March 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गरमाएंगे कई मुद्दे, प्रश्नकाल में गौवंश से फ्लाईऐश तक उठेंगे सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज का दिन राजनीतिक और जनहित के मुद्दों के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व विधायक मंगलीबाई रावटे को श्रद्धांजलि देकर की जाएगी। इसके बाद प्रश्नकाल में विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। प्रश्नकाल के दौरान कृषि, पशुपालन, आदिम जाति कल्याण, आवास एवं पर्यावरण तथा पर्यटन विभाग से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही सदन में कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी सूचीबद्ध हैं, जिनमें कानून-व्यवस्था, उद्योगों में सुरक्षा, सामाजिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इन प्रस्तावों में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही स्थित इस्पात संयंत्र में मजदूरों की मौत का मामला भी शामिल है। इस घटना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों पर सरकार से कार्रवाई और जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। प्रदेश में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है। विधायक इस मुद्दे पर सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांग सकते हैं। इसके अलावा राज्य में गौवंश की स्थिति, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, पशुधन विकास योजनाओं और मंडी निधि से बने सामुदायिक भवनों की प्रगति पर भी सवाल उठेंगे। मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थलों के संरक्षण से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बनेंगे। रायपुर विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को नगर निगम सीमा में शामिल करने का विषय भी सदन में उठेगा, जो इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है। उद्योगों से निकलने वाले फ्लाईऐश के प्रबंधन, मछली पालन योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रियों के विभागों की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर भी चर्चा होने की संभावना है। कुल मिलाकर आज का प्रश्नकाल कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का साक्षी बन सकता है।

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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 3 महीने में 949 चालकों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में यातायात पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग की जा रही है, जिसके तहत जनवरी से मार्च के बीच अब तक 949 चालकों पर कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 130, फरवरी में 279 और मार्च में अब तक 540 लोगों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में 11 मार्च की रात फुंडहर चौक, टेमरी चौक, ऊर्जा पार्क रोड, ऐश्वर्या बाजार और विधानसभा रोड सहित कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 58 चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में हर साल ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। अनुमान है कि प्रतिवर्ष 1800 से 2000 दुर्घटनाएं नशे में वाहन चलाने की वजह से दर्ज होती हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की जान चली जाती है। वर्ष 2025 में ही ऐसे 1523 मामलों में कार्रवाई की गई थी और 680 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए थे। मोटर वाहन अधिनियम 2019 के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और जेल की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए लोगों में जागरूकता, जिम्मेदारी और सख्त निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

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रायपुर में मुंशी 10 लाख लेकर फरार, कंपनी का कैश जमा कराने गया था बैंक

राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के साथ विश्वासघात का मामला सामने आया है, जहां कंपनी का मुंशी 10 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। कारोबारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित विजय गोयल देवेंद्र नगर के निवासी हैं और आयरन एंड स्टील ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं। उनका कार्यालय स्टेशन रोड स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स में संचालित होता है। कंपनी के लेन-देन से संबंधित नकदी इकट्ठा कर बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी मुंशी अनिल साल्वे को सौंपी गई थी। बताया गया कि अनिल साल्वे विभिन्न पार्टियों से कंपनी के लगभग 10 लाख रुपये लेकर आया, लेकिन रकम बैंक में जमा कराने के बजाय वह फरार हो गया। जब काफी समय तक वह वापस नहीं लौटा तो कारोबारी ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद विजय गोयल ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।

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प्रदेश में 7 लाख से ज्यादा एक्सपायर रजिस्ट्रेशन वाले वाहन सड़कों पर, मालिकों का रिकॉर्ड भी अधूरा

प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, जिनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके 7 लाख से अधिक कार और दोपहिया वाहन बिना रिन्यूअल, फिटनेस और बीमा के ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये वाहन वर्ष 2005 से 2010 के बीच खरीदे गए थे। उस समय ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू नहीं था, जिसके कारण परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में कई वाहन मालिकों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। नाम-पते अधूरे हैं और मोबाइल नंबर भी दर्ज नहीं हैं। इससे ट्रैफिक नियम उल्लंघन होने पर भी कैमरों के जरिए चालान जारी करना मुश्किल हो रहा है। नियमों के अनुसार 15 साल पुराने वाहनों का या तो दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होता है या उन्हें स्क्रैप घोषित करना होता है। रजिस्ट्रेशन से पहले वाहन की फिटनेस जांच भी अनिवार्य होती है, लेकिन अधिकांश वाहन मालिकों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। जानकारी के मुताबिक 2005 से 2010 के बीच करीब 8 लाख वाहन खरीदे गए थे, जिनमें से केवल लगभग 1 लाख वाहनों का ही नवीनीकरण कराया गया है। बाकी करीब 7 लाख वाहन अब भी सड़कों पर चल रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में केवल कुछ ही वाहनों को आधिकारिक रूप से कबाड़ घोषित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पुराने और बिना रिकॉर्ड वाले वाहनों का इस्तेमाल अपराध में भी किया जा सकता है, क्योंकि नंबर प्लेट से मालिक की पहचान करना कठिन होता है। हाल ही में एक आपराधिक मामले में आरोपी इसी तरह की एक्सपायर रजिस्ट्रेशन वाली बाइक का उपयोग करते हुए फरार हुआ था। सरकार अब ऐसे वाहनों के लिए समय सीमा तय करने की तैयारी में है। निर्धारित अवधि के बाद जिन वाहनों का नवीनीकरण नहीं कराया जाएगा, उन्हें रिकॉर्ड से हटाकर जब्त कर सीधे स्क्रैप किया जा सकता है।

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रायपुर में ज्वेलरी शॉप से 5 लाख की ठगी, पति-पत्नी गहने पहनकर पैसे लाने के बहाने फरार

राजधानी रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी को पति-पत्नी की जोड़ी ने ठगी का शिकार बना लिया। दोनों आरोपी दुकान से करीब 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लेकर भुगतान करने का बहाना बनाकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित “मां दुर्गा ज्वेलर्स” की है, जहां दुकानदार दुर्गा प्रसाद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम एक दंपति दुकान पर ज्वैलरी खरीदने पहुंचे। उन्होंने सोने का हार, बाली, अंगूठी और चांदी की पायल-बिछिया समेत लगभग 4 लाख 93 हजार रुपये के आभूषण पसंद किए। बताया गया कि दोनों ने गहने पहनकर कहा कि वे पास में रहने वाले परिचितों से पैसे लेकर तुरंत लौटते हैं। इसके बाद वे दुकान से निकल गए, लेकिन वापस नहीं आए। पीड़ित व्यापारी ने जब देर तक इंतजार किया तो ठगी का अहसास हुआ और पुलिस को सूचना दी। टिकरापारा पुलिस ने आरोपी कमलेश्वरी साहू और मेशराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के भागने के रास्ते और लोकेशन का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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रायपुर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, होटल-दुकानों से 350+ सिलेंडर जब्त

रायपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर से भी घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल करते हुए 3 सिलेंडर बरामद किए गए। अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया। यहां से 26 घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा), 2 व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) और 4 छोटे सिलेंडर (5 किग्रा) जब्त किए गए। इसके अलावा कोरासी इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी की जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर तथा 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम मिले। अनियमितता के चलते एजेंसी में मौजूद कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की निगरानी में रखा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले में एलपीजी (वितरण एवं विनियमन) आदेश 2000 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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रायपुर में व्यापारी से 5 लाख की ठगी, नकली चांदी के सिक्के देकर ले गए कैश और सोना

रायपुर: राजधानी रायपुर में एक व्यापारी के साथ करीब 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने पुराने चांदी के सिक्के सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर व्यापारी से नकद और सोने के जेवर ले लिए और बदले में नकली सिक्कों की पोटली थमा कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सस्ते दाम में चांदी देने का दिया लालच यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार अमलीडीह निवासी मुरली केसरवानी को कुछ लोगों ने संपर्क कर बताया कि उनके पास बड़ी संख्या में पुराने चांदी के सिक्के हैं। आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों ने भरोसा दिलाने के लिए पहले कुछ असली सिक्के दिखाए। इसके बाद बाजार भाव से कम कीमत पर चांदी बेचने का प्रस्ताव दिया, जिससे व्यापारी उनके झांसे में आ गया। पैसे और जेवर लेकर आरोपी हुए फरार सौदा तय होने के बाद तय स्थान पर मुलाकात हुई, जहां मुरली केसरवानी ने आरोपियों को 5 लाख रुपए नकद और कुछ सोने के आभूषण दे दिए। जैसे ही पैसे और जेवर उनके हाथ लगे, आरोपी जल्दी में वहां से निकल गए। जांच में सामने आया नकली सिक्कों का खेल आरोपियों के जाने के बाद जब व्यापारी ने सिक्कों की पोटली खोली और जांच की, तो पता चला कि ऊपर रखे कुछ सिक्के ही असली थे, जबकि अंदर रखे बाकी सिक्के नकली और सस्ती धातु के बने हुए थे। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने तुरंत न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अमलीडीह और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।

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लापरवाही पर निगम की कार्रवाई, रायगढ़ में दो ठेकेदार कंपनियां ब्लैकलिस्ट

Raigarh नगर निगम ने शहर में विकास और सफाई कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। निगम ने सफाई कार्य में अनियमितता और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर नीलामेश मेन पावर प्राइवेट लिमिटेड को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। वहीं सीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी और काम में देरी पाए जाने पर यशराज स्टील्स फर्म को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। सफाई ठेकेदार का अनुबंध रद्द नगर निगम कमिश्नर Brijesh Singh Kshatriya के निर्देश पर शहर में चल रहे नाला-नाली, सीसी सड़क, सामुदायिक भवन और अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान सफाई व्यवस्था संभाल रही कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आईं। जांच में पाया गया कि बिलासपुर की कंपनी नीलामेश मेन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया और ईपीएफ जमा करने में भी लापरवाही बरती। इसके चलते निगम ने कंपनी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया और उसकी अमानत राशि भी जब्त कर ली। कर्मचारियों को नहीं मिली जरूरी सुविधाएं निगम के आदेश के अनुसार एजेंसी के पास वाहन और विद्युत शाखा के 94 प्लेसमेंट कर्मचारी कार्यरत थे। अनुबंध के तहत हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना जरूरी था, लेकिन सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक भुगतान में लगातार देरी हुई। इसके अलावा कर्मचारियों को सुरक्षा जैकेट, एप्रन और पहचान पत्र जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। सीसी सड़क निर्माण में भी मिली गड़बड़ी वार्ड क्रमांक 40 में लगभग 26 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी सड़क और वार्ड 29 में अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और देरी पाए जाने पर यशराज स्टील्स फर्म को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। लापरवाह एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो भी ठेकेदार काम में लापरवाही बरत रहे हैं या नियमों का पालन नहीं कर रहे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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दुर्ग-भिलाई में गैस सिलेंडर को लेकर असमंजस, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

Durg और Bhilai में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई उपभोक्ता दावा कर रहे हैं कि बुकिंग के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। कई गैस एजेंसियों में सर्वर की तकनीकी समस्या और बुकिंग में देरी के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसी के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नंबर लगने के बाद भी कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी भिलाई में सबसे ज्यादा समस्या कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर को लेकर सामने आ रही है। होटल, ढाबा और छोटे व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद है। इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने लगा है। होटल कारोबारियों का कहना है कि यदि स्थिति कुछ दिन और ऐसी ही रही तो खाना बनाने और व्यवसाय चलाने में परेशानी बढ़ सकती है। वहीं अस्पताल, हॉस्टल और अन्य संस्थानों में भी गैस उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। सर्वर समस्या से बुकिंग प्रभावित भिलाई की एक गैस एजेंसी के अनुसार पिछले तीन दिनों से सर्वर बार-बार डाउन हो रहा है। सुबह कुछ समय तक सिस्टम काम करता है, लेकिन फिर बंद हो जाता है। इसके कारण बुकिंग पर्ची निकालने और होम डिलीवरी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे 10 से 15 दिनों से सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर समस्या बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि कई दिन पहले बुकिंग करने के बाद भी उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। प्रशासन ने की समीक्षा बैठक इस स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर Abhijeet Singh ने कलेक्ट्रेट में ऑयल कंपनियों और गैस वितरकों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और रोजाना लगभग 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने गैस एजेंसियों को सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है और जिन लोगों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द ही इसे गैस एजेंसी में पूरा करा लें। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3555 जारी किया गया है।

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