Top News

एयर इंडिया हादसा: ब्लैक बॉक्स से जांच शुरू, 270 की मौत के पीछे की वजह पता लगाने में जुटे जांचकर्ता

भारत में विमान हादसे की जांच कर रही एजेंसियां उस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण कर रही हैं, जो पिछले हफ्ते दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कम से कम 270 लोगों की मौत हो गई। विमान के मलबे से बरामद ब्लैक बॉक्स में मौजूद डेटा हादसे की असली वजह जानने में मदद करेगा। यह विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यह एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिर गया। हादसे में 241 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए, जबकि जमीन पर मौजूद 29 लोगों की भी मौत हो गई। केवल एक यात्री इस भयानक दुर्घटना में जीवित बचा। भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस हादसे की जांच कर रही है, जिसमें ब्रिटेन, अमेरिका और विमान निर्माता कंपनी बोइंग के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। ब्लैक बॉक्स क्यों है अहम पूर्व पायलट और विमानन विशेषज्ञ अमित सिंह के अनुसार, ब्लैक बॉक्स में दो डिवाइस होती हैं—कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, जो पायलटों की बातचीत, चेतावनी अलार्म और आपातकालीन संदेश रिकॉर्ड करता है; और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, जो इंजन और नियंत्रण प्रणालियों की तकनीकी जानकारी सहेजता है। ये उपकरण इस तरह बनाए जाते हैं कि वे किसी भी हादसे के बाद भी सुरक्षित रह सकें। सिंह ने बताया कि इन रिकॉर्डिंग्स की मदद से दुर्घटना के क्षणों को क्रमवार समझा जा सकेगा। इसके अलावा पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई बातचीत भी इससे स्पष्ट हो सकेगी। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण पहले ही पुष्टि कर चुका है कि हादसे से पहले विमान ने ‘मेडे कॉल’ (आपातकालीन संदेश) दिया था। जांच के कई पहलू सिंह ने कहा कि ब्लैक बॉक्स के अलावा जांच अधिकारी आसपास के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयान भी खंगालेंगे। पायलट की ट्रेनिंग, विमान की भार क्षमता, इंजन की स्थिति, और विमान के पिछले प्रदर्शन और रखरखाव रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया जाएगा। जांच में लग सकता है समय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के पूर्व महानिदेशक, औरबिंदो हांडा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान हादसों की जांच संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेज “DOC 9756” के अनुसार होती है, जिसमें हर पहलू की जांच के लिए विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है। उन्होंने बताया कि चूंकि यह विमान दुर्घटना बेहद गंभीर थी और विमान बुरी तरह जल चुका है, इसलिए जांच में समय लग सकता है। सबसे पहले यह जांचा जाएगा कि ब्लैक बॉक्स कितनी स्थिति में सुरक्षित हैं, क्योंकि दुर्घटना से पैदा हुई गर्मी उनके सहनशीलता स्तर से अधिक हो सकती है। सरकारी समिति और फ्लाइट्स की जांच भारत सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जो हादसे की वजहों का विश्लेषण करेगी और भविष्य में ऐसे हालात से निपटने के उपाय बताएगी। यह समिति तीन महीनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही, एयर इंडिया के पूरे बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की अतिरिक्त जांच और रखरखाव शुरू कर दिया गया है। एयर इंडिया के पास वर्तमान में कुल 33 ड्रीमलाइनर विमान हैं।

एयर इंडिया हादसा: ब्लैक बॉक्स से जांच शुरू, 270 की मौत के पीछे की वजह पता लगाने में जुटे जांचकर्ता Read Post »

State, Top News

पुतिन की पहल: ईरान-इस्राइल के बीच शांति वार्ता को तैयार रूस, मध्यस्थता का प्रस्ताव अमेरिका को भी भेजा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे संघर्ष को शांतिपूर्वक सुलझाने की पेशकश की है। सेंट पीटर्सबर्ग में इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान मीडिया से बातचीत में पुतिन ने कहा कि रूस के ईरान के साथ लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं, और उन्होंने यह विश्वास जताया कि मॉस्को इस टकराव को सुलझाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। पुतिन ने बताया कि रूस ने ईरान के बुशेहर में पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना में मदद की थी, और इस समय वहां दो अन्य प्लांट्स के निर्माण में करीब 200 रूसी विशेषज्ञ सहायता दे रहे हैं। पुतिन ने सुझाव दिया कि अगर दोनों पक्ष राज़ी हों, तो रूस एक ऐसा समझौता करवा सकता है जिससे ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रख सके और इस्राइल की सुरक्षा चिंताओं को भी समाधान मिल सके। उन्होंने इसे एक “संवेदनशील लेकिन सुलझाया जा सकने वाला मसला” बताया। रूस ने यह मध्यस्थता प्रस्ताव न केवल ईरान और इस्राइल, बल्कि अमेरिका को भी भेजा है। पुतिन ने साफ कहा कि रूस किसी पर अपनी राय थोपना नहीं चाहता, बस सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। पुतिन ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की थी और पश्चिम एशिया में शांति की संभावनाओं पर चर्चा की थी। हालांकि, ट्रंप ने पुतिन को सलाह दी कि वे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम पर ध्यान दें। पुतिन ने ट्रंप की कूटनीतिक सोच की सराहना की और कहा कि अगर ट्रंप 2022 में राष्ट्रपति होते तो शायद रूस-यूक्रेन युद्ध हुआ ही नहीं होता। उन्होंने एक बार फिर शांति वार्ता के लिए यूक्रेन से बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की संवैधानिक वैधता पर सवाल भी उठाए, यह कहते हुए कि उनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है।

पुतिन की पहल: ईरान-इस्राइल के बीच शांति वार्ता को तैयार रूस, मध्यस्थता का प्रस्ताव अमेरिका को भी भेजा Read Post »

International, Political, Top News

Bijnor: बीच रास्ते बिगड़ी ट्रेन चालक की तबीयत, सहायक ने दिखाई सूझबूझ……….यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया कोटद्वार

आनंद विहार टर्मिनल से कोटद्वार जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (14089) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नजीबाबाद के स्नेह रोड स्टेशन के पास ट्रेन चालक बाबूराम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालात को समझते हुए सहायक चालक ने सूझबूझ से काम लिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से कोटद्वार स्टेशन तक पहुंचाया। घटना के कारण कई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और समय-सारणी गड़बड़ा गई। जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन सामान्य रूप से रात 2:55 बजे नजीबाबाद से चलती है, लेकिन गुरुवार को यह 3:15 बजे रवाना हुई। ट्रेन का खाली रैक सुबह 5 बजे तक नजीबाबाद लौटना था, मगर इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण इसमें देर हो गई। स्थिति को संभालने के लिए लक्सर से एक अन्य चालक को बुलाया गया, जिसने ट्रेन को दोबारा संचालित किया और ट्रेन लगभग 11 बजे नजीबाबाद पहुंची। इस घटना का असर नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच चलने वाली अन्य ट्रेनों पर भी पड़ा। सुबह 8:45 पर चलने वाली एक पैसेंजर ट्रेन 46 मिनट की देरी से रवाना हुई, वहीं एक अन्य पैसेंजर ट्रेन भी लेट रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कुछ यात्रियों ने सड़क मार्ग से कोटद्वार जाने का फैसला किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बीमार चालक की तबीयत में अब सुधार है और पूरी घटना की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

Bijnor: बीच रास्ते बिगड़ी ट्रेन चालक की तबीयत, सहायक ने दिखाई सूझबूझ……….यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया कोटद्वार Read Post »

Health, State, Top News

राजधानी में बांग्लादेशी घुसपैठ का नेटवर्क फैला, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आए छह घुसपैठियों और उनके एक सहयोगी को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि ये वही गिरोह है जिसके तीन सदस्य हाल ही में मुंबई में इराक भागने की कोशिश करते हुए पकड़े गए थे। हालांकि, अभी तक उन्हें भारत में पनाह देने और दस्तावेज बनवाने में सहायता करने वाले लोग पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। स्थानीय मददगारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहींपुलिस की जांच में सामने आया है कि रायपुर में करीब एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों के सहारे रह रहे हैं। लेकिन इन अवैध गतिविधियों में शामिल स्थानीय लोगों, खासकर दलालों और जनप्रतिनिधियों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना थानाराज्य में डिटेंशन सेंटर न होने के चलते टिकरापारा थाने को फिलहाल अस्थायी डिटेंशन सेंटर बना दिया गया है, जहां हाल ही में पकड़े गए 10 बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। ‘अनलिमिटेड अंडा योजना’ के पीछे संदिग्ध मंशागिरफ्तार दिलावर खान ने लोगों से संपर्क बनाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू की थी— “निश्चित राशि में अनलिमिटेड अंडा रेसिपी”। उसके अंडे के ठेले के जरिए वह धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ाता गया। अब पुलिस को शक है कि इस योजना के पीछे कुछ और ही मकसद छिपा था। पार्षदों की भूमिका पर सवालतीन अलग-अलग मामलों में यह बात सामने आई है कि कुछ पूर्व पार्षदों ने घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज बनवाने, आवास दिलवाने और पहचान छिपाने में मदद की। बावजूद इसके, इन नेताओं के खिलाफ अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है। रीवा से नहीं मिला कोई पुख्ता प्रमाणगिरफ्तार बांग्लादेशी दंपति ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के रीवा जिले के चाकघाटा इलाके से आठवीं कक्षा की फर्जी अंकसूची बनवाई थी। टिकरापारा थाना पुलिस वहां जांच करने गई, लेकिन किसी पक्के सबूत का पता नहीं चल सका। फर्जी दस्तावेज बनाने में कर्मचारी की भूमिकादिलावर खान के अंडा ठेले में काम करने वाला उसका कर्मचारी भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में सहयोगी था। इसी की मदद से दिलावर ने फर्जी अंकसूची हासिल की थी। पूरे मामले में पुलिस को अभी और खुलासों की उम्मीद है, लेकिन अब तक असली मास्टरमाइंड और दस्तावेज तैयार करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

राजधानी में बांग्लादेशी घुसपैठ का नेटवर्क फैला, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला हसन आबिदी गिरफ्तार, महिला पटवारी के पति से ठगे थे 1 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खुद को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और ईडी का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाला हसन आबिदी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। टिकरापारा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। कैसे करता था ठगी का खेल:हसन खुद को जांच एजेंसियों का अफसर बताकर जमीन कारोबारियों और सरकारी कर्मचारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देता था। वह नेताओं के साथ खिंचवाए गए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को रसूखदार साबित करता और इसी डर से लोग चुप रहते थे। एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला आया सामनेमहिला पटवारी के पति राजेश सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि हसन ने पिछले एक साल में किस्तों में उससे एक करोड़ रुपये वसूले। वह बार-बार और पैसे मांग रहा था और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा था। मजबूरी में शिकायतकर्ता ने कर्ज लेकर और पत्नी के गहने बेचकर पैसे दिए। लगातार मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी के बाद उसने पुलिस की मदद ली। जमीन कारोबारियों को बनाता था निशानाजांच में पता चला है कि हसन मुख्य रूप से जमीन और प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों को टारगेट करता था। वह उनकी जमीन को विवादित बताकर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता और बड़ी रकम वसूलता था। नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाता था रौबहसन पिछले पांच साल से इस तरह की ठगी में शामिल था। वह नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालता था, ताकि लोग उसे प्रभावशाली समझें और डर के मारे शिकायत ना करें। पुलिस को शक है कि हसन ने और भी कई लोगों को अपने जाल में फंसाया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करने वाली है।

फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला हसन आबिदी गिरफ्तार, महिला पटवारी के पति से ठगे थे 1 करोड़ रुपये Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

रायपुर के उरला गुमा में डामर फैक्‍ट्री में भीषण आग, 5 किलोमीटर दूर तक दिखीं लपटें – बड़ा हादसा टला

रायपुर, 14 जून। राजधानी रायपुर के उरला गुमा, औद्योगिक क्षेत्र स्थित Western Tar Production Pvt. Ltd. नामक डामर निर्माण इकाई में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। सुबह करीब 11:30 बजे लगी आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें 5 किलोमीटर दूर तक साफ दिखाई दे रही थीं। इस घटना के चलते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूत्रों के अनुसार, कंपनी छोटी इकाई है, जहां न तो फायर सेफ्टी गार्ड तैनात था और न ही अंदरूनी स्तर पर आग बुझाने के कोई समुचित इंतजाम थे। आग लगते ही आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों ने तत्परता दिखाई और अपनी दमकल गाड़ियाँ मौके पर भेजीं। इससे स्थिति पर शुरुआती स्तर पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलने के कुछ समय बाद 112 इमरजेंसी सेवा की टीम भी मौके पर पहुँच गई। इसके साथ ही इलाके की सभी उपलब्ध दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा जल चुका था। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आग फैक्ट्री के ऑयल टैंक में लगी थी, जिससे तेजी से पूरी यूनिट चपेट में आ गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी कर्मचारी हताहत नहीं हुआ और किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। इस दुर्घटना ने एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है – जब यह इलाका एक मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्र है, तो फिर इन फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो यह घटना एक बड़ी औद्योगिक त्रासदी का रूप ले सकती थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जिला प्रशासन और उद्योग विभाग इस मामले को गंभीरता से लेंगे और भविष्य में इस तरह की लापरवाह फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

रायपुर के उरला गुमा में डामर फैक्‍ट्री में भीषण आग, 5 किलोमीटर दूर तक दिखीं लपटें – बड़ा हादसा टला Read Post »

Accident, Birgaon, Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

दक्षिण अफ्रीका में भीषण बाढ़: 78 लोगों की मौत, राष्ट्रपति रामाफोसा प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे दौरा

दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी केप प्रांत में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है। यह प्रांत देश के सबसे गरीब इलाकों में शामिल है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां राहत और बचाव अभियान चौथे दिन भी जारी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। राष्ट्रपति की यात्रा, आलोचनाओं के बीच राष्ट्रपति रामाफोसा म्थाथा शहर जाएंगे, जहां मंगलवार सुबह आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब आपदा प्रबंधन में सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना हो रही है। भीषण मौसम ने बढ़ाई मुसीबत इस आपदा का कारण अत्यधिक खराब मौसम को माना जा रहा है। क्षेत्र में तीव्र बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने पिछले हफ्ते ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी। संसाधनों की कमी से जूझ रहा प्रांत पूर्वी केप प्रांत के प्रमुख ऑस्कर माबुयाने ने बताया कि 72 लाख की आबादी वाले इस प्रांत में मात्र एक ही बचाव हेलीकॉप्टर उपलब्ध है, जिसे 500 किलोमीटर दूर से मंगवाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद शुरुआती घंटों में राहत कार्य ठप हो गया था, क्योंकि विशेष बचाव दल, गोताखोर और खोजी कुत्तों की कमी थी। बाढ़ ने ली नींद में ही जान बाढ़ सुबह के समय आई, जब अधिकांश लोग सो रहे थे। कई लोग पानी में बह गए, उनके घर और सामान तबाह हो गए। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी है और और शव मिलने की आशंका है, क्योंकि बचावकर्मी बाढ़ के पानी और मलबे में जाँच कर रहे हैं। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं।

दक्षिण अफ्रीका में भीषण बाढ़: 78 लोगों की मौत, राष्ट्रपति रामाफोसा प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे दौरा Read Post »

International, Top News

“मैं नहीं जानता कैसे बच गया”: एयर इंडिया विमान हादसे का एकमात्र जीवित बचा यात्री

अहमदाबाद में एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए 40 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय विश्वास कुमार रमेश अभी भी सदमे में हैं और कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह कैसे जिंदा बच गए। आज सुबह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के अस्पताल में उनसे मुलाकात की, जहाँ वह भर्ती हैं। “मुझे नहीं पता मैं कैसे बच गया” हादसे के कुछ ही देर बाद दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,“कुछ पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूँ। लेकिन जब मैंने आँखें खोली, तो देखा कि मैं जिंदा हूँ। मैंने सीट बेल्ट खोली और वहाँ से निकल गया। मेरी आँखों के सामने ही एयरहोस्टेस और एक आंटी-अंकल की मौत हो गई।” विश्वास कुमार की सीट 11A थी, जो इमरजेंसी डोर के ठीक बगल में थी। हादसे के दौरान यह दरवाज़ा टूट गया, जिससे उन्हें बचने का रास्ता मिल गया। जब पूछा गया कि क्या वह हॉस्टल पर गिरे, तो उन्होंने कहा,“नहीं, मैं ज़मीन के करीब था, ग्राउंड फ्लोर पर, जहाँ कुछ जगह थी। मैं वहाँ से निकल आया। दूसरी तरफ़ बिल्डिंग की दीवार थी, और मुझे नहीं लगता कि कोई उस तरफ़ से बच पाया होगा।” कुछ ही पलों बाद आग लग गई, जिससे उनकी बाँह जल गई। वह भावुक होकर बताते हैं,“मेरी आँखों के सामने दो एयरहोस्टेस…” हादसे का क्षण विश्वास ने बताया कि टेकऑफ़ के एक मिनट बाद ही ऐसा लगा कि विमान अटक गया है। फिर हरी-सफेद लाइटें जलने लगीं। पायलटों ने विमान को ऊपर उठाने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी गति से एक इमारत से टकरा गया। भीषण तबाही, 241 लोगों की मौत कल, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान के टेकऑफ़ के कुछ ही मिनट बाद हादसा हो गया। विमान हवाई अड्डे के बाहर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया। विमान में भारी मात्रा में ज्वलनशील एविएशन फ्यूल था, जिससे विशाल आग का गोला बन गया और घने काले धुएँ के बादल मीलों दूर से दिखाई दे रहे थे। इस हादसे में 241 लोगों (यात्रियों और क्रू मेंबर्स) की मौत हो गई। हॉस्टल में भी कई लोग मारे गए, जिनमें 5 MBBS छात्र, 1 PG रेजिडेंट डॉक्टर और एक सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं। 60 से अधिक मेडिकल छात्र घायल हुए हैं। DNA टेस्ट के बाद ही पता चलेगा सही आँकड़ा केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सभी DNA मिलान होने के बाद ही मृतकों की सही संख्या सामने आ पाएगी। विमान में 230 यात्री (169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई) और 12 क्रू मेंबर्स (2 पायलट और 10 केबिन क्रू) सवार थे। PM मोदी ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और कहा,“यह दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूँ, जो प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।”

“मैं नहीं जानता कैसे बच गया”: एयर इंडिया विमान हादसे का एकमात्र जीवित बचा यात्री Read Post »

Accident, Political, State, Top News

Aurangabad Crime: युवक की गला घोंटकर हत्या, पुलिस जख्मों से इनकार कर रही……………….

Aurangabad के हसपुरा थाना क्षेत्र के हसपुरा डीह निवासी मंसूर खान उर्फ अप्पू खान की गुरुवार रात रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। उसका शव चांदी गांव के मैदान से बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, शव पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने पटेल चौक पर मुख्य सड़क जाम कर दी और हत्यारों की गिरफ्तारी तथा मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। हालात को नियंत्रित करने के लिए दाउदनगर के एसडीपीओ कुमार ऋषिराज और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। इस बीच, घटनास्थल की गहन जांच के लिए फोरेंसिक टीम (एफएसएल) को बुलाया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों और मृतक के रिश्तेदारों से पूछताछ की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंसूर खान बाइक मैकेनिक का काम करता था। पुलिस हर संभव कोण से इस मामले की जांच कर रही है।

Aurangabad Crime: युवक की गला घोंटकर हत्या, पुलिस जख्मों से इनकार कर रही………………. Read Post »

Crime, State, Top News

छत्तीसगढ़: ट्रैक्टर-बाइक भीषण टक्कर में तीन की मौत, गांव में शोक की लहर……………

सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर से तीन युवकों की मौत हो गई। यह घटना बेलदगी गांव के मुख्य मार्ग पर करीब 3:30 बजे हुई। हादसे की मुख्य जानकारी: पुलिस की कार्रवाई: गांव में शोक की लहर: सड़क हादसों पर चिंता: यह घटना एक बार फिर हेलमेट न पहनने और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों को उजागर करती है। पुलिस ने यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

छत्तीसगढ़: ट्रैक्टर-बाइक भीषण टक्कर में तीन की मौत, गांव में शोक की लहर…………… Read Post »

Accident, Chhattisgarh, State, Top News
Scroll to Top