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दिल्ली में सक्रिय छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आदिवासी नेता, PCC अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं ने पकड़ी रफ्तार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष के पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संगठन में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच पार्टी के कई वरिष्ठ आदिवासी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व आगामी विधानसभा और संगठनात्मक रणनीति को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में इस बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी आदिवासी नेता को दिए जाने की चर्चा जोरों पर है। इसी वजह से कई वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में सक्रियता बढ़ी है और हाईकमान से मुलाकातों का दौर जारी है। संभावित दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, विधायक लखेश्वर बघेल, विधायक जनक ध्रुव सहित कई आदिवासी नेताओं के नाम चर्चा में हैं। वहीं, आबकारी घोटाला मामले में जमानत पर बाहर आए वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा भी दिल्ली में मौजूद बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस केवल प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संगठन के अन्य अहम पदों पर भी बदलाव कर सकती है। इसी कारण दिल्ली में नेताओं की बढ़ती गतिविधियों को संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक किसी भी नाम या संगठनात्मक बदलाव को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। फिलहाल, दिल्ली में चल रही बैठकों और नेताओं की मौजूदगी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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DELHI, Political, Raipur

बिलासपुर में जलभराव से 150 घर प्रभावित, हाईवे जाम के बाद प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

लगातार हो रही बारिश के बीच बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र स्थित धूमा गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 150 घरों में पानी भर गया। जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जताते हुए रायगढ़-रायपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे लगभग चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान एंबुलेंस सहित कई बड़े वाहन जाम में फंस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल हाईवे के निर्माण के समय पानी निकासी के लिए पर्याप्त ड्रेनेज और पुलिया का निर्माण नहीं किया गया। अधूरे निर्माण कार्य के कारण बारिश का पानी गांव में जमा हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में घरों में पानी घुस गया और लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 1 बजे तक चला। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जो एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने कई बार ग्रामीणों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राजस्व विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान करने और अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी गांव में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका। दूसरी ओर, पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने के आरोप में पांच नामजद लोगों सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाईपी सिंह के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान विवेक पटेल, लक्ष्मण पटेल, जितेंद्र पटेल, मिनी पटेल, कविता पटेल सहित अन्य ग्रामीण सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Bilaspur, protest

एम्स रायपुर में लैब टेस्ट हुआ पूरी तरह पेपरलेस, अब बिना पर्ची सीधे सैंपल दे सकेंगे मरीज

एम्स रायपुर ने मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए लैब टेस्ट की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब ओपीडी में आने वाले मरीजों को लैब जांच के लिए प्रिंटेड पर्ची लेकर अलग-अलग काउंटरों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर जैसे ही कंप्यूटर सिस्टम में जांच लिखेंगे, उसकी जानकारी तुरंत लैब के सिस्टम तक पहुंच जाएगी। नई व्यवस्था के तहत मरीज सीधे डोम-1 स्थित फलेबोटोमी जोन पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे। वहां बारकोड जनरेट होने के बाद ब्लड या अन्य आवश्यक सैंपल लिए जाएंगे। इससे जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। फलेबोटोमी जोन अस्पताल का वह सैंपल कलेक्शन सेंटर होता है, जहां मरीजों के खून और अन्य लैब सैंपल एकत्र किए जाते हैं। एम्स प्रशासन का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को पर्ची खोने की चिंता नहीं रहेगी, इंतजार का समय कम होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनेगी। साथ ही कागज की खपत कम होने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डोम-1 में अलग से चाइल्ड-फ्रेंडली सैंपल कलेक्शन रूम तैयार किया गया है। इस कक्ष में ऑडियो-वीडियो की व्यवस्था की गई है, ताकि ब्लड सैंपल देते समय बच्चे सहज महसूस करें और उन्हें डर या घबराहट न हो। एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने कहा कि संस्थान मरीजों को बेहतर और सरल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार डिजिटल तकनीक को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) डी.के. त्रिपाठी के अनुसार, नई पेपरलेस व्यवस्था से प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों को तेजी से सेवाएं मिलेंगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी होगी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अब ओपीडी के जिन मरीजों को लैब टेस्ट कराना होगा, वे सीधे डोम-1 फलेबोटोमी जोन पहुंचकर अपना सैंपल दे सकेंगे।

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AIMS, GOVERNMENT, Health

रायपुर में 360 स्कूल बसों की जांच, 22 बसों में मिली सुरक्षा खामियां; 53 हजार रुपए का जुर्माना

राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान 38 स्कूलों की कुल 360 बसों की मैकेनिकल और दस्तावेजी जांच की गई। जांच के दौरान 22 बसों में सुरक्षा संबंधी विभिन्न खामियां पाई गईं, जिसके चलते संबंधित स्कूल प्रबंधन पर कुल 53 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि स्कूलों को करीब दो महीने पहले ही बसों की जांच को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कई बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं। जांच के दौरान बसों के चालक और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें कई लोगों में उच्च रक्तचाप (बीपी), शुगर और कमजोर दृष्टि जैसी समस्याएं सामने आईं। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने चालक और परिचालकों को बस में आग लगने की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान अधिकांश बसों में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल किट, फायर फाइटिंग सिस्टम और खिड़कियों पर सुरक्षा जाली जैसी सुविधाएं मौजूद मिलीं। हालांकि कुछ बसों में ऑटोमैटिक डोर लॉक की व्यवस्था नहीं थी। कई बसों के बीमा और फिटनेस से जुड़े दस्तावेज अधूरे पाए गए, जबकि कुछ चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी थी। कुछ बसों के दरवाजे हाथ से बंद किए जा रहे थे और कई बसों की सीटें भी पुरानी हालत में मिलीं। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान एक 62 वर्षीय चालक अपनी जगह परिचालक को जांच के लिए भेजकर बचने की कोशिश करता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह बीपी और शुगर की दवाइयां ले रहा है। बाद में उसकी भी जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण में 48 चालक-परिचालकों में बीपी और शुगर की समस्या तथा 22 चालकों की नजर कमजोर पाई गई। कई चालक जरूरत होने के बावजूद चश्मा नहीं पहन रहे थे। इससे पहले मई महीने में तीन दिन तक चले विशेष अभियान में 751 स्कूल बसों की जांच की गई थी, जिसमें 284 बसों में खामियां मिली थीं। स्कूलों को एक महीने के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद रविवार को दोबारा हुई जांच में 22 बसों में फिर से कमियां मिलने के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि पहले जारी किए गए नोटिस के बाद सुधार कार्यों की निगरानी किस स्तर पर की गई। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी 16 बिंदुओं वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर बसों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

रायपुर के सरस्वती नगर में युवक की मौत का मामला: गाड़ी विवाद में जिंदा जलाने की आशंका, पुलिस जुटा रही सबूत

रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में युवक शाकिब की मौत के मामले में जांच के दौरान गाड़ी के लेन-देन को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, वारदात से पहले शाकिब और आरोपी के बीच वाहन को लेकर करीब तीन मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस इस बातचीत और उससे जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों का दावा है कि उनके पास मौजूद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में गाड़ी को आग लगाने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। परिजनों ने यह ऑडियो पुलिस को सौंप दिया है और इसे जांच में शामिल करने की मांग की है। वहीं, परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले की जांच में लापरवाही बरत रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हो रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आग से झुलसने के बाद शाकिब को सोनू और उसके साथ मौजूद अन्य युवक इलाज के लिए एम्स रायपुर लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सोनू ने शाकिब की मां को फोन कर घटना की जानकारी दी और इसे हादसा बताते हुए परिवार को अस्पताल बुलाया। पुलिस अब घटनास्थल और अस्पताल से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही मृतक और आरोपियों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने मामले में सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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Crime, Raipur

छत्तीसगढ़ में 57 हजार शिक्षक पद खाली, जर्जर स्कूल भवनों को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल पर्याप्त शिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के बिना संचालित हो रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य में करीब 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में नियमित रूप से एक भी नए शिक्षक की भर्ती नहीं की। कांग्रेस के अनुसार, संविलियन प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षक पद समाप्त कर दिए गए और 10,400 से अधिक स्कूल भी बंद कर दिए गए। कांग्रेस ने शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जबकि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2025 के बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया था। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द शुरू करने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी। कांग्रेस का यह भी दावा है कि हर महीने सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नियमित नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। पार्टी नेता शुक्ला ने कहा कि केवल रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में ही 250 से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के कई स्कूलों में सहायक शिक्षक ही व्याख्याता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्टी ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है। कांग्रेस के अनुसार, प्रदेश के 12,560 से अधिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं और बारिश के दौरान कई स्कूलों की छतों से पानी टपकता है। इसके अलावा अनेक स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। कांग्रेस का कहना है कि इन समस्याओं के कारण कई छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कुछ मामलों में छात्राओं को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ रही है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द नियमित भर्ती करने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने और सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। नोट: इस समाचार में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप और दावे शामिल हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।

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Education, Raipur

श्रावणी मेला 2026: बाबाधाम जाने वालों के लिए खुशखबरी, इतवारी-मधुपुर स्पेशल ट्रेन अगस्त में चलेगी

श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी (नागपुर) और मधुपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह स्पेशल ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त तक संचालित होगी और कुल 5-5 फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के यात्रियों को देवघर पहुंचने में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। ट्रेन का संचालन कब होगा? रायपुर रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यह स्पेशल ट्रेन दुर्ग, रायपुर और भाटापारा सहित बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर जैसे स्टेशनों पर भी रुकेगी, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। रायपुर स्टेशन पर समय 08895 इतवारी–मधुपुर 08896 मधुपुर–इतवारी सीटें अभी उपलब्ध रेलवे के अनुसार इस विशेष ट्रेन में फिलहाल पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। अगस्त माह की सभी निर्धारित यात्राओं में AC-3 और स्लीपर श्रेणी में अच्छी संख्या में सीटें खाली हैं। ऐसे में श्रद्धालु समय रहते टिकट बुक कर कन्फर्म सीट प्राप्त कर सकते हैं। ट्रेन में होंगे 20 कोच यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें: अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी रुकेगी ट्रेन यह स्पेशल ट्रेन झारसुगुड़ा, बामड़ा, गारपोस, राजगंगपुर, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद और चित्तरंजन सहित कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर भी ठहरेगी। इससे झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधे यात्रा करने का बेहतर विकल्प मिलेगा.

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Bilaspur, Raipur, State, Top News

दुर्ग में लापता महिला का जंगल में शव मिला, सिर पर गहरे वार के निशान; हत्या के सभी पहलुओं पर जांच जारी

दुर्ग जिले में लापता 55 वर्षीय महिला का शव पुलगांव नाला के पास जंगलनुमा क्षेत्र में मिलने से सनसनी फैल गई। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला है और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल हत्या के मामले की जांच कर रही है। साथ ही शव की स्थिति को देखते हुए अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। मृतका की पहचान ओम नगर, उरला निवासी भगवंतीन बाई साहू (55) के रूप में हुई है। वह अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती थीं तथा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। परिजनों के अनुसार, वह 16 जुलाई की शाम घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद 17 जुलाई को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कुछ ही समय बाद पुलगांव क्षेत्र से उनका शव मिलने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस शाम करीब 6 बजे घटनास्थल पहुंची। शव पुलगांव नाला के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के बगल से शिवनाथ नदी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की और फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में महिला के सिर पर भारी वस्तु से वार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हुई हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अन्य संभावित एंगल पर भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावना की पुष्टि मेडिकल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बिना नहीं की जा सकती। इसलिए जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि महिला को आखिरी बार 16 जुलाई की शाम दुर्ग तहसील कार्यालय के आसपास देखा गया था। इसके बाद वह पुलगांव क्षेत्र तक कैसे पहुंचीं और उनके साथ क्या हुआ, इसका पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय लोगों और संभावित गवाहों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलगांव थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और डॉग स्क्वाड की टीम भी जांच में जुटी है। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और पोस्टमॉर्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारण तथा अन्य तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट होगी। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Bhilai / Durg, Crime

बिलासपुर में जलभराव से भड़का लोगों का आक्रोश, NH-49 पर चक्काजाम; 150 से अधिक घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों का कहना है कि अधूरे पुल और ड्रेनेज निर्माण के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है, जिससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। जलभराव की वजह से लोगों के घरों में रखा घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर उतरकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पुल और ड्रेनेज का निर्माण पूरा नहीं होगा और समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कारण NH-49 पर भारी और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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रायपुर में आज CAPF सहायक कमांडेंट परीक्षा, 1704 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

रायपुर में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा आज, 19 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। इस परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, बैठने की उचित व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। साथ ही संघ लोक सेवा आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी का परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा की गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय से किया जाएगा। परीक्षा संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर नवीन ठाकुर को को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर तथा रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे पहली पाली के लिए सुबह 9:30 बजे तक और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। समय से पहुंचने पर फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन और अन्य औपचारिकताएं सुचारु रूप से पूरी की जा सकेंगी।

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