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8 साल बाद शुरू हुआ कचना ओवरब्रिज, रात में जगमगाया ब्रिज; लोगों को ट्रैफिक जाम से मिली बड़ी राहत

राजधानी रायपुर में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। करीब 8 साल में तैयार हुए इस ओवरब्रिज का शुक्रवार रात मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद से ही ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई और लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। रात के समय सामने आए ड्रोन वीडियो में ओवरब्रिज की चमचमाती लाइटें और लगातार गुजरती गाड़ियां आकर्षण का केंद्र बनीं। उद्घाटन कार्यक्रम में आतिशबाजी भी की गई, हालांकि कार्यक्रम तय समय शाम 6 बजे की बजाय रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ। अब तक खम्हारडीह-कचना रेलवे फाटक पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रेलवे ट्रैफिक बढ़ने की वजह से हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस कर्मचारियों और आम लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ता था। बारिश और तेज गर्मी में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। रेलवे के अनुसार इस रूट से हर दिन करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में ओवरब्रिज शुरू होने से करीब 3 लाख लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब 48.78 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज की लंबाई 871 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर है। यह टू-लेन ब्रिज खम्हारडीह स्थित सीएससीबी कार्यालय के पास से शुरू होकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक जुड़ता है। इसके साथ ही शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना सड़क चौड़ीकरण का काम भी लगभग 22.78 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक खत्म हो गई है। लोगों को अब रेलवे फाटक पर रुककर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आवागमन पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

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Raipur

बिलासपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत, बचाने गए दो भाई भी डूबे; ग्रामीणों ने अवैध खनन को जिम्मेदार बताया

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में चकरभाठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक हादसे में तालाब में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो भाई भी पानी में कूद पड़े, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे भी डूबने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों भाइयों को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम अमसेना निवासी किसान प्रभात कौशिक का परिवार बोदरी के वार्ड-7 में निर्माण कार्य की देखरेख के लिए गया हुआ था। इसी दौरान हिमांशु कौशिक, वैभव उर्फ विशु कौशिक और उनका एक रिश्तेदार शिवांश कौशिक गर्मी से राहत पाने के लिए पास के बैराग तालाब में नहाने चले गए थे। नहाते समय हिमांशु तालाब के उस हिस्से में पहुंच गया, जहां कथित तौर पर अवैध मिट्टी और मुरुम खनन के कारण गहरे गड्ढे बन गए थे। पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने से वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके दोनों भाई भी पानी में कूद गए, लेकिन वे भी फंस गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और वैभव व शिवांश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद हिमांशु को भी बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब में अवैध खनन के कारण करीब 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो इस हादसे की मुख्य वजह बने। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि इसी तालाब में पहले भी दो बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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Accident, Bilaspur

दिल्ली में भाजपा नेत्री से रेप और ब्लैकमेलिंग का मामला, निवेश के नाम पर 2.5 करोड़ की ठगी का आरोप

छत्तीसगढ़ के Bilaspur से एक भाजपा नेत्री से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले ने राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल मचा दी है। आरोप है कि झारखंड के रांची निवासी कारोबारी संजय सिंह ने निवेश के नाम पर महिला से नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में दिल्ली में दुष्कर्म किया। मामला सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग और ठगी की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय सिंह को झारखंड के रांची से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता की पहचान बिलासपुर निवासी भाजपा नेत्री के रूप में हुई है, जो दिल्ली भी अक्सर आती-जाती थीं। करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात संजय सिंह से हुई थी। आरोपी ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए माइनिंग और कोल कारोबार में निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उनसे पैसे निवेश कराना शुरू किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों से लगभग 2.5 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर लिए। बाद में जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए। महिला का आरोप है कि सितंबर 2025 में आरोपी ने दिल्ली में उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद लगातार धमकियां देकर पैसे की मांग करता रहा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। वहीं आरोपी संजय सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया है कि यह मामला वित्तीय लेनदेन और विवाद से जुड़ा है। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे पहले ही केस की जानकारी दी थी और उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bilaspur, Crime, Political

नवा रायपुर जंगल सफारी में 7 महीने के जेब्रा शावक की मौत, ‘कोलिक पेन’ संक्रमण बना कारण

छत्तीसगढ़ के Nava Raipur Jungle Safari में वनतारा प्रोजेक्ट से लाए गए 7 महीने के जेब्रा शावक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शावक पिछले पांच दिनों से ‘कोलिक पेन’ नामक बीमारी से संक्रमित था और उसका इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन गुरुवार को उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार शावक को विशेष निगरानी में रखा गया था और वन्यजीव डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही थी। मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया और जांच के लिए अंगों के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शावक का अंतिम संस्कार किया गया। यह जेब्रा शावक राधे कृष्णा टेम्पल एलिफेंट वेलफेयर ट्रस्ट (वनतारा प्रोजेक्ट) से लाई गई एक जोड़ी के बाद जन्मा था। साल 2025 में यह जोड़ी नवा रायपुर जंगल सफारी लाई गई थी, लेकिन 16 मई 2025 को नर जेब्रा की मौत सांप के काटने से हो गई थी। अब शावक की मौत के बाद सफारी में केवल मादा जेब्रा बची है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जेब्रा सामाजिक जानवर होते हैं और झुंड में रहना पसंद करते हैं। ऐसे में शावक और साथी दोनों की मौत के बाद मादा जेब्रा के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। जंगल सफारी के डायरेक्टर तेजस शेखर ने बताया कि शावक को कोलिक पेन की समस्या थी और डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई थी। मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। कोलिक पेन क्या है कोलिक पेन एक गंभीर पेट दर्द संबंधी बीमारी है, जो खासकर घोड़े, जेब्रा और खच्चर जैसे जानवरों में पाई जाती है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे तापमान में बदलाव, पानी की कमी, चारे में अचानक परिवर्तन और देखभाल में कमी। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।

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, Wildlife, Raipur

रायपुर में सड़क किनारे मेटाडोर दुकानदारों का होगा सत्यापन, बिना पहचान वालों पर कार्रवाई की तैयारी

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सड़क किनारे और मेटाडोर व अन्य वाहनों में सामान बेचने वाले दुकानदारों का अब व्यापक सत्यापन किया जाएगा। नगर निगम ने ऐसे सभी व्यापारियों का रिकॉर्ड तैयार करने का निर्णय लिया है ताकि शहर में अवैध या बिना पहचान वाले कारोबार पर नियंत्रण लगाया जा सके। इस संबंध में महापौर Minel Choubey ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टाउन प्लानिंग विभाग की टीम शहरभर में अभियान चलाकर ऐसे सभी दुकानदारों की पहचान और पंजीयन सुनिश्चित करे। इसमें दुकानदार का नाम, स्थायी पता, पहचान पत्र और रायपुर में रहने की स्थिति दर्ज की जाएगी। नगर निगम ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास वैध पहचान पत्र और निगम में पंजीयन नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वार्ड और जोन स्तर पर सर्वे शुरू किया जाएगा और आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की जांच की जाएगी। महापौर ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग वैध रूप से व्यापार कर रहे हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, लेकिन बिना पहचान के कारोबार करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। नगर निगम ने यह भी बताया कि सड़क किनारे और वाहनों से होने वाले व्यापार की वजह से कई जगह ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इस अभियान के जरिए यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नगर निगम को दें ताकि शहर में व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

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Raipur, State, Top News

स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और लगातार बिजली आपूर्ति में बाधा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं को इस महीने सामान्य से दो से तीन गुना तक ज्यादा बिजली बिल मिला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर को हटाने पर विचार किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि वह गांव-गांव और शहरों में जाकर लोगों को जागरूक करेगी और सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेगी। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि गर्मी के मौसम में शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे आमजन परेशान हैं। दीपक बैज ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को बिजली सरप्लस राज्य माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बिगड़ चुकी है। रात के समय बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कांग्रेस का कहना है कि जनता पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों और महंगी दरों से परेशान है, और ऊपर से लगातार बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं।

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GOVERNMENT, Political, Raipur, State, Top News

दुर्ग में दिल दहला देने वाली घटना: माता-पिता फंदे पर लटके मिले, दो बच्चों की शव बिस्तर पर बरामद

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे से लटके मिले, जबकि उनके दो बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दंपती ने पहले बच्चों की हत्या की और बाद में आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार गोविंद साहू (45) और उनकी पत्नी चंचल साहू (40) के शव कमरे में फंदे से लटके मिले। वहीं बेटी दृष्टि साहू (13) और बेटे यशांत साहू (11) के शव बिस्तर पर पाए गए। घटना की जानकारी परिवार के सदस्यों को तब हुई जब सुबह काफी देर तक कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलने पर सभी के शव अंदर मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार हाल ही में तिरुपति बालाजी दर्शन से वापस लौटा था। जांच में बच्चों के गले पर निशान भी पाए गए हैं। हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार गोविंद साहू एक निजी कंपनी में काम करता था। आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और अन्य सबूतों की जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

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Accident, Bhilai / Durg, State, Top News

रायगढ़ में तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकराई, 1 की मौत 1 घायल; CCTV में कैद हादसा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना तेज रफ्तार बाइक के डिवाइडर से टकराने के कारण हुई। पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है। मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा के ग्राम डाकदही निवासी तपवन गुप्ता (42) अपने रिश्तेदार रथ भोई (40) से मिलने ओडिशा के ग्राम गिरसिंघा गए थे। गुरुवार सुबह दोनों एक ही बाइक से अपने गांव डाकदही लौट रहे थे। इसी दौरान हुंकराडीपा रोड पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े और बाइक भी काफी दूर तक घिसटती चली गई। हादसे में तपवन गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रथ भोई गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह पूरी घटना पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

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Accident, Raigarh

जहरीली मांगुर मछली को मोंगरी बताकर बेचने का आरोप, प्रदेशभर में बिक्री पर सवाल |

छत्तीसगढ़ में बाजारों में मछली की बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रतिबंधित और कथित रूप से जहरीली मांगुर मछली को “मोंगरी मछली” बताकर खुलेआम बेचा जा रहा है। इस मामले ने खाद्य सुरक्षा और मछली बाजार की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह मछली माफिया द्वारा गलत पहचान के साथ बेची जा रही है। आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद मांगुर मछली का पालन ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे तालाबों और जलाशयों में किया जा रहा है और फिर इसे बाजारों में मोंगरी मछली के नाम से सप्लाई किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रायपुर, दुर्ग, अभनपुर, माना, डुंडा-सेजबहार, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, बसना, सरायपाली, बलौदाबाजार, मंदिर हसौद, खरोरा और तिल्दा-नेवरा जैसे क्षेत्रों में इसके पालन और बिक्री की गतिविधियां सामने आ रही हैं। मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मत्स्य विभाग और स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार मांगुर मछली को लेकर लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई जाती रही हैं, इसी कारण कई जगहों पर इसके पालन और बिक्री पर प्रतिबंध या नियंत्रण की स्थिति रही है। वहीं मोंगरी मछली के नाम पर गलत लेबलिंग से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर जोखिम की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है ताकि बाजार में बिकने वाले उत्पादों की सही पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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Chhattisghar, Health

रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, सीलिंग की मरम्मत के दौरान मजदूर गिरा, हालत नाजुक |

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक गंभीर हादसा हो गया। एयरपोर्ट परिसर में सीलिंग की मरम्मत का काम करते समय एक मजदूर अचानक ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल मजदूर को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा एयरपोर्ट के अंदर चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मजदूर ऊंचाई पर बिना सुरक्षा उपकरणों और सेफ्टी बेल्ट के काम कर रहा था, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन और ठेकेदार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल घायल मजदूर की पहचान और विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

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Accident, Raipur
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