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रायपुर के सरस्वती नगर में युवक की मौत का मामला: गाड़ी विवाद में जिंदा जलाने की आशंका, पुलिस जुटा रही सबूत

रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में युवक शाकिब की मौत के मामले में जांच के दौरान गाड़ी के लेन-देन को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, वारदात से पहले शाकिब और आरोपी के बीच वाहन को लेकर करीब तीन मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस इस बातचीत और उससे जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों का दावा है कि उनके पास मौजूद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में गाड़ी को आग लगाने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। परिजनों ने यह ऑडियो पुलिस को सौंप दिया है और इसे जांच में शामिल करने की मांग की है। वहीं, परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले की जांच में लापरवाही बरत रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हो रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आग से झुलसने के बाद शाकिब को सोनू और उसके साथ मौजूद अन्य युवक इलाज के लिए एम्स रायपुर लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सोनू ने शाकिब की मां को फोन कर घटना की जानकारी दी और इसे हादसा बताते हुए परिवार को अस्पताल बुलाया। पुलिस अब घटनास्थल और अस्पताल से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही मृतक और आरोपियों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने मामले में सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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Crime, Raipur

छत्तीसगढ़ में 57 हजार शिक्षक पद खाली, जर्जर स्कूल भवनों को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल पर्याप्त शिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के बिना संचालित हो रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में करीब 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में नियमित रूप से एक भी नए शिक्षक की भर्ती नहीं की। कांग्रेस के अनुसार, संविलियन प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षक पद समाप्त कर दिए गए और 10,400 से अधिक स्कूल भी बंद कर दिए गए। कांग्रेस ने शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जबकि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2025 के बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया था। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू करने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी। कांग्रेस का यह भी दावा है कि हर महीने सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नियमित नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। पार्टी नेता शुक्ला ने कहा कि केवल रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में ही 250 से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के कई स्कूलों में सहायक शिक्षक ही व्याख्याता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्टी ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है। कांग्रेस के अनुसार, प्रदेश के 12,560 से अधिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं और बारिश के दौरान कई स्कूलों की छतों से पानी टपकता है। इसके अलावा अनेक स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। कांग्रेस का कहना है कि इन समस्याओं के कारण कई छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कुछ मामलों में छात्राओं को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ रही है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द नियमित भर्ती करने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने और सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। नोट: इस समाचार में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप और दावे शामिल हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।

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Education, Raipur

श्रावणी मेला 2026: बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, इतवारी-मधुपुर स्पेशल ट्रेन अगस्त में चलेगी

श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी (नागपुर) और मधुपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह स्पेशल ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त तक संचालित होगी और कुल 5-5 फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के यात्रियों को देवघर पहुंचने में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। ट्रेन का संचालन कब होगा? रायपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यह स्पेशल ट्रेन दुर्ग, रायपुर और भाटापारा सहित बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर जैसे स्टेशनों पर भी रुकेगी, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। रायपुर स्टेशन पर समय 08895 इतवारी–मधुपुर 08896 मधुपुर–इतवारी सीटें अभी उपलब्ध रेलवे के अनुसार इस विशेष ट्रेन में फिलहाल पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। अगस्त माह की सभी निर्धारित यात्राओं में AC-3 और स्लीपर श्रेणी में अच्छी संख्या में सीटें खाली हैं। ऐसे में श्रद्धालु समय रहते टिकट बुक कर कन्फर्म सीट प्राप्त कर सकते हैं। ट्रेन में होंगे 20 कोच यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें: अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी रुकेगी ट्रेन यह स्पेशल ट्रेन झारसुगुड़ा, बामड़ा, गारपोस, राजगंगपुर, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद और चित्तरंजन सहित कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर भी ठहरेगी। इससे झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधे यात्रा करने का बेहतर विकल्प मिलेगा.

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Bilaspur, Raipur, State, Top News

दुर्ग में लापता महिला का जंगल में शव मिला, सिर पर गहरे वार के निशान; हत्या के सभी पहलुओं पर जांच जारी

दुर्ग जिले में लापता 55 वर्षीय महिला का शव पुलगांव नाला के पास जंगलनुमा क्षेत्र में मिलने से सनसनी फैल गई। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला है और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल हत्या के मामले की जांच कर रही है। साथ ही शव की स्थिति को देखते हुए अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। मृतका की पहचान ओम नगर, उरला निवासी भगवंतीन बाई साहू (55) के रूप में हुई है। वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं तथा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। परिजनों के अनुसार, वह 16 जुलाई की शाम घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद 17 जुलाई को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कुछ ही समय बाद पुलगांव क्षेत्र से उनका शव मिलने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस शाम करीब 6 बजे घटनास्थल पहुंची। शव पुलगांव नाला के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के बगल से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की और फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में महिला के सिर पर भारी वस्तु से वार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हुई हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अन्य संभावित एंगल पर भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना की पुष्टि मेडिकल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बिना नहीं की जा सकती। इसलिए जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि महिला को आखिरी बार 16 जुलाई की शाम दुर्ग तहसील कार्यालय के आसपास देखा गया था। इसके बाद वह पुलगांव क्षेत्र तक कैसे पहुंचीं और उनके साथ क्या हुआ, इसका पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय लोगों और संभावित गवाहों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वाड की टीम भी जांच में जुटी है। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और पोस्टमॉर्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारण तथा अन्य तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट होगी। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, Crime

बिलासपुर में जलभराव से भड़का लोगों का आक्रोश, NH-49 पर चक्काजाम; 150 से अधिक घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि अधूरे पुल और ड्रेनेज निर्माण के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है, जिससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। जलभराव की वजह से लोगों के घरों में रखा घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पुल और ड्रेनेज का निर्माण पूरा नहीं होगा और समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण NH-49 पर भारी और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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Bilaspur, protest, State, Top News, weather

रायपुर में आज CAPF सहायक कमांडेंट परीक्षा, 1704 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

रायपुर में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा आज, 19 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। इस परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, बैठने की उचित व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। साथ ही संघ लोक सेवा आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी का परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा की गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय से किया जाएगा। परीक्षा संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर नवीन ठाकुर को को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर तथा रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे पहली पाली के लिए सुबह 9:30 बजे तक और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। समय से पहुंचने पर फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन और अन्य औपचारिकताएं सुचारु रूप से पूरी की जा सकेंगी।

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Raipur

छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, कई इलाके जलमग्न

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने निम्न दबाव (लो प्रेशर) के प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिसके चलते मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सबसे अधिक असर बिलासपुर जिले में देखने को मिला, जहां लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेशनल हाईवे-49 पर कई स्थानों पर 4 से 5 फीट तक पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई। सरकंडा क्षेत्र के लिंगियाडीह में तेज बहाव के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। बाद में उनका शव झाड़ियों में बरामद किया गया। वहीं, कोटमीसोनार में लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग को बंद कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बिलासपुर शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स सहित कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण पांच मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि तीन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। राजधानी रायपुर में भी शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। जिन क्षेत्रों में पहले से अधिक बारिश हो चुकी है, वहां निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

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महादेव बेटिंग ऐप केस: ED ने शेफाली बग्गा से दो दिन की पूछताछ, 30 लाख कैश और प्रमोशन डील्स पर उठे सवाल

महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और ‘बिग बॉस 13’ की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। जांच एजेंसी ने उनके घर से बरामद 30 लाख रुपये नकद, अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रचार, विदेश यात्राओं और कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर कई सवाल किए। यह पूछताछ 30 मई को दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई ED की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। ED का दावा है कि यह राशि कथित तौर पर अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी कमाई हो सकती है। जांच के दौरान ED ने शेफाली बग्गा से सोशल मीडिया प्रमोशन, भुगतान के तरीके और महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित संपर्कों के बारे में जानकारी ली। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में शेफाली ने बताया कि बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी व्यावसायिक डील्स उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे, जिनमें एंडोर्समेंट, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं। ED का आरोप है कि शेफाली ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लोगों को एक टेलीग्राम चैनल पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर बेटिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं। जांच एजेंसी ने शेफाली, उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, शेफाली अब जांच में शामिल हो चुकी हैं, जबकि उनके पिता और भाई अब तक पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या कथित प्रमोशन से मिलने वाले भुगतान नकद में किए जाते थे और क्या यह रकम परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंची। इसके अलावा दुबई और लंदन की यात्राओं, लग्जरी होटलों में ठहरने तथा महादेव सिंडिकेट से जुड़े कथित लोगों के साथ संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज का इस्तेमाल कर नए यूजर्स को जोड़ा जाता था। इसके बाद कथित तौर पर हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और अन्य वित्तीय माध्यमों से पैसों के स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती थी। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है। ED आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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रायपुर में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बैटरी कारोबारी ने पत्नी और बच्चों को जहर देकर की आत्महत्या की आशंका

रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बैटरी कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया, फिर खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी शुक्रवार रात तब मिली, जब पड़ोसियों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी। पूरे दिन घर का दरवाजा बंद रहने और किसी प्रकार की हलचल नहीं होने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। घर के भीतर का दृश्य बेहद दर्दनाक था। एक कमरे में शाहिद का शव फंदे से लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) के शव जमीन पर पड़े थे। सभी के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका और गहरी हो गई। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस और फोरेंसिक टीम को कमरे से खाने-पीने का सामान तथा कीटनाशक का एक डिब्बा भी मिला है। इसी आधार पर आशंका व्यक्त की जा रही है कि परिवार को पहले भोजन में जहर दिया गया और बाद में शाहिद ने आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा। जानकारी के अनुसार, शाहिद पिछले करीब आठ महीने से संजय नगर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रह रहा था। वह पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का व्यवसाय करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में कार्यरत था। परिवार मूल रूप से बिहार का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र कर मकान को सील कर दिया है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि इस सामूहिक मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

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‘वोटर नहीं हो तो नहीं सुनूंगा’ बयान पर विवाद, विधायक की जन चौपाल में हंगामा

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक विधायक के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन चौपाल के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पोहरी विधानसभा क्षेत्र से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीणों की शिकायतें सुनने से इनकार करने का आरोप विधायक पर लगा। जानकारी के अनुसार, नरवर तहसील स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में बुधवार को करैरा विधायक की ओर से जन चौपाल आयोजित की गई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे थे। इसी बीच पोहरी विधानसभा क्षेत्र के नानकपुर और बरखाड़ी गांव के करीब 8 से 10 ग्रामीण भी पेयजल और बिजली जैसी समस्याओं को लेकर विधायक के पास पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने उनकी शिकायतें सुनने से यह कहते हुए मना कर दिया कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। विधायक के इस कथित बयान के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और मौके पर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे निजी काम के लिए नहीं बल्कि सरकारी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि के पास पहुंचे हैं। उनका तर्क था कि जनता की परेशानियां विधानसभा क्षेत्र की सीमा से अलग नहीं होतीं। विरोध के दौरान मामला और बढ़ गया। इसी बीच एक ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताने के लिए अपने छोटे बच्चे को विधायक की गाड़ी के गर्म बोनट पर रख दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोग जनप्रतिनिधियों से जनता की समस्याएं सुनने की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं कई लोगों ने बच्चे को गर्म गाड़ी पर रखने की घटना को उसकी सुरक्षा के लिहाज से गलत बताया है। फिलहाल इस पूरे मामले पर विधायक की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

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