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बेलतरा की 75 साल पुरानी नेवसा सिंचाई योजना को मंजूरी, 48.92 करोड़ से 1800 हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी

छत्तीसगढ़ के बेलतरा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना को आखिरकार सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब 75 वर्षों के इंतजार के बाद इस परियोजना के लिए 48.92 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के लागू होने से लगभग 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इस योजना की स्वीकृति में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त किया है। लिफ्ट इरिगेशन से खेतों तक पहुंचेगा पानी विधायक के अनुसार, नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना के तहत लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रणाली में जल स्रोत से पानी को पंप या मोटर की मदद से ऊपर उठाकर पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाता है। इससे ऊंचाई पर स्थित खेतों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई परियोजना के तहत खारंग जलाशय से सोलर पंप और पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1400 हेक्टेयर खरीफ और 400 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल मिलाकर करीब 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा। 15 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फायदा इस योजना से नेवसा, गिधौरी, कर्रा, जाली, टेकर, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हु, बेलतरा, कड़री, सलखा और लिम्हा सहित 15 से अधिक गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि खूंटाघाट बांध के पास होने के बावजूद इस क्षेत्र के किसान दशकों से सिंचाई सुविधा के अभाव में खेती में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अब योजना के क्रियान्वयन से किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों और किसानों ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए राज्य सरकार और विधायक सुशांत शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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बिलासपुर में हनी ट्रैप का मामला: बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाकर युवक का वीडियो बनाया, 1 लाख की ब्लैकमेलिंग

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हनी ट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने बेटे के जन्मदिन का बहाना बनाकर एक युवक को घर बुलाया और फिर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी महिला युवक से 1 लाख रुपये की मांग कर रही थी। यह पूरा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक और आरोपी महिला एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों के गांव भी पास-पास हैं। बर्थडे पार्टी के बहाने घर बुलाया शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी को महिला ने अपने बेटे के जन्मदिन का हवाला देकर युवक को घर बुलाया था। जब युवक वहां पहुंचा, तो घर में उसकी एक महिला मित्र भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि महिला ने दोनों को एक कमरे में भेज दिया। छिपकर बना लिया वीडियो युवक का आरोप है कि कमरे में रहते समय उसने अपनी महिला मित्र के साथ निजी संबंध बनाए। इसी दौरान आरोपी महिला ने छिपकर दोनों का वीडियो बना लिया। स्क्रीनशॉट भेजकर मांगे पैसे कुछ दिनों बाद महिला ने युवक को मोबाइल पर वीडियो का स्क्रीनशॉट भेजा और दावा किया कि उसके पास पूरा वीडियो है। इसके बाद उसने युवक से 1 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस में दर्ज हुई शिकायत लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने सोमवार को पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला मित्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में पुलिस को शक है कि युवक के साथ मौजूद महिला की भी इस साजिश में भूमिका हो सकती है। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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बिलासपुर में रेलवे ट्रैक के पास अवैध महुआ शराब बनाने की तैयारी, नाले से 6 टन लहान बरामद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे अवैध महुआ शराब बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापा मारकर नाले के पास गड्ढों में छिपाकर रखे करीब 6 टन महुआ लहान बरामद किए हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान शराब तैयार करने वाले आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। यह पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र के घुटकू इलाके का बताया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर से लगे घुटकू इलाके में रेलवे लाइन के पास बड़ी मात्रा में महुआ लहान छिपाकर रखा गया है और वहां कच्ची शराब बनाने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही सीएसपी गगन कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च अभियान चलाया। 300 डिब्बों में छिपाकर रखा गया था लहान तलाशी के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे नाले में गड्ढे बनाकर करीब 300 डिब्बों में महुआ लहान रखा हुआ मिला। जांच में सामने आया कि इन डिब्बों को झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि लहान को सड़ाकर उससे कच्ची शराब बनाई जा सके। पुलिस ने सभी डिब्बों को बाहर निकालकर जांच की, जिसमें लगभग 6000 किलो महुआ लहान बरामद हुआ। बाद में पुलिस ने मौके पर ही इसे नष्ट कर दिया। आरोपियों की तलाश जारी कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे की टीम ने आसपास के घरों और इलाके में तलाशी भी ली। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि यह लहान किसने रखा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अवैध शराब बनाने वाले लोगों की तलाश जारी है।

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राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में पक रहा था खाना, प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही; IRCTC से मांगा गया जवाब

रेलवे बोर्ड द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों की पेंट्रीकार में खाना पकाने पर रोक के बावजूद बिलासपुर स्टेशन पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में स्टाफ को भोजन बनाते पाया गया। खास बात यह रही कि मौके पर IRCTC से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब राजधानी एक्सप्रेस की रैक प्लेटफॉर्म पर लगी, तब कुछ मीडिया कर्मियों ने पेंट्रीकार का निरीक्षण किया। अंदर तीन हीटर पर बर्तन चढ़े थे, जिनमें दाल और चावल पक रहे थे। एक बर्तन में पानी उबल रहा था, जबकि उबले हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कच्ची सब्जियां भी रखी थीं। पैकेट में बंद रोटियां और अन्य सामग्री भी पाई गई। इस दौरान सीसीआई मनोज साहा और स्टेशन मास्टर ओझा मौके पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में पेंट्रीकार स्टाफ ने बताया कि भोजन स्टाफ के लिए तैयार किया जा रहा था। पेंट्रीकार के मैनेजर ने खुद को IRCTC दिल्ली से जुड़ा अधिकारी बताया, जो ट्रेन के साथ यात्रा करता है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कुछ ट्रेनों की पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से आग लगने की घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में खाना पकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियम के अनुसार भोजन बेस किचन से तैयार होकर ही ट्रेन में लोड किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी एक्सप्रेस में सामने आए मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

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बिलासपुर रिंग रोड प्रोजेक्ट को केंद्र की मंजूरी, 32 किमी आउटर रोड बनेगी; शहर के दो प्रमुख मार्गों के लिए भी फंड स्वीकृत

छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर में ट्रैफिक जाम से राहत की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 32 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने भी शहर के दो अहम मार्गों के उन्नयन और निर्माण के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की अनुशंसा पर पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तथा नेहरू चौक से उसलापुर पुल तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई है। ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तैयार हुआ प्रस्ताव बिलासपुर में हाईकोर्ट, रेलवे जोनल मुख्यालय, एसईसीएल और एनटीपीसी जैसे बड़े संस्थान होने के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शहर के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की समस्या आम हो गई है। इसी को देखते हुए रिंग रोड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने जिला प्रशासन से ट्रैफिक समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और विभिन्न नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली 32 किमी लंबी रिंग रोड का प्रारूप तैयार कराया। प्रस्ताव में बोदरी (हाईकोर्ट के पास) से सेंदरी (रतनपुर रोड, NH-130) तक मार्ग विकसित करने की योजना है। शहर को मिलेगा बायपास, भारी वाहनों से राहत रिंग रोड बनने के बाद NH-49 और NH-130 से आने-जाने वाले भारी वाहन शहर के अंदर प्रवेश किए बिना आउटर मार्ग से गुजर सकेंगे। इससे मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। साथ ही सिरगिट्टी और लालखदान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को NH-130A (रायपुर-धनबाद कॉरिडोर) से सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और व्यापार को गति मिलेगी। अब परियोजना की डीपीआर तैयार कर सर्वे कराया जाएगा और फिर विस्तृत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक मार्ग के लिए 40.79 करोड़ स्वीकृत राज्य सरकार ने पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तक 15.38 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 40 करोड़ 79 लाख रुपये मंजूर किए हैं। मंत्रालय से इस संबंध में प्रमुख अभियंता को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। नेहरू चौक से उसलापुर पुल तक 4.25 करोड़ की मंजूरी इसके अलावा NH-130A से नेहरू चौक होते हुए उसलापुर पुल तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ 25 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से उसलापुर क्षेत्र में आवागमन और अधिक सुगम होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, रिंग रोड और इन सड़कों के निर्माण से आने वाले समय में बिलासपुर शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव: रजनीश सिंह बघेल अध्यक्ष निर्वाचित, अनिल त्रिपाठी बने सचिव

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के 2026-2028 कार्यकाल के लिए संपन्न हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर एडवोकेट रजनीश सिंह बघेल ने जीत हासिल की है। उन्होंने सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव को 137 मतों के अंतर से पराजित किया। सचिव पद पर अनिल त्रिपाठी निर्वाचित हुए हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में गौतम खेत्रपाल और महिला उपाध्यक्ष के रूप में मांडवी भारद्वाज ने जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही अधिवक्ताओं के बीच उत्साह का माहौल रहा और समर्थकों ने जश्न मनाया। 85 प्रतिशत से अधिक मतदान गुरुवार को हुए मतदान में कुल 1418 पंजीकृत मतदाताओं में से 1213 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस प्रकार कुल मतदान प्रतिशत 85.54 रहा, जो बार एसोसिएशन चुनाव के लिए उल्लेखनीय माना जा रहा है। चुनाव में 17 पदों के लिए 61 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे से मतगणना शुरू हुई और देर शाम तक परिणाम घोषित कर दिए गए। अन्य पदों पर भी घोषित हुए परिणाम अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल 7 प्रत्याशी मैदान में थे। संयुक्त सचिव पद पर एडवोकेट विजय साहू, संयुक्त सचिव (महिला) पद पर आस्था शुक्ला विजयी रहीं। पुस्तकालय सचिव के रूप में राहुल मिश्रा, खेल सचिव (पुरुष) पद पर अमन पांडेय और खेल सचिव (महिला) पद पर प्रज्ञा पांडेय ने जीत दर्ज की। कार्यकारिणी सदस्य पद के परिणाम कार्यकारिणी के पांच पदों पर एडवोकेट अभिषेक पांडेय, त्रिवेणी शंकर साहू, आशुतोष मिश्रा, शरद मिश्रा और उज्ज्वल चौबे निर्वाचित हुए। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा वकीलों के लिए सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

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बिलासपुर में बीच सड़क हंगामा: महिला ने ऑटो चालक की पिटाई की, बच्चियों से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने सार्वजनिक सड़क पर एक ऑटो चालक की पिटाई कर दी। मामला सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत अटल आवास के पास का बताया जा रहा है। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चियों से अभद्रता का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक, महिला का आरोप है कि ऑटो चालक ने नाबालिग बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ की। इसी बात से आक्रोशित होकर महिला ने बीच सड़क पर ही चालक को रोक लिया और उसका कॉलर पकड़कर उसे पीटना शुरू कर दिया। हाथ जोड़कर सफाई देता रहा चालक वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ऑटो चालक लोगों की मौजूदगी में हाथ जोड़कर खुद को निर्दोष बताता रहा और लगातार माफी की गुहार लगाता रहा। हालांकि महिला का गुस्सा शांत नहीं हुआ। घटना के दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की। ‘थाने चलो’ कहकर साथ ले गई महिला बताया जा रहा है कि कुछ देर हंगामे के बाद महिला ने चालक से कहा, “थाने चलो”, और उसे उसी के ऑटो में बैठाकर वहां से ले गई।फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। पुलिस प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

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बिलासपुर में गर्लफ्रेंड ने प्रेमी को चाकू से किया घायल, अस्पताल में मौत; आरोपी युवती गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक प्रेम संबंध का विवाद खतरनाक रूप ले गया। इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती करने वाली युवती ने अपने प्रेमी के साथ झगड़े के दौरान चाकू से हमला कर दिया, जिससे युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान कामता प्रसाद सूर्यवंशी (25) के रूप में हुई है। वह मूलत: रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा के निवासी थे और सिविल लाइन स्थित शिक्षक कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। कामता हरी-चटनी होटल में कार्यरत थे। युवती रोशनी सूर्यवंशी (22) सीपत क्षेत्र के ग्राम झलमला की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी और कुछ समय बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। ब्रेकअप के बाद हुआ विवाद दो-तीन दिन पहले किसी बात को लेकर दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। इसके बाद कामता ने रोशनी को मोबाइल पर ब्लॉक कर दिया। मंगलवार की सुबह युवती नाराज होकर चाकू लेकर युवक से मिलने पहुंची। दरवाजा खोलते ही उसने मोबाइल दिखाने की मांग की। वहीं से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। चाकू मारकर हत्या विवाद के दौरान युवती ने चाकू से सीधे युवक के सीने में वार किया। कामता गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हल्ला और गिरफ्तारी घटना के दौरान युवक के रूम पार्टनर ने हल्ला मचाया, जिससे मकान मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।

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35 साल की शादी में तलाक के लिए ठोस सबूत जरूरी: पत्नी के अलग रहने पर भी हाईकोर्ट ने खारिज की पति की याचिका

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि लंबे वैवाहिक संबंधों में तलाक के लिए केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते, बल्कि क्रूरता और परित्याग के ठोस व स्पष्ट प्रमाण आवश्यक हैं। कोर्ट ने 35 साल पुरानी शादी को खत्म करने की मांग वाली पति की याचिका खारिज कर दी। यह मामला उस पति से जुड़ा है, जिसने यह कहते हुए तलाक मांगा था कि उसकी पत्नी झगड़ालु है, मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है और पिछले करीब 14–15 वर्षों से उसे छोड़कर बेटी व दामाद के साथ रह रही है। पत्नी ने लगाए पलटवार में आरोप वहीं पत्नी ने पति की तलाक याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पति अक्सर उसके चरित्र पर शक करता था और गाली-गलौच करता था। उसने यह भी बताया कि वह बीपी और शुगर की मरीज है, लेकिन पति ने कभी उसके इलाज का खर्च नहीं उठाया। मजबूरी में उसे बेटी के घर रहना पड़ा। क्या है पूरा मामला बेमेतरा जिले के निवासी गिरधर दुबे ने फैमिली कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत तलाक की अर्जी दाखिल की थी। दंपती की शादी करीब 35 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पति पेशे से पुजारी है। पति का दावा था कि पत्नी के अलग रहने और मानसिक प्रताड़ना के कारण वैवाहिक जीवन समाप्त हो चुका है। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने 5 जुलाई 2023 को यह याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को ठहराया सही पति ने फैमिली कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने की। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल पत्नी का अलग रहना तलाक का आधार नहीं बन सकता। क्रूरता और परित्याग साबित करने के लिए स्पष्ट घटनाएं, ठोस आरोप और पुख्ता साक्ष्य जरूरी होते हैं। कोर्ट ने पाया कि पति की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान सामान्य और अस्पष्ट थे, जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वहीं महिला प्रकोष्ठ की काउंसलिंग रिपोर्ट में पत्नी के आरोप अधिक विश्वसनीय पाए गए। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि तलाक जैसे गंभीर मामले में केवल अंदाजों या सामान्य आरोपों के आधार पर विवाह विच्छेद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि फैमिली कोर्ट का निर्णय रिकॉर्ड के अनुरूप और सही है। इसी आधार पर पति की अपील को खारिज कर दिया गया।

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110 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन: बिलासपुर–भूपदेवपुर चौथी रेल लाइन पर हाई-स्पीड ट्रायल सफल

बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत कोतरलिया–रायगढ़–किरोड़ीमल नगर–भूपदेवपुर के बीच 26.1 किलोमीटर लंबी नई चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। शुक्रवार को इस खंड पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) बीके मिश्रा ने इस नई लाइन का निरीक्षण कर स्पीड ट्रायल लिया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड पर लगभग 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। परियोजना के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में कोतरलिया से भूपदेवपुर तक नई लाइन तैयार कर ली गई है। इंटरलॉकिंग सहित सभी तकनीकी कार्य पूर्ण होने के बाद CRS बीके मिश्रा रायगढ़ पहुंचे। गुरुवार को उन्होंने नई चौथी लाइन का प्रारंभिक परीक्षण किया, जबकि शुक्रवार को विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टेशनों के केबिन, पैनल रूम, यार्ड, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, प्वाइंट, क्रॉसिंग, ओएचई लाइन, ब्रिज और सिग्नलिंग उपकरणों की गहन जांच की गई। इसके साथ ही मोटर ट्रॉली के माध्यम से भी पूरे खंड का निरीक्षण किया गया। बाद में ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल लिया गया। इधर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बैकुंठ–उरकुरा खंड के बीच 26.40 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन के निर्माण को भी रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर लगभग 426.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह खंड बिलासपुर–रायपुर–नागपुर मुख्य रेल मार्ग का अहम हिस्सा है और मुंबई–हावड़ा उच्च घनत्व नेटवर्क रूट में शामिल है। नई लाइनों के शुरू होने से यात्री और मालगाड़ी संचालन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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