January 2026

छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या बढ़ी, 21 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आपराधिक मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राज्य के 21 मौजूदा विधायकों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। बीते दो वर्षों के भीतर ही चार विधायकों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिससे साफ है कि दागी जनप्रतिनिधियों की सूची लगातार बढ़ रही है। ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू से जुड़ा है। उन पर एक किसान से करीब 42.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। इससे पहले पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा भी भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जबकि जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों ने प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के आंकड़ेवर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 90 विधायकों में से 17 ने अपने चुनावी शपथ पत्र में यह स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन 17 में से छह विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि पिछले चुनावों से तुलना करें तो 2018 के विधानसभा चुनाव में 24 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, जिनमें 13 पर गंभीर धाराएं लगी थीं। वहीं 2013 में यह संख्या 14 थी। पार्टीवार स्थितिपार्टी के हिसाब से देखें तो 2023 में भाजपा के 54 विजेता उम्मीदवारों में से 12 और कांग्रेस के 35 विजेता उम्मीदवारों में से पांच ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। गंभीर मामलों के संदर्भ में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया था। देशभर की स्थिति भी चिंताजनकएडीआर की वर्ष 2025 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में स्थिति और भी गंभीर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के करीब 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर ने 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4,092 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया था। राज्यवार आंकड़ों में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां 174 में से 138 विधायक (करीब 79 प्रतिशत) आपराधिक मामलों वाले हैं। वहीं सिक्किम में यह प्रतिशत सबसे कम है, जहां 32 में से सिर्फ एक विधायक ने अपने खिलाफ किसी मामले की जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस को तेज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या बढ़ी, 21 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top News

आम यात्रियों पर बढ़ा बोझ, रायपुर रेलवे स्टेशन पर कार पार्किंग शुल्क में इजाफा

रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन पर वाहन से आने-जाने वाले यात्रियों को अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। रेलवे स्टेशन परिसर में कार पार्किंग के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम लोगों को सीधा आर्थिक झटका लगा है। नई दरें 8 जनवरी से लागू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अब दो घंटे तक कार पार्क करने के लिए पहले की तुलना में 20 रुपये अधिक चुकाने होंगे। पहले जहां दो घंटे की पार्किंग का शुल्क 30 रुपये था, अब वही बढ़कर 50 रुपये हो गया है। इसी तरह पूरे दिन की पार्किंग का शुल्क भी 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार पार्किंग शुल्क बढ़ाने का मुख्य कारण स्टेशन पार्किंग के ठेके की राशि में हुई बड़ी बढ़ोतरी है। पहले यह ठेका करीब 30 लाख रुपये में दिया जाता था, जबकि इस बार यह बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ठेके की लागत में भारी इजाफे के चलते पार्किंग दरें बढ़ाई गई हैं, जिसका असर सीधे यात्रियों पर पड़ रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 70 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से स्टेशन पहुंचते हैं, जिसके चलते पार्किंग लगभग हर समय भरी रहती है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नया पार्किंग टेंडर तीन वर्षों के लिए जारी किया गया है, यानी यात्रियों को अगले तीन साल तक बढ़ी हुई दरों पर ही पार्किंग शुल्क देना होगा। नया और पुराना पार्किंग शुल्क इस प्रकार है: प्रीमियम पार्किंग पर ज्यादा शुल्क रेलवे स्टेशन परिसर में एक सामान्य पार्किंग क्षेत्र के अलावा एक प्रीमियम पार्किंग एरिया भी है, जहां एक साथ करीब 120 कारें खड़ी की जा सकती हैं। इस प्रीमियम पार्किंग में वाहनों के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसे लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 120 ट्रेनें आती-जाती हैं, ऐसे में बढ़े हुए पार्किंग चार्ज को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।

आम यात्रियों पर बढ़ा बोझ, रायपुर रेलवे स्टेशन पर कार पार्किंग शुल्क में इजाफा Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News

रायपुर में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, संयुक्त कार्रवाई में जब्ती और जुर्माना

रायपुर। शहर में चाइनीज मांझे से हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के जोन-1 और जोन-5 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। जोन-1 क्षेत्र के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-18 में, गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो पतंग दुकानों की जांच की गई। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया, जिस पर प्रत्येक दुकानदार से 5-5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही भविष्य में नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा से आमापारा मार्ग तक सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए और दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। नगर निगम ने सभी पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आगे कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हुआ गंभीर हादसारविवार शाम करीब 5 बजे लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के प्रयास में होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। आशंका जताई जा रही है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ही था। पहले भी हो चुकी है कार्रवाईनगर निगम इससे पहले भी 27 दिसंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर चुका है। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। चाइनीज मांझे को लेकर नियम और सजानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक और सजा पांच साल तक हो सकती है। पहले भी जानलेवा हादसेरायपुर में चाइनीज मांझे से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।19 जनवरी 2025 को 7 साल के पुष्कर की गला कटने से मौत हो गई थी।20 जनवरी 2025 को महिला वकील पूर्णांशा कौशिक घायल हुई थीं।फरवरी में शंकर नगर इलाके में दो छात्रों में से एक घायल हुआ था। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

रायपुर में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, संयुक्त कार्रवाई में जब्ती और जुर्माना Read Post »

Accident, Chhattisgarh, Raipur, Top News

रायपुर उरला सड़क हादसा: साइकिल से जा रहे मजदूर को क्रेन ने कुचला

रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक साइकिल से उरला से सरोरा की ओर काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही हाइड्रा क्रेन (वाहन क्रमांक CG04 PB 7644) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्रेन का अगला पहिया साइकिल सवार के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही उरला पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए और सड़क पर भीड़ बढ़ने की आशंका के कारण शव को राह चलते पिकअप वाहन से तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।वीडियो में देखिए हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी, मौके की स्थिति और पुलिस का पक्ष। 👉 ऐसी ही स्थानीय और ज़मीनी खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें।

रायपुर उरला सड़क हादसा: साइकिल से जा रहे मजदूर को क्रेन ने कुचला Read Post »

Accident, Birgaon, Chhattisgarh, Raipur

रायपुर में नशे में गुंडों का चाकू हमला, युवक ने भागकर बचाई जान; 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। शनिवार देर रात मौदहापारा थाना क्षेत्र में नशे में घूम रहे गुंडों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक मोहम्मद अली पर चाकू से हमला कर दिया। युवक ने गली में दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी अयान कुरैशी उर्फ बीटी, मोहम्मद फरहान कुरैशी, अब्दुल नवाज आमिर उर्फ भोंदा और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। घटना का पूरा विवरण पीड़ित मोहम्मद अली असगर ने बताया कि वह 10 जनवरी की रात राजातालाब स्थित गरीब नवाज दवाखाना के सामने वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान कल्लू गैरेज क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों ने उसे रोका। पुराने विवाद को लेकर बहस और मारपीट के दौरान चाकू से हमला किया गया। भागकर बचाई जान चाकू लगने के बाद मोहम्मद अली पास की गली में भागकर छिप गया। इसके बाद वह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कार्रवाई शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर शाम सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से चाकू बरामद किया गया। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और गश्त चल रही है।

रायपुर में नशे में गुंडों का चाकू हमला, युवक ने भागकर बचाई जान; 4 आरोपी गिरफ्तार Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

पंजाब के सरपंच की मैरिज-पैलेस में हत्या, 2 शूटर रायपुर से अरेस्ट: गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी

अमृतसर/रायपुर। पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दो आरोपी छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपने रिश्तेदारों के घर छिपे हुए थे। रविवार को रायपुर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने शूटरों सुखराज और कर्मवीर को ऋषभ अपार्टमेंट, राजेंद्र नगर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर भेजा गया। मैरिज-पैलेस में की गई हत्या जानकारी के अनुसार, सरपंच जरमल सिंह 4 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में शादी में शामिल होने गए थे। समारोह के दौरान दो बदमाश उनके पास पहुंचे और सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सरपंच वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। CCTV फुटेज में दोनों शूटर बिना मुंह ढके, पिस्टल लेकर सरपंच के पास आते दिखे। एक आगे बढ़कर गोली मारता है और दोनों तुरंत फरार हो जाते हैं। पूर्व हमलों और गैंगस्टर की जिम्मेदारी जांच में यह भी पता चला कि सरपंच पर पहले भी तीन बार जानलेवा हमला हो चुका था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में उन्होंने हत्या का कारण बताते हुए कहा कि सरपंच ने अपने घरों से नाजायज लड़के उठवाए और पुलिस को पैसे दिए, जिस पर हमले किए गए। राजनीतिक पृष्ठभूमि जरमल सिंह पहले अकाली दल से सरपंच चुने गए थे और बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। मौजूदा चुनाव में भी उन्होंने AAP के समर्थन से जीत हासिल की थी। रायपुर पुलिस जांच में जुटी शूटरों के रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पंजाब के सरपंच की मैरिज-पैलेस में हत्या, 2 शूटर रायपुर से अरेस्ट: गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Political, Raipur, Top News

दहेज में कार के बदले 25 लाख की डिमांड, 8 महीने की गर्भवती विवाहिता को घर से निकाला: पति-सास-ससुर के खिलाफ FIR

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दहेज प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता पर ससुराल पक्ष ने शादी के दो दिन बाद ही कार के बदले 25 लाख रुपए की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर उसे मारपीट, भूखा-प्यासा रखने और गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता वर्तमान में 8 माह की गर्भवती है और मायके में रह रही है। महिला थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद शुरू हुई मांग मधुबनपारा निवासी 24 वर्षीय युवती की शादी 23 दिसंबर 2024 को मिर्जा सुहेल बेग (27) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय पीड़िता के परिजनों ने 2.50 लाख रुपए कैश, सोना-चांदी के जेवर और गृहस्थी का 15 लाख रुपए का सामान दिया। शादी के दो दिन बाद ससुराल पक्ष ने शादी के खर्चा न करने का हवाला देते हुए 5 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। जब यह राशि दे दी गई, तो मांग बढ़कर कार के बदले 25 लाख रुपए तक पहुंच गई। प्रताड़ना, मारपीट और गर्भपात का दबाव अधिक राशि देने से इनकार करने पर ससुराल पक्ष ने पीड़िता को लगातार मारपीट, गाली-गलौज और भूखा-प्यासा रखने की धमकी दी। मई 2025 में गर्भवती होने के बाद भी पति ने बार-बार गर्भपात कराने का दबाव डाला और जबरन आई-पिल गोली खिलाने की कोशिश की, जिसे पीड़िता ने उल्टी कर दी। 2 सितंबर को पीड़िता के पिता और भाई समझाइश के लिए पहुंचे, लेकिन ससुराल पक्ष ने विवाहिता को घर से निकाल दिया। 8 माह की गर्भवती, मायके में सुरक्षित इसके बाद पीड़िता मायके में रहने को मजबूर हुई। दोनों पक्षों के बीच कई बार सामाजिक बैठक हुई, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे रखने से साफ इनकार कर दिया। महिला थाना में FIR दर्ज पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने धारा 3(5)-BNS, 351(2)-BNS और 85-BNS के तहत पति, सास और ससुर के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दहेज में कार के बदले 25 लाख की डिमांड, 8 महीने की गर्भवती विवाहिता को घर से निकाला: पति-सास-ससुर के खिलाफ FIR Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raigarh, Top News

नदी किनारे सड़ी-गली लाश से सनसनी: रायगढ़ में महिला की संदिग्ध मौत, 5 दिन पुरानी होने की आशंका

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कुरकुट नदी के किनारे एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत 4 से 5 दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलने के बाद घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने देखा शव, पुलिस को दी सूचना जानकारी के अनुसार, ग्राम पोरडा निवासी रामप्यारी सारथी (45 वर्ष) का शव शनिवार को बैहामुड़ा से बनखेता जाने वाले मार्ग पर कुरकुट नदी के किनारे पड़ा मिला। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत घरघोड़ा पुलिस को सूचना दी। तेज दुर्गंध, पूरी तरह सड़ चुका था शव पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला का शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। पहचान होने के बाद पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। हत्या या आत्महत्या, दोनों एंगल से जांच शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि महिला की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

नदी किनारे सड़ी-गली लाश से सनसनी: रायगढ़ में महिला की संदिग्ध मौत, 5 दिन पुरानी होने की आशंका Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raigarh, Top News

भगवा वेश में साधु, सवाल पूछते ही टूटा भेष: दुर्ग में भीख मांग रहा युवक मुस्लिम निकला, वीडियो वायरल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साधु का भेष धारण कर घर-घर भीख मांग रहे एक युवक की पहचान पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब स्थानीय लोगों ने उससे धार्मिक प्रश्न पूछे। युवक भगवा कपड़े पहनकर तंबूरा बजाते हुए “राम-राम” और “जय श्रीराम” का उद्घोष कर रहा था, लेकिन सवालों के जवाब नहीं दे सका और घबरा कर रोने लगा। बाद में जांच में सामने आया कि युवक मुस्लिम समुदाय से है और उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। सवालों पर घबराया, गायत्री मंत्र सुनाने को कहा तो रो पड़ा स्थानीय लोगों को युवक के हाव-भाव पर शक हुआ। शंका दूर करने के लिए उससे पूछा गया कि भगवान राम के पिता का नाम क्या था, लेकिन वह जवाब नहीं दे सका। इसके बाद लंका किसने जलाई—इस प्रश्न पर भी वह चुप रहा। जब उससे गायत्री मंत्र सुनाने को कहा गया, तो वह घबरा गया और रोते हुए छोड़ देने की गुहार लगाने लगा। बिना एंट्री दरगाह में रुका, पहचान पत्र नहीं मिले जानकारी के अनुसार, युवक बिना किसी एंट्री के एक दरगाह में ठहरा हुआ था। उसके पास कोई वैध पहचान पत्र भी नहीं मिला। पहले उसने अपना नाम यादव बताया, लेकिन पुलिस पूछताछ में उसने अपना नाम हवलदार, पिता का नाम मुस्तफा बताते हुए खुद को मुस्लिम बताया। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। निशानदेही पर दूसरा व्यक्ति भी हिरासत में पूछताछ के दौरान युवक ने अपने एक साथी के बारे में जानकारी दी, जो मौर्या टॉकिज के पास एक मजार के आसपास ठहरा होने की बात कही गई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है। पकड़े जाने पर लौटाने लगा भीख की रकम हिंदू संगठन की प्रतिनिधि ज्योति शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान युवक रोने लगा और मांगे हुए पैसे लौटाने लगा। संगठन का दावा है कि यह इकलौता मामला नहीं हो सकता, बल्कि साधु का भेष धारण कर भीख मांगने वाला 5 लोगों का समूह सक्रिय हो सकता है। बताया जा रहा है कि सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और खुद को प्रतापगढ़ का निवासी बताते हैं। पुलिस जांच जारी सीएसपी छावनी प्रशांत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई है। संदेह के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

भगवा वेश में साधु, सवाल पूछते ही टूटा भेष: दुर्ग में भीख मांग रहा युवक मुस्लिम निकला, वीडियो वायरल Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Top News

मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही बीजेपी सरकार: गांधी प्रतिमा के सामने उपवास, कांग्रेस का आरोप

दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ में मनरेगा को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत रविवार से दुर्ग-भिलाई में कांग्रेस ने सार्वजनिक विरोध की शुरुआत कर दी है। शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता दुर्ग के गांधी प्रतिमा स्थल पर सुबह से शाम तक उपवास पर बैठे रहे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने और मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया। 25 फरवरी तक चलेगा आंदोलन दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि यह आंदोलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस गारंटी के साथ छल किया है। उनका आरोप है कि बीते 11 वर्षों में मजदूरों को औसतन सिर्फ 38 दिन का काम मिला है और “गारंटी” शब्द को ही कानून से हटाने की कोशिश की जा रही है। हर साल घट रहे मानव दिवस राकेश ठाकुर ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि दुर्ग जिले में मनरेगा के मानव दिवस लगातार घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पहले इस योजना में केंद्र सरकार का पूरा योगदान था, लेकिन अब इसे 60:40 कर दिया गया है, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सरकारी खजाने पर बढ़ाया जा रहा दबाव शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है। मनरेगा में लगातार कटौती कर राज्य सरकार के अंशदान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ेगा और इसका सीधा नुकसान मजदूरों को होगा। बीजेपी अमीरों की पार्टी: कांग्रेस भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार और काम न मिलने पर भत्ता दिया जाता था। अब न सिर्फ योजना का स्वरूप बदला जा रहा है, बल्कि बजट में भी कटौती की गई है। उन्होंने भाजपा को अमीरों की पार्टी बताते हुए कहा कि यह मजदूर विरोधी सोच का परिणाम है, जिसके खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर है। 125 दिन का वादा भी जुमला: साहू कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा की थी, लेकिन भाजपा सरकार मनरेगा कानून की मूल भावना को खत्म कर रही है। उन्होंने 125 दिन रोजगार के वादे को भी 15 लाख और 2 करोड़ नौकरियों की तरह जुमला करार दिया। योजना को खत्म करने का आरोप कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। पार्टी ने VB-G RAM G योजना का हवाला देते हुए कहा कि इससे मनरेगा का संवैधानिक अधिकार कमजोर होगा और ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही बीजेपी सरकार: गांधी प्रतिमा के सामने उपवास, कांग्रेस का आरोप Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Political, Top News
Scroll to Top