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रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा खेल: 3 लोगों से 8 लाख की ठगी, लोन-रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर जाल

एक तरफ छत्तीसगढ़ में गर्मी के साथ “वार्म नाइट” का खतरा बढ़ रहा है, वहीं राजधानी रायपुर में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी की गई है। पुलिस ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों में टिकरापारा के विशाल गुप्ता, सरस्वती नगर क्षेत्र के सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह और अमलीडीह निवासी कारोबारी जयकुमार वाधवानी शामिल हैं। पहले मामले में विशाल गुप्ता ने ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। ठगों ने अधिक रकम मंजूर होने का लालच देकर उनके मोबाइल का डेटा एक्सेस कर लिया। इसके बाद उनकी निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी दी गई और ब्लैकमेल कर करीब 6 लाख रुपए वसूल लिए गए। दूसरे मामले में एक महिला ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह को कॉल किया। क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के बहाने उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर कार्ड डिटेल भरवाई गई। जानकारी डालते ही उनके खाते से लगभग 2 लाख रुपए निकल गए। पीड़ित ने तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। तीसरे मामले में जयकुमार वाधवानी को बीमा पॉलिसी में नुकसान का डर दिखाया गया। ठगों ने कंज्यूमर कोर्ट में केस करने का झांसा देकर नया प्लान और “फ्रीजिंग कोड” के नाम पर लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 55 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

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फर्जी RTO चालान के नाम पर 7.42 लाख की ठगी, APK फाइल से मोबाइल हैक कर खाली किया खाता

राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी RTO चालान के बहाने एक युवक से 7.42 लाख रुपए ठग लिए गए। ठगों ने APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक किया और खाते से पूरी रकम ट्रांसफर कर ली। घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित रोहित पाल, जो आरडीए कॉलोनी का निवासी है, को 10 से 16 अप्रैल के बीच एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को RTO अधिकारी बताया और लंबित चालान का हवाला देकर भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद ठगों ने रोहित के मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही उसने फाइल इंस्टॉल की, साइबर अपराधियों ने उसके फोन का कंट्रोल हासिल कर लिया। इसके कुछ ही समय बाद उसके बैंक खाते से कुल 7,42,209 रुपए निकाल लिए गए। शुरुआत में पीड़ित को इस ठगी की जानकारी नहीं हो पाई, लेकिन अगले दिन बैंक से ट्रांजैक्शन मैसेज आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में पवित्र पाल की शिकायत पर IT एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

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रायपुर में मीटर लगाने के नाम पर साइबर ठगी: प्रोसेसिंग फीस के बहाने 1.56 लाख रुपए पार

रायपुर। राजधानी रायपुर में बिजली मीटर लगाने के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मुजगहन थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर 1 लाख 56 हजार 200 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। घटना के बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रोशन देवरात्रे ने बिजली मीटर लगाने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय में आवेदन किया था। कुछ दिनों बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर (7643020953) से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को विद्युत विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके नाम पर मीटर लगाने का आवेदन स्वीकृत हो गया है। आरोपी ने प्रोसेसिंग शुल्क जमा कराने के नाम पर एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने को कहा। झांसे में आकर पीड़ित ने बताए गए निर्देशों का पालन किया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1,56,200 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने मीटर लगने की प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए दोबारा कॉल किया तो आरोपी का मोबाइल नंबर बंद मिला। इसके बाद रोशन देवरात्रे ने बिजली कार्यालय पहुंचकर जानकारी ली, जहां उन्हें पता चला कि विभाग की ओर से कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया गया है और न ही उनके खाते में कोई राशि जमा हुई है। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत मुजगहन थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने क्या कहा? मुजगहन थाना प्रभारी निरीक्षक सिद्धेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। ⚠️ साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी

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