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छत्तीसगढ़ की 9 पार्टियों की मान्यता पर संकट: राज्य निर्वाचन आयोग की सुनवाई पूरी, अब केंद्रीय चुनाव आयोग लेगा अंतिम फैसला

छत्तीसगढ़ में 9 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की मान्यता अब खतरे में है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन दलों के खिलाफ सुनवाई पूरी कर ली है और अब अंतिम निर्णय केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा लिया जाएगा। 🔹 मान्यता खतरे में कौन-कौन से दल इन दलों में शामिल हैं: 🔹 चुनाव खर्च और ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने का आरोप इन सभी दलों पर आरोप है कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लेखा परीक्षित वार्षिक खातों समय पर जमा नहीं किए। 🔹 आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत सभी दलों को कारण बताओ नोटिस भेजा। अब यह मामला केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा गया है, जो एक महीने के भीतर तय करेगा कि इन दलों की मान्यता बनी रहेगी या उन्हें पंजीकृत दलों की सूची से हटाया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में जल्द लौटेगा मानसून: सरगुजा से होगी शुरुआत, दक्षिण-मध्य हिस्सों में जारी रहेगी हल्की बारिश

छत्तीसगढ़ में मॉनसून अब विदाई की ओर है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में राज्य से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। सबसे पहले उत्तरी छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा क्षेत्र से मानसून की विदाई की संभावना है। हालांकि, मध्य और दक्षिणी जिलों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जैसी गतिविधियाँ बनी रहेंगी। पिछले 24 घंटों में भी कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई — भिलाई (दुर्ग) में सबसे अधिक 58.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, अधिकतम तापमान 32.02°C (दुर्ग) और न्यूनतम 19.6°C (पेंड्रारोड) रहा। 🔹 अक्टूबर में अब तक सामान्य से दोगुनी बारिश इस साल अक्टूबर महीने में छत्तीसगढ़ में 109% अधिक वर्षा हुई है। आमतौर पर 8 अक्टूबर तक प्रदेश में औसतन 28.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 59.1 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्यत: प्रदेश में 30 सितंबर तक मानसून समाप्त हो जाता है, परंतु इस बार इसकी वापसी में लगभग 10 दिन की देरी हो रही है। 🔹 15 अक्टूबर के बाद होगी विदाई मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी लगभग 15 अक्टूबर के बाद शुरू होगी। आमतौर पर सरगुजा से 5 अक्टूबर के आसपास इसकी वापसी होती है, लेकिन इस बार मौसम की परिस्थितियाँ सामान्य से धीमी हैं। 🔹 प्रदेश में बारिश के आंकड़े अब तक राज्य में 1167.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। 🔹 बिजली गिरने का विज्ञान जब बादलों के भीतर पानी की बूंदें और बर्फ के कण आपस में रगड़ते हैं, तो उनमें इलेक्ट्रिकल चार्ज उत्पन्न होता है। इससे कुछ बादल पॉजिटिव और कुछ नेगेटिव चार्ज वाले बन जाते हैं।इन विपरीत चार्ज वाले बादलों के टकराने से बिजली (lightning) पैदा होती है।कभी-कभी यह चार्ज इतना शक्तिशाली होता है कि धरती तक पहुंच जाता है, और पेड़, पानी या धातु जैसे कंडक्टर इसके रास्ते बन जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास हो, तो बिजली गिरने की चपेट में आ सकता है।

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छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: 570 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा, नेताओं-अफसरों की मिलीभगत सामने आई

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि सूर्यकांत तिवारी ने अफसरों और नेताओं की मदद से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली करवाई। इस वसूली के नेटवर्क को देवेंद्र डडसेना और नवनीत तिवारी संचालित कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि वॉट्सएप ग्रुप्स — “पाल”, “वीकली”, “टावर” और “जुगनू” — के जरिए पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया जाता था। इसमें कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था: चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि नवनीत तिवारी रायगढ़ क्षेत्र की वसूली संभालता था और हर महीने रकम रायपुर के अनुपम नगर स्थित सूर्यकांत तिवारी के घर पहुंचाई जाती थी। 🔹 3 IPS अफसर भी संपर्क में थे ED की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में तीन IPS अधिकारी भी थे — पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल।इन अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय जानकारी तिवारी को दी। पारूल माथुर पर यह भी आरोप है कि वह तिवारी के कहने पर कोयला वाहनों पर कार्रवाई करवाती थीं। इसके अलावा, कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ईडी अधिकारियों की जासूसी का आरोप है। 🔹 कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर से भी वसूली चार्जशीट के मुताबिक, कोयला ट्रांसपोर्टर्स से 25 रुपए प्रति टन और कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इस तरह कारोबारियों से दो बार कमीशन लिया जा रहा था।वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग ऑफिस बनाए गए थे। 🔹 नवनीत और मोइनुद्दीन संभालते थे फील्ड नेटवर्क रायगढ़ में नवनीत तिवारी और कोरबा में मोइनुद्दीन वसूली का पूरा संचालन करते थे। सूर्यकांत तिवारी के घर से मिली डायरी में नवनीत (नीतू) के नाम के आगे 17.73 करोड़ रुपए दर्ज पाए गए हैं। 🔹 ACB-EOW ने 36 लोगों पर FIR दर्ज की ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB/EOW ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों, IAS अधिकारियों और कारोबारियों सहित 36 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की है।गिरफ्तारों में IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं।

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रायपुर में ड्यूटी पर तैनात गार्ड की हत्या: शराब नहीं देने पर युवक ने लोहे की रॉड से किया हमला, मौके पर मौत

रायपुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक वारदात हुई। खम्हारडीह इलाके में ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड संदीप पटेल की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक शराब खरीदने आया था, लेकिन दुकान बंद होने के कारण जब गार्ड ने मना किया तो उसने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना शुक्रवार (10 अक्टूबर) रात करीब 10:30 बजे की है। जब आरोपी शराब लेने पहुंचा और दुकान बंद होने की बात सुनकर भड़क गया। कुछ देर बहस के बाद वह वहां से चला गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद यानी 11:15 बजे वापस लौटा—इस बार हाथ में लोहे की रॉड थी। आरोपी ने गार्ड पर हमला कर दिया जिससे संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने खम्हारडीह थाने में हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मृतक बलौदाबाजार का रहने वाला था 35 वर्षीय संदीप पटेल मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के ग्राम सुंदरी का रहने वाला था। वह कुछ समय से रायपुर के मोवा पंडरी इलाके में रह रहा था और शराब दुकान में गार्ड की ड्यूटी करता था।

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छत्तीसगढ़ की बाघिन ‘बिजली’ का निधन: जामनगर के वनतारा में इलाज के दौरान तोड़ा दम, रायपुर से गई टीम करेगी अंतिम संस्कार में शामिल

रायपुर जंगल सफारी की मशहूर बाघिन ‘बिजली’ ने अब इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उसका इलाज गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में चल रहा था, जहां गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। इस खबर की पुष्टि वनतारा प्रशासन ने सोशल मीडिया पर की, वहीं छत्तीसगढ़ के पीसीसीएफ (चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन) अरुण कुमार पांडेय ने भी इसकी जानकारी दी। बिजली की मौत की खबर मिलते ही जंगल सफारी रायपुर के डीएफओ और मेडिकल टीम जामनगर रवाना हो गई है। अंतिम संस्कार वहीं, वनतारा में किया जाएगा। बीमार थी बिजली, 3 दिन पहले भेजी गई थी गुजरात बाघिन बिजली बीते कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थी। उसके यूट्रस और किडनी में संक्रमण पाया गया था। लगभग 10 दिनों से उसने खाना-पीना भी बंद कर दिया था। इलाज के लिए उसे 7 अक्टूबर को रायपुर से हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस के जरिए जामनगर भेजा गया था, जहां वह 9 अक्टूबर की रात पहुंची थी। सीजेडए से अनुमति में देरी, इलाज में लगा समय इलाज के लिए वन विभाग को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति लेनी थी, जिसमें करीब 10 दिन लग गए। इस वजह से इलाज में देरी हुई। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने बीमारी को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समझा, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि उसके किडनी और गर्भाशय दोनों में संक्रमण है। 5 अक्टूबर को रायपुर आई थी वनतारा टीम रायपुर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अनुरोध पर वनतारा की एक स्पेशल मेडिकल टीम 5 अक्टूबर को रायपुर पहुंची थी। टीम ने बताया कि बिजली पहले से ही कमजोर और गंभीर हालत में थी। उसका पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं कर रहा था और शरीर में कमजोरी बढ़ती जा रही थी। पिता के देश में ली अंतिम सांस बिजली की उम्र करीब 8 साल थी। दिलचस्प बात यह है कि जब रायपुर जंगल सफारी की शुरुआत हुई थी, तब गुजरात से नर बाघ ‘शिवाजी’ को लाया गया था, जो बिजली का पिता था। उसी स्थान, गुजरात में अब बिजली ने अपनी अंतिम सांस ली — जहां से उसके पिता आए थे। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने बिजली की मौत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के ज्यादा करीब है और वहां बेहतर वाइल्डलाइफ मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में बिजली को जामनगर भेजने और इतनी देर करने की क्या जरूरत थी?उनका कहना है कि अगर जल्दी निर्णय लेकर पास के किसी सेंटर में इलाज कराया जाता, तो शायद बिजली की जान बचाई जा सकती थी।

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CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट वकील का समर्थन, भूपेश बोले- पद से हटाए सरकार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई पर वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने की कोशिश का विवाद अभी थमा नहीं है। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सरकारी वकील सतीश गुप्ता ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर इस घटना का समर्थन किया है। सतीश गुप्ता ने वॉट्सऐप ग्रुप में लिखा कि 71 साल की उम्र में राकेश किशोर ने कमाल की निशानेबाजी की और उनकी शैक्षणिक योग्यता की तुलना CJI बीआर गवई से की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी वकील का न्यायाधीश पर हमले का समर्थन करना न केवल कानून का अपमान है, बल्कि यह दलित समाज की भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सतीश गुप्ता को तुरंत पद से हटाने की मांग की। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने इस मामले में भाजपा का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह से न्याय व्यवस्था और CJI का सम्मान करती है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताया। मामले की पृष्ठभूमि यह है कि 6 अक्टूबर को राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट के भीतर CJI पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर किया। जूता CJI तक नहीं पहुंचा। पुलिस ने तीन घंटे पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आरोपी वकील का लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी निलंबन की कार्रवाई की। राकेश किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने CJI के भगवान विष्णु पर दिए गए बयान के खिलाफ प्रतिक्रिया स्वरूप यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उनके कार्य पर उन्हें अफसोस नहीं है। इस विवाद की पृष्ठभूमि में, सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली के मामले में याचिका खारिज की थी। CJI ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दिखाया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाने वाली जानकारी पर चिंता जताई। VHP के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि न्यायालय में न्याय का मंदिर है और सभी का कर्तव्य है कि अपनी वाणी में संयम रखें, विशेषकर वकील और न्यायाधीश। यह पूरा मामला न केवल सुप्रीम कोर्ट के प्रति आस्था और सम्मान के सवाल को सामने लाता है, बल्कि वकीलों के आचरण और सोशल मीडिया की भूमिका पर भी बहस खड़ी करता है।

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Bilaspur में फरार हिस्ट्रीशीटर ने पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर किया धमकी का वीडियो वायरल

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक फरार हिस्ट्रीशीटर लुटू पांडेय ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल और अन्य हथियारों के साथ रील बनाकर शहर के भाजपा और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दी है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पिछले दो महीने से आरोपी की तलाश में जुटी है, लेकिन वह लगातार फरार है और अपने मोबाइल से धमकी भरे वीडियो अपलोड कर रहा है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, लुटू पांडेय नशे का सामान बेचने, चोरी, मारपीट और गुंडागर्दी के मामलों में फरार चल रहा है। उसका साथी शिवम मिश्रा भी उसी तरह पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डर फैलाता रहा है। दोनों आरोपियों ने भाजपा युवा मोर्चा के मंडल पदाधिकारी मुसर्रफ खान और एनएसयूआई के महासचिव लक्की मिश्रा समेत अन्य युवाओं को जान से मारने की धमकी दी। लुटू पांडेय का कहना है कि वह पिस्टल और रिवॉल्वर सप्लाई कर सकता है और उसने कुछ युवकों को हथियारों की तस्वीरें भी भेजी हैं। सरकंडा और सिविल लाइन थानों में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय और उसका साथी यूपी में अपना ठिकाना बना चुके हैं। गिरफ्तारी से पहले ही उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया और ठिकाना बदल लिया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय पहले चोरी के मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया। सरकंडा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। इस मामले ने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था और अपराधियों की हिम्मत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Raipur में नर्स की अफेयर के शक में हत्या, आरोपी बॉयफ्रेंड गिरफ्तार

रायपुर में एक नर्स को उसके ही बॉयफ्रेंड ने चाकू से वार कर मार डाला। मृतिका प्रियंका दास (23), जो निजी अस्पताल में नर्स थीं और मनेंद्रगढ़ की रहने वाली थीं, टिकरापारा में किराए के कमरे में अपनी तीन सहेलियों के साथ रहती थीं। घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जब प्रियंका की सहेली कमरे में गई और वहां खून से सनी लाश देखी। तुरंत पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। ASP डॉ. दौलतराम पोर्ते ने बताया कि पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। कमरे में चाकू और खून बिखरा हुआ मिला। पड़ोसियों ने किसी को कमरे से बाहर निकलते नहीं देखा, जिससे साफ है कि हत्यारा मौके से बिना किसी की नजर में आए फरार हुआ। पुलिस ने आरोपी युवक दुर्गेश वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह प्रियंका का बॉयफ्रेंड था और पिछले कुछ समय से प्रियंका दूसरे लड़के से बात कर रही थी। इसी शक में उसने एक दिन पहले चाकू खरीदा और विवाद के दौरान प्रियंका के सीने में वार कर उसे मार डाला। प्रियंका ने एक दिन पहले ही अस्पताल में डे शिफ्ट में ड्यूटी की थी। घटना के बाद आरोपी युवक फरार हो गया, लेकिन बाद में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चाकू जब्त किया है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला किया। कांग्रेस ने कहा कि रायपुर में नर्स की बेरहमी से हत्या, भाजपा के कुशासन को उजागर करती है। उनका कहना है कि अपराधी बेलगाम हैं, पुलिस लाचार और सरकार खामोश है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और सभी डिजिटल एवं फोरेंसिक सबूतों का विश्लेषण कर रही है। इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Raipur IIIT में छात्र द्वारा AI से 36 छात्राओं की 1000 अश्लील फोटो बनाने का मामला

नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में एक गंभीर साइबर अपराध का मामला सामने आया है। एक छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर 36 छात्राओं की 1000 से अधिक अश्लील तस्वीरें तैयार कर लीं। आरोपी इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग का छात्र है। पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव जब्त किया है और उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी छात्र का नाम सैय्यद रहीम है। वह कॉलेज इवेंट्स और कार्यक्रमों में छात्राओं की तस्वीरें खींचता था। पुलिस ने जांच में पाया कि इन फोटो को उसने AI के जरिए अश्लील रूप में बदल दिया और कुछ दोस्तों को दिखाई। इस कारण यह मामला छात्राओं तक पहुंचा और उन्होंने शिकायत IIIT प्रबंधन से दर्ज कराई। कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को तुरंत निलंबित कर दिया और मामले की जांच के लिए महिला स्टाफ की एक विशेष समिति गठित की। समिति सोशल मीडिया और डेटा लीक की संभावना सहित तकनीकी पहलुओं की भी जांच करेगी। इसके अलावा, जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ साझा की जाएगी। ASP दौलतराम पोर्ते ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। लैपटॉप और मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए जब्त किए गए हैं। साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने इस घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि प्रबंधन को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि AI एप्स की प्राइवेसी और सुरक्षा कमजोर होती है, जिससे डेटा कई सर्वरों पर सुरक्षित नहीं रहता और इसका दुरुपयोग हो सकता है। कानूनी दृष्टि से, किसी की निजी तस्वीर को बदलना या अश्लील रूप देना अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67A और 66(2) के तहत आरोपी को तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। UGC ने भी निर्देश दिए हैं कि इस तरह के मामलों से बचाव के लिए छात्रों में जागरूकता बढ़ाई जाए और डिजिटल माध्यमों की सुरक्षा सिखाई जाए। यह मामला डिजिटल यौन शोषण और साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है और शिक्षा संस्थानों में कड़े नियमों और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।

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रायपुर सेजबहार में अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर की कार्रवाई, 10 एकड़ भूमि खाली कराई

राजधानी रायपुर के सेजबहार क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार, 9 अक्टूबर को जिला प्रशासन की टीम ने लगभग 10 एकड़ भूमि पर कब्जा हटाते हुए वहां हो रही अवैध प्लॉटिंग को खत्म कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कब्जों और भूमि की अवैध बिक्री पर रोक लगाना था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मौके पर प्रशासन की टीम ने अवैध निर्माण, बाउंड्रीवाल, प्लिंथ और सड़क मार्ग को तोड़ते हुए जमीन को खाली कराया। यह कार्रवाई एसडीएम नंदकुमार चौबे के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने की। प्रहरी टीम ने बताया कि सेजबहार में कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमानुसार भूमि उपयोग के नियमों की अवहेलना करते हुए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में भी कोई अवैध कब्जा न कर सके, तत्कालीन समय पर भूमि से अवैध निर्माण हटाया। इस अभियान के तहत भूमि मालिकों और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया। प्रशासन ने कहा कि भूमि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना और शहर की योजनाओं के अनुसार विकास करना प्राथमिकता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना था कि अवैध प्लॉटिंग से इलाके का विकास प्रभावित हो रहा था और प्रशासन की इस कार्रवाई से भविष्य में भी किसी को अवैध कब्जा करने की हिम्मत नहीं होगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध भू-उपयोग की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। रायपुर प्रशासन का यह कदम शहर में भूमि उपयोग और नियोजन के नियमों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सेजबहार में यह कार्रवाई भविष्य में और भी ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी।

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