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रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव का आज अंतिम संस्कार, मोबाइल जब्त कर जांच में जुटी पुलिस

राजधानी Raipur में आत्महत्या करने वाले Wing Commander Vipul Yadav का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार देवेंद्रनगर स्थित मुक्तिधाम में किया जाना है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य रायपुर पहुंच चुके हैं, हालांकि फिलहाल परिजन इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घर में फांसी लगाकर की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार विंग कमांडर विपुल यादव ने पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में अपने घर के बेडरूम में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 11 मार्च की सुबह घर में काम करने वाली मेड ने सबसे पहले उनका शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। मोबाइल जब्त, एफएसएल कर रही जांच पुलिस ने मामले की जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम (FSL) की मदद ली जा रही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हरियाणा के रहने वाले थे अधिकारी 39 वर्षीय विपुल यादव मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे और रायपुर में तैनात थे। वे छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे थे। परिवार और व्यक्तिगत जानकारी विपुल यादव की शादी वर्ष 2014 में अर्जिता श्रीवास्तव से हुई थी। उनकी पत्नी पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। दंपति के दो बच्चे हैं—9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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रायपुर में NDPS के दो मामलों में 3 दोषियों को सजा, गांजा तस्करों को 15-15 साल की कैद

राजधानी के Raipur में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामलों में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए अदालत ने गांजा तस्करी के दो आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा दी, जबकि नशीली टैबलेट बेचने वाले एक अन्य आरोपी को 3 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। गांजा तस्करी के मामले में 15-15 साल की सजा पहला मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा (NDPS कोर्ट) ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल की सजा सुनाई। जांच अधिकारी के अनुसार 30 मई 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि केनाल रोड स्थित श्याम नगर इलाके में एक कार में कुछ युवक गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोक लिया। कार में सवार मनीष सिंह, निखिल यादव और जितेंद्र दास को पुलिस ने हिरासत में लेकर तलाशी ली। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। नशीली टैबलेट बेचने वाले को 3 साल की सजा दूसरे मामले में NDPS कोर्ट की विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने एक आरोपी को नशीली टैबलेट बेचने का दोषी पाते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस को 16 मार्च 2021 को सूचना मिली थी कि एक युवक नशीला पदार्थ बेचने की फिराक में है। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और 30 अप्रैल 2021 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया। नशे के कारोबार पर सख्त संदेश दोनों मामलों में आए फैसलों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG की कमी से होटल कारोबार प्रभावित, घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य

छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा के लिए मंत्रालय स्थित महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नियमित रूप से सप्लाई जारी है। होटल और रेस्टोरेंट पर ज्यादा असर अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर होटल और अन्य संस्थानों को लगभग 15 प्रतिशत तक सीमित सप्लाई दी जा सकती है। कालाबाजारी रोकने के निर्देश राज्य सरकार ने अधिकारियों को गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलों में प्रशासन की समीक्षा बैठकें राज्य के कई जिलों में भी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है। होटल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी कमर्शियल गैस की कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें पैनिक बायिंग से बचने, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने और वैकल्पिक ईंधन जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि घबराकर गैस सिलेंडर जमा न करें, क्योंकि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

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शादी का वादा कर बनाए संबंध हर मामले में रेप नहीं: हाईकोर्ट ने 20 साल बाद आरोपी को किया बरी

Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि कोई महिला बालिग है और उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बने हैं, तो हर मामले में इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता, भले ही संबंध शादी के वादे के आधार पर बने हों। अदालत ने इसी आधार पर करीब 20 साल पुराने मामले में आरोपी युवक को राहत देते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। लोअर कोर्ट का फैसला निरस्त मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एन.के. व्यास ने सत्र न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी ठहराने के आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया। इसके साथ ही दुष्कर्म के आरोप में सजा पाए युवक को दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला घटना Surguja district के धौरपुर थाना क्षेत्र की है। वर्ष 2000 में एक युवती 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान लीना राम ध्रुव नामक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। युवती का आरोप था कि युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और यह संबंध लगभग तीन साल तक जारी रहा। बाद में युवक ने शादी से इंकार कर दिया और कहीं चला गया। शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के बाद अंबिकापुर की सत्र अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 7 साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट में दी गई चुनौती सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में यह साबित नहीं हो पाया कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का झूठा वादा कर केवल शारीरिक संबंध बनाने की मंशा रखी थी। अदालत की टिप्पणी हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि महिला बालिग है और उसे संबंधों के परिणाम की समझ है, तो ऐसे मामलों में सहमति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए हर परिस्थिति में शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। करीब 20 साल बाद मिला फैसला इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी वर्ष 2004 में हुई थी और 2005 में ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब लगभग दो दशक बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थित पार्किंग रोकने की तैयारी, जल्द तैनात होंगे टोइंग व्हीकल

छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्थित Raipur Railway Station परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए रेलवे नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटाने के लिए जल्द ही टोइंग व्हीकल (वाहन उठाने वाली गाड़ियां) तैनात की जाएंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अभी कई जगह लोग अपने वाहन अनियमित रूप से पार्क कर देते हैं, जिससे यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत होती है और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने वाहन उठाने की व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि फिलहाल रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन फिर भी कई बार अव्यवस्थित पार्किंग देखने को मिलती है। ऐसे में अब स्टेशन परिसर में गलत तरीके से खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के लिए टोइंग व्हीकल की व्यवस्था की जाएगी। निजी कंपनी को दिया जाएगा जिम्मा यह व्यवस्था निजी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे रेलवे को अलग से निवेश नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी करेंगे। फिलहाल अस्थायी रूप से लागू होगी व्यवस्था रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन डेवलपमेंट का काम पूरा होने तक यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू रहेगी। निर्माण कार्य के कारण पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। आगे बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग स्टेशन के विकास कार्य पूरे होने के बाद परिसर के दोनों तरफ मल्टीलेवल पार्किंग, सरफेस पार्किंग और व्यवस्थित लेन सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इससे स्टेशन के सामने पार्किंग और यातायात की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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बस्तर में 108 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, डंप से 3.61 करोड़ नकद और 1 किलो सोना बरामद

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 3.29 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों ने पुलिस को अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए डंप की जानकारी दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए 3.61 करोड़ रुपए नकद, करीब 1 किलो सोना (लगभग 1.64 करोड़ रुपए कीमत) और 101 हथियारों का जखीरा बरामद किया। बताया जा रहा है कि नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है। 101 हथियारों का बड़ा जखीरा मिला बरामद हथियारों में 7 AK-47, 10 इंसास राइफल, 1 कार्बाइन, 5 SLR, 4 LMG, 20 .303 राइफल, 25 बारह बोर राइफल, 11 BGL लॉन्चर, 1 मोर्टार, 3 .315 बोर राइफल, 13 भरमार बंदूक और 1 मेगा BGL शामिल हैं। कई बड़े कैडर ने भी छोड़ा नक्सलवाद आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कई अहम सदस्य शामिल हैं। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के राहुल तेलाम, पंडरू कोवासी, झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के मल्लेश, पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के कमांडर मुचाकी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के कोसा मंडावी जैसे कैडर शामिल हैं। 26 महीनों में 2714 नक्सलियों ने किया सरेंडर पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे “पूना मारगेम” अभियान के तहत पिछले 26 महीनों में अब तक 2714 नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। सरकार ने बताया शांति की ओर बड़ा कदम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों तथा सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है।

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तिल्दा-नेवरा में शराब पीकर बाइक चलाने वाले युवक पर कार्रवाई, 10 हजार का चालान

तिल्दा-नेवरा में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लगातार वाहन चेकिंग अभियान चला रही है। इसी दौरान शराब के नशे में बाइक चलाते पकड़े गए एक युवक पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई तिल्दा-नेवरा थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक युवक मोटरसाइकिल CG-04 CW-6204 से व्यस्त सड़क पर संदिग्ध तरीके से वाहन चलाते हुए नजर आया। पुलिस ने उसे रोककर जांच की तो पता चला कि वह शराब के नशे में वाहन चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत उस पर 10 हजार रुपए का चालान किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि शराब पीकर वाहन चलाने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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खरोरा में पुलिस की कांबिंग गश्त, 17 संदिग्धों पर कार्रवाई, 2 वारंटी गिरफ्तार

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खरोरा थाना क्षेत्र में विशेष कांबिंग गश्त अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें गुंडा-बदमाश, फरार वारंटी और अवैध शराब से जुड़े आरोपी शामिल हैं। यह कार्रवाई रायपुर (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर की गई। अभियान का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में हुआ। खरोरा थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में सघन जांच और गश्त की। अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 17 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की। वहीं दो फरार वारंटियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा अवैध शराब की बिक्री पर भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक ग्राम भैसा निवासी विजय कुमार सेन और खरोरा निवासी परदेशी यादव के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

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बिलासपुर में 130 पुलिसकर्मियों के तबादले, एसएसपी ने जारी किया ट्रांसफर आदेश

बिलासपुर: जिले में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत कुल 130 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया गया है। इनमें 3 सब-इंस्पेक्टर (SI), 10 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), 23 प्रधान आरक्षक और 94 आरक्षक शामिल हैं। शिकायतों के बाद लिया गया फैसला बताया जा रहा है कि जिले के कई थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने पुलिस व्यवस्था में सुधार और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह बड़ा तबादला आदेश जारी किया है। हटाए गए कुछ पुलिसकर्मियों को फिर से मिला थाना कई थानों में बदली गई पदस्थापना इस ट्रांसफर आदेश के तहत जिले के कई प्रमुख थानों और इकाइयों में पदस्थ पुलिसकर्मियों की नई नियुक्ति की गई है। इनमें सिविल लाइन, सरकंडा, सिटी कोतवाली, तोरवा, सकरी, रतनपुर, चकरभाठा, कोनी, हिर्री, तखतपुर और पचपेड़ी जैसे थाने शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मियों ने भी अपनी पदस्थापना बदलने के लिए आवेदन दिया था, जिसके आधार पर उन्हें दूसरे थानों में भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से जिले में पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकेगी।

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छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी AC-3 कोच जोड़ा गया, यात्रियों को मिलेगी राहत

बिलासपुर: गर्मी बढ़ने के साथ ट्रेनों में एसी बर्थ की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त AC-3 टियर कोच जोड़ने का फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा–अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह अतिरिक्त कोच 11 मार्च को लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर–बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह सुविधा 13 मार्च 2026 को उपलब्ध रहेगी। बढ़ती गर्मी और यात्रियों की मांग को देखते हुए फैसला मार्च महीने में ही तापमान कई जगहों पर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की एसी कोच में सीट पाने की मांग बढ़ गई है। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाए जाने से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में यह अस्थायी व्यवस्था यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

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