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Bijnor: बीच रास्ते बिगड़ी ट्रेन चालक की तबीयत, सहायक ने दिखाई सूझबूझ……….यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया कोटद्वार

आनंद विहार टर्मिनल से कोटद्वार जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (14089) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नजीबाबाद के स्नेह रोड स्टेशन के पास ट्रेन चालक बाबूराम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालात को समझते हुए सहायक चालक ने सूझबूझ से काम लिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से कोटद्वार स्टेशन तक पहुंचाया। घटना के कारण कई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और समय-सारणी गड़बड़ा गई। जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन सामान्य रूप से रात 2:55 बजे नजीबाबाद से चलती है, लेकिन गुरुवार को यह 3:15 बजे रवाना हुई। ट्रेन का खाली रैक सुबह 5 बजे तक नजीबाबाद लौटना था, मगर इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण इसमें देर हो गई। स्थिति को संभालने के लिए लक्सर से एक अन्य चालक को बुलाया गया, जिसने ट्रेन को दोबारा संचालित किया और ट्रेन लगभग 11 बजे नजीबाबाद पहुंची। इस घटना का असर नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच चलने वाली अन्य ट्रेनों पर भी पड़ा। सुबह 8:45 पर चलने वाली एक पैसेंजर ट्रेन 46 मिनट की देरी से रवाना हुई, वहीं एक अन्य पैसेंजर ट्रेन भी लेट रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कुछ यात्रियों ने सड़क मार्ग से कोटद्वार जाने का फैसला किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बीमार चालक की तबीयत में अब सुधार है और पूरी घटना की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

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राजधानी में बांग्लादेशी घुसपैठ का नेटवर्क फैला, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए छह घुसपैठियों और उनके एक सहयोगी को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि ये वही गिरोह है जिसके तीन सदस्य हाल ही में मुंबई में इराक भागने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। हालांकि, अभी तक उन्हें भारत में पनाह देने और दस्तावेज बनवाने में सहायता करने वाले लोग पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। स्थानीय मददगारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहींपुलिस की जांच में सामने आया है कि रायपुर में करीब एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के सहारे रह रहे हैं। लेकिन इन अवैध गतिविधियों में शामिल स्थानीय लोगों, खासकर दलालों और जनप्रतिनिधियों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना थानाराज्य में डिटेंशन सेंटर न होने के चलते टिकरापारा थाने को फिलहाल अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना दिया गया है, जहां हाल ही में पकड़े गए 10 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। ‘अनलिमिटेड अंडा योजना’ के पीछे संदिग्ध मंशागिरफ्तार दिलावर खान ने लोगों से संपर्क बनाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू की थी— “निश्चित राशि में अनलिमिटेड अंडा रेसिपी”। उसके अंडे के ठेले के जरिए वह धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाता गया। अब पुलिस को शक है कि इस योजना के पीछे कुछ और ही मकसद छिपा था। पार्षदों की भूमिका पर सवालतीन अलग-अलग मामलों में यह बात सामने आई है कि कुछ पूर्व पार्षदों ने घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज बनवाने, आवास दिलवाने और पहचान छिपाने में मदद की। बावजूद इसके, इन नेताओं के खिलाफ अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है। रीवा से नहीं मिला कोई पुख्ता प्रमाणगिरफ्तार बांग्लादेशी दंपति ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा जिले के चाकघाटा इलाके से आठवीं कक्षा की फर्जी अंकसूची बनवाई थी। टिकरापारा थाना पुलिस वहां जांच करने गई, लेकिन किसी पक्के सबूत का पता नहीं चल सका। फर्जी दस्तावेज बनाने में कर्मचारी की भूमिकादिलावर खान के अंडा ठेले में काम करने वाला उसका कर्मचारी भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में सहयोगी था। इसी की मदद से दिलावर ने फर्जी अंकसूची हासिल की थी। पूरे मामले में पुलिस को अभी और खुलासों की उम्मीद है, लेकिन अब तक असली मास्टरमाइंड और दस्तावेज तैयार करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

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फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला हसन आबिदी गिरफ्तार, महिला पटवारी के पति से ठगे थे 1 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खुद को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और ईडी का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाला हसन आबिदी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। टिकरापारा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। कैसे करता था ठगी का खेल:हसन खुद को जांच एजेंसियों का अफसर बताकर जमीन कारोबारियों और सरकारी कर्मचारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देता था। वह नेताओं के साथ खिंचवाए गए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को रसूखदार साबित करता और इसी डर से लोग चुप रहते थे। एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला आया सामनेमहिला पटवारी के पति राजेश सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि हसन ने पिछले एक साल में किस्तों में उससे एक करोड़ रुपये वसूले। वह बार-बार और पैसे मांग रहा था और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा था। मजबूरी में शिकायतकर्ता ने कर्ज लेकर और पत्नी के गहने बेचकर पैसे दिए। लगातार मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के बाद उसने पुलिस की मदद ली। जमीन कारोबारियों को बनाता था निशानाजांच में पता चला है कि हसन मुख्य रूप से जमीन और प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों को टारगेट करता था। वह उनकी जमीन को विवादित बताकर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता और बड़ी रकम वसूलता था। नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाता था रौबहसन पिछले पांच साल से इस तरह की ठगी में शामिल था। वह नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालता था, ताकि लोग उसे प्रभावशाली समझें और डर के मारे शिकायत ना करें। पुलिस को शक है कि हसन ने और भी कई लोगों को अपने जाल में फंसाया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करने वाली है।

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बिरगांव की मिनी आंगनबाड़ियों की बदहाली उजागर: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं शौचालय, ना ही पर्याप्त जगह

बिरगांव (रायपुर)। छत्तीसगढ़ की राजधानी से सटे बिरगांव क्षेत्र में मिनी आंगनबाड़ियों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्डों में संचालित अधिकांश मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे छोटे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, बिरगांव के हर वार्ड में न्यूनतम 3 से 4 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में 0 से 3 वर्ष के करीब 20 बच्चे और 3 से 6 वर्ष तक के 25 से 30 बच्चे नियमित रूप से आते हैं। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या भी 8 से 14 के बीच होती है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इन केंद्रों में न तो बच्चों के लिए पर्याप्त स्थान है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा। 300 वर्गमीटर के मानक की जगह सिर्फ 150-200 वर्गफुट में चल रही हैं आंगनबाड़ियां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार, एक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र का कुल क्षेत्रफल 300 वर्गमीटर होना चाहिए, जिसमें एक कमरा, बरामदा, खेल का मैदान और शौचालय होना अनिवार्य है। लेकिन बिरगांव के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ 150 से 200 वर्गफुट क्षेत्रफल में ही संचालित हो रहे हैं। बच्चों को खुले में शौच जाने की मजबूरी सबसे गंभीर समस्या इन केंद्रों में शौचालय की अनुपस्थिति है। बच्चों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है, जिससे उनकी स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में सीखी गई आदतें ही भविष्य में व्यवहार बनती हैं। ऐसे में स्वच्छता की बुनियादी शिक्षा और संसाधनों का अभाव बच्चों की जीवनशैली को प्रभावित कर रहा है। केंद्रों की जमीनी हकीकत पोषण की व्यवस्था बेहतर, लेकिन जगह और स्वच्छता चिंता का विषय सभी केंद्रों में पोषण योजना के तहत बच्चों को Ready-to-Eat नाश्ता और दोपहर में दाल-चावल, सब्जी, रोटी जैसे भोजन नियमित रूप से दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को भी पोषक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन केंद्र की सीमित जगह में भोजन बनाना, बच्चों की पढ़ाई और खेल गतिविधियां सब कुछ एक ही स्थान पर करना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिम्मेदारों से जवाबदेही तय करने की मांग स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि केंद्रों की भौतिक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त स्थान जरूरी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक केंद्र में शौचालय की सुविधा हो और बच्चों को साफ-सुथरा माहौल मिले। यह मुद्दा न केवल बाल विकास बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा से भी जुड़ा है। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों को इस पर त्वरित और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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Raipur

रायपुर के उरला गुमा में डामर फैक्‍ट्री में भीषण आग, 5 किलोमीटर दूर तक दिखीं लपटें – बड़ा हादसा टला

रायपुर, 14 जून। राजधानी रायपुर के उरला गुमा, औद्योगिक क्षेत्र स्थित Western Tar Production Pvt. Ltd. नामक डामर निर्माण इकाई में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। सुबह करीब 11:30 बजे लगी आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें 5 किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दे रही थीं। इस घटना के चलते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूत्रों के अनुसार, कंपनी छोटी इकाई है, जहां न तो फायर सेफ्टी गार्ड तैनात था और न ही अंदरूनी स्तर पर आग बुझाने के कोई समुचित इंतजाम थे। आग लगते ही आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों ने तत्परता दिखाई और अपनी दमकल गाड़ियाँ मौके पर भेजीं। इससे स्थिति पर शुरुआती स्तर पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलने के कुछ समय बाद 112 इमरजेंसी सेवा की टीम भी मौके पर पहुँच गई। इसके साथ ही इलाके की सभी उपलब्ध दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा जल चुका था। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आग फैक्ट्री के ऑयल टैंक में लगी थी, जिससे तेजी से पूरी यूनिट चपेट में आ गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी कर्मचारी हताहत नहीं हुआ और किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। इस दुर्घटना ने एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है – जब यह इलाका एक मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्र है, तो फिर इन फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो यह घटना एक बड़ी औद्योगिक त्रासदी का रूप ले सकती थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जिला प्रशासन और उद्योग विभाग इस मामले को गंभीरता से लेंगे और भविष्य में इस तरह की लापरवाह फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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दक्षिण अफ्रीका में भीषण बाढ़: 78 लोगों की मौत, राष्ट्रपति रामाफोसा प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे दौरा

दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी केप प्रांत में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है। यह प्रांत देश के सबसे गरीब इलाकों में शामिल है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां राहत और बचाव अभियान चौथे दिन भी जारी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। राष्ट्रपति की यात्रा, आलोचनाओं के बीच राष्ट्रपति रामाफोसा म्थाथा शहर जाएंगे, जहां मंगलवार सुबह आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब आपदा प्रबंधन में सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना हो रही है। भीषण मौसम ने बढ़ाई मुसीबत इस आपदा का कारण अत्यधिक खराब मौसम को माना जा रहा है। क्षेत्र में तीव्र बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी। संसाधनों की कमी से जूझ रहा प्रांत पूर्वी केप प्रांत के प्रमुख ऑस्कर माबुयाने ने बताया कि 72 लाख की आबादी वाले इस प्रांत में मात्र एक ही बचाव हेलीकॉप्टर उपलब्ध है, जिसे 500 किलोमीटर दूर से मंगवाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद शुरुआती घंटों में राहत कार्य ठप हो गया था, क्योंकि विशेष बचाव दल, गोताखोर और खोजी कुत्तों की कमी थी। बाढ़ ने ली नींद में ही जान बाढ़ सुबह के समय आई, जब अधिकांश लोग सो रहे थे। कई लोग पानी में बह गए, उनके घर और सामान तबाह हो गए। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी है और और शव मिलने की आशंका है, क्योंकि बचावकर्मी बाढ़ के पानी और मलबे में जाँच कर रहे हैं। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं।

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“मैं नहीं जानता कैसे बच गया”: एयर इंडिया विमान हादसे का एकमात्र जीवित बचा यात्री

अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए 40 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय विश्वास कुमार रमेश अभी भी सदमे में हैं और कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह कैसे जिंदा बच गए। आज सुबह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के अस्पताल में उनसे मुलाकात की, जहाँ वह भर्ती हैं। “मुझे नहीं पता मैं कैसे बच गया” हादसे के कुछ ही देर बाद दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,“कुछ पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूँ। लेकिन जब मैंने आँखें खोली, तो देखा कि मैं जिंदा हूँ। मैंने सीट बेल्ट खोली और वहाँ से निकल गया। मेरी आँखों के सामने ही एयरहोस्टेस और एक आंटी-अंकल की मौत हो गई।” विश्वास कुमार की सीट 11A थी, जो इमरजेंसी डोर के ठीक बगल में थी। हादसे के दौरान यह दरवाज़ा टूट गया, जिससे उन्हें बचने का रास्ता मिल गया। जब पूछा गया कि क्या वह हॉस्टल पर गिरे, तो उन्होंने कहा,“नहीं, मैं ज़मीन के करीब था, ग्राउंड फ्लोर पर, जहाँ कुछ जगह थी। मैं वहाँ से निकल आया। दूसरी तरफ़ बिल्डिंग की दीवार थी, और मुझे नहीं लगता कि कोई उस तरफ़ से बच पाया होगा।” कुछ ही पलों बाद आग लग गई, जिससे उनकी बाँह जल गई। वह भावुक होकर बताते हैं,“मेरी आँखों के सामने दो एयरहोस्टेस…” हादसे का क्षण विश्वास ने बताया कि टेकऑफ़ के एक मिनट बाद ही ऐसा लगा कि विमान अटक गया है। फिर हरी-सफेद लाइटें जलने लगीं। पायलटों ने विमान को ऊपर उठाने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी गति से एक इमारत से टकरा गया। भीषण तबाही, 241 लोगों की मौत कल, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान के टेकऑफ़ के कुछ ही मिनट बाद हादसा हो गया। विमान हवाई अड्डे के बाहर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया। विमान में भारी मात्रा में ज्वलनशील एविएशन फ्यूल था, जिससे विशाल आग का गोला बन गया और घने काले धुएँ के बादल मीलों दूर से दिखाई दे रहे थे। इस हादसे में 241 लोगों (यात्रियों और क्रू मेंबर्स) की मौत हो गई। हॉस्टल में भी कई लोग मारे गए, जिनमें 5 MBBS छात्र, 1 PG रेजिडेंट डॉक्टर और एक सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं। 60 से अधिक मेडिकल छात्र घायल हुए हैं। DNA टेस्ट के बाद ही पता चलेगा सही आँकड़ा केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सभी DNA मिलान होने के बाद ही मृतकों की सही संख्या सामने आ पाएगी। विमान में 230 यात्री (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई) और 12 क्रू मेंबर्स (2 पायलट और 10 केबिन क्रू) सवार थे। PM मोदी ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और कहा,“यह दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूँ, जो प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।”

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Aurangabad Crime: युवक की गला घोंटकर हत्या, पुलिस जख्मों से इनकार कर रही……………….

Aurangabad के हसपुरा थाना क्षेत्र के हसपुरा डीह निवासी मंसूर खान उर्फ अप्पू खान की गुरुवार रात रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। उसका शव चांदी गांव के मैदान से बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, शव पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने पटेल चौक पर मुख्य सड़क जाम कर दी और हत्यारों की गिरफ्तारी तथा मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए दाउदनगर के एसडीपीओ कुमार ऋषिराज और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। इस बीच, घटनास्थल की गहन जांच के लिए फोरेंसिक टीम (एफएसएल) को बुलाया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों और मृतक के रिश्तेदारों से पूछताछ की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंसूर खान बाइक मैकेनिक का काम करता था। पुलिस हर संभव कोण से इस मामले की जांच कर रही है।

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छत्तीसगढ़: ट्रैक्टर-बाइक भीषण टक्कर में तीन की मौत, गांव में शोक की लहर……………

सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर से तीन युवकों की मौत हो गई। यह घटना बेलदगी गांव के मुख्य मार्ग पर करीब 3:30 बजे हुई। हादसे की मुख्य जानकारी: पुलिस की कार्रवाई: गांव में शोक की लहर: सड़क हादसों पर चिंता: यह घटना एक बार फिर हेलमेट न पहनने और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों को उजागर करती है। पुलिस ने यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

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कोरबा हादसा: तेज रफ्तार कार नहर में गिरी, यात्री लापता; पुलिस जांच में जुटी……

कोरबा में एक तेज रफ्तार कार नियंत्रण खोकर 20 फीट गहरी नहर में जा गिरी, जिसमें सवार यात्रियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह दुर्घटना आज सुबह बरमपुर मुख्य मार्ग पर सर्वमंगला चौकी क्षेत्र में हुई। मुख्य जानकारी: चश्मदीदों का बयान: ग्रामीणों ने बताया कि सुबह नहर में टूटी-फूटी कार दिखाई दी, जिसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की प्रतिक्रिया: सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि जांच जारी है और लापता लोगों को खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगले कदम: यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने ड्राइवरों से गति सीमा का पालन करने और खासकर नहर व संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।

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