Chhattisgarh News

छत्तीसगढ़ के जांजगीर‑चांपा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है

जहां एक पिता ने अपने ही 6 साल के बेटे की नहर में डुबोकर हत्या कर दी। मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी पिता रेशम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। 🚔 जानकारी के अनुसार, रेशम यादव शराब का आदी था और इसी बात को लेकर उसकी पत्नी से अक्सर झगड़ा और मारपीट होती रहती थी। परेशान होकर पत्नी अपनी दो बेटियों को लेकर मायके भिलौनी में रहने लगी, जबकि बेटा आयुष पिता के पास ही रह गया। बताया जा रहा है कि आरोपी पत्नी को बार-बार फोन कर धमकी देता था कि वह पहले बेटे को मार देगा और फिर खुद भी जान दे देगा। 13 मार्च की शाम वह बेटे को साथ लेकर निकला और देर रात उसे नहर में डुबो दिया। कुछ घंटे बाद वह बच्चे का शव लेकर पत्नी के घर पहुंचा और पहले दावा किया कि नशे की हालत में साइकिल समेत नहर में गिरने से हादसा हुआ। पुलिस की पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने कबूल किया कि पत्नी के वापस न आने से वह गुस्से में था और उसी गुस्से में उसने बेटे की हत्या कर दी। 😢 पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी ने भी बयान में बताया कि पति शराब पीकर गाली-गलौज और मारपीट करता था, जिससे तंग आकर वह मायके में रह रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, मामला दर्ज किया और अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। ⚖️

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Chhattisgarh

रायपुर के औद्योगिक इलाकों में छापा: 7 नाबालिग बाल श्रमिक मुक्त, चार संस्थानों पर मामला दर्ज

राजधानी रायपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने सात नाबालिग बच्चों को काम से मुक्त कराया है। उरला, सिलतरा और खमतराई स्थित कारखानों में छापेमारी कर इन बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जहां उनसे उम्र से कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरे काम कराए जा रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि बच्चों से भारी मशीनों और रसायनों के बीच वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे काम कराए जा रहे थे। जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई, उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट तथा सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने कंपनी संचालकों के साथ एक ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) के अनुसार इन इलाकों में नाबालिगों से काम कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा। कार्रवाई में उरला से तीन और खमतराई से चार बच्चों को मुक्त कराया गया। कुछ बच्चों से उद्योगों के अलावा बेकरी में भी काम कराया जा रहा था। मेडिकल जांच के बाद बाल गृह भेजे गए रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों के परिवारों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मामला रायपुर में बाल मजदूरी का यह पहला मामला नहीं है। करीब पांच महीने पहले खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री से 109 नाबालिगों को मुक्त कराया गया था। उस कार्रवाई में 68 लड़कियां और 41 लड़के शामिल थे। हालांकि उस मामले में अब तक ठोस कार्रवाई न होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन का कहना है कि शहर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए निगरानी और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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रायगढ़ में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई, 5 उद्योगों पर 13.96 लाख का जुर्माना

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में हो रही दुर्घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पांच उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर कुल 13 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में विभिन्न फैक्ट्रियों में हुए हादसों के बाद निरीक्षण अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा उपकरणों की कमी, कार्यस्थल पर जोखिमपूर्ण परिस्थितियां और नियमों की अनदेखी सामने आई। इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए संबंधित उद्योगों के खिलाफ कारखाना अधिनियम 1948 तथा अन्य श्रम कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। मामलों की सुनवाई श्रम न्यायालय में हुई, जहां अदालत ने दोषी पाए जाने पर पांचों उद्योगों पर आर्थिक दंड लगाया। जिन उद्योगों पर जुर्माना लगाया गया उनमें नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड (सराईपाली), अग्रोहा स्टील प्राइवेट लिमिटेड (ग्राम पाली), विष्णु ब्रिक्स (उपरकछार, जशपुर), इंड सिनर्जी (कोटमार) और एजी कंस्ट्रक्शन (महापल्ली) शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में उद्योगों की नियमित जांच जारी रहेगी, ताकि कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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दुर्ग में वाहन चेकिंग के दौरान हंगामा, जिला पंचायत सदस्य के पति पर पुलिस से दुर्व्यवहार का आरोप

दुर्ग जिले में वाहन जांच के दौरान बुधवार रात उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एक जिला पंचायत सदस्य के पति ने पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करते हुए हंगामा किया। आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की, धमकी दी और नशे में पकड़े गए चालक को छुड़ाने की कोशिश की। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है, जहां यातायात पुलिस रात के समय चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक कार चालक को रोका गया, जो शराब के नशे में वाहन चलाता पाया गया। पुलिस टीम ब्रीथ एनालाइजर से जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि इसी बीच स्थानीय निवासी विक्की मिश्रा अपनी पत्नी के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। उन्होंने स्वयं को जनप्रतिनिधि से जुड़ा बताते हुए चालक को छोड़ने की मांग की, जिससे पुलिस और उनके बीच बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक जवान को धमकी भी दी गई। हंगामे के बीच नशे में पकड़े गए चालक को वाहन सहित मौके से जाने दिया गया, जिसके कारण नियमानुसार कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। यातायात प्रभारी की शिकायत पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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दुर्ग में ट्रैफिक सख्ती का असर, चालान 85% बढ़े तो सड़क हादसों में मौतें घटीं

दुर्ग जिले में यातायात पुलिस की कड़ी कार्रवाई का सकारात्मक असर अब सड़क सुरक्षा के आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त चालानी कार्रवाई के चलते सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 10 मार्च के बीच सड़क हादसों में 89 लोगों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2026 में इसी अवधि में यह संख्या घटकर 62 रह गई है। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 27 कम लोगों की जान गई है। महीनेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2026 में जनवरी में 36, फरवरी में 23 और मार्च में 10 मार्च तक 3 लोगों की मौत दर्ज की गई। पुलिस का मानना है कि यह कमी लगातार चल रहे सघन जांच अभियान और नियमों के कड़ाई से पालन कराने का परिणाम है। चालानी कार्रवाई में भी इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2025 में 1 जनवरी से 10 मार्च तक कुल 14,162 चालान काटे गए थे, जबकि 2026 में इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 26,234 हो गई है, जो लगभग 85 प्रतिशत अधिक है। यातायात पुलिस ने दुर्ग-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, सेंट्रल एवेन्यू, सुपेला चौक, नेहरू नगर चौक और पावर हाउस जैसे व्यस्त क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया है। यहां हेलमेट जांच, ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग और तेज या लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, शराब पीकर वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील कर रही है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State

बिलासपुर में LPG की जमाखोरी का भंडाफोड़, किचन केयर व किराना स्टोर से 126 सिलेंडर जब्त

बिलासपुर में गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की टीम ने कोनी और सिरगिट्टी क्षेत्र में छापेमारी कर किचन केयर और किराना दुकानों से कुल 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान सिलेंडरों से गैस निकालने वाले उपकरण भी मिले, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई करती रही। इससे पहले एक अन्य छापे में 72 सिलेंडर जब्त किए जा चुके थे। प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण बुकिंग और वितरण प्रभावित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कोनी क्षेत्र में एक मकान से 55 खाली घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह मकान सुनील सोनवानी का है, जिसे एक किचन केयर संचालक को किराए पर दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार इस अवैध कारोबार में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। वहीं सिरगिट्टी के बन्नाक चौक स्थित एक दुकान से खाली सिलेंडर और गैस निकालने के उपकरण मिले। टीम को वहां वजन मशीन और विशेष यंत्र भी मिला, जिसका उपयोग सिलेंडर से गैस निकालने में किया जाता है। देर शाम एक बंद दुकान में छापेमारी के दौरान 61 सिलेंडर और बरामद किए गए, जिनमें घरेलू, व्यावसायिक और छोटे सिलेंडर शामिल थे। यह दुकान एक प्राथमिक स्कूल के पास स्थित है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा बना हुआ था। सभी सिलेंडरों को जब्त कर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में मुंशी 10 लाख लेकर फरार, कंपनी का कैश जमा कराने गया था बैंक

राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के साथ विश्वासघात का मामला सामने आया है, जहां कंपनी का मुंशी 10 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। कारोबारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित विजय गोयल देवेंद्र नगर के निवासी हैं और आयरन एंड स्टील ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं। उनका कार्यालय स्टेशन रोड स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स में संचालित होता है। कंपनी के लेन-देन से संबंधित नकदी इकट्ठा कर बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी मुंशी अनिल साल्वे को सौंपी गई थी। बताया गया कि अनिल साल्वे विभिन्न पार्टियों से कंपनी के लगभग 10 लाख रुपये लेकर आया, लेकिन रकम बैंक में जमा कराने के बजाय वह फरार हो गया। जब काफी समय तक वह वापस नहीं लौटा तो कारोबारी ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद विजय गोयल ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।

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रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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रायगढ़ में हाथी का हमला: सूंड से उठाकर बुजुर्ग को पटका, अस्पताल में भर्ती

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले में एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज में बुधवार सुबह करीब 6 बजे हुई। घायल बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सारसमार के रहने वाले ललकूराम उरांव (75) सुबह किसी काम से जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वे रिजर्व फॉरेस्ट के कक्ष क्रमांक 149 के पास पहुंच गए। तभी अचानक उनका सामना एक हाथी से हो गया। सूंड से उठाकर जमीन पर पटका बताया जा रहा है कि हाथी ने बुजुर्ग को देखते ही उन पर हमला कर दिया। हाथी ने पहले उन्हें दौड़ाया और फिर सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इस हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान ललकूराम की जोर-जोर से चीख-पुकार सुनकर हाथी कुछ देर बाद जंगल की ओर लौट गया, जिससे उनकी जान बच सकी। ग्रामीणों ने पहुंचकर की मदद घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए पत्थलगांव के अस्पताल में भर्ती कराया। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि भी दी गई है। इलाके में 15 हाथियों के दो झुंड सक्रिय वन विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से बाकारूमा रेंज के जंगलों में हाथियों की गतिविधि बढ़ गई है। पहले यहां 7 हाथियों का झुंड घूम रहा था, लेकिन मंगलवार रात पत्थलगांव क्षेत्र की ओर से 8 और हाथी इस इलाके में पहुंच गए। इस तरह फिलहाल इलाके में करीब 15 हाथियों के दो अलग-अलग झुंड मौजूद हैं। आशंका जताई जा रही है कि झुंड से अलग हुआ कोई हाथी ही बुजुर्ग पर हमले के लिए जिम्मेदार है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह बाकारूमा रेंजर विष्णु मरावी ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुबह और शाम के समय जंगल की ओर जाने से बचें और सावधानी बरतें।

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बेलतरा की 75 साल पुरानी नेवसा सिंचाई योजना को मंजूरी, 48.92 करोड़ से 1800 हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी

छत्तीसगढ़ के बेलतरा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना को आखिरकार सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब 75 वर्षों के इंतजार के बाद इस परियोजना के लिए 48.92 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के लागू होने से लगभग 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इस योजना की स्वीकृति में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त किया है। लिफ्ट इरिगेशन से खेतों तक पहुंचेगा पानी विधायक के अनुसार, नेवसा उद्वहन सिंचाई योजना के तहत लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रणाली में जल स्रोत से पानी को पंप या मोटर की मदद से ऊपर उठाकर पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाता है। इससे ऊंचाई पर स्थित खेतों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई परियोजना के तहत खारंग जलाशय से सोलर पंप और पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1400 हेक्टेयर खरीफ और 400 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कुल मिलाकर करीब 1800 हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा। 15 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फायदा इस योजना से नेवसा, गिधौरी, कर्रा, जाली, टेकर, गढ़वट, अकलतरी, बाम्हु, बेलतरा, कड़री, सलखा और लिम्हा सहित 15 से अधिक गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि खूंटाघाट बांध के पास होने के बावजूद इस क्षेत्र के किसान दशकों से सिंचाई सुविधा के अभाव में खेती में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अब योजना के क्रियान्वयन से किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों और किसानों ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए राज्य सरकार और विधायक सुशांत शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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