Drowning incident

जशपुर के घोघरा डैम में डूबने से गर्भवती महिला और बेटी की मौत

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दुखद हादसे में 8 महीने की गर्भवती महिला और उसकी बेटी की डूबने से मौत हो गई। यह घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र के घोघरा डैम में रविवार को हुई। जानकारी के अनुसार, बालाझार गांव की रहने वाली सुकांती तिग्गा (32) अपनी दो बेटियों के साथ डैम गई थीं। वह वहां कपड़े धो रही थीं और बच्चों के साथ नहा भी रही थीं। इसी दौरान सुकांती और उनकी छोटी बेटी मीनाक्षी तिग्गा (8) गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। मौके पर मौजूद बड़ी बेटी आराधना तिग्गा (10) किसी तरह तैरकर बाहर निकल आई और घर पहुंचकर परिवार व गांव वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में डैम पहुंचे और खोजबीन शुरू की। डैम किनारे महिला के कपड़े, चप्पल और बाल्टी मिली। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी प्रयास के बाद महिला और बच्ची के शव पानी से बाहर निकाले गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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Accident, jashpur

बीजापुर: इंद्रावती नदी में नाव पलटने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत, पिता को घटना की जानकारी नहीं

बीजापुर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी में 21 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। बाजार से अपने घर लौट रहे एक ही परिवार के चार सदस्य नाव पलटने से डूब गए। मृतकों में मां पोदिया, उनके दो बच्चे राकेश और पोदिया, तथा बच्चों के दादा भादो पिता मद्दा शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम ने खोजबीन शुरू की। 18 घंटे बाद मां और बेटे की लाश नदी से बरामद की गई, जबकि 48 घंटे बाद दादा और पोते का शव नदी किनारे झाड़ियों में लटका हुआ मिला। सुनीता कवासी का शव घटना स्थल से लगभग 500 मीटर दूर पाया गया। राकेश के पिता और पोदिया के पति सन्नू वर्तमान में आंध्र प्रदेश में मजदूरी कर रहे हैं। उन्हें अब तक इस दुखद हादसे की जानकारी नहीं मिली है। परिवार के अन्य सदस्यों का निधन उनकी अनुपस्थिति में हुआ, जिससे परिवार पर दोगुना शोक छा गया है। इंद्रावती नदी के किनारे आवागमन का मुख्य साधन डोंगी है। वर्षा और बाढ़ के दौरान यह क्षेत्र असुरक्षित हो जाता है, जिससे समय-समय पर कई हादसे हो चुके हैं। इस क्षेत्र की विकास की गति नक्सल प्रभावित होने के कारण धीमी रही है। हालांकि, अब यह इलाका नक्सल मुक्त होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे सावधानी बरतने और विशेषकर बाढ़ और बारिश के दिनों में डोंगी में यात्रा करने से परहेज करने की अपील की है। यह दुखद घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी है कि नदी में यात्रा करते समय सुरक्षा उपायों का पालन करना कितना आवश्यक है।

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Bijapur, Chhattisgarh
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