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दुर्ग-भिलाई में गैस सिलेंडर को लेकर असमंजस, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

Durg और Bhilai में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई उपभोक्ता दावा कर रहे हैं कि बुकिंग के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। कई गैस एजेंसियों में सर्वर की तकनीकी समस्या और बुकिंग में देरी के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसी के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नंबर लगने के बाद भी कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी भिलाई में सबसे ज्यादा समस्या कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर को लेकर सामने आ रही है। होटल, ढाबा और छोटे व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद है। इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने लगा है। होटल कारोबारियों का कहना है कि यदि स्थिति कुछ दिन और ऐसी ही रही तो खाना बनाने और व्यवसाय चलाने में परेशानी बढ़ सकती है। वहीं अस्पताल, हॉस्टल और अन्य संस्थानों में भी गैस उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। सर्वर समस्या से बुकिंग प्रभावित भिलाई की एक गैस एजेंसी के अनुसार पिछले तीन दिनों से सर्वर बार-बार डाउन हो रहा है। सुबह कुछ समय तक सिस्टम काम करता है, लेकिन फिर बंद हो जाता है। इसके कारण बुकिंग पर्ची निकालने और होम डिलीवरी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे 10 से 15 दिनों से सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर समस्या बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि कई दिन पहले बुकिंग करने के बाद भी उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। प्रशासन ने की समीक्षा बैठक इस स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर Abhijeet Singh ने कलेक्ट्रेट में ऑयल कंपनियों और गैस वितरकों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और रोजाना लगभग 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने गैस एजेंसियों को सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है और जिन लोगों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द ही इसे गैस एजेंसी में पूरा करा लें। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3555 जारी किया गया है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, State, Top News

एकीकृत विकास की दिशा में बड़ा कदम, रायपुर–नवा रायपुर और दुर्ग–भिलाई को जोड़ेगा मेट्रो प्लान

Raipur, Nava Raipur, Durg और Bhilai के संयुक्त विकास के लिए राज्य सरकार ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर मॉडल की तर्ज पर इन चारों शहरों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत एकीकृत रूप से विकसित करने की तैयारी है। इस योजना में खास तौर पर मेट्रो प्रोजेक्ट, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था को एक साथ जोड़कर विकसित किया जाएगा। इस संबंध में पहली बैठक मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति और विभिन्न परियोजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी मास्टर प्लान सरकार ने तय किया है कि अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया जाएगा, जो चारों शहरों के लिए संयुक्त विकास योजना तैयार करेगा। इसमें खास तौर पर मेट्रो रूट, क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को ध्यान में रखते हुए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। बैठक में प्राधिकरण के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तय करने, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने और परियोजनाओं की प्लानिंग के लिए विशेषज्ञ सलाहकार रखने पर भी सहमति बनी। शुरुआती कामों के लिए 27 करोड़ का प्रावधान राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। बैठक में उप मुख्यमंत्री Arun Sao, वित्त मंत्री OP Choudhary सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आवास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन का गठन बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और क्षेत्र का संतुलित विकास संभव हो सकेगा। NCR मॉडल से प्रेरित योजना यह पहल दिल्ली के National Capital Region Planning Board के मॉडल से प्रेरित है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी। एनसीआर बनने के बाद नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहर बड़े आर्थिक और आईटी केंद्र के रूप में विकसित हुए। उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी राजधानी क्षेत्र के चारों शहरों को जोड़कर एक व्यापक विकास मॉडल लागू किया जाएगा। एक मास्टर प्लान के तहत होगा विकास नई व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में अब अलग-अलग एजेंसियों की जगह एक संयुक्त योजना के तहत विकास कार्य किए जाएंगे। इससे पूरे क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और शहरी विस्तार बेहतर तरीके से प्लान किया जा सकेगा।

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QR कोड से डाउनलोड होगा एडमिट कार्ड, नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी ने शुरू की नई सुविधा

Shaheed Nandkumar Patel University, Raigarh ने परीक्षा व्यवस्था को आसान बनाने के लिए नई डिजिटल पहल शुरू की है। अब छात्र-छात्राएं QR कोड स्कैन करके सीधे अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र प्राप्त करने में होने वाली परेशानियों से राहत देना है। विश्वविद्यालय के अनुसार पहले कई छात्रों को एडमिट कार्ड लेने के लिए कॉलेज या अन्य जगहों के चक्कर लगाने पड़ते थे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अधिक दिक्कत होती थी। अब QR कोड के जरिए छात्र सीधे लिंक पर जाकर कुछ ही मिनटों में अपना एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा व्यवस्था पर होगी सख्त निगरानी परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी कर रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए बनेगा टास्क फोर्स परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए विश्वविद्यालय एक टास्क फोर्स भी गठित कर रहा है। यदि परीक्षा शुरू होने के 15 से 30 मिनट के भीतर किसी प्रश्न को लेकर छात्रों को कोई संदेह होता है, तो वे अपने क्लास टीचर के माध्यम से इसकी जानकारी केंद्र अधीक्षक तक पहुंचा सकेंगे। इसके बाद मामला विश्वविद्यालय तक भेजा जाएगा और विशेषज्ञों की टीम तुरंत निर्णय लेगी। चार जिलों के छात्रों को मिलेगा फायदा विश्वविद्यालय से रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों के कुल 137 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इस नई व्यवस्था से इन सभी कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। वेबसाइट से होगा एडमिट कार्ड डाउनलोड विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को यूजर आईडी/नामांकन क्रमांक और आधार नंबर का उपयोग करना होगा।

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14 मार्च को लगेगी लोक अदालत, रायपुर में 6 हजार से ज्यादा ई-चालानों का होगा निपटारा

छत्तीसगढ़ में 14 मार्च को प्रदेशभर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लंबित ई-चालान मामलों का निपटारा किया जाएगा। राजधानी Raipur में लोक अदालत के लिए अब तक 6 हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन किया जा चुका है। इस बार लोक अदालत हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी, जिसमें पक्षकार अदालत में उपस्थित होकर या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अपने मामलों का समाधान कर सकेंगे। चालान निपटाने का अंतिम मौका यातायात पुलिस के अनुसार यह वाहन मालिकों के लिए चालान निपटाने का अंतिम अवसर है। लोक अदालत के बाद जिन लोगों ने चालान जमा नहीं किया होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नहीं भरा चालान तो जब्त हो सकता है वाहन ट्रैफिक नियमों के तहत चालान जमा करने के लिए पहले 90 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद मामला स्वतः अदालत में चला जाता है, जहां करीब 45 दिन और मिलते हैं। इस तरह कुल 135 दिनों के भीतर चालान जमा करना जरूरी होता है। तय समय के बाद भी भुगतान नहीं करने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। 15 अक्टूबर 2025 से पहले के चालान ही शामिल लोक अदालत में केवल वही ई-चालान शामिल किए जाएंगे जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए और न्यायालय में ट्रांसफर हो चुके हैं। यातायात पुलिस ने इसके लिए 10 मार्च तक नजदीकी ट्रैफिक थानों में पंजीयन कराने की अपील की थी। मोबाइल और व्हाट्सएप से दी जा रही जानकारी लोक अदालत में शामिल होने के लिए वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने लंबित चालान का निपटारा कर सकें।

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दुर्ग: अफीम की खेती का खुलासा करने वाले सरपंच ने मांगी सुरक्षा, जान को खतरे की जताई आशंका

छत्तीसगढ़ के Durg जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती सामने आने के बाद प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच मामले की शिकायत करने वाले सरपंच ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कहा है कि उन्हें जान का खतरा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। पुलिस से सुरक्षा की मांग सरपंच ने चौकी जेवरा-सिरसा और थाना पुलगांव में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ अवैध अफीम की खेती की जानकारी पुलिस और सतर्कता विभाग को दी थी। जांच के बाद खेत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल जब्त की और आरोपी विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। संदिग्ध लोगों की आवाजाही से बढ़ी चिंता सरपंच अरुण गौतम का कहना है कि शिकायत के बाद से वे लगातार डर के माहौल में हैं। उनके अनुसार 7 मार्च की रात कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध तरीके से घूमते दिखाई दिए, जो स्थानीय निवासी नहीं थे। वे उनके घर के आसपास और गलियों में घूम रहे थे, जिससे उन्हें किसी साजिश की आशंका हो रही है। जनदर्शन में भी उठाया मुद्दा सरपंच ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में भी शिकायत पत्र देकर गांव में अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रशासन ने हटवाया रास्ते का बैरियर उधर प्रशासन ने गांव से शिवनाथ नदी तक जाने वाले रास्ते पर लगाया गया लोहे का बैरियर हटवा दिया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरआई व पटवारी की मौजूदगी में रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया। बताया गया कि रास्ते के आगे के हिस्से में मछली पालन के कारण बैरियर लगाया गया था, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब बैरियर हटने के बाद गांव के लोग आसानी से नदी तक आ-जा सकेंगे।

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रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव का आज अंतिम संस्कार, मोबाइल जब्त कर जांच में जुटी पुलिस

राजधानी Raipur में आत्महत्या करने वाले Wing Commander Vipul Yadav का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार देवेंद्रनगर स्थित मुक्तिधाम में किया जाना है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य रायपुर पहुंच चुके हैं, हालांकि फिलहाल परिजन इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घर में फांसी लगाकर की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार विंग कमांडर विपुल यादव ने पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में अपने घर के बेडरूम में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 11 मार्च की सुबह घर में काम करने वाली मेड ने सबसे पहले उनका शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। मोबाइल जब्त, एफएसएल कर रही जांच पुलिस ने मामले की जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम (FSL) की मदद ली जा रही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हरियाणा के रहने वाले थे अधिकारी 39 वर्षीय विपुल यादव मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे और रायपुर में तैनात थे। वे छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे थे। परिवार और व्यक्तिगत जानकारी विपुल यादव की शादी वर्ष 2014 में अर्जिता श्रीवास्तव से हुई थी। उनकी पत्नी पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। दंपति के दो बच्चे हैं—9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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छत्तीसगढ़ में कमर्शियल LPG की कमी से होटल कारोबार प्रभावित, घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य

छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। इसका सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा के लिए मंत्रालय स्थित महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नियमित रूप से सप्लाई जारी है। होटल और रेस्टोरेंट पर ज्यादा असर अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर होटल और अन्य संस्थानों को लगभग 15 प्रतिशत तक सीमित सप्लाई दी जा सकती है। कालाबाजारी रोकने के निर्देश राज्य सरकार ने अधिकारियों को गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलों में प्रशासन की समीक्षा बैठकें राज्य के कई जिलों में भी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है। होटल एसोसिएशन ने जारी की एडवाइजरी कमर्शियल गैस की कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें पैनिक बायिंग से बचने, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने और वैकल्पिक ईंधन जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि घबराकर गैस सिलेंडर जमा न करें, क्योंकि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

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शादी का वादा कर बनाए संबंध हर मामले में रेप नहीं: हाईकोर्ट ने 20 साल बाद आरोपी को किया बरी

Chhattisgarh High Court ने एक अहम फैसले में कहा है कि यदि कोई महिला बालिग है और उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बने हैं, तो हर मामले में इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता, भले ही संबंध शादी के वादे के आधार पर बने हों। अदालत ने इसी आधार पर करीब 20 साल पुराने मामले में आरोपी युवक को राहत देते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। लोअर कोर्ट का फैसला निरस्त मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एन.के. व्यास ने सत्र न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी ठहराने के आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया। इसके साथ ही दुष्कर्म के आरोप में सजा पाए युवक को दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला घटना Surguja district के धौरपुर थाना क्षेत्र की है। वर्ष 2000 में एक युवती 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान लीना राम ध्रुव नामक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। युवती का आरोप था कि युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और यह संबंध लगभग तीन साल तक जारी रहा। बाद में युवक ने शादी से इंकार कर दिया और कहीं चला गया। शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के बाद अंबिकापुर की सत्र अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 7 साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट में दी गई चुनौती सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में यह साबित नहीं हो पाया कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का झूठा वादा कर केवल शारीरिक संबंध बनाने की मंशा रखी थी। अदालत की टिप्पणी हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि महिला बालिग है और उसे संबंधों के परिणाम की समझ है, तो ऐसे मामलों में सहमति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए हर परिस्थिति में शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। करीब 20 साल बाद मिला फैसला इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी वर्ष 2004 में हुई थी और 2005 में ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब लगभग दो दशक बाद हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थित पार्किंग रोकने की तैयारी, जल्द तैनात होंगे टोइंग व्हीकल

छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्थित Raipur Railway Station परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए रेलवे नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटाने के लिए जल्द ही टोइंग व्हीकल (वाहन उठाने वाली गाड़ियां) तैनात की जाएंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अभी कई जगह लोग अपने वाहन अनियमित रूप से पार्क कर देते हैं, जिससे यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत होती है और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने वाहन उठाने की व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि फिलहाल रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन फिर भी कई बार अव्यवस्थित पार्किंग देखने को मिलती है। ऐसे में अब स्टेशन परिसर में गलत तरीके से खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के लिए टोइंग व्हीकल की व्यवस्था की जाएगी। निजी कंपनी को दिया जाएगा जिम्मा यह व्यवस्था निजी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे रेलवे को अलग से निवेश नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी करेंगे। फिलहाल अस्थायी रूप से लागू होगी व्यवस्था रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन डेवलपमेंट का काम पूरा होने तक यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू रहेगी। निर्माण कार्य के कारण पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। आगे बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग स्टेशन के विकास कार्य पूरे होने के बाद परिसर के दोनों तरफ मल्टीलेवल पार्किंग, सरफेस पार्किंग और व्यवस्थित लेन सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इससे स्टेशन के सामने पार्किंग और यातायात की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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बस्तर में 108 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, डंप से 3.61 करोड़ नकद और 1 किलो सोना बरामद

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 3.29 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों ने पुलिस को अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए डंप की जानकारी दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए 3.61 करोड़ रुपए नकद, करीब 1 किलो सोना (लगभग 1.64 करोड़ रुपए कीमत) और 101 हथियारों का जखीरा बरामद किया। बताया जा रहा है कि नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है। 101 हथियारों का बड़ा जखीरा मिला बरामद हथियारों में 7 AK-47, 10 इंसास राइफल, 1 कार्बाइन, 5 SLR, 4 LMG, 20 .303 राइफल, 25 बारह बोर राइफल, 11 BGL लॉन्चर, 1 मोर्टार, 3 .315 बोर राइफल, 13 भरमार बंदूक और 1 मेगा BGL शामिल हैं। कई बड़े कैडर ने भी छोड़ा नक्सलवाद आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कई अहम सदस्य शामिल हैं। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के राहुल तेलाम, पंडरू कोवासी, झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के मल्लेश, पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के कमांडर मुचाकी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के कोसा मंडावी जैसे कैडर शामिल हैं। 26 महीनों में 2714 नक्सलियों ने किया सरेंडर पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे “पूना मारगेम” अभियान के तहत पिछले 26 महीनों में अब तक 2714 नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। सरकार ने बताया शांति की ओर बड़ा कदम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों तथा सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है।

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