March 2026

भिलाई की अनुष्का सोन बनीं मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026, राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

भिलाई की MBBS छात्रा अनुष्का सोन को फेमिना मिस इंडिया 2026 के 61वें संस्करण में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 के रूप में चुना गया है। अब वे इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता की प्रारंभिक चयन प्रक्रिया कोलकाता में आयोजित हुई, जहां सैकड़ों प्रतिभागियों में से पांच फाइनलिस्ट का चयन किया गया। इसके बाद मुंबई में अंतिम ऑडिशन में अनुष्का ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर यह खिताब हासिल किया। निर्णायक मंडल में नताशा ग्रोवर, निकिता पोरवाल (फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024), गोकुल गणेशन (मिस्टर इंडिया वर्ल्ड 2024), अल्तमास फराज, सचिन कुम्भार, डॉ. ब्लॉसम कोच्चर और संदीप सोपरकर जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल थे, जिन्होंने अनुष्का को विजेता घोषित किया। देशभर से चयनित प्रतिभागियों को लगभग एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद भुवनेश्वर में भव्य ग्रैंड फिनाले आयोजित होगा, जहां फेमिना मिस इंडिया 2026 का ताज विजेता के सिर सजने वाला है। फेमिना मिस इंडिया टाइम्स ग्रुप के ब्रांड फेमिना के तहत आयोजित एक प्रमुख राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रतिभा और सामाजिक समझ का मूल्यांकन किया जाता है।

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बिलासपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान, लाठी-फरसे से हमला कर की हत्या

बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना करगीखुर्द गांव में हुई, जहां आरोपी राजाराम साहू (21) ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहन पांडे (52) पर लाठी और फरसे से हमला किया। हमला इतना गंभीर था कि मोहन पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए उनके साथी शरद कौशिक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अभी अस्पताल में जारी है। घटना के तुरंत बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजाराम साहू को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसके फरार साथियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कोटा थाने की पुलिस मामले की जांच में पूरी तरह जुटी हुई है। घायल शरद कौशिक को कोटा पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम की मौजूदगी में पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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बिलासपुर में भू-माफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 95 साल के मृतक को 46 साल का दिखाकर जमीन हड़पी

बिलासपुर में जमीन हड़पने के लिए हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 95 वर्षीय मृत बुजुर्ग को रिकॉर्ड में 46 वर्षीय जीवित व्यक्ति बना दिया गया और उसकी जाति भी बदल दी गई। इस जालसाजी के जरिए शहर की एक कीमती खाली जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब जमीन से जुड़े लोगों ने राजस्व विभाग से जानकारी ली। रिकॉर्ड में जमीन कौशल प्रसाद सूर्यवंशी नाम के व्यक्ति के नाम दर्ज मिली, जिसने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए रमेश पांडेय को जमीन बेच दी थी। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति को फर्जी तरीके से 46 वर्ष का दर्शाकर नए दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन अपने नाम कर ली गई। शिकायत मिलने पर एसडीएम मनीष साहू ने मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में कूटरचना और फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने की पुष्टि हुई है। मामले को पुनरीक्षण में लेकर तहसीलदार को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एक-दो नहीं बल्कि दर्जन भर शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर या जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की गई है। एक अन्य मामले में शांति नगर के निवासी अनिल तिवारी की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे के नाम कर दी गई और बाद में उसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। इसी तरह तोरवा क्षेत्र में एक दंपति को मृत दिखाकर उनकी जमीन का नामांतरण कराया गया और फिर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। बाद में मामला सामने आने पर इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन को आशंका है कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। भू-माफिया गिरोह पहले ऐसी जमीनों की पहचान करते हैं, जिन पर लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ हो या जिनका कोई स्पष्ट वारिस न हो। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन अपने कब्जे में ले लेते हैं। सरकंडा, तोरवा, सकरी और सिरगिट्टी जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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खेलते-खेलते टंकी में गिरा मासूम, 7 फीट गहरे पानी में डूबने से मौत

राजधानी रायपुर के अमलीडीह स्थित महात्मा गांधी नगर में रविवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में एक मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई। बच्चा घर के आंगन में अपनी दादी के साथ खेल रहा था, तभी कुछ मिनट के लिए नजरों से ओझल हुआ और घर में बनी पानी की टंकी में गिर गया। परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक इराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है और मां की हालत सदमे के कारण बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्चे की दादी उसे नहलाने के बाद बाहर तैयार कर रही थीं। इसी दौरान वे थोड़ी देर के लिए घर के अंदर चली गईं और बच्चा गोद से उतरकर पोर्च की ओर चला गया। कुछ ही मिनट में वह वहां बनी करीब 7 फीट गहरी पानी से भरी टंकी में गिर गया। टंकी पूरी तरह भरी होने के कारण बच्चा दिखाई नहीं दिया, जिससे तुरंत किसी को घटना का पता नहीं चल सका। जब दादी वापस लौटीं तो बच्चा आसपास नहीं मिला। उन्होंने पड़ोसियों की मदद से खोजबीन शुरू की। बच्चा नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका में पुलिस को सूचना दी गई। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी बीच एक पड़ोसी ने टंकी में देखने की सलाह दी। बांस डालकर जांच की गई और बाद में एक युवक टंकी में उतरा, जहां से बच्चे का शव बाहर निकाला गया। परिवार के अनुसार मकान अभी निर्माणाधीन है, इसलिए टंकी पूरी तरह ढकी नहीं थी। आमतौर पर इसे पट्टे और ईंटों से बंद रखा जाता था, लेकिन उस दिन घर में पेंटिंग का काम चल रहा था। मजदूरों ने पानी निकालने के लिए ढक्कन हटाया और उसे खुला छोड़ दिया, जिससे यह हादसा हो गया। गौरतलब है कि दो महीने पहले मोवा क्षेत्र में भी इसी तरह एक चार वर्षीय बच्ची की सेप्टिक टैंक में गिरकर मौत हो चुकी है।

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1 अप्रैल से बदलेंगे कचरा प्रबंधन के नियम, 100 मेहमान वाली पार्टी की देनी होगी सूचना

1 अप्रैल से देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 अब 2016 के पुराने प्रावधानों की जगह लेंगे। नए नियमों में नागरिकों के साथ-साथ नगर निगम और नगर पालिकाओं की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। सबसे सख्त प्रावधान मौके पर जुर्माना लगाने का है, जो स्थानीय उपनियमों के अनुसार 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक हो सकता है। राज्य के 193 नगरीय निकायों में फिलहाल 2016 के नियम लागू हैं, जिन्हें पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जा सका। नए नियमों में सामाजिक आयोजनों को लेकर भी कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि किसी निजी स्थान या घर में शादी, जन्मदिन या अन्य कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग शामिल होने वाले हैं, तो आयोजन से कम से कम तीन कार्य दिवस पहले संबंधित नगर निगम या पालिका को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य बड़े आयोजनों से उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करना है। सूचना नहीं देने और कार्यक्रम स्थल पर गंदगी मिलने पर आयोजक पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में कचरा वाहनों पर जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी गई है, ताकि कचरे की चोरी या अनियमित निपटान पर निगरानी रखी जा सके। स्थानीय निकायों को हर महीने इसका डेटा केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा। प्रदेश में कुल 193 शहरी निकाय प्रतिदिन लगभग 2,534 टन कचरा उत्पन्न करते हैं, जिसमें करीब 85 प्रतिशत गीला और सूखा कचरा तथा 15 प्रतिशत खतरनाक और सैनेटरी वेस्ट होता है। कुछ शहरों में ई-चालान व्यवस्था शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगह निगरानी व्यवस्था अभी भी कमजोर है। सड़क किनारे खाद्य सामग्री या सब्जी बेचने वाले ठेले-रेहड़ी संचालकों के लिए भी कड़े नियम लागू होंगे। उन्हें अपने पास डस्टबिन रखना होगा और कचरा निर्धारित स्थान या निगम के वाहन में ही डालना होगा। इसके अलावा कचरा बीनने वालों को औपचारिक प्रणाली में शामिल करने के लिए उनका पंजीकरण, पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। घरों में कचरा अलग करने के नियम भी बदले हैं। अब दो नहीं बल्कि चार डिब्बों में कचरा अलग करना होगा—गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनेटरी कचरा (डायपर आदि) और विशेष कचरा जैसे बैटरी या बल्ब। मिश्रित कचरा देने पर वाहन उसे उठाने से मना कर सकता है। सैनेटरी उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को अब पैकेट के साथ डिस्पोजेबल पाउच देना अनिवार्य होगा, ताकि उपयोग के बाद इन्हें सुरक्षित तरीके से अलग किया जा सके। वहीं 5,000 वर्ग मीटर से बड़े आवासीय या वाणिज्यिक परिसरों को अपने परिसर में गीले कचरे के निपटान के लिए खाद बनाने की व्यवस्था करनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर स्थानीय निकाय ई-चालान या मौके पर जुर्माना वसूल सकते हैं। भुगतान न होने पर राशि को संपत्ति कर में भी जोड़ा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नए नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और तकनीकी रूप से उन्नत हैं, जिनका उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।

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कंपनियों से निकलते ही गायब होता माल, यार्ड में चल रहा संगठित चोरी का नेटवर्क

राजधानी रायपुर के बाहरी इलाकों में इन दिनों लोहा, सरिया और पिग आयरन की चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आई है। कंपनियों से लोड होकर ट्रेलर सीधे यार्ड तक पहुंचते हैं, जहां से माल की चोरी कर ली जाती है। बाद में वजन संतुलित दिखाने के लिए ट्रेलर में पत्थर और कच्चा लोहा भर दिया जाता है, ताकि जांच के दौरान कोई शक न हो। बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है। जांच में खमतराई, उरला और सिलतरा थाना क्षेत्रों के कई यार्ड और कबाड़ी ठिकानों का नाम सामने आया है, जहां चोरी का सामान खपाया जाता है। इस पूरे काम में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसमें ट्रांसपोर्टर और कबाड़ी दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर विक्की द ढाबा के पीछे स्थित एक यार्ड में चोरी के सरिए और पिग आयरन की खरीद-फरोख्त होने की बात भी सामने आई है। इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रेलर के नीचे बनाए गए गुप्त चेंबर में भारी मात्रा में लोहा रखा दिखाई दे रहा है। इस चेंबर में लोहा भरकर वाहन का वजन बढ़ा दिया जाता है, जिससे माल की कमी पकड़ में नहीं आती। सूत्रों के अनुसार, कंपनी से निकलते समय और गंतव्य पर पहुंचने पर ट्रेलर का वजन किया जाता है, लेकिन बीच रास्ते में ऐसे यार्ड में सरिया उतारकर उसकी जगह समान वजन का पत्थर और लोहा भर दिया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में गिरफ्तार रूपेश सिंह का सहयोगी राकेश साहू भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दो अन्य ट्रांसपोर्टर भी इस काम में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके गोदाम आसपास ही स्थित हैं और वाहनों पर अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है।

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रायपुर के 2021 मर्डर केस का आरोपी 3 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार

रायपुर में वर्ष 2021 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में फरार आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। टिकरापारा निवासी महिला ने पारिवारिक संपत्ति विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार नामक व्यक्ति को 4 लाख रुपये दिए थे, लेकिन आरोपी ने विश्वासघात करते हुए महिला की हत्या कर दी और घर से लाखों रुपये नकद व सोना लूटकर फरार हो गया था। 21 मार्च 2026 को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार व्यक्ति अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है, जो अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम भी अहमदाबाद रवाना हो गई है और ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह मामला अक्टूबर 2021 का है, जब रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान से शकुंतला देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। जांच में सामने आया कि महिला का अपने बड़े बेटे के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए महिला और उनके छोटे बेटे ने अजय कुमार मिश्रा से मदद ली थी। आरोपी और महिला का बेटा पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम कर चुके थे। समझौता कराने के नाम पर आरोपी को 4 लाख रुपये नकद और 10 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। बाद में आरोपी रकम लेकर गायब हो गया, जिसके चलते महिला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदले की भावना और लूट के इरादे से आरोपी अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर पहुंचा और महिला के घर पर ही ठहर गया। मौका पाकर दोनों ने महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने घर से करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 30–35 तोला सोना लूट लिया था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक ज्वेलर को बेच दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल बंद कर दिया और लगातार शहर बदलता रहा। वह गोवा, अहमदाबाद और मुंबई में छिपकर रह रहा था। टिकरापारा थाने में दर्ज यह मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा। जांच के दौरान कई थाना प्रभारी बदले, लेकिन आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। केस डायरी में केवल एक संदिग्ध का उल्लेख था। अब अहमदाबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोल दी है। रायपुर कमिश्नरेट के अतिरिक्त डीसीपी राहुल देव शर्मा के अनुसार, अहमदाबाद पुलिस से सूचना मिलने पर एक विशेष टीम भेजी गई है। आरोपी से पूछताछ के बाद पूरे हत्या और लूट के मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।

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रायपुर में नशे पर बड़ी कार्रवाई, 42 किलो गांजा समेत ड्रग्स बरामद, 12 गिरफ्तार

रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह संयुक्त कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 42 किलो गांजा, 2200 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और 1.53 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान बिना वैध दस्तावेज के बेची जा रही 1700 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोर को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। गंज थाना क्षेत्र में दो आरोपी एमडीएमए ड्रग्स की तस्करी करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि वे नागपुर से आने वाली ट्रेन के अटेंडेंट के माध्यम से ड्रग्स मंगवाते थे। पंडरी थाना क्षेत्र में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का मामला सामने आया, जहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा ले जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 42 किलो गांजा और लगभग एक लाख रुपये नकद भी बरामद किए। कुछ आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका है। डीडी नगर इलाके में भी 500 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद अब तक 24 मामलों में 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 1.72 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।

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चोरी के शक में युवक की बेरहमी से पिटाई, बाल काटकर अर्धनग्न किया

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चोरी के शक में ग्रामीणों ने एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया। ग्राम धारानगर में युवक पर घर में घुसकर सरसों की छोटी बोरी और 300 रुपये नकद चोरी करने का आरोप था। घटना शंकरगढ़ थाना क्षेत्र की है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, कोरंधा निवासी श्रीकांत सिंह शनिवार (21 मार्च) को अपनी बाइक से करीब 8 किलोमीटर दूर धारानगर गांव पहुंचा था। ग्रामीणों का आरोप है कि उसने किसान परशु मिंज के घर में घुसने के लिए ताला तोड़ने की कोशिश की। उस समय घर के सभी सदस्य महुआ बीनने के लिए बाहर गए हुए थे। बताया गया कि युवक खिड़की तोड़कर घर में घुसा और एक छोटी बोरी में सरसों तथा 300 रुपये नकद लेकर निकल गया। जब वह बाइक तक पहुंचा और सामान लेकर वापस जाने लगा, तभी ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने उसे रोक लिया। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने युवक के कपड़े फाड़ दिए, उसे अर्धनग्न कर दिया, सिर के आधे बाल काट दिए और पाइप के टुकड़े से बेरहमी से पीटा। मारपीट के बाद युवक ने चोरी की बात स्वीकार करने की बात भी कही। घटना की सूचना मिलने पर युवक के पिता मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी भी पिटाई कर दी। पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर शंकरगढ़ पुलिस ने तीन नामजद ग्रामीणों सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि चोरी की अलग से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, युवक पर पहले भी चोरी के कई आरोप लग चुके हैं। शंकरगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे पक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे थाने नहीं पहुंचे। मामले की जांच जारी है।

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लैलूंगा में 50 डिसमिल में उगाई जा रही थी अफीम, दो गिरफ्तार, एक फरार

रायगढ़ जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में करीब 50 डिसमिल जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। जिले में दो दिनों के भीतर यह दूसरा मामला है, जबकि पिछले 17 दिनों में यह पांचवीं बार अफीम की खेती पकड़ी गई है। पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है, जबकि साधराम नाग फरार बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘सुशासन’ के नाम पर अफीम स्टार्टअप की नई शाखा अब लैलूंगा में खुल गई है। इससे पहले 23 मार्च को तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अवैध खेती का खुलासा हुआ था। वहां झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10 से 12 वर्षों से खेती कर रहा था। उसने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के नाम पर खेत लिया था, लेकिन उसमें अफीम उगा रहा था। बताया जा रहा है कि झारखंड में उसके सहयोगी पहले से अफीम की खेती करते हैं, जिन्हें देखकर उसने यहां भी यह काम शुरू किया। हालांकि इस मामले की जांच जारी है। प्रदेश में हाल के दिनों में अफीम की खेती के कई मामले सामने आए हैं। 7 मार्च को दुर्ग, 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी, 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा और 21 मार्च को रायगढ़ के तमनार में भी ऐसी खेती पकड़ी जा चुकी है।

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