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संतों ने अमित बघेल के बयानों को बताया गलत, 5 हजार का इनाम घोषित

रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल पर 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार बघेल गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के घरों में छिप रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि अमित बघेल की जल्द गिरफ्तारी होगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग भी कर सकते हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट में कैविएट दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अमित बघेल को कोई अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। संतों ने जताया विरोधअखिल भारतीय संत समिति ने रायपुर के दूधाधारी मठ में एक विशेष बैठक में अमित बघेल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में छत्तीसगढ़ी-सिंधी समाज के संत भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बघेल के बयान गलत हैं और छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। बैठक में महंत रामसुंदर दास, राजीव लोचन महाराज, महा मंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, रामरूप दास, सीताराम दास, बसंत बिहारी दास, राधामोहन दास, अवधबिहारी दास और संत युधिष्ठर लाल उपस्थित थे। राजनीतिक बयानबाज़ीपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसी धर्म या महापुरुष के खिलाफ बयान देना पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान है और कानून-व्यवस्था का पालन न होना इस स्थिति की वजह है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। वहीं, बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने भूपेश पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का जहर बोया है और पुलिस अमित बघेल को भगोड़ा घोषित कर कार्रवाई कर रही है। सिंधी और अग्रवाल समाज का विरोध‘बिग बॉस 13’ में नजर आ चुके विकास पाठक उर्फ़ हिंदुस्तानी भाऊ ने भी अमित बघेल के विवादित बयानों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की वजह से पूरे धर्म और देवी-देवताओं के प्रति गलत धारणा नहीं बननी चाहिए। अमित बघेल के विवादित बयानों के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेश और देशभर में प्रदर्शन किया। रायपुर और अन्य जिलों में FIR दर्ज कराई गई। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के सलाहकार अनूप मसंद ने बताया कि समाज नाराज है और पुलिस में शिकायत की गई। मूर्ति विवाददरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़ा गया। घटना के बाद पुलिस और क्रांति सेना के सदस्यों के बीच झड़प हुई। मूर्ति को पुनः स्थापित कर दिया गया। आरोपी मनोज सतनामी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया है। अमित बघेल ने 27 अक्टूबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज पर विवादित टिप्पणी की थी। उनके इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज नाराज हो गया। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमातेलीबांधा तालाब के पास 2022 में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा राज्य की कृषि प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। इसमें मातृ स्वरूपा महिला को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान और आभूषणों में दर्शाया गया है। एक हाथ में धान की बालियां, दूसरे में दीपक और सिर पर मुकुट है।

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सड़क पर मवेशियों की हाजिरी पर कड़ा एक्शन: 192 में से 140 निकायों ने नहीं भेजी रिपोर्ट, 904 पशु मालिकों से वसूला 20 हजार का जुर्माना

राज्य सरकार सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े पर गंभीर है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक महीने तक लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही हर हफ्ते इस अभियान की रिपोर्ट भेजने का आदेश भी जारी किया गया। लेकिन अधिकांश नगर निकायों ने इस निर्देश की अनदेखी की। रिपोर्ट न भेजने और कार्रवाई न करने पर अब उन्हें रिमाइंडर भेजकर काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि शहर के 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में भी पशुओं की निगरानी की जाए। आवारा और घुमंतू पशुओं को हटाने, उनके मालिकों को जागरूक करने और सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सड़कों पर रात में होने वाले हादसों को रोकने के लिए आवारा पशुओं पर रेडियम स्ट्रिप लगाने, प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और सड़क संकेतक बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थितिप्रदेश के 192 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में से 140 निकायों ने अभी तक इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। जिन्होंने कार्रवाई की, उनके मुताबिक 917 सड़कों पर कुल 2,323 मवेशी पकड़े गए, जबकि 3,600 पशु मालिकों को समझाइश दी गई। इस दौरान 904 पशु मालिकों से कुल 20,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया। खास बात यह है कि राजधानी रायपुर और बिरगांव में मवेशियों के जमावड़े के बावजूद कोई भी पशु मालिक दंडित नहीं हुआ। वहीं, कुरुद में एक पशु मालिक से केवल 100 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पशु मालिकों की पहचान और कानूनी कार्रवाईअब सड़कों पर पाए जाने वाले मवेशियों के मालिकों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस और जुर्माना के अलावा, खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसका उद्देश्य है कि सड़क हादसों को रोकने के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

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व्हीलचेयर फेंसिंग वर्ल्डकप: बिलासपुर के हरिहर सिंह राजपूत टीम इंडिया में, लेकिन आर्थिक संकट के कारण यात्रा मुश्किल

थाईलैंड के नखोन राचासीमा में 17 से 24 नवंबर तक होने वाले व्हीलचेयर फेंसिंग वर्ल्डकप के लिए भारतीय टीम में 8 खिलाड़ियों को चुना गया है। इस टीम में छत्तीसगढ़ से शामिल एकमात्र खिलाड़ी बिलासपुर के हरिहर सिंह राजपूत हैं। हरिहर ने इस साल चेन्नई में हुए राष्ट्रीय व्हीलचेयर तलवारबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था, जिसके कारण उन्हें वर्ल्डकप के लिए चयनित किया गया। लेकिन हरिहर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए भी पैसे नहीं हैं। उन्होंने इस बारे में कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है। खेल विभाग को उनका आवेदन भेज दिया गया है, लेकिन अब तक आवश्यक राशि जारी नहीं हो पाई है। हरिहर वर्तमान में सरकंडा स्थित अटल आवास में रहते हैं। उनके पिता, मानसिंह राजपूत, घर का पालन-पोषण गुपचुप ठेला चलाकर करते हैं। वर्ल्डकप में हिस्सा लेने के लिए हरिहर को एंट्री फीस, होटल, भोजन, एयर टिकट, रजिस्ट्रेशन, क्लासिफिकेशन और रेफरी फीस के लिए लगभग ₹2,16,200 की जरूरत है। उन्होंने अपने परिचितों से कुछ उधार लिया है और उम्मीद जताई है कि विभाग से राशि जल्दी जारी होगी, जिससे आर्थिक दबाव कम होगा। हरिहर सिंह पिछले 13 वर्षों से राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 2012 से अब तक 20 से अधिक पदक जीते हैं, जिनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य शामिल हैं। उन्हें राजीव पांडेय अवार्ड भी मिल चुका है। लेकिन राज्य की खेल नीति का लाभ खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान होने के बावजूद, 2017 से उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी नहीं की गई है। इसके चलते कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों की ओर चले गए, जबकि कुछ की उम्र बढ़ जाने के कारण अब यह अवसर उनके लिए संभव नहीं रहा। कुछ खिलाड़ियों का अब निधन भी हो चुका है, जिनमें बलौदाबाजार के दिलीप साहू, तखतपुर के कोमल मरकाम, बिलासपुर के सुखदेव कुमार और मुंगेली के शिवचरण शामिल हैं। इस तरह के हालात दर्शाते हैं कि खेलों में दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचान देने और उनका सही समर्थन करने में अब भी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

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छत्तीसगढ़ में 4708 शिक्षकों की भर्ती जल्द, हिंदी और संस्कृत जैसे विषयों के पद शामिल

राज्य में 4708 पदों पर शिक्षकों की भर्ती जल्द आयोजित की जाएगी। वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद इसके लिए तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस भर्ती का खास पहलू यह है कि इसमें हिंदी, संस्कृत और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्याता पद भी शामिल होंगे, जो पिछले दस साल में दो बार आयोजित हुई भर्तियों में नहीं थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में व्यापमं को भर्ती के आयोजन के लिए पत्र भेजा है। संभावना है कि आने वाले दिनों में आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस बार भर्ती के तहत सहायक शिक्षक, विज्ञान प्रयोगशाला शिक्षक, व्याख्याता और पीटीआई के पद भरे जाएंगे। पहले जुलाई में 5000 पदों पर भर्ती की योजना बनाई गई थी, लेकिन कंप्यूटर और योग के 146-146 पदों को घटाकर कुल 4708 पदों पर मंजूरी दी गई। भर्ती में विभिन्न विषयों में पद इस प्रकार होंगे: छत्तीसगढ़ में पिछली भर्तियों पर नजर डालें तो 2019 में लगभग 14 हजार और 2023 में 12,489 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। 2019 में व्याख्याता पदों में अंग्रेजी, रसायन, वाणिज्य, गणित, भौतिकी और जीवविज्ञान शामिल थे। इस भर्ती की परीक्षा सत्र 2025-26 में आयोजित करने की योजना है।

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छत्तीसगढ़ में दवा आपूर्ति कंपनियों की ब्लैकलिस्टिंग: CGMSC ने कड़ा एक्शन लिया, तीन दवाइयां अमानक पाई गईं

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने राज्य में दवा आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाया है। हाल ही में हुई लैबोरेटरी जांच में तीन दवाओं को अमानक (Not of Standard Quality – NSQ) पाया गया, जिसके बाद संबंधित कंपनियों को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई CGMSC की गुणवत्ता आश्वासन नीति और मरीजों तक सुरक्षित दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। अमानक पाई गई दवाएं और आपूर्तिकर्ता जांच में मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा सप्लाई की गई निम्नलिखित दवाएं अमानक पाई गईं: इसी तरह, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, वडोदरा (गुजरात) द्वारा सप्लाई की गई हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP भी सरकारी प्रयोगशालाओं और सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक साबित हुई। सभी जांचें NABL (नेशनल अक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में की गईं। ब्लैकलिस्टिंग की अवधि और प्रभाव CGMSC ने स्पष्ट किया है कि तीनों उत्पादों को तुरंत प्रभाव से तीन साल की अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। इस अवधि के दौरान ये कंपनियां किसी भी नई निविदा में भाग नहीं ले सकेंगी। CGMSC ने यह कदम केवल नियमों का पालन कराने और मरीजों तक गुणवत्ता युक्त दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस CGMSC ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता हमेशा मरीजों तक सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त दवाओं को पहुंचाना है। इस दिशा में कंपनी लगातार निम्नलिखित कदम उठा रही है: साथ ही, CGMSC ने यह भी बताया कि सभी कार्रवाई CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के तहत की गई हैं। CGMSC का कहना है कि उनका उद्देश्य राज्य के मरीजों को केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं प्रदान करना है और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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रायपुर में तेज रफ्तार कार ने ली महिला की जान लगभग – हादसा CCTV में कैद, आरोपी अब भी फरार

रायपुर। राजधानी के आजाद चौक थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मंगलम भवन के सामने सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रही महिला को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। टक्कर लगते ही महिला सड़क पर गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने तुरंत उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना 6 नवंबर की रात करीब 10 बजे की है। पुलिस के अनुसार, घायल महिला का नाम फरहाद नाज है, जो अपने बच्चे को ट्यूशन से घर लाने जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने पीछे से उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला कुछ मीटर दूर जाकर गिर पड़ीं। CCTV फुटेज में साफ दिखा हादसापास के CCTV कैमरे में घटना के पल-पल की तस्वीरें कैद हुई हैं। वीडियो में नजर आता है कि आरोपी युवक तेज गति से गाड़ी चला रहा था और सामने चल रही महिला को देखे बिना लापरवाहीपूर्वक टक्कर मार देता है। हादसे के बाद आरोपी बिना रुके मौके से फरार हो जाता है। परिजनों का आरोप – शराब के नशे में था आरोपीघटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि गाड़ी काफी तेज रफ्तार में थी। वहीं, घायल महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक शराब के नशे में था। हालांकि पुलिस ने बताया कि इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। पुलिस ने शुरू की जांचआजाद चौक थाना पुलिस ने घटना के CCTV फुटेज जब्त कर लिए हैं और फरार आरोपी की तलाश में टीम लगाई गई है। वाहन की पहचान करने के लिए फुटेज को ज़ूम कर नंबर ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों में आक्रोशघटना के बाद क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि रात के समय यहां लगातार तेज रफ्तार से वाहन चलाए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करवाया जाए। फिलहाल घायल महिला अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं। पुलिस आरोपी वाहन चालक की तलाश में जुटी है और कहा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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रायपुर में मामूली रकम को लेकर हमला: 1000 रुपए के लिए युवक ने मामा के पेट में घोंपी कैंची, आरोपी फरार

रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां डिपरापारा इलाके में मछली पकड़ने गए एक व्यक्ति पर उसके ही परिचित ने कैंची से हमला कर दिया। विवाद की वजह सिर्फ 1000 रुपए बताई जा रही है। हमले में घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इंद्रप्रस्थ डिपरापारा निवासी राजकरण यादव ने बताया कि 10 नवंबर की शाम करीब 5 बजे वह अपने मामा देवेन्द्र यादव के साथ डिपरापारा ईंट भट्ठा के पास खारुन नदी किनारे मछली पकड़ने गया था। उसी दौरान वहां दीपक साहू नाम का युवक भी मौजूद था। बताया जाता है कि दीपक ने देवेन्द्र यादव से तत्काल 1000 रुपए मांगे। जब उसने पैसे देने से इंकार किया तो दीपक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने जेब से कैंची निकाली और देवेन्द्र यादव के पेट में वार कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल देवेन्द्र यादव को परिजनों ने तुरंत एम्स रायपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे किसान: ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप बंद, ऑपरेटरों की हड़ताल से अटकी खरीदी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन किसानों के लिए यह प्रक्रिया फिलहाल मुश्किलों से भरी दिख रही है। धान बेचने के लिए जरूरी ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप कई दिनों से काम नहीं कर रहा और कंप्यूटर ऑपरेटरों की राज्यव्यापी हड़ताल ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। नतीजा — किसानों का न तो पंजीयन हो पा रहा है, न ही टोकन जारी किए जा रहे हैं। ऐप ठप, पंजीयन प्रक्रिया ठप धान बेचने के लिए पहले किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन करना पड़ता है, जिसके बाद ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से टोकन लिया जाता है। लेकिन इन दिनों ऐप लॉगइन नहीं हो रहा। यूजर्स को “टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है” का संदेश दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐप का नया संस्करण अभी तक प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, जिससे सर्वर कनेक्शन बाधित हो गया है। लाखों किसान पंजीयन से वंचित प्रदेश के 7 लाख से अधिक किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं। तकनीकी खराबियों, डेटा त्रुटियों और खसरा-खतौनी के मिलान में समस्या के कारण कई आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। कई जिलों में वेबसाइट घंटों तक डाउन रहने से किसानों को सोसायटी और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत प्रदेशभर के कंप्यूटर ऑपरेटर वेतनवृद्धि, नियमितीकरण और चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे 19 नवंबर को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। अगस्त में भी हड़ताल के कारण पंजीयन कार्य ठप पड़ा था, और अब खरीदी से ठीक पहले वही स्थिति दोबारा बन गई है। किसानों ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था भारतीय किसान संघ के तेजराम विद्रोही ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन या टोकन नहीं हो पा रहा, उन्हें सोसायटी स्तर पर ऑफलाइन पंजीयन की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में हजारों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। नए नियमों से और बढ़ी परेशानी इस बार धान विक्रय के लिए किसानों को रकबा सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि डिजिटल गिरदावरी सर्वे के बाद यह प्रक्रिया दोबारा कराना बेवजह का झंझट है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — जब पंजीयन और टोकन दोनों अटके हैं, तो 15 नवंबर से धान खरीदी आखिर कैसे शुरू होगी?

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रायपुर: शादी समारोह में मेहमान बनकर चोरी — स्टेज पर फोटो खिंचवाते रहे लोग, पीछे से शगुन का बैग और नकदी ले उड़े युवक

रायपुर के गुढ़ियारी इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में दो युवक मेहमान बनकर पहुंचे और मौका मिलते ही शगुन का बैग, कैश और चांदी की मूर्तियां चुरा ले गए। यह वारदात ओशो भवन मैरिज गार्डन में हुई थी, और पूरी घटना शादी के वीडियोग्राफर के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाल शर्ट पहना एक युवक चोरी करते हुए नजर आ रहा है, जबकि उसी समय स्टेज पर मेहमान फोटो खिंचवा रहे थे। पुलिस के अनुसार, 6 नवंबर को राजपूत परिवार के विवाह समारोह के दौरान यह चोरी हुई। सभी लोग जश्न में व्यस्त थे और इसी बीच आरोपियों ने टेंट का कपड़ा काटकर पीछे से वारदात को अंजाम दिया। जब घरवालों ने देखा कि शगुन का बैग और अन्य सामान गायब हैं, तो उन्होंने तुरंत गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता नितेश राजपूत ने बताया कि उनकी पत्नी का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन और शादी के गिफ्ट रखे हुए थे। पुलिस ने जांच के दौरान ओशो भवन और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की और शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग भी खंगाली। इसी रिकॉर्डिंग में एक आरोपी की हरकतें सामने आईं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन मानिकपुरी उर्फ लल्ला (19), निवासी नर्मदापारा और किशन साहू (21), निवासी चूना भट्‌टी, रायपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी का सामान — चांदी की मूर्ति, बिछिया, ₹14,600 नकद, मोबाइल और पर्स — कुल मिलाकर लगभग ₹60,000 की संपत्ति जब्त की है। गुढ़ियारी थाना प्रभारी बीएल चंद्राकर ने बताया कि शादी के वीडियोग्राफर की रिकॉर्डिंग इस केस को सुलझाने में सबसे अहम सबूत साबित हुई। समय पर कार्रवाई से दोनों चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।

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हत्या के आरोपियों का जुलूस निकालकर पुलिस ने दी सख्त चेतावनी: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, सड़क पर बैठाकर किया दंडित

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद मोहन नगर पुलिस ने आरोपियों का इलाके में जुलूस निकाला और सड़क पर बैठाकर उन्हें डंडे से सजा दी। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से नारे भी लगवाए — “क्राइम करना पाप है, पुलिस हमारा बाप है।” घटना की पूरी कहानी मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र के शंकर नगर का है, जहां 9 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे युवक योगेश विश्वकर्मा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपी तुषार, चंदन और तिलक ने योगेश पर घर के पास हमला कर दिया था। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने योगेश को मृत घोषित कर दिया। पत्नी पर टिप्पणी से भड़के आरोपी जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ एक आपत्तिजनक टिप्पणी थी, जो मृतक ने आरोपी तुषार की पत्नी को लेकर की थी। इसी रंजिश के चलते तीनों आरोपियों ने योगेश को बात करने के बहाने बुलाया और फिर चाकू से हमला कर हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया — घटना में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इलाके में निकाला गया जुलूस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शंकर नगर इलाके में आरोपियों को पैरों में बेड़ियां डालकर सड़क पर बैठाया और इलाके में घुमाकर जुलूस निकाला। इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में भय और जनता में विश्वास कायम करना बताया गया है।

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