Chhattisgarh

बिलासपुर में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: मौलाना पति पर क्रूरता और हत्या का आरोप, बिना पोस्टमॉर्टम शव दफनाया गया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक पांच माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसके मौलाना पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि महिला को पहले गर्म प्रेस से जलाया गया, पेट पर लात मारी गई और फिर जबरदस्ती टॉयलेट क्लीनर पिलाया गया। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमॉर्टम शव यूपी ले जाकर दफनाया घटना के बाद आरोपी मौलाना ने शव का पोस्टमॉर्टम कराए बिना उसे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित अपने पैतृक गांव ले जाकर दफना दिया। पड़ोसियों और मृतका के परिजनों ने मामले को लेकर बिलासपुर एसएसपी से शिकायत की है, जिसके बाद मिर्जापुर प्रशासन और पुलिस को शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए पत्र लिखा गया है। 11 जुलाई को हुआ था विवाद, 12 को बिगड़ी तबीयत यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तालापारा इलाके का है, जहां मौलाना कारी बशीर अहमद अपने तीन भाइयों के साथ रहता है और होटल संचालित करता है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई को उसकी पत्नी सलमा का किसी अन्य महिला को लेकर विवाद हुआ था। उसी रात कथित तौर पर कारी बशीर और उसके भाइयों ने मिलकर सलमा के साथ बर्बरता की। गर्भवती पर अत्याचार, बेटी ने दी सूचना 12 जुलाई को बशीर ने कथित तौर पर सलमा को टॉयलेट क्लीनर (हार्पिक) पिला दिया। हालत बिगड़ने पर महिला बेहोश हो गई। उस समय उसकी 10 वर्षीय बेटी ने मोहल्लेवालों को सूचना दी। जब पड़ोसी पहुंचे, तो देखा कि फर्श पर हार्पिक फैला था और चादर खून से सनी हुई थी। इसके बाद बशीर को कॉल किया गया, जिसने महिला को यूनिटी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में हुई मौत, अस्पताल से मिलीभगत का आरोप रात करीब 10:45 बजे सलमा की मौत हो गई। मोहल्लेवालों का आरोप है कि मर्ग रिपोर्ट से बचने के लिए मौलाना ने अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। फिर वह शव को चुपचाप एंबुलेंस से मिर्जापुर ले गया और बिना किसी को बताए 13 जुलाई को अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का आरोप – हत्या कर साक्ष्य मिटाया गया मृतका के भाई रागीब खान ने बताया कि सलमा की शादी 14 साल पहले हुई थी और वह लगातार दहेज व खर्च को लेकर प्रताड़ित की जा रही थी। पति बशीर के खिलाफ हत्या और सबूत छिपाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बशीर, उसके भाई अनस, फरीद, जेट नसीर, ससुर ईद्रीस और ननद सबीना भी सलमा को प्रताड़ित करते थे। निष्पक्ष जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग परिजनों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि सलमा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था, लेकिन असलियत छिपाई जा रही थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है और FIR दर्ज कर आरोपियों को सजा दिलाने की अपील की है। पोस्टमॉर्टम के लिए कब्र से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि मोहल्लेवालों की शिकायत के बाद जांच पहले से चल रही थी। अब मिर्जापुर के एसडीएम और स्थानीय पुलिस को पत्र भेजकर कब्र से शव निकालने और पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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3-लेयर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश: 11 राज्यों में करोड़ों का साइबर ठगी नेटवर्क, रायपुर से 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाईटेक मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेहद संगठित ढंग से मोबाइल चोरी कर, पासवर्ड क्रैक कर, लोगों के खातों से लाखों की रकम उड़ा देते थे। इन अपराधों को तीन लेयर में अंजाम दिया जाता था। जांच में अब तक करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन का खुलासा हो चुका है। सब्जी बाजार से हुई शुरुआत, मोबाइल चोरी से खुला राज यह मामला तब सामने आया जब गुढ़ियारी के पहाड़ी चौक स्थित सब्जी बाजार में एक युवक के मोबाइल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पीड़ित मुन्नालाल पटेल, जो नागरिक आपूर्ति निगम में ड्राइवर हैं, सब्जी लेने पहुंचे थे। उसी दौरान किसी ने उनकी शर्ट की जेब से मोबाइल पार कर लिया। कुछ देर बाद पता चला कि उनके फोन-पे से 99 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल अनलॉक पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल चोरी के बाद टेक एक्सपर्ट की मदद से डिवाइस का लॉक तोड़ते थे। फिर UPI ऐप्स से खातों से पैसे निकालकर अपने या गैंग से जुड़े अन्य खातों में भेज देते थे। पैसा जल्द ही विभिन्न अकाउंट्स में घूमकर ATM से निकाला जाता था, ताकि ट्रैक न हो सके। बंगाल और झारखंड से जुड़े तार, 6 आरोपी दबोचे गए फोन-पे से ट्रांसफर हुए पैसों की जांच में पुलिस को कोलकाता निवासी मुकेश कुमार के बैंक खाते का सुराग मिला। लेकिन असल इस्तेमालकर्ता थे शेख सुलेमान उर्फ राजन और अंकित शर्मा, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी पूछताछ में गिरोह के झारखंड (साहेबगंज) और पश्चिम बंगाल में फैले नेटवर्क का पता चला। इसके बाद पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी चोरी के मोबाइल से बैंकिंग ऐप्स खोलकर फोन-पे और पेटीएम से रकम ट्रांसफर करते थे। मोबाइल डेटा से सामने आया करोड़ों का लेनदेन एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइलों की जांच में करोड़ों की साइबर फ्रॉड ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस को इस रैकेट की गतिविधियों के सबूत 11 राज्यों में मिले हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की जांच तेज़ कर दी गई है।

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रायपुर में भीषण सड़क हादसे में मंत्री के भतीजे की मौत: स्पोर्ट्स बाइक डिवाइडर से टकराई, हेलमेट नहीं पहना था

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे निखिल कश्यप की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसा बुधवार सुबह नवा रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुआ, जब तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि निखिल करीब 40 फीट दूर जा गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेज रफ्तार ने ली जान, बाइक के उड़े परखच्चे पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त निखिल अपने दोस्तों के साथ रायपुर से सत्य साईं अस्पताल की ओर जा रहा था। तीन बाइक पर चार युवक सवार थे। निखिल की स्पोर्ट्स बाइक पर उसका एक दोस्त पीछे बैठा था। हाई स्पीड के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और निखिल दूर जा गिरा। हेलमेट नहीं पहना था, दोस्त गंभीर रूप से घायल हादसे के वक्त न तो निखिल और न ही उसका साथी हेलमेट पहने हुए थे। हादसे में पीछे बैठा दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका निजी अस्पताल में इलाज जारी है। मौके पर पहुंची 112 की टीम ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया और निखिल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी और मंत्री घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी लाल उमेद सिंह और मंत्री केदार कश्यप मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। निखिल का अंतिम संस्कार बुधवार शाम 5 बजे उनके गृहग्राम फरसागुड़ा में किया जाएगा। राजनीतिक परिवार से था ताल्लुक निखिल कश्यप बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के पुत्र थे, जबकि उनकी मां वेदवती कश्यप बस्तर जिला पंचायत की वर्तमान अध्यक्ष हैं। हादसे की खबर फैलते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई। सीएम सहित कई नेताओं ने जताया शोक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया। साथ ही डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा और पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से दुख प्रकट किया है। सभी ने परिवार को इस असामयिक दुःख में धैर्य की शक्ति मिलने की कामना की है।

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उरकुरा के अटल उद्यान में प्रमा फाउंडेशन का औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम संपन्नदिनांक: 20 जुलाई 2025 | स्थान: अटल उद्यान, उरकुरा

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रमा फाउंडेशन द्वारा उरकुरा स्थित अटल उद्यान में शनिवार को विशेष औषधीय पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस पहल के अंतर्गत कई तरह के औषधीय पौधों का रोपण किया गया, जिससे न केवल क्षेत्र की हरियाली में वृद्धि हो, बल्कि लोगों को इन पौधों के औषधीय लाभों की जानकारी भी मिल सके। कार्यक्रम में फाउंडेशन के सक्रिय सदस्यों – सौरभ, गुलशन, दुर्गेश, भूपेन्द्र, मुकेश, चेतन, राजकुमार और मनीष जी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे मनोयोग से श्रमदान किया। उनकी इस समर्पित सहभागिता के लिए संस्था ने हृदय से धन्यवाद प्रकट किया। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक पियूष साहू ने बताया कि औषधीय पौधे वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ अनेक बीमारियों के उपचार में भी उपयोगी होते हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे भी आगे आकर ऐसे अभियानों से जुड़ें और प्रकृति के संरक्षण में भागीदार बनें। संदेश:“हर पौधा एक वरदान है – आज लगाइए, कल बचाइए।”

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बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत यहीं से होती है! TAEKWONDO TRAINING at ईश्वर पब्लिक हाई सेकेंडरी स्कूल, बिरगांव, रायपुर (छत्तीसगढ़)

✅ आत्मरक्षा | ✅ फिटनेस | ✅ आत्मनिर्भरता आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा, आत्मविश्वास और फिटनेस कोई विकल्प नहीं — ये हर माता-पिता की ज़िम्मेदारी है। अब अपने बच्चे को बनाइए मानसिक रूप से निडर और शारीरिक रूप से मजबूत।हम लेकर आए हैं — कोरियन मार्शल आर्ट्स TAEKWONDO का विशेष प्रशिक्षण, जो देगा आपके बच्चे को सम्पूर्ण विकास का मंच: 🥋 ट्रेनिंग में शामिल हैं: 🎯 यह सिर्फ एक क्लास नहीं, बल्कि भविष्य के ओलंपिक, मेरिटसन और यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स चैम्पियनों की तैयारी है।प्रशिक्षण देंगे:👨‍🏫 श्री वीरेंद्र कुमार जी — अनुभवी और सर्टिफाइड कोच, जिन्होंने दर्जनों बच्चों को आत्मरक्षा से आत्मविश्वास तक की यात्रा कराई है। 🏆 13 जुलाई – TAEKWONDO COLOUR BELT EXAM 6 महीने की कठिन मेहनत और समर्पण के बाद बच्चों ने White, Green और Blue Belt परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया।उनकी टेक्निक, स्पीड और आत्मविश्वास ने सभी को प्रभावित किया। 📣 विशेष अतिथि:बजरंग दल के श्री रमन नायडू, भूपेंद्र सिंह, और शिवचरण साहू जी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। 📍 स्थान: ईश्वर पब्लिक हाई सेकेंडरी स्कूल, बिरगांव, रायपुर (छत्तीसगढ़) 📞 अडमिशन के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है।👉 अभी संपर्क करें और अपने बच्चे को बनाएं आत्मनिर्भर, अनुशासित और निडर!

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डॉक्टर दंपति की रहस्यमयी मौत का राज फाश – 8 साल बाद ड्राइवर निकला हत्यारा!

कवर्धा, 6 जुलाई 2025कवर्धा में आठ साल पुराने डॉक्टर दंपति हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। साल 2017 में हुई इस रहस्यमयी मौत को पहले आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में यह साबित हो गया है कि यह सुनियोजित हत्या थी – और वो भी किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि खुद दंपति के चालक द्वारा। आखिर क्या है पूरा मामला? 2017 में डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी ऊषा सूर्यवंशी अपने घर में मृत पाए गए थे। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला मान लिया गया था, लेकिन घटनास्थल से मिले साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट ने इस पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या की आशंका के आधार पर दोबारा जांच शुरू की। 8 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद बड़ा खुलासा मामले की जांच में सालों लग गए क्योंकि मुख्य संदिग्ध घटना के बाद से ही फरार था। कई बार जांच ठहर सी गई, लेकिन पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे और अब सामने आया है कि इस हत्या के पीछे डॉक्टर दंपति का निजी ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू था। घटना के तुरंत बाद से वह भूमिगत है और अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपी की तलाश में इनाम की घोषणा कबीरधाम के एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने आरोपी की जानकारी देने पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया है, जबकि रायपुर रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने ₹30,000 की अतिरिक्त राशि घोषित की है। यानी कुल ₹40,000 इनाम उस व्यक्ति को दिया जाएगा, जो सत्यप्रकाश साहू के बारे में सटीक जानकारी देगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल: कब होगी गिरफ्तारी? हत्याकांड का पर्दाफाश भले ही हो गया हो, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। अब देखना होगा कि क्या पुलिस उसे जल्द सलाखों के पीछे पहुंचा पाएगी। 🔍 प्रमुख तथ्य: 📢 नागरिकों से अपील: यदि आपके पास सत्यप्रकाश साहू या इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करें। आपकी एक जानकारी न्याय की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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Birgaon: Acholi दर्री तालाब की बदहाली से नाराज ग्रामीण, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों पर जताया आक्रोश

रायपुर |बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के अछोली गांव में स्थित दर्री तालाब की हालत बेहद चिंताजनक हो गई है। तालाब चारों ओर से गंदगी से घिरा है, और उसका पानी हरा पड़ चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधि तालाब की हालत सुधारने को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। विधायक और पार्षद के आश्वासन रह गए अधूरे ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू ने छह महीने पहले तालाब की सफाई कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, नगर निगम पार्षद राजवती निषाद पर भी लोगों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नालियों का पानी और गंदगी पहुंच रही तालाब में तालाब अछोली गांव के लोगों के लिए स्नान और दैनिक उपयोग का प्रमुख स्रोत है। लेकिन इसमें अब आसपास के घरों का गंदा पानी, नालियों की गंदगी और कचरा जाकर मिल रहा है। इससे न केवल तालाब की सुंदरता नष्ट हो रही है, बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। अधूरी पड़ी लाइटिंग व्यवस्था तालाब के किनारों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना छह महीने पहले बनाई गई थी। खंभे लाने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन अब तक न तो पोल लगाए गए और न ही लाइटें लगाई गईं। इसके चलते रात में अंधेरा छाया रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बुनियादी सुविधाओं का टोटा ग्रामीणों ने बताया कि भले ही अछोली गांव बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां की स्थिति किसी उपेक्षित गांव से कम नहीं है। साफ-सफाई, जल निकासी और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। ग्रामीणों की मांग गांववासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वे चाहते हैं कि: ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन की राह भी अपना सकते हैं।

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राजधानी में बांग्लादेशी घुसपैठ का नेटवर्क फैला, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए छह घुसपैठियों और उनके एक सहयोगी को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि ये वही गिरोह है जिसके तीन सदस्य हाल ही में मुंबई में इराक भागने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। हालांकि, अभी तक उन्हें भारत में पनाह देने और दस्तावेज बनवाने में सहायता करने वाले लोग पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। स्थानीय मददगारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहींपुलिस की जांच में सामने आया है कि रायपुर में करीब एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के सहारे रह रहे हैं। लेकिन इन अवैध गतिविधियों में शामिल स्थानीय लोगों, खासकर दलालों और जनप्रतिनिधियों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना थानाराज्य में डिटेंशन सेंटर न होने के चलते टिकरापारा थाने को फिलहाल अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना दिया गया है, जहां हाल ही में पकड़े गए 10 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। ‘अनलिमिटेड अंडा योजना’ के पीछे संदिग्ध मंशागिरफ्तार दिलावर खान ने लोगों से संपर्क बनाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू की थी— “निश्चित राशि में अनलिमिटेड अंडा रेसिपी”। उसके अंडे के ठेले के जरिए वह धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाता गया। अब पुलिस को शक है कि इस योजना के पीछे कुछ और ही मकसद छिपा था। पार्षदों की भूमिका पर सवालतीन अलग-अलग मामलों में यह बात सामने आई है कि कुछ पूर्व पार्षदों ने घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज बनवाने, आवास दिलवाने और पहचान छिपाने में मदद की। बावजूद इसके, इन नेताओं के खिलाफ अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है। रीवा से नहीं मिला कोई पुख्ता प्रमाणगिरफ्तार बांग्लादेशी दंपति ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा जिले के चाकघाटा इलाके से आठवीं कक्षा की फर्जी अंकसूची बनवाई थी। टिकरापारा थाना पुलिस वहां जांच करने गई, लेकिन किसी पक्के सबूत का पता नहीं चल सका। फर्जी दस्तावेज बनाने में कर्मचारी की भूमिकादिलावर खान के अंडा ठेले में काम करने वाला उसका कर्मचारी भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में सहयोगी था। इसी की मदद से दिलावर ने फर्जी अंकसूची हासिल की थी। पूरे मामले में पुलिस को अभी और खुलासों की उम्मीद है, लेकिन अब तक असली मास्टरमाइंड और दस्तावेज तैयार करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

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फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला हसन आबिदी गिरफ्तार, महिला पटवारी के पति से ठगे थे 1 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खुद को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और ईडी का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाला हसन आबिदी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। टिकरापारा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। कैसे करता था ठगी का खेल:हसन खुद को जांच एजेंसियों का अफसर बताकर जमीन कारोबारियों और सरकारी कर्मचारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देता था। वह नेताओं के साथ खिंचवाए गए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को रसूखदार साबित करता और इसी डर से लोग चुप रहते थे। एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला आया सामनेमहिला पटवारी के पति राजेश सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि हसन ने पिछले एक साल में किस्तों में उससे एक करोड़ रुपये वसूले। वह बार-बार और पैसे मांग रहा था और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा था। मजबूरी में शिकायतकर्ता ने कर्ज लेकर और पत्नी के गहने बेचकर पैसे दिए। लगातार मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के बाद उसने पुलिस की मदद ली। जमीन कारोबारियों को बनाता था निशानाजांच में पता चला है कि हसन मुख्य रूप से जमीन और प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों को टारगेट करता था। वह उनकी जमीन को विवादित बताकर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता और बड़ी रकम वसूलता था। नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाता था रौबहसन पिछले पांच साल से इस तरह की ठगी में शामिल था। वह नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालता था, ताकि लोग उसे प्रभावशाली समझें और डर के मारे शिकायत ना करें। पुलिस को शक है कि हसन ने और भी कई लोगों को अपने जाल में फंसाया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करने वाली है।

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बिरगांव की मिनी आंगनबाड़ियों की बदहाली उजागर: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं शौचालय, ना ही पर्याप्त जगह

बिरगांव (रायपुर)। छत्तीसगढ़ की राजधानी से सटे बिरगांव क्षेत्र में मिनी आंगनबाड़ियों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्डों में संचालित अधिकांश मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे छोटे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, बिरगांव के हर वार्ड में न्यूनतम 3 से 4 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में 0 से 3 वर्ष के करीब 20 बच्चे और 3 से 6 वर्ष तक के 25 से 30 बच्चे नियमित रूप से आते हैं। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या भी 8 से 14 के बीच होती है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इन केंद्रों में न तो बच्चों के लिए पर्याप्त स्थान है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा। 300 वर्गमीटर के मानक की जगह सिर्फ 150-200 वर्गफुट में चल रही हैं आंगनबाड़ियां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार, एक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र का कुल क्षेत्रफल 300 वर्गमीटर होना चाहिए, जिसमें एक कमरा, बरामदा, खेल का मैदान और शौचालय होना अनिवार्य है। लेकिन बिरगांव के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ 150 से 200 वर्गफुट क्षेत्रफल में ही संचालित हो रहे हैं। बच्चों को खुले में शौच जाने की मजबूरी सबसे गंभीर समस्या इन केंद्रों में शौचालय की अनुपस्थिति है। बच्चों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है, जिससे उनकी स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में सीखी गई आदतें ही भविष्य में व्यवहार बनती हैं। ऐसे में स्वच्छता की बुनियादी शिक्षा और संसाधनों का अभाव बच्चों की जीवनशैली को प्रभावित कर रहा है। केंद्रों की जमीनी हकीकत पोषण की व्यवस्था बेहतर, लेकिन जगह और स्वच्छता चिंता का विषय सभी केंद्रों में पोषण योजना के तहत बच्चों को Ready-to-Eat नाश्ता और दोपहर में दाल-चावल, सब्जी, रोटी जैसे भोजन नियमित रूप से दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को भी पोषक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन केंद्र की सीमित जगह में भोजन बनाना, बच्चों की पढ़ाई और खेल गतिविधियां सब कुछ एक ही स्थान पर करना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिम्मेदारों से जवाबदेही तय करने की मांग स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि केंद्रों की भौतिक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त स्थान जरूरी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक केंद्र में शौचालय की सुविधा हो और बच्चों को साफ-सुथरा माहौल मिले। यह मुद्दा न केवल बाल विकास बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा से भी जुड़ा है। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों को इस पर त्वरित और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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