May 2026

रायपुर में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का VIDEO वायरल: भाजपा नेत्री और पति पर उठे सवाल, बच्चे भी हथियार लहराते दिखे

राजधानी रायपुर में एक शादी समारोह के दौरान खुलेआम हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। भाजपा से जुड़ी मंडी सदस्य Monika Singh के परिवार के कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेत्री अपने पति के साथ हवाई फायरिंग करती नजर आ रही हैं। समारोह में बच्चे, महिलाएं और युवतियां भी हथियार लहराते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मोनिका सिंह के भाई प्रतीक की शादी का है। शादी समारोह में डीजे और फिल्मी गानों के बीच बंदूक और पिस्टल से फायरिंग की गई। वायरल वीडियो में ‘धुरंधर’ फिल्म के गाने पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में मोनिका सिंह के पति ऋतुपर्ण सिंह भी फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ऋतुपर्ण सिंह बिलासपुर में चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारी हैं। घटना सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता Abhay Narayan ने कहा कि जिन लोगों को हथियारों का लाइसेंस दिया गया है, उनके उपयोग की भी नियमित जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों ने भी नाराजगी जताई है। कई यूजर्स का कहना है कि खुलेआम हथियारों से फायरिंग करना कानून को चुनौती देने जैसा है। कुछ लोगों ने पुलिस पर प्रभावशाली लोगों के मामलों में नरमी बरतने का आरोप भी लगाया। जानकारी के अनुसार, ऋतुपर्ण सिंह भाजपा नेता Saurabh Singh के करीबी बताए जा रहे हैं। उन पर पहले भी शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग करने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि रायपुर पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी।

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हमर अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं की सप्लाई का आरोप: कांग्रेस ने सरकार और CGMSC पर उठाए सवाल

रायपुर के गुढ़ियारी स्थित हमर अस्पताल में एक्सपायरी और कम अवधि वाली दवाइयों की सप्लाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता Vikas Upadhyay ने अस्पताल और CGMSC वेयरहाउस का निरीक्षण करने के बाद दावा किया कि वहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां मिली हैं। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज कराने और प्रदेशभर में जांच की मांग की है। विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं जिनकी एक्सपायरी डेट नजदीक है या जो उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है और यदि पूरे प्रदेश में जांच की जाए तो कई और मामले सामने आ सकते हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जिन दवाइयों पर सवाल उठ रहे हैं उनमें नवजात शिशुओं और बच्चों को दी जाने वाली दवाइयां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कम अवधि या एक्सपायरी दवाओं का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले CGMSC के जरिए सप्लाई की गई कैल्शियम दवाओं, मेडिकल किट, दस्ताने, सिरिंज और अन्य सर्जिकल सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ चुके हैं। कांग्रेस ने सरकार और दवा सप्लाई एजेंसियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर दिए जा रहे हैं। विकास उपाध्याय ने दावा किया कि कुछ कंपनियों में भाजपा नेताओं और उनके परिजनों की भूमिका होने के कारण कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि इस मामले पर सरकार या CGMSC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कांग्रेस ने राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही है।

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NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: पेपर लीक के आरोप के बाद NTA का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ के 45 हजार छात्र फिर देंगे एग्जाम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह फैसला पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद लिया गया। अब देशभर के छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। छत्तीसगढ़ में लगभग 45 हजार अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे। NTA ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। नई परीक्षा तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। छत्तीसगढ़ में इस बार NEET परीक्षा के लिए 19 केंद्र बनाए गए थे। इनमें रायपुर के करीब 9,200 छात्र शामिल थे। NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। पुराने परीक्षा केंद्रों पर ही री-एग्जाम कराया जाएगा और नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी। जांच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही कुछ सवाल कथित नकल गिरोह तक पहुंच गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल पहले ही लीक हो चुके थे। इस मामले के तार राजस्थान के जयपुर से जुड़ रहे हैं। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। एजेंसियां उसके नेटवर्क और अन्य राज्यों में फैले कनेक्शन की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि लीक हुए सवालों को दूसरे प्रश्नों के साथ मिलाकर एक “क्वेश्चन बैंक” तैयार किया गया था, जिसे परीक्षा देने वाले छात्रों तक पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बायोलॉजी के सभी 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। एजेंसियों ने कई छात्रों से पूछताछ की है। पूछताछ में पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही हैं। NTA के अनुसार, 8 मई से ही मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा की पारदर्शिता बनी रहे। राजस्थान में परीक्षा के बाद कई छात्रों के पास हाथ से लिखे गए कथित “गेस पेपर” मिले थे, जिनके सवाल असली परीक्षा से मेल खा रहे थे। 10 मई को SOG ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से दो दिन पहले ही करीब 600 नंबर के सवाल कुछ छात्रों तक पहुंच गए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, इतने बड़े स्तर पर सवालों का मैच होना सामान्य स्थिति नहीं माना जाता। यह पहला मौका नहीं है जब NTA विवादों में आया हो। इससे पहले 2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक विवाद में घिरी थी। उस समय बिहार और झारखंड में जांच के बाद कई गिरफ्तारियां हुई थीं, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी।

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जांजगीर में फूड पॉइजनिंग का मामला: तरबूज और चिकन खाने के बाद बच्चे की मौत, 3 अस्पताल में भर्ती

जांजगीर-चांपा जिले में कथित फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। तरबूज और चिकन खाने के बाद एक ही परिवार के चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम घुरकोट की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ मामा के घर शादी समारोह में शामिल होने घुरकोट आए हुए थे। परिवार शादी के बाद पिछले तीन-चार दिनों से वहीं रुका हुआ था। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह तरबूज काटकर रखा गया था, जिसे बच्चों ने दोपहर में खाया। इसके बाद रात में सभी ने घर में बना चिकन भी खाया। कुछ समय बाद चारों बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। अखिलेश धीवर की हालत सबसे ज्यादा खराब हो गई। सांस लेने में दिक्कत और लगातार तबीयत बिगड़ने पर परिजन पहले उसे गांव के एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर सोमवार सुबह एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। वहीं, बाकी तीन बच्चों को भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. कुजूर के अनुसार, काफी देर तक रखा हुआ कटा तरबूज खाने से संक्रमण फैलने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं ताकि बीमारी की असली वजह का पता लगाया जा सके।

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रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ की चोरी, सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हुए चोर

रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने देर रात दुकान में घुसकर करीब 1 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे। इसके बाद दुकान में रखे भारी मात्रा में सोने और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने की वजह से कारोबारी को चोरी की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह जब दुकान खोली गई, तब चोरी का पता चला। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो चोरी से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

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प्रेमिका के प्राइवेट फोटो-VIDEO वायरल कर किया ब्लैकमेल, युवक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक युवक द्वारा नाबालिग प्रेमिका को शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में उसके प्राइवेट फोटो-वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की पहचान सरगुजा जिले के सलका पतराटोली निवासी अनोज दास से एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में प्रेम संबंध बन गया। आरोप है कि युवक ने शादी का वादा कर युवती को अंबिकापुर के पटपरिया स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान आरोपी ने युवती के निजी फोटो और वीडियो भी बना लिए। कुछ समय बाद युवक ने बिना बताए दूसरी लड़की से शादी कर ली। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके प्राइवेट फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। पीड़िता का आरोप है कि फोटो-वीडियो वायरल करने के बाद युवक उसे दोबारा संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा और लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परेशान होकर युवती ने पुलिस से शिकायत की। पहले मामला लटोरी पुलिस चौकी में दर्ज किया गया, बाद में इसे गांधीनगर थाने भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

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रायगढ़ में निष्कासित BJP पार्षद गिरफ्तार: दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर युवक से मांगे 40 हजार रुपए

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भाजपा के निष्कासित पार्षद पर युवक को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप लगा है। आरोपी युवक और उसके परिवार पर लगातार दबाव बना रहा था। परेशान होकर युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, घरघोड़ा वार्ड क्रमांक-10 निवासी साहिल यादव ने वार्ड क्रमांक-2 के निष्कासित भाजपा पार्षद Shyam Bhojwani के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। साहिल ने बताया कि उसका पिछले कई वर्षों से धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। कुछ समय पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। बताया गया कि युवती शिकायत लेकर घरघोड़ा थाने पहुंची थी। इस दौरान साहिल भी आरोपी पार्षद के साथ थाने गया था। वहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और आपसी समझौते के बाद युवती ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया। शिकायत के मुताबिक, उसी शाम आरोपी श्याम भोजवानी साहिल के मोहल्ले पहुंचा और परिवार को धमकाते हुए कहा कि मामला खत्म कराने के लिए 50 हजार रुपए देने होंगे, नहीं तो युवक को दुष्कर्म केस में फंसा कर जेल भेज दिया जाएगा। परिवार द्वारा रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ने 40 हजार रुपए में मामला निपटाने की बात कही और लगातार पैसे का इंतजाम करने का दबाव बनाता रहा। साहिल ने पुलिस को बताया कि आरोपी लगातार मोबाइल कॉल कर उसे और उसकी मां को धमका रहा था। पैसे नहीं देने पर जेल भिजवाने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। युवक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने उससे कोई रकम नहीं मांगी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा पैसे मांगने की मोबाइल ऑडियो रिकॉर्डिंग जब्त की। थाना प्रभारी Kumar Gaurav Sahu ने रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर सुरक्षित किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रविवार को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। रायगढ़ एसएसपी Shashi Mohan Singh ने कहा कि कानून और पुलिस का डर दिखाकर पैसे वसूलना गंभीर अपराध है। उन्होंने लोगों से ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है।

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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला यात्री, RPF जवान ने बचाई जान

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया और वह चलती ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, रविवार रात बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस दुर्ग रेलवे स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक यात्री जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। ट्रेन धीरे-धीरे गति पकड़ रही थी, तभी यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच बने गैप में फंस गया। बताया जा रहा है कि यात्री करीब 50 मीटर तक घसीटता चला गया। यह दृश्य देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और यात्रियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई Niranjan ने तुरंत स्थिति को समझा और बिना समय गंवाए दौड़कर यात्री को बाहर खींच लिया। उनकी सतर्कता और तेजी की वजह से बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरपीएफ जवान की तत्परता साफ दिखाई दे रही है। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने जवान की बहादुरी और फुर्ती की सराहना की। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

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रायपुर में मानसून से पहले जलभराव: नाले का गंदा पानी घरों में घुसा, फाफाडीह अंडरब्रिज में फिसल रहीं गाड़ियां

रायपुर में मानसून शुरू होने से पहले ही जलभराव की समस्या ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फाफाडीह इलाके के रमन मंदिर छहमुंहा नाले में कचरा जमा होने के कारण आसपास की बस्तियों में पानी भरने लगा है। स्थिति ऐसी हो गई कि गर्मी के मौसम में ही नाले का गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से नालों की सफाई नहीं की गई है। थोड़ी बारिश और पानी के बहाव से ही चूनाभट्टी बस्ती, फाफाडीह अंडरब्रिज और पाठक नर्सिंग होम गली में जलभराव की स्थिति बन गई। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फाफाडीह अंडरब्रिज में तेज बहाव के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं भी सामने आईं। लोगों के मुताबिक कई वाहन चालक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। वहीं पाठक नर्सिंग होम गली में जलभराव के चलते अस्पताल परिसर और आसपास के मकानों में भी पानी भर गया। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इलाके में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में Shrikumar Shankar Menon और Kuldeep Juneja भी शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद, महापौर और विधायक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। धरने के दौरान निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। शिकायतों के बाद जोन कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, जिसके बाद पोकलेन मशीन की मदद से नाले की सफाई शुरू कराई गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर गर्मी में ही यह स्थिति है तो मानसून के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं की गई, तो पहले जोन कार्यालय और बाद में नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।

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बिलासपुर में आवारा कुत्ते का हमला: दो मासूम बच्चों की आंखों पर गंभीर चोट, सर्जरी से बचाई गई रोशनी

बिलासपुर जिले में आवारा कुत्ते के हमले में दो छोटे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में बच्चों के चेहरे, आंखों और पलकों पर गहरी चोटें आईं। दोनों का इलाज सिम्स अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर उनकी आंखों की रोशनी बचाई। डॉक्टरों ने इसे कैटेगरी-3 डॉग बाइट का मामला बताया है, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा काफी अधिक रहता है। घटना बिल्हा विकासखंड के बटोरी गांव की है। बताया जा रहा है कि दो साल का एक लड़का और दो साल की एक बच्ची घर के बाहर खेल रहे थे, तभी एक आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चों के चेहरे और आंखों के आसपास बुरी तरह काट लिया। घटना के बाद परिजन तुरंत दोनों बच्चों को Chhattisgarh Institute of Medical Sciences लेकर पहुंचे। जांच में डॉक्टरों ने पाया कि बच्चों की पलकों और आंखों के आसपास गंभीर जख्म हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए तत्काल घावों की सफाई की गई और बच्चों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) तथा रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) दिया गया। आंखों और पलकों को गंभीर नुकसान पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत ‘अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी’ की। ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों को सावधानीपूर्वक ठीक किया गया, ताकि आंखों की संरचना और रोशनी सुरक्षित रखी जा सके। फिलहाल दोनों बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस जटिल इलाज में नेत्र रोग विशेषज्ञ Prabha Sonwani, Sanjay Choudhary, Aarti, Aniket के साथ निश्चेतना विभाग की Yasha Tiwari और Dropati समेत मेडिकल टीम शामिल रही। सिम्स के अधिष्ठाता Ramanesh Murti ने कहा कि कुत्ते के काटने जैसे मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। थोड़ी भी लापरवाही मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। वहीं मेडिकल सुपरिटेंडेंट Lakhan Singh ने लोगों से अपील की कि डॉग बाइट के मामलों में घरेलू इलाज या अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल जाकर इलाज कराएं। विशेषज्ञों ने बताया कि रेबीज संक्रमित जानवर के काटने, खरोंच या लार के संपर्क से फैलने वाली बेहद खतरनाक बीमारी है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में परेशानी, मानसिक भ्रम और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम और प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण, नसबंदी अभियान और रेबीज जागरूकता कार्यक्रम तेज करने की मांग की है। नगर निगम कमिश्नर Prakash Kumar Sarve ने बताया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए घुरू-अमेरी क्षेत्र में सेंटर संचालित किया जा रहा है। पिछले साल इस अभियान पर करीब 80 लाख रुपए खर्च किए गए और 6100 कुत्तों की नसबंदी की गई। वहीं बीते दो महीनों में 680 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।

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