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गरियाबंद में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन टीम पर हमला, डिप्टी डायरेक्टर से धक्का-मुक्की

छत्तीसगढ़ के Gariaband जिले से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंची वन विभाग की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। इसी कार्रवाई के तहत करीब 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसी सिलसिले में वन विभाग के उपनिदेशक वरुण जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और कुछ अतिक्रमणकारियों ने टीम पर विरोध करते हुए धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। घटना के बाद मौके पर पुलिस बल को बुलाया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। बताया जा रहा है कि पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वन अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की दिखाई दे रही है। यह मामला उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा हुआ है।

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समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव का सख्त संदेश, अवैध प्लॉटिंग पर अफसरों पर भी कार्रवाई तय

छत्तीसगढ़ में नगर पंचायत क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग, अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर पंचायतों के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन गतिविधियों पर हर हाल में रोक लगाई जाए। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 31 मई तक नई संपत्तियों पर कर लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नई कार्य प्रणाली अपनाने और रोजाना सुबह अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करने को कहा। क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को भी हर तिमाही सभी निकायों का निरीक्षण कर सीधे मुख्यालय को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। बरसात को ध्यान में रखते हुए 31 मई तक नालों और नालियों की सफाई पूरी करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जलभराव की समस्या न हो। इसके अलावा हर भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सुनिश्चित करने, पाइपलाइन लीकेज सुधारने और सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर दिया गया है। आने वाले 10 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पेयजल योजनाएं तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में निकाय कर्मचारियों को समय पर वेतन देने और बिजली बिल का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई। संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली सख्ती से करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एनर्जी ऑडिट कर अनावश्यक बिजली कनेक्शन हटाने की बात कही गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों को एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर भवन निर्माण की अनुमति जारी करें और लाभार्थियों को योजना की पूरी जानकारी दें। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कागजी कार्यवाही के बजाय जमीनी स्तर पर काम दिखना चाहिए और सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

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बिलासपुर में जवाली नाले पर निगम की कार्रवाई, भेदभाव के आरोपों से घिरा प्रशासन

बिलासपुर नगर निगम ने दिवाली के बाद एक बार फिर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। शनिवार (25 अक्टूबर) को जवाली नाले के पास बने कई दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने निगम अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है, जबकि अवैध निर्माणों के खिलाफ अलग से नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम छोटे व्यापारियों पर सख्ती कर रहा है, जबकि बड़े कब्जाधारियों पर कार्रवाई टाल दी गई है। जानकारी के मुताबिक, निगम ने करीब छह महीने पहले जवाली नाले के पास नजूल भूमि पर हुए अवैध निर्माणों की जांच कराई थी। तब 44 लोगों को नोटिस भेजे गए थे। बावजूद इसके, एक व्यापारी द्वारा बिना अनुमति के चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिया गया, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एक महीने पहले भी निगम ने जवाली पुल के पास अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई रोक दी गई थी। इस मामले में व्यापारी वर्ग ने निगम पर सिंधी समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया था, जिस पर मेयर पूजा विधानी ने अफसरों को फटकार लगाई थी। अब दिवाली के बाद अतिक्रमण शाखा फिर से सक्रिय हुई है और चिन्हित कब्जों पर कार्रवाई शुरू की गई है। भवन शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य अवैध निर्माणों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े बिल्डरों और व्यापारियों के खिलाफ निगम की चुप्पी भ्रष्टाचार और पक्षपात की ओर इशारा करती है।

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