Cyber Crime News

गुवाहाटी में हिरासत में रायपुर पुलिस टीम, 24 घंटे बाद रिहा; डिजिटल अरेस्ट केस में पैसों के लेन-देन के आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गई पुलिस टीम को असम की राजधानी Guwahati में हिरासत में लिए जाने की घटना ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। यह मामला टिकरापारा थाने में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी की जांच के दौरान सामने आया, जिसमें करीब 17.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई थी। जानकारी के अनुसार, इस केस में आरोपियों की तलाश में रायपुर पुलिस की टीम Raipur से गुवाहाटी पहुंची थी। टीम में थाना प्रभारी रविंद्र यादव सहित चार पुलिसकर्मी शामिल थे। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान टीम ने कुछ आरोपियों को पकड़ने के बाद कथित रूप से पैसों के बदले दो अन्य संदिग्धों को छोड़ दिया। इसी आरोप के आधार पर असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कार्रवाई के दौरान करीब 2.50 लाख रुपए भी जब्त किए गए, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा बताया है। वहीं, जिन आरोपियों को छोड़े जाने का दावा किया गया, उनकी शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज की गई। हालांकि, छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि यह रकम ठगी के केस में रिकवरी का हिस्सा थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के दौरान ठगी गई राशि वापस ली जा रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे रिश्वत का मामला बताकर विरोध किया और पुलिस को सूचना दे दी। पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब 24 घंटे की पूछताछ के पश्चात असम पुलिस ने रायपुर पुलिस टीम को छोड़ दिया। इसके बाद टीम वापस छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गई। यह मामला टिकरापारा क्षेत्र के एक निवासी शरद कुमार से जुड़ा है, जिन्हें वीडियो कॉल के जरिए खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले ठग ने डराकर बैंक डिटेल हासिल कर ली थी। आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में करीब 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। जब पीड़ित को रकम वापस नहीं मिली, तब उसने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। फिलहाल इस मामले की जांच दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर कर रही है और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

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फर्जी RTO चालान के नाम पर 7.42 लाख की ठगी, APK फाइल से मोबाइल हैक कर खाली किया खाता

राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी RTO चालान के बहाने एक युवक से 7.42 लाख रुपए ठग लिए गए। ठगों ने APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक किया और खाते से पूरी रकम ट्रांसफर कर ली। घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित रोहित पाल, जो आरडीए कॉलोनी का निवासी है, को 10 से 16 अप्रैल के बीच एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को RTO अधिकारी बताया और लंबित चालान का हवाला देकर भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद ठगों ने रोहित के मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही उसने फाइल इंस्टॉल की, साइबर अपराधियों ने उसके फोन का कंट्रोल हासिल कर लिया। इसके कुछ ही समय बाद उसके बैंक खाते से कुल 7,42,209 रुपए निकाल लिए गए। शुरुआत में पीड़ित को इस ठगी की जानकारी नहीं हो पाई, लेकिन अगले दिन बैंक से ट्रांजैक्शन मैसेज आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में पवित्र पाल की शिकायत पर IT एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

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