Insights and Updates on Current Affairs

गोरखपुर में पाकिस्तान के समर्थन की टिप्पणी को लेकर विवाद, कोटेदार और पार्षद प्रतिनिधि में हाथापाई

गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जाफरा बाजार में कोटेदार और पार्षद प्रतिनिधि के बीच पाकिस्तान के समर्थन में की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, पार्षद प्रतिनिधि विजय गुप्ता मोहल्ले की महिला चंद्रावती का केवाईसी कराने कोटेदार खलील के पास पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि कोटेदार ने पाकिस्तान के समर्थन में टिप्पणी की, जिससे मामला और गरमा गया। विवाद की सूचना पर पार्षद अभिषेक शर्मा और शिवेन्द्र मिश्रा मौके पर पहुंचे और अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। इसी बीच, पूर्व पार्षद इरशाद अपने भाई डान और साथी अमन के साथ वहां पहुंचे और कथित रूप से विजय गुप्ता से मारपीट की। पुलिस को सूचना मिलने पर तिवारीपुर थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल विजय गुप्ता को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि घटना को लेकर तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जा रही है।

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Political, State

“रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का भाजपा पर कड़ा हमला, सेना के अपमान पर देशद्रोह की कार्रवाई की मांग”

रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सेना के अपमान को लेकर तीखा बयान दिया। बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में नदवी ने भाजपा के कुछ नेताओं पर सेना को धार्मिक दृष्टिकोण से देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिमला समझौते के तहत जंगबंदी और सीजफायर का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन यह कदम किसी तीसरे देश की सलाह पर लिया गया है, जो कि शिमला समझौते का अपमान है। सांसद ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि सेना का अपमान करने वाले नेताओं को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। नदवी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता सुप्रीम कोर्ट और सेना का भी सम्मान नहीं करते हैं। सांसद ने भाजपा के एक नेता पर ऑपरेशन सिंदूर का अपमान करने का आरोप भी लगाया और कहा कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा सरकार के दौरान सबसे ज्यादा हमले हुए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की है, जबकि नदवी ने जंग के आंकड़ों के संबंध में एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि इस पर मीडिया में चर्चा करने के बजाय इसे बंद कमरे में कमेटी स्तर पर हल किया जा सकता है।

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Political, State

औरंगाबाद: पारिवारिक कलह में मां ने बच्चों को जहर दिया, तीन की मौत, खुद की हालत भी नाजुक

बिहार के औरंगाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने चार बच्चों को जहर दे दिया और खुद भी जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। यह दुखद घटना रफीगंज रेलवे स्टेशन की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन पर महिला और बच्चे तड़पते हुए नजर आए, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत आरपीएफ को सूचित किया। आरपीएफ जवानों ने सभी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान तीन बच्चों—सूर्यमणि, शिवानी और राधा—की मौत हो गई, जबकि महिला सोनिया देवी और एक बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस के मुताबिक, मृत बच्चों की मां की पहचान बंदेया थाना क्षेत्र के झिकटिया गांव निवासी रवि बिंद की पत्नी सोनिया देवी के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार रात सोनिया और उसके पति रवि बिंद के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद बुधवार सुबह रवि काम पर चले गए और सोनिया बच्चों को लेकर मायके जाने के बहाने घर से निकल गई। रफीगंज स्टेशन पहुंचने के बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया। परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें तीन बच्चों की मौत की सूचना मिली। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सोनिया व उसके बच्चे का इलाज जारी है। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

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Crime, State

भार्गवास्त्र मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण: भारत की ड्रोन हमलों के खिलाफ बड़ी कामयाबी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इसी बीच भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए स्वदेशी विकसित हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम “भार्गवास्त्र” का सफल परीक्षण किया है। गोपालपुर में हुआ परीक्षण भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों की निगरानी में 13 मई को गोपालपुर रेंज में भार्गवास्त्र के तीन परीक्षण किए गए। इनमें से दो परीक्षणों में एक-एक रॉकेट दागा गया, जबकि तीसरे में साल्वो मोड का प्रयोग करते हुए महज दो सेकंड में दो रॉकेट दागे गए। सभी चार रॉकेटों ने उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन किया और बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों को नष्ट करने की अपनी क्षमता साबित की। भार्गवास्त्र की विशेषताएं सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया यह अत्याधुनिक सिस्टम स्वार्म ड्रोनों को खत्म करने में सक्षम है। यह 2.5 किलोमीटर तक प्रभावी है और एक बार में 64 गाइडेड माइक्रो-मिसाइल दाग सकता है। इसका रडार 6 से 10 किलोमीटर की दूरी तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकता है और कुछ ही सेकंड में कार्रवाई कर सकता है। पूरी तरह स्वदेशी तकनीक भार्गवास्त्र को भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसे विशेष रूप से ड्रोन हमलों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। यह सिस्टम समुद्र तल से लेकर 5,000 मीटर की ऊंचाई तक के क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है और विभिन्न भौगोलिक स्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है। सुरक्षा में नया अध्याय भार्गवास्त्र भारत की सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ी छलांग साबित हो सकता है। हाल ही में पाकिस्तान ने चीन और तुर्की निर्मित ड्रोनों और मिसाइलों का प्रयोग किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आने वाले समय में ड्रोन युद्ध का स्वरूप बदलने वाला है। ऐसे में भार्गवास्त्र जैसी तकनीकें भारत को नई चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएंगी।

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पाकिस्तान देगा मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए परिजनों के नाम पर हर्जाना!

भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान सरकार उसे 14 करोड़ रुपये की बड़ी राशि देने वाली है। यह रकम भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए मसूद के परिजनों की मौत के हर्जाने के तौर पर दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य अड्डे बहावलपुर में कार्रवाई की थी, जिसमें मसूद अजहर के परिवार के करीब 14 सदस्य मारे गए थे। अब पाकिस्तान सरकार हर मृतक के नाम पर 1 करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 14 करोड़ रुपये का मुआवजा देने जा रही है। हालांकि पाकिस्तान अक्सर ये दावा करता है कि उसे मसूद अजहर की लोकेशन की जानकारी नहीं है, लेकिन इस मुआवजे से साफ है कि मसूद पाकिस्तान में ही मौजूद है और वहां की सरकार उसे संरक्षण दे रही है। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी हुई है क्योंकि यह आशंका जताई जा रही है कि मसूद इस राशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को फिर से खड़ा करने, हथियार जुटाने और नए आतंकियों की भर्ती व ट्रेनिंग में कर सकता है। पाकिस्तान सरकार के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकने और आतंकवाद को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के रूप में देखा जा रहा है।

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शामली का युवक निकला पाकिस्तानी जासूस, सुरक्षा एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता

हरियाणा के पानीपत में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नौमान इलाही नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान को भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। गिरफ्तार किया गया युवक उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना कस्बे के बेगमपुरा इलाके का रहने वाला है और पानीपत की एक फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, नौमान पाकिस्तान के आतंकी इकबाल के संपर्क में था और लगातार सेना की गतिविधियों और अन्य खुफिया सूचनाओं को साझा कर रहा था। पुलिस ने उसे मोबाइल नंबर पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के बाद हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि नौमान अपनी बहन के साथ पानीपत की हॉली कॉलोनी में रह रहा था। उसकी बहन की शादी पानीपत में ही हुई है। इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद की गई सतर्कता का नतीजा बताया जा रहा है। 6-7 मई की रात भारत द्वारा पाकिस्तान में किए गए इस ऑपरेशन के बाद से एजेंसियां लगातार संभावित खतरों और संदिग्ध लोगों की निगरानी कर रही थीं। इसी दौरान नौमान के फोन से पाकिस्तान में संपर्क के प्रमाण मिले। हरियाणा के एडीजी (क्राइम) कुलदीप यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह लंबे समय से पाकिस्तान के एक शख्स के निर्देशों पर काम कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। फिलहाल आरोपी से सीआईए यूनिट गहन पूछताछ कर रही है और यह भी जांचा जा रहा है कि उसने किन सरकारी संस्थानों या सुरक्षा स्थलों की जानकारी लीक की है। शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

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हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: मंत्री विजय शाह पर शाम 6 बजे तक एफआईआर दर्ज करने के निर्देश, कर्नल सोफिया पर की गई टिप्पणी बनी मुसीबत

मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी अब उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को शाम 6 बजे तक उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डबल बेंच ने चार घंटे के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट का यह फैसला उस समय आया है जब देशभर में मंत्री के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इंदौर के समीप महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने पाकिस्तान के खिलाफ बोलते-बोलते आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कर्नल सोफिया के संदर्भ में विवादित टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने कहा था कि “हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़ने वालों को हमने उनकी ही बहन से बदला दिलवाया”, जो कि न सिर्फ असंवेदनशील थी, बल्कि सामाजिक और सैन्य मर्यादाओं के भी खिलाफ मानी गई। बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर आलोचना का तूफान आ गया। चौतरफा घिरने के बाद मंत्री शाह ने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए सफाई दी कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है। बावजूद इसके, बीजेपी को मामले को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के बाद विजय शाह से स्पष्टीकरण मांगा, वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने परिवार से मिलकर क्षमा याचना भी की। पार्टी के पूर्व विधायक मानवेंद्र सिंह खुद कर्नल सोफिया के छतरपुर स्थित निवास पहुंचे और परिजनों से माफी मांगी। कांग्रेस इस मुद्दे पर हमलावर है और विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर रही है। हाईकोर्ट का यह कड़ा रुख इस मामले में सरकार पर दबाव और बढ़ा सकता है।

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तुर्की की पोल खुली: पाकिस्तान को भारत पर हमले में दी थी बड़ी मदद, एयरस्ट्राइक में मारे गए तुर्की ऑपरेटर्स

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस एयरस्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। जवाबी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों को ड्रोन्स और मिसाइलों से निशाना बनाया, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए तुर्की से मदद ली थी। सूत्रों के अनुसार, तुर्की ने पाकिस्तान को 350 से ज्यादा ड्रोन उपलब्ध कराए और उन्हें ऑपरेट करने के लिए अपने सैन्य विशेषज्ञ भी भेजे। ड्रोन अटैक की योजना और क्रियान्वयन में तुर्की के सैन्य सलाहकारों की सीधी भागीदारी थी। पाकिस्तानी कार्रवाई से पहले तुर्की का एक युद्धपोत कराची बंदरगाह पर भी पहुंचा था, जिसे लेकर पाक मीडिया ने दावा किया कि उसमें हथियार थे। हालांकि, तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने इसे झूठा बताया था। अब ताजा रिपोर्ट्स से यह पुष्टि हो गई है कि तुर्की ने पाकिस्तान को हथियार और सैन्य सहायता प्रदान की थी। भारत की जवाबी कार्रवाई में सिर्फ पाकिस्तानी सैनिक ही नहीं, बल्कि तुर्की के दो ड्रोन ऑपरेटर्स भी मारे गए। इसके अलावा पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच एक और गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। भारत की एयरस्ट्राइक से पाकिस्तान के सरगोधा स्थित मुशाफ एयरबेस और किराना हिल्स इलाके में परमाणु विकिरण फैलने की खबरें हैं। किराना हिल्स में ही पाकिस्तान की परमाणु हथियार भंडारण सुविधा मौजूद है। विकिरण खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने ऊर्जा विभाग की परमाणु आपातकालीन टीम का विमान मौके पर भेजा है, ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके अलावा मिस्र ने भी बोरोन नामक रसायन, जो रेडिएशन को कम करने में इस्तेमाल होता है, विमान से पाकिस्तान भेजा है। हालांकि इस गंभीर मुद्दे पर न ही पाकिस्तान और न ही अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है।

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भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर AAP-BJP के बीच सियासी घमासान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर फिर मांगे गए सबूत

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी सियासी बयानबाज़ी छिड़ गई है। दिल्ली की कालकाजी सीट से विधायक और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर सवाल उठाए, जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें और उनकी पार्टी को पाकिस्तान समर्थक करार देते हुए निशाने पर ले लिया। आतिशी ने पीएम मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने ‘हाथ जोड़कर’ भारत से सीजफायर की गुहार लगाई थी। आतिशी ने पूछा कि यदि ऐसा था, तो इसकी घोषणा भारत की बजाय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों की? उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर पाकिस्तान ने वाकई हार मानी थी तो उसने दुनिया के सामने यह बात स्वीकार क्यों नहीं की? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या पाकिस्तान ने आतंकियों को भारत को सौंपा या कोई लिखित समझौता किया? इन सवालों के बाद बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि आतिशी एक बार फिर उसी ‘सबूत मांगने वाले गैंग’ का हिस्सा बन गई हैं, जिसने पहले सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भी सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। पूनावाला ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी बार-बार पाकिस्तान के नैरेटिव को बढ़ावा दे रही है और भारतीय सेना के मनोबल को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “पहले इन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे, अब ऑपरेशन सिंदूर पर भी वही रवैया अपना रहे हैं। ये लोग हमारी सेना की ताकत पर भरोसा नहीं करते बल्कि पाकिस्तान की खामोशी को सबूत मानते हैं। आम आदमी पार्टी और पाकिस्तान अब ‘दो शरीर, एक जान’ जैसे हो गए हैं।” पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि आतिशी के माता-पिता कभी अफजल गुरु का समर्थन करते थे, और अब आतिशी खुद भी उसी मानसिकता को बढ़ावा दे रही हैं। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेना ने आतंकवाद के ढांचे को बुरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिससे घबराकर पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य अधिकारियों से संपर्क कर संघर्षविराम की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत की राजनीति में सुरक्षा और सेना जैसे गंभीर मुद्दों पर गहरी राजनीतिक खाई को उजागर कर दिया है।

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भारतीय टेस्ट टीम के नए कप्तान को लेकर बढ़ी सरगर्मी, केएल राहुल की दावेदारी ने मचाया हलचल

रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टीम के अगले टेस्ट कप्तान को लेकर बहस तेज हो गई है। इंग्लैंड दौरे से पहले चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। जहां एक ओर शुभमन गिल और ऋषभ पंत के नाम की चर्चा हो रही थी, वहीं अब इस रेस में एक नया नाम भी सामने आ गया है — केएल राहुल। पूर्व चयनकर्ता कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने गिल की जगह पर सवाल उठाते हुए राहुल को कप्तानी के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बताया है। उन्होंने कहा कि गिल की प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की नहीं है, ऐसे में उन्हें कप्तान बनाना जोखिम भरा हो सकता है। श्रीकांत का मानना है कि यदि बुमराह अनुपलब्ध रहते हैं, तो राहुल या पंत को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने राहुल को टेस्ट टीम में नंबर-4 की भूमिका निभाने के लिए भी उपयुक्त करार दिया। दूसरी ओर, महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने जसप्रीत बुमराह को ही टेस्ट टीम का अगला कप्तान बनाने की वकालत की है। उनका मानना है कि बुमराह खुद अपने वर्कलोड को सबसे बेहतर समझते हैं और यदि कोई और कप्तान बना तो वह शायद बुमराह से ज्यादा गेंदबाजी करवा सकता है, जो उनके लिए नुकसानदेह हो सकता है। इस बहस में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर आश्चर्य जताया कि बुमराह जैसे अनुभवी और प्रभावशाली खिलाड़ी की मौजूदगी में अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि बुमराह की फिटनेस को लेकर चिंताएं हैं, तो उपकप्तान का चयन सावधानीपूर्वक करना चाहिए, लेकिन कप्तान वही बनना चाहिए। इस बीच रविचंद्रन अश्विन ने भी बुमराह के पक्ष में अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड दौरे के लिए जो टीम जाएगी, उसमें बुमराह सबसे अनुभवी खिलाड़ी होंगे और ऐसे में उन्हें ही कप्तानी सौंपी जानी चाहिए। हालांकि, अंतिम फैसला चयनकर्ताओं द्वारा बुमराह की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। क्या आपको लगता है कि बुमराह की फिटनेस कप्तानी में बाधा बन सकती है?

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