Vishnudev Sai

छत्तीसगढ़ में BJP का जनआक्रोश महिला सम्मेलन शुरू, आरक्षण बिल को लेकर प्रदेशभर में विरोध

महिला आरक्षण बिल पारित न होने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध कार्यक्रम शुरू किए हैं। रायपुर में जनआक्रोश रैली के बाद अब 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जनआक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम भी किए जाएंगे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेश की महिलाओं में नाराजगी है। इसी वजह से अलग-अलग चरणों में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। महिला सम्मेलन के जरिए इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। इससे पहले राजधानी रायपुर में भी भाजपा ने जनआक्रोश रैली निकाली थी, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई नेता शामिल हुए। इसी बीच 27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पेश कर सकती है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो सका, जिसे लेकर वे दुख व्यक्त करते हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया था। इसके पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। बिल को पारित करने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर देश से माफी मांगते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियों ने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसका असर महिलाओं के अधिकारों पर पड़ा।

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महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, साय सरकार बुलाएगी विशेष सत्रc

महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज हो गई है। विष्णुदेव साय की सरकार इस मुद्दे पर एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। यह सत्र इसी महीने आयोजित हो सकता है, जिसमें विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। रायपुर में आयोजित जनआक्रोश रैली के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका रवैया निराशाजनक रहा है। इस रैली का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किया गया था, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां सभा आयोजित हुई। विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया के तहत पहले राज्य कैबिनेट इसकी मंजूरी देती है, जिसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा जाता है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही विधानसभा सत्र आयोजित किया जाता है। महिला आरक्षण को लेकर भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जो 27 अप्रैल तक जारी रहेंगे। 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री साय ने कहा था कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विपक्ष के कारण पारित नहीं हो सका। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ पार्टियां “फूट डालो और राज करो” की नीति पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 57 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी 21-22 प्रतिशत है। वहीं, नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उनकी राजनीति के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल आवश्यक बहुमत नहीं जुटा सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 352 वोटों की जरूरत थी। इस प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।

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महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा

महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी आज से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में 20 अप्रैल को भाजपा महिला मोर्चा द्वारा जन आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 3 बजे बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंचेगी, जहां एक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक स्तर पर आंदोलन की तैयारी की है। भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के संसद में पारित नहीं होने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। छत्तीसगढ़ में भी इसी क्रम में चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अप्रैल को पदयात्रा के बाद 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन होंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और इसके खिलाफ जनजागरूकता जरूरी है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन प्रस्ताव आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए अधिक मतों की आवश्यकता थी, जिसके अभाव में प्रस्ताव गिर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी जताई और कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी बनी रहेगी।

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रायपुर में आधी रात धरना: अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों के परिजन बैठे कलेक्ट्रेट के बाहर

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात अनुकंपा नियुक्ति संघ की महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गईं। यह प्रदर्शन रात करीब 11 बजे से शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। धरने में शामिल महिलाएं उन दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार से हैं, जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिजनों को अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद सभी पात्र परिजनों को जल्द अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन सरकार बने महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में लगभग 1200 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन इस नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात अक्टूबर में अनुकंपा नियुक्ति संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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दिल्ली ब्लास्ट के बाद छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट: एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल, होटल और धार्मिक स्थलों पर जांच अभियान चलाया है। रायपुर में एसएसपी लखन पटले ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली धमाके की घटना पर शोक जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना होगा और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर के माध्यम से रीयल-टाइम निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के एसपी और डीसीपी को अपने-अपने क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और जगदलपुर में भी पुलिस ने देर रात तक सघन जांच अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और बाजारों में सर्च ऑपरेशन किया गया। वाहनों की नाकेबंदी कर जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है और यह अभियान फिलहाल जारी रहेगा।

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SIR को लेकर BJP की रणनीतिक बैठक आज: शिव प्रकाश रायपुर में लेंगे बैठक, CM, मंत्री, सांसद और विधायक रहेंगे मौजूद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत के अगले ही दिन बीजेपी ने इस पर रणनीति बनाने के लिए अहम बैठक बुलाई है। बैठक बुधवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित होगी। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी शिव प्रकाश शामिल होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्य सरकार के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। पार्टी का मुख्य उद्देश्य SIR प्रक्रिया की जानकारी कार्यकर्ताओं तक पहुंचाना और मतदाता सत्यापन अभियान में जनता की सहायता के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है। कांग्रेस भ्रम फैला रही, BJP करेगी जवाबी जनजागरण भाजपा के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने बताया कि कांग्रेस, SIR प्रक्रिया को लेकर जनता में गलतफहमियां फैला रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता को सही जानकारी देगी और कांग्रेस के दुष्प्रचार का जवाब देगी।मार्कंडेय के अनुसार, “देश के 12 राज्यों में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया लागू की है, और भाजपा इस पूरे अभियान में जनता की मदद के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।” शिव प्रकाश देंगे दिशा-निर्देश पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में शिव प्रकाश विस्तार से बताएंगे कि SIR सर्वे के दौरान कार्यकर्ताओं को मतदाताओं के नाम जोड़ने, त्रुटियां सुधारने और डुप्लीकेट नाम हटाने में कैसे सहयोग करना है।इसके अलावा, पार्टी जल्द ही एक राज्यव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करेगी ताकि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके। नेताओं को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी बीजेपी SIR के प्रति जन-जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी अपने मंत्री, सांसद और विधायकों को देगी। पार्टी नेताओं को जनता के बीच जाकर SIR प्रक्रिया के फायदे और उद्देश्य समझाने का निर्देश दिया जाएगा।शिव प्रकाश बुधवार सुबह दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेंगे।

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राज्योत्सव के बाद सीएम विष्णुदेव साय का दौरा कार्यक्रम: ओडिशा में चुनावी सभा और गुजरात में निवेशक सम्मेलन में होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्योत्सव के बाद अब राजनीतिक और औद्योगिक गतिविधियों में सक्रिय नज़र आएंगे। वे 6 नवंबर को ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा करेंगे। मुख्यमंत्री रायपुर से हेलिकॉप्टर के जरिए नुआपाड़ा पहुंचेंगे और सभा के बाद वापस रायपुर लौट आएंगे। नुआपाड़ा सीट पर 11 नवंबर को मतदान होना है। इस सीट पर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है और मुख्यमंत्री साय की सभा को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जय ढोलकिया भाजपा के उम्मीदवार नुआपाड़ा उपचुनाव में भाजपा से जय ढोलकिया चुनावी मैदान में हैं, जबकि बीजेडी से स्नेहंगिनी चुरिया और कांग्रेस से घसियाराम माझी प्रत्याशी हैं। इनके अलावा समाजवादी पार्टी के रमाकांत हाटी, बहुजन मुक्ति पार्टी के हेमंत तांडी और ओडिशा जनता दल के शुकाधर डड़सेना भी मुकाबले में हैं। भाजपा का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सभा से स्थानीय कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा और मतदाताओं में पार्टी के प्रति विश्वास मजबूत होगा। गुजरात में निवेशक सम्मेलन में भाग लेंगे सीएम चुनावी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री साय 10 और 11 नवंबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। वे “छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस दौरान प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा जिले के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित एक विशेष आयोजन से होगी। इसके बाद अगले दिन अहमदाबाद में निवेशकों के साथ संवाद सत्र रखा गया है। उद्योग जगत को बताएंगे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेशकों को दी जा रही सुविधाएं और उद्योगों के लिए उपलब्ध संसाधन साझा करेंगे। उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक उद्योगपति छत्तीसगढ़ में निवेश करें, जिससे राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिले। यह आयोजन पहले जुलाई-अगस्त में होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से स्थगित कर दिया गया था। अब इसे नवंबर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कई बड़े निवेशकों के शामिल होने की संभावना है।

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राज्योत्सव 2025 की तैयारियों का सीएम ने किया निरीक्षण — पीएम मोदी के दौरे से पहले अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव 2025 का आयोजन आगामी 1 नवंबर को भव्य रूप से किया जाएगा। इस बार राज्योत्सव खास होने वाला है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। पीएम की प्रस्तावित यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव प्रदेश की पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्कृति और उपलब्धियों पर विशेष स्टॉल लगेंगे:सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा से परिचित कराने के लिए अलग-अलग थीम आधारित स्टॉल लगाए जाएं। इसके साथ ही केंद्र सरकार से मिले अवार्ड और उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मंत्रियों ने ली समीक्षा बैठक:राज्योत्सव और पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर गुरुवार (23 अक्टूबर) को डिप्टी सीएम अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर के विश्राम भवन में समीक्षा बैठक की थी। मंत्रियों ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री का आगमन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है, इसलिए आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाया जाए। पूरे साल चलेगा रजत जयंती उत्सव:इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य अपने 25वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सरकार ने इसे “रजत जयंती वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। वर्षभर प्रदेशभर में अलग-अलग संस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर महीने अलग-अलग थीम पर आयोजन होंगे, ताकि गांव से लेकर राजधानी तक सभी लोग राज्य की संस्कृति से जुड़ सकें। मेला स्थल पर अत्याधुनिक सुविधाएं:नवा रायपुर स्थित मेला परिसर में तीन विशाल डोम संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें 60 LED स्क्रीन लगाई जाएंगी। मुख्य मंच के पास डिजिटल प्रदर्शनी और प्रधानमंत्री आवास योजना मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए 40,000 वाहनों की पार्किंग, 300 शौचालय, 20-बेड अस्थायी अस्पताल (ICU सहित), 25 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा कि यह राज्योत्सव प्रदेश के गौरव, संस्कृति और एकता का प्रतीक बनेगा और इसे ऐतिहासिक रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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छत्तीसगढ़ के IPS रतनलाल डांगी पर SI की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, IG स्तर पर जांच शुरू

छत्तीसगढ़ पुलिस के सीनियर आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप एक SI (सहायक उप निरीक्षक) की पत्नी ने लगाए हैं। महिला का कहना है कि पिछले 7 वर्षों से IPS डांगी उसके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। महिला ने 15 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि साल 2017 में कोरबा में डांगी से मुलाकात हुई थी, जब वे वहां एसपी पद पर तैनात थे। बातचीत सोशल मीडिया से शुरू हुई और धीरे-धीरे व्यक्तिगत संबंधों तक पहुंच गई। महिला ने आरोप लगाया है कि आईजी बनने के बाद डांगी उसे बंगले पर बुलाते थे, और न आने पर ट्रांसफर की धमकी देते थे। बिलासपुर आईजी रहते हुए, महिला के मुताबिक, उत्पीड़न की घटनाएँ और बढ़ गईं। उसने यह भी दावा किया कि उसके पास कई आपत्तिजनक डिजिटल सबूत हैं। IPS डांगी का पक्ष:रतनलाल डांगी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और ब्लैकमेलिंग की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि महिला उन्हें जहर खाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही थी और लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखने की शर्तें रख रही थी। डांगी ने इस बारे में पहले ही डीजीपी को लिखित शिकायत दी थी। ऑडियो क्लिप वायरल:इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें एक महिला और युवक के बीच बातचीत हो रही है। इसमें बयान बदलने और वरिष्ठ अधिकारी को सफाई देने की चर्चा सुनी जा सकती है। मुख्यमंत्री का बयान:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि — “चाहे IPS हो या IAS, यदि किसी पर आरोप लगता है तो जांच जरूर होगी, और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को:पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी है। वे पहले पीड़िता का बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाएंगे, उसके बाद IPS डांगी से पूछताछ होगी। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ अफसर महिला पर समझौते का दबाव बना रहे हैं, लेकिन फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस विभाग चुप्पी साधे हुए है।

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