरोपी अब्दुल जाफर की 8.6 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब्दुल जाफर ने रायपुर को लाल चंदन (रेड सैंडर्स) की लोडिंग और शिपमेंट का प्रमुख ठिकाना बना रखा था। रायपुर से लेकर नागपुर, मुंबई और चेन्नई तक 3,000 किलोमीटर लंबा रूट तैयार कर माल को दुबई भेजा जाता था। कंटेनरों में ऊपर से स्पंज आयरन भरा जाता और अंदर लाल चंदन के लट्ठे छिपाए जाते थे। साल 2016 में DRI नागपुर की टीम ने रायपुर के एक गोदाम से 11 मीट्रिक टन (576 लट्ठे) लाल चंदन जब्त किया था। इसके अलावा नागपुर और मुंबई के पोर्ट पर भी बड़े पैमाने पर रेड सैंडर्स पकड़े गए। फरवरी से अक्टूबर 2016 के बीच 13 निर्यात खेपों में 159 मीट्रिक टन लकड़ी भेजने का खुलासा हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 63 करोड़ रुपये थी। ED की जांच में सामने आया कि अब्दुल जाफर ने इस काले कारोबार से कमाई गई रकम से लग्जरी गाड़ियां, फ्लैट और अन्य संपत्तियां अपने परिवार और सहयोगियों के नाम पर खरीदीं। चेन्नई, कांचीपुरम और तमिलनाडु के अन्य इलाकों में ऊंची कीमत की जमीनें भी उसके कब्जे में पाई गईं। अब्दुल जाफर और उसकी पार्टनरशिप फर्म M/s A.F. Enterprises के खिलाफ नागपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मोबाइल कॉल डिटेल और तस्वीरों ने इस सिंडिकेट की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लाल चंदन रायपुर तक कैसे पहुंचता था और किस रास्ते से दुबई भेजा जाता था। ED इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

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रायपुर के सिलतरा स्टील फैक्ट्री में बड़ा हादसा: 6 कर्मचारियों की मौत, GM सहित 6 घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिलतरा इलाके में शुक्रवार को एक निजी स्टील फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गर्म लोहा गिरने से 6 कर्मचारियों की मौत हो गई, जिनमें 2 मैनेजर भी शामिल हैं। वहीं, जीएम समेत 6 लोग झुलस गए, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में जारी है। यह घटना धरसींवा थाना क्षेत्र में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने बताया कि हादसे के समय फैक्ट्री में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश के कर्मचारी काम कर रहे थे। उन्होंने अस्पताल में घायलों से मिलकर उनका हाल जाना। सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने फैक्ट्री प्रबंधन पर इंडस्ट्रियल सेफ्टी एक्ट का पालन न करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए, घायलों का इलाज कंपनी के खर्च पर हो और उन्हें 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। बैज ने सवाल किया कि जब हर छह महीने में एक महीने का शटडाउन होता है, तो इस बार सिर्फ तीन दिन में ही काम क्यों शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यह जल्दबाजी इस भयानक हादसे की वजह बनी। फैक्ट्री के बाहर हंगामा, जांच के आदेश घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन प्लांट के बाहर जमा हो गए। अंदर पुलिस अधिकारी, SDM और TI मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि यह स्टील प्लांट अभी निर्माणाधीन है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के अनुसार, हादसा इतनी अचानक हुआ कि कर्मचारियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। फिलहाल, हादसे की जांच जारी है और जिम्मेदारी तय होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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महासमुंद में पत्नी और प्रेमी सहित परिवार के सदस्यों ने पति की हत्या की, शव तालाब में फेंककर किया दबाया

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक shocking मामला सामने आया है, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। घटना एक साल पुरानी है, लेकिन शुक्रवार को पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया और डीएनए टेस्ट के बाद परिजनों को सौंपा गया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, लवली सिंह और आकाश सिंह ने प्रेम विवाह किया था, जिससे युवती के परिवार वाले नाराज थे। युवती का पूर्व प्रेमी अभिनव सिंह उसके घर का खर्च उठाता था। परिवार और अभिनव ने मिलकर लवली और आकाश को अपने घर बुलाया और विवाद के दौरान आकाश की हत्या कर दी। शव को महासमुंद के घोड़ारी तालाब में फेंक दिया गया। शव की पहचान डीएनए से हुई 29 सितंबर 2024 को घोड़ारी तालाब में अज्ञात युवक का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। पहचान न होने के कारण शव को दफना दिया गया। जांच में सिटी कोतवाली पुलिस को रायपुर के खम्हारडीह में 5 जनवरी 2025 को दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट का सुराग मिला। राज्य स्तरीय क्राइम डेटा एनालिसिस में शव का हुलिया गुमशुदा आकाश से मिलता-जुलता पाया गया। 24 सितंबर 2025 को रायपुर पुलिस के सहयोग से कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। डीएनए टेस्ट के बाद शव परिजनों को सौंपा गया और हत्या का रहस्य उजागर हुआ। मामले की पृष्ठभूमि पुलिस की जांच में सामने आया कि लवली और आकाश की लव मैरिज हुई थी, जबकि लवली पहले से ही अभिनव सिंह के साथ 5 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थी। आकाश और अभिनव दोस्त थे। अगस्त 2024 में दोनों ने भागकर शादी कर ली थी, लेकिन लवली के परिवार और अभिनव इस विवाह के खिलाफ थे। 25 सितंबर 2024 को लवली के पिता ने दोनों को अभिनव के घर बुलाया, जहां विवाद के दौरान लवली के पिता, भाई और अभिनव ने आकाश की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को स्कूटी पर लादकर तालाब में फेंक दिया गया। लवली ने सोशल मीडिया पर आकाश की तस्वीरें पोस्ट कर किसी को शक न होने दिया। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई महासमुंद पुलिस ने लवली सिंह, अभिनव सिंह, अभिलाख सिंह, गौरव और वीरू को रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 103 ए), साक्ष्य छिपाने (धारा 238) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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रायपुर: मेकाहारा अस्पताल में डिलीवरी के बाद लापरवाही, महिला के स्टीच खुलने से परेशानी

रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला के साथ गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 13 सितंबर को महिला की डिलीवरी हुई थी। नवजात शिशु की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में पर्याप्त सुविधाओं की कमी के चलते प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा। स्टीच खुलने से बढ़ी परेशानी डिलीवरी के दौरान महिला को ऑपरेशन कर स्टीच लगाए गए थे। 25 सितंबर की रात को इन स्टीच को काटा गया, लेकिन उसके बाद महिला के अंदर के स्टीच खुल गए। इससे महिला को लगातार दर्द और असुविधा हो रही है। परिजनों का आरोप महिला के पति तबरेज ने बताया कि रात भर उनकी पत्नी दर्द में थी, लेकिन कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। केवल नर्स आई और क्लीनिंग कर चली गई। डॉक्टरों ने यह आश्वासन दिया था कि महिला को आज छुट्टी मिल जाएगी, लेकिन अभी तक किसी डॉक्टर ने उनकी पत्नी की गंभीर हालत का जायजा नहीं लिया। चिंता का विषय मामले से अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ रही है। परिवार का कहना है कि महिला की हालत गंभीर है और तत्काल चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है।

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रायपुर: तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में भीषण आग, 3 किमी दूर तक दिखा काला धुआं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा चौकी स्थित एक तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। इस यार्ड में बड़ी संख्या में पुराने टायर रखे थे, जिनमें आग लगने से चारों ओर धुआं फैल गया। आसमान में उठते काले धुएं का गुबार लगभग तीन किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। समय रहते फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पास के गोदावरी और सारडा प्लांट से भी फायर टेंडर बुलाए गए। फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आग फैक्ट्री के तेल स्टोरेज तक नहीं पहुंच पाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया फैक्ट्री में आग लगते ही कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। सौभाग्य से इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि डंप यार्ड में रखे टायर पूरी तरह जलकर राख हो गए। जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस व फैक्ट्री प्रबंधन ने प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। हालांकि इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

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रायपुर: किराए के मकान से नक्सली दंपत्ति गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा इलाके से पुलिस ने एक नक्सली दंपत्ति को दबोच लिया। ये दोनों लंबे समय से शहर में रहकर नक्सल संगठन के लिए काम कर रहे थे।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम जग्गू उर्फ़ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) हैं। दोनों मूल रूप से बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और वर्ष 2017-18 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। फर्जी आधार से लिया किराए का मकान पुलिस जांच में सामने आया है कि दंपत्ति ने एक माह पहले ही इलाज का बहाना बनाकर मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक को कमला ने नकली आधार कार्ड दिया था, जिसमें उसकी पहचान बदल दी गई थी।सूत्रों के मुताबिक, जग्गू ने रायपुर के कई वरिष्ठ अधिकारियों के घरों में ड्राइवर और गार्ड की नौकरी भी की है। पुलिस की कार्रवाई इंटेलिजेंस से सूचना मिलने पर डीडी नगर पुलिस ने चंगोराभाठा स्थित मकान को घेरकर दबिश दी। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उनका असली चेहरा सामने आ गया।पुलिस ने मौके से कई दस्तावेज, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनसे नक्सली नेटवर्क से इनके संबंधों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। कोर्ट में पेशी गिरफ्तारी के बाद दोनों को बिलासपुर स्थित NIA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने महिला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया, जबकि रमेश कुरसम को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि दंपत्ति ने नक्सल संगठन को किस प्रकार की सूचनाएं दीं और किन-किन अफसरों के घरों में काम किया। बस्तर में नक्सलवाद घटा गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में बस्तर जिले को नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर किया है। सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी और सुरक्षा कैंप जैसी योजनाओं से अब नक्सलवाद का असर सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर तक सीमित रह गया है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में 287 नक्सली मारे गए, 1,000 गिरफ्तार हुए और 837 ने सरेंडर किया। 2018 में देशभर में नक्सल प्रभावित जिले 126 थे, जो अप्रैल 2024 तक घटकर 38 रह गए।

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छत्तीसगढ़: दिव्यांगों के नाम पर 1000 करोड़ का कथित घोटाला – हाईकोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के कल्याण के नाम पर चलाए गए स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRRC) में कथित 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की खंडपीठ ने इसे महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित और बड़े पैमाने पर हुआ भ्रष्टाचार बताया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी फंड को फर्जी कर्मचारियों और मशीनों के नाम पर निकालकर दुरुपयोग किया गया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी बेंच ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी को प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं। राज्य सरकार अपने उच्चाधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक की जांच अधूरी और असंगत है। इसलिए सीबीआई को दस्तावेज जब्त कर स्वतंत्र रूप से जांच पूरी करनी होगी। शुरुआत कैसे हुई साल 2004 में SRC की स्थापना दिव्यांगों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए की गई थी। 2012 में PRRC खोला गया, जो कृत्रिम अंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए था। लेकिन आरटीआई के जरिए सामने आया कि ये संस्थान केवल कागजों में सक्रिय थे और कर्मचारियों की नियुक्ति बिना किए ही वेतन और खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले गए। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर ने जनहित याचिका में दावा किया कि उनके नाम पर भी फर्जी रिकॉर्ड बनाकर वेतन निकाला गया, जबकि उन्होंने कभी वहां काम ही नहीं किया। जानकारी मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। ऑडिट और जांच में उजागर अनियमितताएं वित्त विभाग की जांच में 31 अनियमितताएं पाई गईं। SRC का 14 साल तक ऑडिट नहीं हुआ था। फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन उठाया गया, उपकरण खरीद के नाम पर कैश भुगतान हुआ, जबकि कृत्रिम अंग और मशीनें खरीदी ही नहीं गईं। 2019 में प्रबंधन समिति ने SRC को भंग कर खाते बंद कर दिए। किस पर लग रहे आरोप याचिका में पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका सिंह के साथ सात रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (विवेक ढांड, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीश पांडे, पीपी श्रोती) के नाम भी शामिल हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई आदेश नहीं दिया क्योंकि याचिका में उनके खिलाफ स्पष्ट मांग नहीं थी। कांग्रेस का बयान कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासन में हुए भ्रष्टाचार का यह बड़ा उदाहरण है। दिव्यांगजनों के लिए आवंटित 1000 करोड़ रुपये में किस तरह घोटाला हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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रायपुर: गंदगी और प्लास्टिक पर नगर निगम की कड़ी कार्रवाई, सरकारी शराब दुकान के अहाते पर ताला

रायपुर। राजधानी में स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के तहत नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है। निगम स्वास्थ्य विभाग और जोन-10 की टीम ने देवपुरी मेन रोड पर स्थित सरकारी शराब दुकान के पास चल रहे अहाते को गुरुवार को सील कर दिया। नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शराब दुकान के आसपास गंदगी फैल रही है और सफाई व्यवस्था ठप है। कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। जांच के दौरान अहाते में भारी गंदगी और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि देवपुरी की सरकारी शराब दुकान को भी नोटिस जारी किया जाएगा। अहाता संचालक द्वारा पैक पानी पाउच और डिस्पोजल जैसी सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री बेचे जाने पर सामान जब्त किया गया। साथ ही आसपास के दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। पुनः शिकायत मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही भी की जाएगी।

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CSEB कॉलोनी बिरगांव बिजली ऑफिस में वर्मा परिवार द्वारा 1–7 अक्टूबर श्री शिवमहापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक – पूज्य श्री नारायण महाराज जी

छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले के बिरगांव स्थित CSEB कॉलोनी बिजली ऑफिस परिसर में वर्मा परिवार और समस्त कॉलोनीवासियों के सहयोग से 1 अक्टूबर 2025 से 7 अक्टूबर 2025 तक श्री शिवमहापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के कथा व्यास पूज्य श्री नारायण महाराज जी होंगे, जो श्री राधे निकुंज आश्रम, जंजगिरी, भिलाई 03 से हैं।पूज्य महाराज जी शिक्षा, साहित्य और सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करते हैं और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। 📿 कार्यक्रम विवरण: 📍 स्थान: CSEB कॉलोनी, बिजली ऑफिस परिसर, बिरगांव, रायपुर (छ.ग.) कथा का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी उपलब्ध रहेगा, जिससे दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी लाभ उठा सकेंगे। 🙏 विशेष आमंत्रण:समस्त शिव भक्तों, वर्मा परिवार, कॉलोनीवासी एवं नगरवासी बिरगांव को इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होकर शिवमहापुराण कथा व महारुद्राभिषेक का पुण्य लाभ लेने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है। आयोजक: वर्मा परिवार एवं सीएसईबी कॉलोनी, बिरगांव, रायपुर (छ.ग.) के समस्त कॉलोनीवासी

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