NEWS 22 BHARAT

रायगढ़ हिंसा: महिला आरक्षक से अमानवीय व्यवहार, 5 आरोपी गिरफ्तार, राजनीतिक बयानबाजी तेज

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) के प्रस्तावित कोयला खदान के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पुलिस पर पथराव किया, बल्कि एक महिला आरक्षक के साथ मारपीट और बदसलूकी की गंभीर घटना भी सामने आई है। आरोप है कि महिला आरक्षक को दौड़ाकर पीटा गया और उसकी वर्दी फाड़ दी गई, साथ ही इस अमानवीय कृत्य का वीडियो भी बनाया गया। इस मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया शामिल हैं। कैसे बिगड़े हालात दरअसल, 8 दिसंबर को धौराभाठा में JPL के गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक को लेकर हुई जनसुनवाई के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को लिबरा चौक पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए गए। उग्र भीड़ ने पुलिस वाहनों, एम्बुलेंस और अन्य सरकारी गाड़ियों में आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट पहुंचे, जहां कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर और अन्य मशीनों को नुकसान पहुंचाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में भी हिंसा स्थिति संभालने के लिए लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद पथराव और आगजनी जारी रही। JPL प्रबंधन का फैसला लगातार विरोध और बिगड़ते हालात को देखते हुए JPL प्रबंधन ने गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई रद्द करने का निर्णय लिया है। राजनीतिक प्रतिक्रिया इस घटना पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने महिला आरक्षक के साथ हुई घटना को “मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध” बताया और कहा कि सरकार को जनता में बढ़ते गुस्से पर आत्ममंथन करना चाहिए। वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मामले की गहराई से जांच की बात भी कही।

रायगढ़ हिंसा: महिला आरक्षक से अमानवीय व्यवहार, 5 आरोपी गिरफ्तार, राजनीतिक बयानबाजी तेज Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raigarh, Top News

छत्तीसगढ़ RI प्रमोशन परीक्षा रद्द: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 216 पटवारियों की पदोन्नति होगी निरस्त

छत्तीसगढ़ में पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एन.के. व्यास ने अपने अहम फैसले में RI प्रमोशन परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। पटवारी से RI पदोन्नति के लिए लिखित परीक्षा 7 जनवरी 2024 को आयोजित की गई थी, जिसमें 2600 से अधिक पटवारियों ने भाग लिया था। 29 फरवरी 2024 को जारी परिणाम में 216 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया, हालांकि अंतिम रूप से केवल 13 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना था। इसके बावजूद 22 लोगों को नियुक्ति दे दी गई, जिसके बाद विवाद गहराता चला गया। हाईकोर्ट में पहुंचा मामला प्रमोशन से वंचित पटवारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी पदोन्नति के लिए चुन लिया गया, जबकि अधिक अंक लाने वाले योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और नियमों के विरुद्ध बताया। पेपर लीक और भाई-भतीजावाद के आरोप जांच के दौरान सामने आया कि परीक्षा में प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था। आरोप है कि कुछ केंद्रों पर पति-पत्नी, भाई-भाई और रिश्तेदारों को जानबूझकर साथ बैठाया गया। एक मामले में फेल हुए पटवारी को बाद में पास दिखाया गया। कई उम्मीदवारों को समान अंक मिलने पर भी संदेह गहराया। EOW-ACB की कार्रवाई RI प्रमोशन घोटाले को लेकर पटवारी संघ और शासन के पत्र के आधार पर EOW-ACB ने 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से दो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आई है। 216 पदोन्नतियां होंगी रद्द हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कहा कि चयन प्रक्रिया दूषित, अपारदर्शी और पक्षपात से ग्रस्त थी। कोर्ट ने माना कि परीक्षा की पवित्रता से समझौता किया गया है। इस फैसले के बाद 216 पटवारियों को दी गई पदोन्नति स्वतः निरस्त हो जाएगी। नई परीक्षा कराने की अनुमति हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पटवारी से RI पदोन्नति के लिए नई परीक्षा आयोजित करने की छूट दी है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कराई जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।

छत्तीसगढ़ RI प्रमोशन परीक्षा रद्द: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 216 पटवारियों की पदोन्नति होगी निरस्त Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को मिला नया पुलिस अधीक्षक, IPS मनोज खिलारी को सौंपी कमान

राज्य सरकार ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी IPS मनोज कुमार खिलारी को सौंप दी है। गृह विभाग के अवसर सचिव द्वारा देर रात जारी आदेश के अनुसार, मनोज खिलारी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। IPS मनोज खिलारी वर्ष 2014 बैच के अधिकारी हैं। नियुक्ति से पहले वे दूसरी वाहिनी, बिलासपुर में कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे। जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक एस. आर. भगत के 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था, जिसे अब भर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मनोज खिलारी ने अपने सेवाकाल में कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर उनका अनुभव मजबूत माना जाता है। उनके कार्यभार संभालने से जिले में सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। नए एसपी के रूप में मनोज खिलारी का फोकस जनता की सुरक्षा, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को मजबूत करना रहेगा।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को मिला नया पुलिस अधीक्षक, IPS मनोज खिलारी को सौंपी कमान Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur

CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का डिप्टी CM हाउस घेराव, 7 साल से भर्ती का इंतज़ार

13 दिनों से तूता में धरना, गृहमंत्री बोले – CM से चर्चा के बाद होगा फैसला छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती 2018 के वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का सब्र अब जवाब दे चुका है। नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार को डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बंगले का घेराव कर दिया। ये सभी उम्मीदवार पिछले 13 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अपने परिवार के साथ आंदोलन कर रहे हैं। दरअसल, साल 2018 में CAF के 1786 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसमें मेरिट लिस्ट के बाद 417 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। सात साल बीतने के बावजूद इन उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है, जबकि CAF में तीन हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। धरने के दौरान बिगड़ी बच्चे की तबीयत प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी के छह महीने के बच्चे की तबीयत खराब हो गई, जिससे आंदोलनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी बीच नाराज उम्मीदवारों ने डिप्टी सीएम के बंगले का घेराव कर अपनी मांगें रखीं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कैंडिडेट्स को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली से लौटने के बाद पूरे मामले पर उनसे चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की। गृहमंत्री अमित शाह को भी लिखा पत्र CAF कैंडिडेट्स अपनी समस्या को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख चुके हैं। कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में अभ्यर्थियों ने यहां तक कहा था कि “अगर नक्सली होते तो शायद घर वापसी पर नौकरी और करियर दोनों मिल जाता।” इसके बाद राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गुरुवार को अलग-अलग जिलों से आए कैंडिडेट्स अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ गृहमंत्री के बंगले पहुंचे थे। गृहमंत्री ने उनसे पुलिस मुख्यालय से नोटशीट लाने को कहा और हस्ताक्षर करने का भरोसा दिया, लेकिन उसके बाद वे दौरे पर निकल गए। मजदूरी कर चला रहे परिवार अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी न मिलने के कारण उन्हें मजदूरी कर परिवार का पेट पालना पड़ रहा है। एक कैंडिडेट के पिता गृहमंत्री आवास के बाहर हाथ जोड़कर मीडिया से मदद की गुहार लगाते नजर आए। आधे से ज्यादा कैंडिडेट हो चुके ओवरएज भर्ती के समय सभी अभ्यर्थियों की उम्र 28 से 32 वर्ष थी, लेकिन सात साल बीत जाने के कारण अब 50 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट 36 से 40 साल की उम्र पार कर चुके हैं। वे अब किसी नई भर्ती के लिए भी योग्य नहीं रह गए हैं। मेरिट लिस्ट में चयनित कई उम्मीदवार मेडिकल में अनफिट हुए या नौकरी छोड़ दी, जिससे सीटें खाली हुईं। बावजूद इसके, वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स को मौका नहीं मिला। सरकार बदलने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। CAF और पुलिस बल में हजारों पद खाली छत्तीसगढ़ पुलिस बल में लंबे समय से भारी कमी बनी हुई है। प्रदेश में कुल 83,259 स्वीकृत पदों में से केवल 65,439 जवान कार्यरत हैं। यानी करीब 17,820 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश में 13 IPS और 129 DSP अधिकारियों की कमी है। वहीं सूबेदार, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल के हजारों पद भी रिक्त हैं, जिससे अपराध जांच और कानून व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया भी अधर में अक्टूबर 2024 में पुलिस विभाग में 341 पदों पर भर्ती निकाली गई थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कॉन्स्टेबल भर्ती भी लंबे समय से अटकी हुई है। CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का कहना है कि अगर सरकार चाहे तो अभी भी खाली पदों पर उनकी नियुक्ति की जा सकती है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री से होने वाली बैठक और सरकार के फैसले पर टिकी हैं।

CAF वेटिंग लिस्ट कैंडिडेट्स का डिप्टी CM हाउस घेराव, 7 साल से भर्ती का इंतज़ार Read Post »

Chhattisgarh, Education, Political, Raipur, Top News

रायपुर: 500 रुपये मेंटेनेंस विवाद में बवाल, ‘मुफ्तखोर’ कहने पर लाठी-डंडों से मारपीट, VIDEO

रायपुर: राजधानी रायपुर में एक हाउसिंग सोसाइटी के वॉट्सऐप ग्रुप पर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। डूंडा इलाके की कृष्णा हाइट्स कॉलोनी में 500 रुपये के मेंटेनेंस चार्ज को लेकर कहासुनी इतनी बढ़ी कि लाठी-डंडों से मारपीट हो गई। घटना में सोसाइटी के कई सदस्य घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, कॉलोनी में साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं के लिए सभी सदस्यों से 500 रुपये मासिक मेंटेनेंस देने का नियम तय किया गया था। कुछ लोगों द्वारा भुगतान नहीं करने पर सोसाइटी के सदस्य अनिल सिरिया ने वॉट्सऐप ग्रुप में टिप्पणी करते हुए “मुफ्तखोर” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि टिप्पणी से नाराज एक सदस्य ने अपने परिचितों को कॉलोनी में बुला लिया, जिसके बाद लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं और परिसर में तोड़फोड़ भी की गई। मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के दौरान रजनीश द्विवेदी का सोने का चेन-लॉकेट गिरने की भी जानकारी सामने आई है। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पीड़ित पक्ष ने मुजगहन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से राहुल जैन ने भी पुलिस में शिकायत दी है। उनका आरोप है कि उनके माता-पिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, साथ ही उन्हें धक्का देकर कॉलोनी से बाहर निकाल दिया गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

रायपुर: 500 रुपये मेंटेनेंस विवाद में बवाल, ‘मुफ्तखोर’ कहने पर लाठी-डंडों से मारपीट, VIDEO Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur

शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत, DGP को कड़ी फटकार

रायपुर।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज मामलों में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने जमानत आदेश जारी करते हुए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने खास तौर पर सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को गिरफ्तार न किए जाने को लेकर नाराजगी जताई और इसे कानून का ‘चुनिंदा इस्तेमाल’ बताया। सह-आरोपी पर कार्रवाई नहीं, जांच की पारदर्शिता पर सवाल हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा कर रहा है, लेकिन उसके खिलाफ स्थायी वारंट होने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। कोर्ट के अनुसार, आरोपी को खुला छोड़ना जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने इस लापरवाही को “Grave Violation of Law” करार देते हुए राज्य के DGP को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है। जुलाई से जेल में थे चैतन्य बघेल चैतन्य बघेल 18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। ED ने उन्हें पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था, जबकि ACB/EOW ने भ्रष्टाचार मामले में सितंबर में तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से जेल में थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED और ACB के आरोप ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1000 करोड़ रुपए के लेनदेन को संभाला।वहीं ACB का दावा है कि उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए की अवैध राशि मिली और पूरे घोटाले की रकम 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। भूपेश बघेल का बयान बेटे को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। आज सत्य की जीत हुई है।” जमानत की खबर के बाद समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि गिरफ्तारी केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर की गई, जो खुद नॉन-बेलेबल वारंट का आरोपी है और खुलेआम घूम रहा था।उन्होंने दावा किया कि चैतन्य बघेल ने जांच में पूरा सहयोग किया, बावजूद इसके उन्हें कभी समन नहीं भेजा गया और सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? ED की जांच के अनुसार, भूपेश सरकार के कार्यकाल में शराब सिंडिकेट के जरिए— इस कथित सिंडिकेट में तत्कालीन IAS अधिकारी, आबकारी विभाग के अफसर और कारोबारी शामिल बताए गए हैं।

शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत, DGP को कड़ी फटकार Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Raipur, State, Top News

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने के आसार, पावर कंपनी ने 24% टैरिफ बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर करीब 6 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया है। इसी के आधार पर कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अगर नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को आंशिक या पूरी तरह से स्वीकार करता है, तो प्रदेश के घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली बिल में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दिसंबर में दाखिल की गई याचिका नियमों के अनुसार पावर कंपनी को हर साल दिसंबर में आगामी वित्तीय वर्ष के टैरिफ निर्धारण के लिए याचिका दाखिल करनी होती है। इस बार कंपनी ने 31 दिसंबर की समय-सीमा से एक दिन पहले 30 दिसंबर को ही आयोग में अपनी याचिका प्रस्तुत कर दी। याचिका में कंपनी ने 2026-27 के लिए अनुमानित आय, खर्च, संभावित लाभ और पूर्व वर्षों के घाटे का विस्तृत ब्यौरा दिया है। कंपनी का कहना है कि नए सत्र में होने वाले लाभ को पुराने घाटे में समायोजित करने के बाद भी लगभग 6 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की जरूरत पड़ेगी। 24% तक दर बढ़ाने का सुझाव पावर कंपनी ने याचिका के साथ नया टैरिफ प्लान भी जमा किया है, जिसमें बिजली दरों में औसतन 24 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव शामिल है। अब इस पर राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा गहन समीक्षा की जाएगी। प्रक्रिया के तहत आम उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके बाद जनसुनवाई आयोजित होगी, जिसमें लोग अपनी राय और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम टैरिफ का फैसला करेगा। पहले भी किया था घाटे का दावा यह पहला मौका नहीं है जब पावर कंपनी ने बड़े घाटे का हवाला दिया हो। पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था। हालांकि, नियामक आयोग ने उस दावे को पूरी तरह स्वीकार न करते हुए घाटा केवल 500 करोड़ रुपये ही माना था। उस समय कंपनी ने 28,397.64 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता बताई थी, लेकिन आयोग ने केवल 25,636.38 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी थी। तब मामूली बढ़ोतरी पर लगी थी मुहर यदि पिछली बार कंपनी का पूरा घाटा मान लिया जाता, तो बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि होती। लेकिन आयोग के हस्तक्षेप के चलते बिजली दरें दो प्रतिशत से भी कम बढ़ाई गई थीं। अब एक बार फिर सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार नियामक आयोग पावर कंपनी के घाटे को कितनी मान्यता देता है। इसी पर तय होगा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आने वाले दिनों में बिजली कितनी महंगी पड़ेगी।

छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी होने के आसार, पावर कंपनी ने 24% टैरिफ बढ़ाने का दिया प्रस्ताव Read Post »

Bhilai / Durg, Bilashpur, Chhattisgarh, Political, Raipur, State, Top News

कोरबा में नशेड़ी युवकों का हमला, युवक और परिवार के सदस्य हुए घायल

कोरबा के इमली डुग्गू क्षेत्र में कुछ नशेड़ी युवकों ने एक युवक पर घर से बाहर खींचकर हमला कर दिया। जब पीड़ित के परिजन बीच-बचाव के लिए आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। संजय यादव नामक युवक अपने कार्य से घर लौट रहे थे। घर के बाहर कुछ नशेड़ी गाली-गलौज कर रहे थे, जिसे संजय ने रोकने का प्रयास किया और घर में चले गए। इसके तुरंत बाद छह से अधिक युवक आए और संजय को घर के गेट से बाहर खींचकर सड़क पर मारपीट करने लगे। मारपीट में संजय के सिर, हाथ और सीने पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि हमलावरों के पास चाकू भी था। रिपोर्ट के अनुसार महेश, साहिल, बिट्टू, छोटू पांडे, विजय पांडे, उमेश सागर और अन्य ने इस हमले को अंजाम दिया। पीड़ित और उनके भाई विजय ने बताया कि हमलावर आदतन नशेड़ी हैं और अक्सर इलाके में ऐसी हिंसक घटनाएं करते रहते हैं। विजय के अनुसार, ये लोग नशीली गोली का सेवन करते हैं और शाम होते ही उनका आतंक ऐसा होता है कि महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पाते। संजय को गंभीर हालत में जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिवार ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

कोरबा में नशेड़ी युवकों का हमला, युवक और परिवार के सदस्य हुए घायल Read Post »

Chhattisgarh, Top News

रायगढ़ में दो खाली घरों से हुई चोरी, पुलिस कर रही आरोपी की तलाश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अज्ञात चोरों ने दो खाली घरों को निशाना बनाया और नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर कॉलोनी में रहने वाले गीता साहू और भानू प्रकाश कुर्रे अपने घरों में ताले लगाकर बाहर गए हुए थे। जब दोनों परिवार वापस लौटे तो देखा कि घरों के ताले टूट चुके थे और अंदर सामान बिखरा हुआ था। जांच में पता चला कि गीता साहू के घर से लगभग 46 हजार रुपये मूल्य का नकद और अन्य सामान चोरी हुआ है। वहीं, भानू प्रकाश कुर्रे के घर से करीब 28 हजार रुपये के सामान गायब थे। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर सोमवार दोपहर को दो से तीन नकाबपोश युवक चोरी करते दिखाई दिए। पीड़ित परिवारों ने तुरंत थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

रायगढ़ में दो खाली घरों से हुई चोरी, पुलिस कर रही आरोपी की तलाश Read Post »

Chhattisgarh, Top News

कोरबा पुलिस ने नए साल के अवसर पर सुरक्षा बढ़ाई: पिकनिक स्थलों पर विशेष गश्त, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

कोरबा जिले में नव वर्ष के उत्सव को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पुलिस ने विशेष तैयारियां की हैं। जनसाधारण की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए जिले के प्रमुख पिकनिक स्थल, पर्यटन स्थल और सार्वजनिक क्षेत्रों में पुलिस की पैनी नजर और गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सुरक्षित वातावरण में और कानून का पालन करते हुए नए साल का जश्न मनाएं। जिले के हर लोकप्रिय पिकनिक स्थल और मनोरंजन स्थानों पर पुलिस की टीम लगातार गश्त और निगरानी कर रही है। कानून-उल्लंघन पर होगी कार्रवाईशराब पीकर वाहन चलाने, ऊँची आवाज़ में संगीत बजाने, सार्वजनिक जगहों पर अनुचित व्यवहार या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत पुलिस दल यातायात नियमों का पालन, नशे में वाहन चलाने की रोकथाम, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। साथ ही चलती गाड़ियों की औचक जांच भी की जा रही है। मुख्य पिकनिक और शहर के क्षेत्रजिले के प्रमुख पिकनिक स्पॉट जैसे सतरेंगा, झोराघाट, परसखोला, बुका, बांगोडेम, रजगामार, केंदई और कॉफी प्वाइंट सहित सभी स्थलों पर पुलिस लगातार गश्त करेगी। शहर के मुख्य चौराहों—निहारिका घंटाघर, सुभाष चौक, कोसाबाड़ी चौक, बुधवारी जैन चौक, सीएसईबी चौक, टीपी नगर चौक, सुनालिया चौक, सीतामढ़ी चौक और गौ माता चौक पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। ASP नीतिश ठाकुर ने कहा कि नव वर्ष की तैयारियों के तहत थाना-चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाएं और कानून का सम्मान करें। किसी भी आपात स्थिति या अशांति की सूचना के लिए नागरिक पुलिस नियंत्रण कक्ष या 112 पर संपर्क कर सकते हैं, जहां से तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कोरबा पुलिस ने नए साल के अवसर पर सुरक्षा बढ़ाई: पिकनिक स्थलों पर विशेष गश्त, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई Read Post »

Chhattisgarh, Chhattisghar, Top News
Scroll to Top