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भोपाल में 5 मेट्रो स्टेशनों के नीचे बनेगी पार्किंग, 23 मार्च को पेश होगा साढ़े 3 हजार करोड़ का बजट

Bhopal में 23 मार्च को नगर निगम का बजट पेश किया जाएगा, जिसमें करीब साढ़े 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। फिलहाल शहर में किसी प्रकार के टैक्स बढ़ाने का फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि पिछले साल टैक्स वृद्धि का काफी विरोध हुआ था। इस बार परिषद की बैठक में 14 नई पार्किंग बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशनों के नीचे विकसित की जाएंगी, जहां लगभग 40 कारें और 250 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इस योजना को 16 मार्च को हुई मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। शहर में मेट्रो सेवा शुरू होने के बावजूद स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा न होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। अभी केवल पिक-एंड-ड्रॉप की व्यवस्था है, जिससे लोग वाहन खड़ा नहीं कर पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने मेट्रो स्टेशनों के नीचे पार्किंग बनाने की योजना तैयार की है। Bhopal Metro Orange Line के 6.22 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन हैं — सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स। इनमें से सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी स्टेशनों के नीचे पार्किंग प्रस्तावित है। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था पहले से मौजूद है या भविष्य में विकसित की जाएगी। उदाहरण के तौर पर Rani Kamalapati railway station पर पहले से बड़ी पार्किंग उपलब्ध है, जबकि एम्स के पास मेट्रो की जमीन पर पार्किंग विकसित की जाएगी। बैठक में आदमपुर खंती के लीगेसी वेस्ट के निपटारे के लिए भी लगभग 55.54 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा नगर निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव भी परिषद के सामने लाया जाएगा।

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State

कानपुर रेप-मर्डर केस: 11 साल की बच्ची से दरिंदगी का तीसरा आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस की गोली से घायल

कानपुर में 11 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बिधनू थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात करीब 12 बजे हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी इलाके में छिपा हुआ है। इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम ने जब उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वे सुरक्षित बच गए। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। यह आरोपी उस जघन्य अपराध में शामिल था, जिसमें 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद शव को घर से लगभग 300 मीटर दूर गेहूं के खेत में नग्न अवस्था में दबा दिया गया था। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को पकड़ चुकी है। बुधवार को दिनभर चले विरोध और हंगामे के बाद परिजनों की मांगें मानने पर बच्ची का अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तीसरे आरोपी को भी अब गिरफ्तार कर लिया गया है और गुरुवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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Crime, State, Top News, uttar pradesh

कानपुर रेलवे ट्रैक पर जलता सिलेंडर मिला, बैग से प्रतापगढ़ के बुजुर्ग के दस्तावेज बरामद

कानपुर के कैंट क्षेत्र में दिल्ली-प्रयागराज रेलवे ट्रैक के पास बुधवार रात एक जलता हुआ छोटा गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना कानपुर सेंट्रल स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर की है। ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने ट्रैक किनारे आग जलती देख रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद RPF और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सिलेंडर के पास एक बैग भी बरामद हुआ, जिसमें कपड़े, बर्तन, झूला, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य सामान मौजूद था। दस्तावेजों के आधार पर बैग प्रतापगढ़ निवासी 52 वर्षीय ओम प्रकाश मिश्रा का बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि चलती ट्रेन से बैग गिरने के कारण सिलेंडर फट गया और उसमें आग लग गई। संभावना जताई जा रही है कि यह बैग प्रयागराज की ओर जा रही महाबोधि एक्सप्रेस से गिरा होगा। परिजनों के अनुसार, ओम प्रकाश दिल्ली से प्रतापगढ़ के लिए निकले थे। वे दिल्ली में अपने बेटे के साथ रहते थे और सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। बेटे ने बताया कि वे शराब के आदी हैं और लगभग 7 हजार रुपये व सामान लेकर बिना बताए घर से चले गए थे। परिवार को आशंका है कि किसी विवाद के बाद वे गांव लौट रहे थे और इसी दौरान उनका बैग ट्रेन से गिर गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं गैस लीक होने पर यात्रियों ने सिलेंडर को बाहर तो नहीं फेंक दिया। पत्थर से टकराने पर सिलेंडर में छेद हो सकता है, जिससे आग भड़क उठी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम, जीआरपी, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। साजिश या शरारत की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। घटनास्थल पर कोई व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन ओम प्रकाश का मोबाइल और दस्तावेज बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। ट्रेन में गैस सिलेंडर लेकर सफर करना नियमों के खिलाफ है, इसलिए मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि बैग गिरा था या जानबूझकर फेंका गया।

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Accident, State, uttar pradesh

Bilaspur में नाबालिग ने घर से चोरी कर थार खरीदने के लिए गहने चुराए, दोस्तों के साथ मिलकर बनाया प्लान

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में एक नाबालिग ने अपनी थार गाड़ी खरीदने के लिए अपने ही घर से गहने चोरी करवा डाले। आरोपी ने इस काम के लिए भारतीय सेना से रिटायर्ड जवान के बेटे को उकसाया और करीब 15 तोला सोना धीरे-धीरे पार करवा लिया। प्लान और चोरी मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बहतराई निवासी सेना के रिटायर्ड जवान सुशील कुमार शर्मा ने 14 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि नाबालिग और उसके दोस्तों ने मिलकर अपने घर से जेवर चोरी करके उसे बेचने और उससे थार खरीदने की योजना बनाई थी। नकली और असली सोने की गड़बड़ी पूछताछ में पता चला कि दोस्तों ने असली जेवर लाने की बजाय नकली गहने दे दिए। नाबालिग को इसका पता नहीं चला और वे मिलकर गहनों को बेचने की तैयारी कर रहे थे। पैसे और धमकी सोने की बिक्री से प्राप्त रकम थार खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं थी। जब पैसा खत्म हुआ, तब दोस्तों ने नाबालिग को फिर से गहने लाने के लिए दबाव डालना शुरू किया और मारपीट भी की। गहनों की बिक्री जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के गहने को कोतवाली क्षेत्र के एक युवक के जरिए गांधी चौक के पास रहने वाले ज्वेलरी व्यापारी को बेचा गया। कुछ सोना गिरवी रखकर भी रुपए लिए गए। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत दो अन्य खरीदारों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई पुलिस ने नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के कब्जे से करीब 15 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के गहने बरामद किए गए। परिवार ने खुलवाया राज नाबालिग के घरवालों को जेवर गायब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने पूछताछ की। तब पूरे प्लान का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

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Bilaspur, Chhattisgarh

Raigarh में दोस्त ने दोस्त को मारा, खाना बनाने पर हुआ विवाद, आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले के तमनार थाना क्षेत्र में एक दोस्त ने अपने ही मित्र की हत्या कर दी। घटना की वजह थी खाना बनाने को लेकर विवाद। आरोपी ने शुरू में पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी बताई, लेकिन जांच में सच सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। विवाद और हत्या जानकारी के अनुसार 10 मार्च को बिजली कंपनी के टावर में चौकीदारी कर रहे लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46) और अजहर अली (63) के बीच खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। अजहर अली ने लखन का गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने साजिश रची हत्याकांड के बाद अजहर अली ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। उसने कहा कि 4-5 लोग लखन पर हमला कर रहे थे और उसने खुद डरकर जंगल में छिपा हुआ था। हालांकि जांच में यह पूरी तरह गलत साबित हुआ। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने लखन के मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा पाया, जिससे स्पष्ट हुआ कि हत्या जानबूझकर की गई थी। हत्या के बाद की कार्रवाई अजहर ने हत्या के बाद टावर के पास लगी रस्सी काट दी ताकि किसी को शक न हो। उसने टॉर्च को धोकर और कपड़े जला कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया पुलिस ने घटना की पूरी जांच के बाद अजहर अली को गिरफ्तार किया और घटना में इस्तेमाल टॉर्च बरामद की। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूरी कहानी मामला इस बात का सबक भी है कि छोटी बातों पर विवाद और गुस्सा जानलेवा हो सकते हैं। खाना बनाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा अंततः दोस्त की हत्या में बदल गया और आरोपी की साजिश पुलिस ने भांप ली।

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Raigarh

Bilaspur में तनाव: हिंदू संगठनों ने सरकंडा थाना घेरकर किया हंगामा, राम सिंह पर FIR का विरोध

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सरकंडा थाने का घेराव किया। यह हंगामा हिंदूवादी नेता ठाकुर राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज होने के विरोध में किया गया। राम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी। सोशल मीडिया विवाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें देशद्रोही बताया। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समाज के लोग नाराज हो गए और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अंततः राम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। गिरफ्तारी देने का ऐलान और हंगामा राम सिंह ने हिंदू नववर्ष के एक दिन पहले, बुधवार को, सरकंडा थाने में स्वयं अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर उन्होंने हिंदू संगठनों और सनातनियों को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक राम सिंह के साथ थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने रखा कड़ा इंतजाम पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संभावित हिंसा को देखते हुए थाने परिसर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। अधिकारी समझाइश और नियंत्रण के जरिए स्थिति को शांत कराने में सफल रहे। पूरा मामला 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयत उल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई थी। इस खबर के बाद बिलासपुर में राम सिंह ने सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी की और जश्न मनाते हुए मिठाई बांटी। इसी घटना को लेकर FIR दर्ज की गई और अब मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।

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Bilashpur, Chhattisgarh, Top News

पागल कुत्ते के काटने से फैला रैबीज: डेढ़ माह बाद महिला की मौत, जड़ी-बूटी से इलाज बना जानलेवा

छत्तीसगढ़ के Balrampur जिले में रैबीज से एक 34 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ माह पहले उसे पागल कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन परिवार ने अस्पताल ले जाने के बजाय जड़ी-बूटी से उपचार कराया और एंटी-रैबीज टीका नहीं लगवाया। जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के साथ जंगल में लकड़ी लेने गई थी, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। घाव भरने के बाद परिजन निश्चिंत हो गए, लेकिन कुछ समय बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 16 मार्च को हालत गंभीर होने पर उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर Ambikapur मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत रैबीज संक्रमण के कारण हुई। दो दिनों के भीतर रैबीज से यह दूसरी और करीब डेढ़ माह में तीसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले जिले के एक अन्य व्यक्ति की भी रैबीज से जान जा चुकी है, जिसे महीनों पहले कुत्ते ने काटा था और उसने भी टीका नहीं लगवाया था। वहीं सरगुजा क्षेत्र में एक युवक की मौत उस समय हुई थी जब उसे टीके की कुछ खुराक मिल चुकी थी। लक्षण देर से भी आ सकते हैं ⚠️ विशेषज्ञों के अनुसार रैबीज संक्रमित जानवर के काटने से फैलता है और यदि समय पर एंटी-रैबीज इंजेक्शन न लगाया जाए तो महीनों बाद भी इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एक बार लक्षण शुरू होने पर रोग लगभग लाइलाज हो जाता है और मरीज की जान बचाना बेहद कठिन होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत अस्पताल जाकर टीकाकरण कराएं और घरेलू या पारंपरिक इलाज पर निर्भर न रहें। 🏥

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रायपुर में नक्सलियों का शहरी नेटवर्क बेनकाब: मजदूर बनकर रहते थे, पेनड्राइव-कोडवर्ड से भेजते थे सूचना

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने 9 आरोपियों के खिलाफ बिलासपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करते हुए बताया कि ये लोग शहर में मजदूर बनकर रह रहे थे और गुप्त सूचनाएं जंगल में बैठे नक्सली नेताओं तक पहुंचा रहे थे। जांच के अनुसार आरोपी Raipur के रिहायशी इलाकों में किराए के मकानों में रहते थे, ताकि किसी को शक न हो। बताया गया कि संगठन का सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर मुआर्य चंगोराभाठा क्षेत्र में मजदूर बनकर रह रहा था और यही मकान शहरी नेटवर्क का संचालन केंद्र बना हुआ था। पेनड्राइव और कोडवर्ड से होता था संपर्क 💻 SIA की जांच में सामने आया कि आरोपी पेनड्राइव, लिफाफों में बंद पत्र और तय कोडवर्ड के जरिए संदेश भेजते थे। वे Raipur, Simga, Rajim और Bilaspur में गुप्त बैठकों का आयोजन करते थे। कुछ आरोपी शहर और जंगल के बीच “कूरियर” की भूमिका निभाते थे—वे सूचनाएं, विस्फोटक सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाते-लाते थे। छापे में सोना, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद 💰 जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया, जिसमें सोने के बिस्किट, करीब 2.5 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, कई पेनड्राइव और मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 तोला सोना मिलने की बात सामने आई है। कॉल इंटरसेप्शन से मिला सुराग 📡 खुफिया एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में फोन कॉल इंटरसेप्शन से जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी में रायपुर से बस्तर क्षेत्र तक संपर्क होने के संकेत मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई। 23 सितंबर 2025 को डीडी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच SIA को सौंपी गई। टीम ने रायपुर के साथ-साथ Bijapur और Narayanpur में भी दबिश देकर नेटवर्क को ध्वस्त किया। गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई ⚖️ गिरफ्तार आरोपियों पर गंभीर धाराओं—BNS और UAPA—के तहत केस दर्ज किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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Chhattisgarh, Raipur

बिलासपुर नसबंदी कांड: 11 साल बाद फैसला, सर्जन डॉ. गुप्ता को 2 साल की सजा, 5 आरोपी बरी

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में करीब 11 वर्ष बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। जिला न्यायालय बिलासपुर की एडीजे कोर्ट ने सर्जन डॉ. आर.के. गुप्ता को दोषी ठहराते हुए गैर-इरादतन हत्या के मामले में 2 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि कम समय में बड़ी संख्या में ऑपरेशन करने और पर्याप्त सावधानी न बरतने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई। इसके अलावा डॉ. गुप्ता को लापरवाही से चोट पहुंचाने से संबंधित धारा में 6 महीने की सजा व 500 रुपये जुर्माना तथा एक अन्य धारा में 1 महीने की सजा भी दी गई है। यह मामला नवंबर 2014 का है, जब Bilaspur के सकरी क्षेत्र सहित पेंडारी और पेंड्रा में सरकारी नसबंदी शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं की सर्जरी की गई थी। ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर 100 से ज्यादा महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 15 महिलाओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था और मामला राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आया था। उस समय कई गंभीर आरोप लगे, जिनमें संक्रमण, अस्वच्छ उपकरणों का उपयोग और दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल शामिल थे। शुरुआती रिपोर्टों में मौत का कारण सेप्टिक शॉक और संक्रमण बताया गया, जो आमतौर पर अस्वच्छ परिस्थितियों में सर्जरी के कारण होता है। जांच के दौरान यह भी दावा किया गया कि मरीजों को दी गई दवा में जहर मिला था, लेकिन बाद की फॉरेंसिक जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इसी वजह से दवा आपूर्ति से जुड़े आरोप कमजोर पड़ गए। पुलिस ने इस मामले में सर्जन के अलावा दवा आपूर्ति से जुड़े कई लोगों को भी आरोपी बनाया था, लेकिन अदालत में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। परिणामस्वरूप महावर फार्मा और कविता फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े पांच आरोपियों—रमेश महावर, सुमित महावर, राकेश खरे, राजेश खरे और मनीष खरे—को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। इस दर्दनाक घटना में 15 महिलाओं की जान चली गई थी, जिससे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। अब लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले ने पीड़ित परिवारों को आंशिक न्याय मिलने की उम्मीद जगाई है।

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Chhattisgarh

चैत्र नवरात्रि कल से: डोंगरगढ़ में 10 ट्रेनों का ठहराव, शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना, ज्योति-कलश के लिए NRI की बुकिंग

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना है। प्रदेश के कई शक्तिपीठों में विशेष आरती, मनोकामना ज्योति-कलश और नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए Dongargarh में 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया गया है। 19 से 27 मार्च तक लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है और डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच विशेष ट्रेन भी चलाई जाएगी। 🚆 ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि का आरंभ अत्यंत शुभ संयोग में हो रहा है। कलश स्थापना अमावस्या तिथि में होगी, साथ ही शुक्ल और ब्रह्म योग का दुर्लभ मेल भी बनेगा। प्रतिपदा तिथि का अभाव होने के बावजूद नवरात्रि पूरे नौ दिनों तक मनाई जाएगी। ✨ प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन 🔸 Maa Bamleshwari Templeपहाड़ी पर स्थित यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रद्धा का बड़ा केंद्र है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के साथ रोपवे की सुविधा उपलब्ध है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तैनात रहेगी। 🔸 Maa Danteshwari Templeदेश के 52 शक्तिपीठों में शामिल इस मंदिर में विशेष पूजा होगी। श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला, VIP दर्शन और प्रसाद व्यवस्था की गई है। मान्यता है कि यहां देवी का दांत गिरा था। 🔸 Mahamaya Templeमहाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित यह मंदिर भी प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग बनाई गई है। पैदल यात्रियों के लिए बस, भंडारा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। 🔸 Mahamaya Templeकरीब 1400 वर्ष पुराने इस मंदिर में विशेष श्रृंगार और पालकी यात्रा होगी। भक्तों के लिए ऑनलाइन दान और भोग की सुविधा भी शुरू की गई है। 🔸 Chandraseni (Chandrahasini) Templeछोटी पहाड़ी पर स्थित इस शक्तिपीठ में भी भव्य सजावट और धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अन्य व्यवस्थाएं ▪ कई मंदिरों में नि:शुल्क भोजन, ठहरने और चिकित्सा सुविधाएं▪ ज्योति-कलश जलाने के लिए विदेशों में बसे भारतीयों की अग्रिम बुकिंग▪ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष इंतजाम▪ घटस्थापना के साथ नौ दिन तक व्रत, पाठ और आरती नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ देवी दुर्गा की पूजा शुरू होती है और पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु उपवास, भजन-पूजन और साधना करते हैं। 🌼

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