NEWS 22 BHARAT

रायपुर: मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं बिहान योजना की महिलाएं, मंत्री से मुलाकात तक धरना जारी रखने का ऐलान

रायपुर में एनआरएलएम (बिहान योजना) से जुड़ी महिलाएं अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतर आईं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजधानी पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं राजीव गांधी चौक पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक संबंधित विभाग के मंत्री से सीधी बातचीत नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगी। महिलाएं अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई घंटों से प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो उचित मानदेय मिल रहा है और न ही नौकरी की कोई सुरक्षा दी गई है। बेहद कम मानदेय, बढ़ता आर्थिक दबाव धरने में शामिल महिलाओं ने बताया कि उन्हें वर्तमान में मात्र 1910 रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। महिलाओं का कहना है कि इतनी कम राशि में न तो परिवार का खर्च चल पाता है और न ही काम से जुड़े जरूरी खर्च पूरे हो पाते हैं। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप बढ़ाया जाए। महिलाओं ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में इसी तरह कार्यरत महिलाओं को 6000 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की समान हिस्सेदारी होती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में बेहद कम मानदेय देना उनके साथ अन्याय है। निजी संसाधनों से कराया जा रहा सरकारी काम बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार ऑनलाइन कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इसके लिए न तो सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराया गया है और न ही इंटरनेट खर्च दिया जाता है। महिलाएं अपने निजी मोबाइल और स्वयं के पैसे से रिचार्ज कर सरकारी काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने सभी कैडर को सरकारी मोबाइल या मोबाइल-इंटरनेट भत्ता देने की मांग की। यात्रा और बैठक भत्ते की भी मांग प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मीटिंग, प्रशिक्षण और फील्ड विजिट के लिए बुलाया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो यात्रा भत्ता दिया जाता है और न ही कोई मीटिंग या दैनिक भत्ता मिलता है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। जबरन हटाने और भुगतान में देरी के आरोप महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर वर्षों से काम कर रही सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती काम से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई ब्लॉकों में मानदेय 5 से 6 महीने देरी से मिलता है और कई बार बिना कारण राशि काट ली जाती है। महिलाओं की मांग है कि मानदेय हर महीने समय पर और सीधे बैंक खाते में दिया जाए। नियमितीकरण और नियुक्ति पत्र की मांग प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें आज तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है। उन्होंने अपने नियमितीकरण की भी मांग की है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

रायपुर: मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं बिहान योजना की महिलाएं, मंत्री से मुलाकात तक धरना जारी रखने का ऐलान Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, State, Top News

20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक मां की आंखों से इंतज़ार खत्म नहीं हुआ

“रायपुर से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर… रायपुर के बिरगांव इलाके से 23 वर्षीय युवक विष्णु गोऱाई पिछले 20 दिनों से लापता हैं।जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 की शाम करीब 8 बजे विष्णु गोऱाई घर से निकले थे,लेकिन उसके बाद से न उनका कोई पता चला है, न कोई संपर्क। विष्णु गोऱाई के पिता सुनील गोऱाई हैं।परिवार और परिजन लगातार थाने, रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश कर रहे हैं,लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। 📌 20 दिन… 480 घंटे…हर गुजरता पल परिवार की चिंता और दर्द बढ़ा रहा है। 👉 अब परिवार ने जनता से सीधी अपील की है।जो भी व्यक्ति विष्णु गोऱाई के बारे में पुख्ता जानकारी देगा,उसे ₹20,000 का इनाम देने की घोषणा की गई है। अगर आपने विष्णु गोऱाई को कहीं देखा होया उनके बारे में कोई भी जानकारी हो,तो बिना देर किए इन नंबरों पर संपर्क करें👇 📞 8109896876📞 7477228704 🙏 आपकी एक सूचनाएक बेटे को उसके घरऔर एक परिवार को उसकी खुशियाँ लौटा सकती है। 👉 ऐसी ज़मीनी, संवेदनशील और ज़रूरी खबरों के लिएजुड़े रहें News 22 Bharat के साथ।

20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक मां की आंखों से इंतज़ार खत्म नहीं हुआ Read Post »

Accident, Birgaon, Chhattisgarh, Raipur, Top News

टीएस सिंहदेव को मिली बड़ी जिम्मेदारी, तमिलनाडु–पुडुचेरी के लिए बने कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरपर्सन

आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस ने कई राज्यों के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों की घोषणा कर दी है। इस सूची में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। उन्हें तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। साल 2026 में तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस संगठनात्मक तैयारियों में जुटी हुई है। उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में स्क्रीनिंग कमेटियां गठित की हैं। टीएस सिंहदेव की अहम भूमिका टीएस सिंहदेव को पार्टी ने अहम जिम्मेदारी देते हुए तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे रणनीतिक राज्यों की स्क्रीनिंग कमेटी की कमान सौंपी है। स्क्रीनिंग कमेटी का मुख्य कार्य है चुनाव से पहले उम्मीदवारों का मूल्यांकन करना और नेतृत्व को नाम सुझाना। प्रियंका गांधी को असम की कमेटी का चेयरपर्सन संगठन में और भी अहम नाम शामिल हैं। पार्टी महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को असम के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। वरिष्ठ नेताओं पर भरोसा कांग्रेस का मानना है कि अनुभवी नेताओं के नेतृत्व में गठित स्क्रीनिंग कमेटियां बेहतर और मजबूत उम्मीदवार चयन में मदद करेंगी। पार्टी का फोकस आगामी विधानसभा चुनावों में संगठन को मजबूत कर रणनीतिक ढंग से मैदान में उतरने पर है।

टीएस सिंहदेव को मिली बड़ी जिम्मेदारी, तमिलनाडु–पुडुचेरी के लिए बने कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरपर्सन Read Post »

Chhattisgarh, Political

रायपुर की सड़कों पर उतरे विधायक और महापौर, खारुन नदी में नाला मिलने पर अफसरों को फटकार; 5 दिन में सुधार के निर्देश

रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की जमीनी हकीकत परखने के लिए सड़कों पर उतरे। निरीक्षण के दौरान वे सरोना और चंदनडीह क्षेत्रों में चल रहे और पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ महापौर मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान चंदनडीह में 80 करोड़ रुपये की लागत से बने एसटीपी प्लांट की स्थिति सामने आने पर विधायक मूणत खासे नाराज नजर आए। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चिंगरी नाले का दूषित और बदबूदार पानी अब भी सीधे खारुन नदी में मिल रहा है, जिस पर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 5 दिन का अल्टीमेटम दिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत की जाए। सरोना को विकास की दोहरी सौगात निरीक्षण के दौरान विधायक मूणत ने बताया कि अमृत मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार से स्वीकृत 9 करोड़ रुपये की राशि से सरोना क्षेत्र में एक भव्य उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने शीतला मंदिर के पीछे स्थित रिक्त भूमि का निरीक्षण किया और राजस्व अधिकारियों को पटवारियों के साथ तुरंत सीमांकन कर लेआउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चंदनडीह से सरोना होते हुए महादेव घाट तक नए बायपास रोड के निर्माण का प्रस्ताव आगामी बजट में भेजने के निर्देश दिए गए। विधायक ने कहा कि इससे क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद निरीक्षण कार्यक्रम में महापौर मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जोन अधिकारी, योजना शाखा के अधिकारी, भू-राजस्व निरीक्षक, पटवारी, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रायपुर की सड़कों पर उतरे विधायक और महापौर, खारुन नदी में नाला मिलने पर अफसरों को फटकार; 5 दिन में सुधार के निर्देश Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स: 6 से 8 जनवरी तक चयन ट्रायल, रायपुर और बिलासपुर में होंगे आयोजन

छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य की टीमों के चयन हेतु 6 से 8 जनवरी 2026 तक रायपुर और बिलासपुर में चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। रायपुर में वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी, जबकि बिलासपुर में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के लिए ट्रायल होंगे। इन ट्रायल्स के माध्यम से विभिन्न खेलों में प्रतिभावान आदिवासी खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अनुसार, इच्छुक खिलाड़ी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन कर सकते हैं। ऑनलाइन पंजीयन के लिए खिलाड़ी विभागीय वेबसाइट sportsyw.cg.gov.in पर उपलब्ध रजिस्ट्रेशन लिंक और क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। वहीं, सभी ट्रायल स्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स: 6 से 8 जनवरी तक चयन ट्रायल, रायपुर और बिलासपुर में होंगे आयोजन Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, State, Top News

कांकेर में दिनदहाड़े खेतों में घूमते दिखे दो भालू, तारसगांव में दहशत; महिला पर हमले के बाद बढ़ी चिंता

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा वन परिक्षेत्र अंतर्गत तारसगांव के पास दिन के उजाले में दो भालुओं के खेतों में घूमते देखे जाने से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है। यह क्षेत्र गांव से सटा हुआ और घनी आबादी वाला इलाका है, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है। भालुओं का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल से सटे गांवों में अब भालू और तेंदुए जैसे जंगली जानवरों की आवाजाही आम होती जा रही है। भोजन और पानी की तलाश में ये जानवर रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला पर भालुओं के हमले से मचा था हड़कंप कुछ दिन पहले चारामा के तेलगुड़ा गांव में दो भालुओं ने एक महिला पर हमला कर दिया था। बताया गया कि महिला सुबह घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी, तभी अचानक भालुओं ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर, कमर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। फिलहाल महिला चारामा अस्पताल में इलाजरत है। वन विभाग ने जारी की चेतावनी लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लोग शाम 6 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें और अपने पालतू जानवरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। साथ ही वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में ठोस और स्थायी कदम उठाने की मांग की जा रही है।

कांकेर में दिनदहाड़े खेतों में घूमते दिखे दो भालू, तारसगांव में दहशत; महिला पर हमले के बाद बढ़ी चिंता Read Post »

Chhattisgarh, Kanker, State

शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल की रिहाई पर सियासत तेज, BJP ने उठाए सवाल, सिंहदेव बोले– बिना दोष सिद्ध किए दी जा रही सजा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवीलाल ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को जमानत मिल जाती है, उसी मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा अब भी जेल में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल ने लखमा की कभी पैरवी नहीं की और कांग्रेस शासनकाल में आदिवासी नेताओं को साजिश के तहत निशाना बनाया गया। ठाकुर ने कहा कि कवासी लखमा के अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उनके खिलाफ मामला गढ़ा गया। अगर जांच निष्पक्ष है, तो फिर एक को राहत और दूसरे को जेल क्यों? उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय शराब घोटाले को सत्ता का संरक्षण मिला। सिंहदेव का पलटवार— जांच एजेंसियों का दुरुपयोग वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर बिना अपराध सिद्ध हुए ही लोगों को सजा दे रही है, जो कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सिंहदेव ने कहा कि चैतन्य बघेल ही नहीं, बल्कि कवासी लखमा, देवेंद्र यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के कई नेताओं के साथ भी यही रवैया अपनाया गया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। भूपेश बघेल बोले— राजनीतिक बदले की कार्रवाई चैतन्य बघेल की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनके बेटे की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ED, IT और EOW जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल बदले की भावना से किया गया। भूपेश बघेल ने कहा कि चैतन्य को हाईकोर्ट से जमानत मिलना इस बात का सबूत है कि कार्रवाई गलत थी। उन्होंने बताया कि चैतन्य की रिहाई उनके बेटे के जन्मदिन के दिन हुई, जबकि ED ने जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तारी कर खुशी में खलल डालने की कोशिश की थी। ED के आरोप क्या हैं? ED के मुताबिक शराब घोटाले की जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनमें चैतन्य बघेल पर करीब 1000 करोड़ रुपए की लेयरिंग और मनी ट्रांजैक्शन का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले की रकम विभिन्न चैनलों से होते हुए चैतन्य बघेल तक पहुंचाई गई। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? ED की जांच में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के शराब घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी, आबकारी विभाग के अफसर और कारोबारियों के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया। इस मामले में कई राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ FIR दर्ज है।

शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल की रिहाई पर सियासत तेज, BJP ने उठाए सवाल, सिंहदेव बोले– बिना दोष सिद्ध किए दी जा रही सजा Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur

नववर्ष पर दर्दनाक हादसा: कोरबा में जर्जर पुल बना जानलेवा, युवक की मौत, दो दोस्त घायल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नववर्ष के पहले ही दिन एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया। बांगो थाना क्षेत्र के पोड़ी-उपरोड़ा इलाके में तान नदी पर बने जर्जर गुरसिया पुल पर स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में पुरानी बस्ती, कोरबा निवासी 21 वर्षीय प्रकाश श्रीवास की जान चली गई। वहीं, उसके दोस्त अनमोल गोस्वामी और हरि गोस्वामी घायल हो गए हैं। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही स्कूटी पर सवार होकर परला की ओर जा रहे थे। गुरुवार देर रात जब वे गुरसिया पुल से गुजर रहे थे, तब पुल पर बने गड्ढों से बचने के दौरान स्कूटी अनियंत्रित हो गई और सीधे पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मोबाइल से खुला पूरा मामला हादसे के बाद घायल युवकों ने न तो तत्काल पुलिस को सूचना दी और न ही परिजनों को। रात में बांगो पुलिस को सूचना मिली कि सड़क पर एक युवक घायल अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकाश को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस प्रयास कर रही थी। इसी दौरान सुबह मृतक के मोबाइल पर आए कॉल से पुलिस को उसकी पहचान और घटना की पूरी जानकारी मिल सकी। इसके बाद परिजनों को सूचित किया गया, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं बनी चिंता यह हादसा जिले में खराब सड़कों और जर्जर पुलों की समस्या को उजागर करता है। आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मरम्मत को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोड़ी-उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की जांच जारी है।

नववर्ष पर दर्दनाक हादसा: कोरबा में जर्जर पुल बना जानलेवा, युवक की मौत, दो दोस्त घायल Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Kanker, Political, State, Top News

दुर्ग: नशा मुक्ति केंद्र से ही नशे की दवाएं बाहर ले जाने का आरोप, BJP महिला मोर्चा ने पकड़ा मामला

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित सुपेला के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के नशा मुक्ति (OST) केंद्र से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। नशा छुड़ाने के लिए संचालित इस केंद्र में दी जाने वाली दवाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा है। भाजपा जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष स्वीटी कौशिक ने शनिवार को अस्पताल परिसर में एक मरीज को नशे की दवाएं बाहर ले जाते हुए पकड़ने का दावा किया है। स्वीटी कौशिक का कहना है कि OST सेंटर में तय नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। नियमानुसार मरीजों को नशा मुक्ति की दवाएं अस्पताल परिसर में ही खिलाई जानी चाहिए, लेकिन यहां दवाएं मरीजों को बाहर ले जाने के लिए दी जा रही थीं। नशे की दवाएं बरामद बताया गया कि चार मरीजों के पास से इव्लिन (Evelyn) की शीशियां, इंजेक्शन में उपयोग होने वाली दवा और OST पाउडर की बड़ी मात्रा बरामद की गई। आरोप है कि इन दवाओं का इस्तेमाल मरीज इंजेक्शन के जरिए नशा करने के लिए कर रहे थे। लंबे समय से स्थानीय लोगों में नाराजगी भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि सुपेला क्षेत्र में यह OST सेंटर लंबे समय से विवादों में है। स्थानीय लोग लगातार इसे हटाने या अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। केंद्र के आसपास नशाखोरी, हंगामा और असामाजिक गतिविधियों के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया मामला जानकारी के अनुसार, रायपुर से डॉक्टर सोनवानी OST सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान स्वीटी कौशिक भी अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचीं और एक मरीज को बड़ी मात्रा में दवा बाहर ले जाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह दवाएं तत्काल सेवन के लिए थीं, जिन्हें बाहर ले जाना नियमों के खिलाफ बताया गया है। शिकायत दर्ज, जांच शुरू OST सेंटर के डॉक्टर और स्टाफ संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। स्वीटी कौशिक ने पूरे मामले को एक संगठित लापरवाही बताते हुए सुपेला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि OST सेंटर को या तो स्थानांतरित किया जाए या सख्त निगरानी में संचालित किया जाए, ताकि नशा मुक्ति अभियान अपने उद्देश्य से भटके नहीं।

दुर्ग: नशा मुक्ति केंद्र से ही नशे की दवाएं बाहर ले जाने का आरोप, BJP महिला मोर्चा ने पकड़ा मामला Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

बिलासपुर सड़क हादसा: पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, 2 श्रद्धालुओं की मौत, 3 गंभीर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना चौकी क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और जंगल क्षेत्र में एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में रायपुर के दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कार सवार सभी लोग रायपुर से अमरकंटक पूर्णिमा स्नान के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान रामकुमार धीवर (45) और राजकुमार साहू के रूप में हुई है। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जंगल में हुआ हादसा हादसा सुबह करीब 9 बजे ग्राम भसको के पास हुआ, जब कार तेज रफ्तार में जंगल के रास्ते से गुजर रही थी। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 2 घंटे तक कार में फंसा रहा शव हादसे के बाद कार के आगे बैठे राजकुमार साहू और एक अन्य यात्री वाहन में बुरी तरह फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन राजकुमार का शव करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कार से बाहर निकाला जा सका। घायलों की हालत गंभीर हादसे में कार चला रहे निलेश्वर धीवर, पीछे बैठे सुखसागर मानिकपुरी और अमित चंद्रवंशी गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से सिम्स अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों को दी गई सूचना पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दी। परिजन रायपुर से रतनपुर पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए रायपुर रवाना किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है।

बिलासपुर सड़क हादसा: पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, 2 श्रद्धालुओं की मौत, 3 गंभीर Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Crime, Top News
Scroll to Top