Drug Trafficking Case

UP में गांजा तस्करों की तलाश में गई रायपुर पुलिस पर हमला, ग्रामीणों ने चोर समझकर की पिटाई

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में गांजा तस्करी के आरोपियों की तलाश में पहुंची रायपुर पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सादे कपड़ों में कार्रवाई कर रही टीम को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और मारपीट शुरू कर दी। घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य जवानों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाया। जानकारी के अनुसार रायपुर के गंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम गांजा तस्करी के एक मामले में आरोपियों की तलाश करते हुए कौशांबी जिले के ईचौली गांव पहुंची थी। टीम स्थानीय पुलिस की मदद से आकाश, शिवम और एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहले एक आरोपी आकाश को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जब टीम दूसरे आरोपी शिवम को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से “चोर-चोर” चिल्लाना शुरू कर दिया। आरोपी के शोर मचाते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीण उन्हें पहचान नहीं सके और उन्हें चोर समझ बैठे। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और धक्का-मुक्की के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में पुलिसकर्मी जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं। वहीं अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रायपुर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की सहायता से एक आरोपी को पकड़ा था। हालांकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को पूरी जानकारी दिए बिना कार्रवाई किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है।

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रायपुर उरला गांजा तस्करी केस: 4.80 क्विंटल मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए 2 आरोपी, 20-20 साल की सजा

रायपुर के उरला इलाके में बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी के मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) शैलेश शर्मा की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नागपुर की ओर जा रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने सिक्स लेन कन्हेरा स्थित सांई निर्मल कंपनी के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। जांच के दौरान ट्रक चालक रंजन कुमार साहू और कंडक्टर मिट्ठू पदयाली से पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर ट्रक में काजू के छिलकों के नीचे छिपाकर रखा गया 4.80 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। पुलिस द्वारा जब आरोपियों से परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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रायपुर में गांजा तस्करी मामले में 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा

कालीबाड़ी चौक से 10 किलो गांजा बरामद, एनडीपीएस कोर्ट का सख्त फैसला रायपुर की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 6 आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला दिसंबर 2024 का है, जब रायपुर पुलिस ने कालीबाड़ी चौक इलाके से गांजा बेचते हुए तीन युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कुल 10 किलो गांजा बरामद किया गया था। तलाशी के समय किसी भी आरोपी के पास गांजा रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए थे। कैसे हुआ खुलासा विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने यह फैसला पुलिस द्वारा की गई ठोस विवेचना, बरामदगी और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सुनाया। विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार, 7 दिसंबर 2024 को थाना कोतवाली रायपुर के सहायक उपनिरीक्षक को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कालीबाड़ी चौक क्षेत्र में तीन युवक बैग में गांजा रखकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना को रोजनामचा में दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। इतनी मात्रा में मिला गांजा तलाशी के दौरान गणेश बागर्ती के पास से 4 किलो, विक्रम शाह से 4 किलो और अनिल उर्फ अली जुल्फेकार से 2 किलो गांजा बरामद हुआ। इस तरह कुल 10 किलो गांजा जब्त किया गया। तीनों के पास किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं था। जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने प्रियवंत कुम्हार को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 6 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो गांजा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि रवि साहू इस अवैध नेटवर्क का मुख्य संचालक था। पुलिस ने रवि साहू के पास से 1 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया। वहीं संजय उर्फ लेंडी को गांजा सप्लाई और बिक्री में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एफएसएल रायपुर की रिपोर्ट में सभी जब्त नमूने गांजा पाए गए, जिसकी पुष्टि हुई। कोर्ट का सख्त निर्णय पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने गणेश बागर्ती, विक्रम शाह, अनिल उर्फ अली जुल्फेकार, प्रियवंत कुम्हार, रवि साहू और संजय उर्फ लेंडी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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