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छत्तीसगढ़ में 4708 शिक्षकों की भर्ती जल्द, हिंदी और संस्कृत जैसे विषयों के पद शामिल

राज्य में 4708 पदों पर शिक्षकों की भर्ती जल्द आयोजित की जाएगी। वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद इसके लिए तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। इस भर्ती का खास पहलू यह है कि इसमें हिंदी, संस्कृत और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्याता पद भी शामिल होंगे, जो पिछले दस साल में दो बार आयोजित हुई भर्तियों में नहीं थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में व्यापमं को भर्ती के आयोजन के लिए पत्र भेजा है। संभावना है कि आने वाले दिनों में आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाएगा। इस बार भर्ती के तहत सहायक शिक्षक, विज्ञान प्रयोगशाला शिक्षक, व्याख्याता और पीटीआई के पद भरे जाएंगे। पहले जुलाई में 5000 पदों पर भर्ती की योजना बनाई गई थी, लेकिन कंप्यूटर और योग के 146-146 पदों को घटाकर कुल 4708 पदों पर मंजूरी दी गई। भर्ती में विभिन्न विषयों में पद इस प्रकार होंगे: छत्तीसगढ़ में पिछली भर्तियों पर नजर डालें तो 2019 में लगभग 14 हजार और 2023 में 12,489 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। 2019 में व्याख्याता पदों में अंग्रेजी, रसायन, वाणिज्य, गणित, भौतिकी और जीवविज्ञान शामिल थे। इस भर्ती की परीक्षा सत्र 2025-26 में आयोजित करने की योजना है।

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धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे किसान: ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप बंद, ऑपरेटरों की हड़ताल से अटकी खरीदी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन किसानों के लिए यह प्रक्रिया फिलहाल मुश्किलों से भरी दिख रही है। धान बेचने के लिए जरूरी ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप कई दिनों से काम नहीं कर रहा और कंप्यूटर ऑपरेटरों की राज्यव्यापी हड़ताल ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। नतीजा — किसानों का न तो पंजीयन हो पा रहा है, न ही टोकन जारी किए जा रहे हैं। ऐप ठप, पंजीयन प्रक्रिया ठप धान बेचने के लिए पहले किसानों को एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन करना पड़ता है, जिसके बाद ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप से टोकन लिया जाता है। लेकिन इन दिनों ऐप लॉगइन नहीं हो रहा। यूजर्स को “टोकन पंजीयन फिलहाल बंद है” का संदेश दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐप का नया संस्करण अभी तक प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, जिससे सर्वर कनेक्शन बाधित हो गया है। लाखों किसान पंजीयन से वंचित प्रदेश के 7 लाख से अधिक किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं। तकनीकी खराबियों, डेटा त्रुटियों और खसरा-खतौनी के मिलान में समस्या के कारण कई आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। कई जिलों में वेबसाइट घंटों तक डाउन रहने से किसानों को सोसायटी और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत प्रदेशभर के कंप्यूटर ऑपरेटर वेतनवृद्धि, नियमितीकरण और चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे 19 नवंबर को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। अगस्त में भी हड़ताल के कारण पंजीयन कार्य ठप पड़ा था, और अब खरीदी से ठीक पहले वही स्थिति दोबारा बन गई है। किसानों ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था भारतीय किसान संघ के तेजराम विद्रोही ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीयन या टोकन नहीं हो पा रहा, उन्हें सोसायटी स्तर पर ऑफलाइन पंजीयन की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में हजारों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। नए नियमों से और बढ़ी परेशानी इस बार धान विक्रय के लिए किसानों को रकबा सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि डिजिटल गिरदावरी सर्वे के बाद यह प्रक्रिया दोबारा कराना बेवजह का झंझट है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — जब पंजीयन और टोकन दोनों अटके हैं, तो 15 नवंबर से धान खरीदी आखिर कैसे शुरू होगी?

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दिल्ली ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल, डेटोनेटर का इस्तेमाल: मरने वालों की संख्या 12 हुई; PM मोदी बोले- गुनहगार बख्शे नहीं जाएंगे

नई दिल्ली:दिल्ली में सोमवार शाम हुए भयानक कार ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि 20 लोग घायल हैं और उनका इलाज राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। दो शवों की पहचान हो चुकी है, बाकी की पहचान DNA टेस्ट के ज़रिए की जाएगी। धमाके का समय और स्थान:यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर-1) के पास एक सफेद i20 कार में विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज़ था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। CCTV फुटेज में सामने आया संदिग्ध:मंगलवार को सामने आए CCTV फुटेज में दिखा कि कार चलाते हुए एक काला मास्क पहने शख्स बैठा है। जांच में उसका नाम डॉ. मोहम्मद उमर नबी, निवासी पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) बताया जा रहा है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया। DNA जांच के लिए कश्मीर पुलिस ने उमर की मां और दो भाइयों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट:न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। इससे संकेत मिलते हैं कि धमाका सुनियोजित तरीके से किया गया आतंकी हमला हो सकता है। पीएम मोदी की प्रतिक्रिया:दो दिन के भूटान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “पूरा देश दिल्ली विस्फोट से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” कार में ढाई घंटे बैठा रहा उमर:जांच में यह भी सामने आया है कि उमर कार में करीब ढाई घंटे तक बैठा रहा और एक बार भी बाहर नहीं निकला। माना जा रहा है कि उसने कार में बैठकर ही विस्फोट को अंजाम दिया।

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हत्या के आरोपियों का जुलूस निकालकर पुलिस ने दी सख्त चेतावनी: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, सड़क पर बैठाकर किया दंडित

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद मोहन नगर पुलिस ने आरोपियों का इलाके में जुलूस निकाला और सड़क पर बैठाकर उन्हें डंडे से सजा दी। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से नारे भी लगवाए — “क्राइम करना पाप है, पुलिस हमारा बाप है।” घटना की पूरी कहानी मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र के शंकर नगर का है, जहां 9 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे युवक योगेश विश्वकर्मा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपी तुषार, चंदन और तिलक ने योगेश पर घर के पास हमला कर दिया था। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने योगेश को मृत घोषित कर दिया। पत्नी पर टिप्पणी से भड़के आरोपी जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ एक आपत्तिजनक टिप्पणी थी, जो मृतक ने आरोपी तुषार की पत्नी को लेकर की थी। इसी रंजिश के चलते तीनों आरोपियों ने योगेश को बात करने के बहाने बुलाया और फिर चाकू से हमला कर हत्या कर दी। गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया — घटना में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इलाके में निकाला गया जुलूस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शंकर नगर इलाके में आरोपियों को पैरों में बेड़ियां डालकर सड़क पर बैठाया और इलाके में घुमाकर जुलूस निकाला। इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में भय और जनता में विश्वास कायम करना बताया गया है।

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रायगढ़ में रेल लाइन की वार्षिक मरम्मत शुरू: दो दिन रहेगा रेलवे क्रॉसिंग बंद, वाहनों का आवागमन रोका जाएगा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रेल लाइन की वार्षिक मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके तहत किरोड़ीमल और भूपदेवपुर के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग नंबर 297 को 12 और 13 नवंबर को बंद रखा जाएगा। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक इस फाटक पर मरम्मत का कार्य चलेगा। इस दौरान यहां वाहनों और राहगीरों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। रेलवे प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए क्रॉसिंग नंबर 298 को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की अपील की है। सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के इंतज़ाम सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेल पथ) रायगढ़ के अनुसार, इस दौरान अप-डाउन थर्ड लाइन और कोड़तराई सेक्शन में वार्षिक निरीक्षण और मरम्मत कार्य किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई है, ताकि यातायात सुचारू रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। रेल संचालन की सुरक्षा के लिए जरूरी काम रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह मरम्मत कार्य रेल यातायात की सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद रेलवे फाटक को फिर से आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा।

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दिल्ली ब्लास्ट के बाद छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट: एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल, होटल और धार्मिक स्थलों पर जांच अभियान चलाया है। रायपुर में एसएसपी लखन पटले ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली धमाके की घटना पर शोक जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना होगा और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर के माध्यम से रीयल-टाइम निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के एसपी और डीसीपी को अपने-अपने क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और जगदलपुर में भी पुलिस ने देर रात तक सघन जांच अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और बाजारों में सर्च ऑपरेशन किया गया। वाहनों की नाकेबंदी कर जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है और यह अभियान फिलहाल जारी रहेगा।

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त्योहार बीते, भीड़ नहीं घटी: रायपुर से वाराणसी-हावड़ा तक की ट्रेनों में दिसंबर तक ‘नो रूम’

दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्यौहार खत्म हो चुके हैं, लेकिन ट्रेनों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। रायपुर से उत्तर भारत की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में अब भी यात्रियों की भारी भीड़ है। वाराणसी, प्रयागराज और हावड़ा रूट की ट्रेनों में 6 दिसंबर तक “नो रूम” या लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है। रेलवे की वेबसाइट पर लगभग हर ट्रेन में सीटें फुल हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर और दरभंगा जाने वाली एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों की स्थिति भी इसी तरह की है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि त्यौहार खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र, कामकाजी लोग और परिवार अपने गृहनगरों से लौट रहे हैं, जिसके कारण ट्रेनों में भीड़ बरकरार है। रायपुर स्टेशन से हर दिन 70 हजार से ज्यादा यात्री रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 70 हजार यात्री यात्रा करते हैं, जबकि त्योहारी सीजन या गर्मियों की छुट्टियों में यह संख्या एक लाख के करीब पहुंच जाती है। छत्तीसगढ़ में उत्तर भारत के लोगों की बड़ी आबादी होने के कारण इस दिशा की ट्रेनों में हमेशा दबाव बना रहता है। त्योहारी सीजन में लगभग सभी ट्रेनें एडवांस बुकिंग में फुल हो जाती हैं। जिन यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रही, वे बसों को विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। बस ऑपरेटरों के मुताबिक, रायपुर से उत्तर प्रदेश के लिए दो वैध रूट पर बसें संचालित की जा रही हैं। ट्रेनों के फुल रहने के कारण इन बस रूटों में भी अब यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तत्काल टिकट भी सेकेंडों में हो रही बुक रेलवे की ओर से हावड़ा और उत्तर प्रदेश रूट की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं, लेकिन यह कदम भी भीड़ को कम करने में पर्याप्त साबित नहीं हो रहा। यात्रियों के पास अब केवल तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। हालांकि, तत्काल कोटे में सीमित सीटें होती हैं, जो कुछ ही सेकेंडों में बुक हो जाती हैं। इसके कारण आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है।

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राज्य में आबकारी नीति में बदलाव की तैयारी, फिर लौट सकती है ठेका पद्धति

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की मौजूदा शराब नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एक बार फिर से ठेका पद्धति (Liquor Contract System) लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। आबकारी विभाग ने इसका प्रारंभिक मसौदा तैयार कर लिया है, जिस पर जल्द ही राज्य सरकार के स्तर पर चर्चा होगी। सहमति बनने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। दरअसल, आबकारी विभाग पिछले वित्त वर्ष में अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया था। वित्त वर्ष 2024-25 में शराब से 11 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जबकि वास्तविक आय इससे करीब 3 हजार करोड़ रुपये कम रही। बावजूद इसके, सरकार ने इस साल राजस्व लक्ष्य बढ़ाकर 12,500 करोड़ रुपये तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब सरकार शराब नीति में बदलाव को आवश्यक मान रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को और पारदर्शी व व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए पिछले महीने आबकारी सचिव एवं आयुक्त आर. संगीता की अध्यक्षता में उद्योग प्रतिनिधियों और लाइसेंस धारकों की बैठक भी हो चुकी है। 2017 से लागू है सरकारी बिक्री व्यवस्था राज्य में शराब की सरकारी बिक्री प्रणाली वर्ष 2017 में डॉ. रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। इसके बाद भूपेश बघेल सरकार ने भी इस प्रणाली को जारी रखा और आबकारी शुल्क हटाकर अवैध बिक्री पर रोक लगाने की कोशिश की थी। साथ ही होम डिलीवरी एप भी शुरू किया गया था। वर्तमान सरकार ने भी इसी व्यवस्था को जारी रखा, लेकिन पिछले वर्षों में अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो सका। अब ठेका पद्धति को फिर से लागू करने के पीछे सरकार का मकसद राजस्व बढ़ाना और अवैध बिक्री पर नियंत्रण पाना है। ठेका पद्धति से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा जानकारों का मानना है कि ठेका पद्धति लागू होने से शराब बिक्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे सरकार को ज्यादा लाइसेंस शुल्क मिलेगा और अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगेगा। अभी तक कई प्रयासों के बावजूद राज्य में मध्य प्रदेश से आने वाली अवैध शराब पर रोक नहीं लग पाई है। व्यापारियों से लिए गए सुझाव नई नीति तैयार करने से पहले आबकारी विभाग ने बॉटलिंग यूनिट्स, उत्पादन कंपनियों, बार और क्लब संचालकों सहित सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इनमें लाइसेंस शुल्क, काउंटरवेलिंग ड्यूटी, बॉटलिंग फीस, आयात-निर्यात टैक्स, गोदाम संचालन, और ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं। विभाग का कहना है कि सभी सुझावों को अंतिम नीति में ध्यान में रखा जाएगा ताकि नई आबकारी नीति पारदर्शी, संतुलित और राजस्व बढ़ाने वाली साबित हो सके।

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रायपुर में 10 करोड़ की चौपाटी पर बुलडोजर की तैयारी: डेढ़ साल में ही तुड़वाने का फैसला, नालंदा-2 प्रोजेक्ट के लिए रास्ता साफ

रायपुर।राजधानी रायपुर की चर्चित साइंस कॉलेज चौपाटी, जिस पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, अब तोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। डेढ़ साल पहले बनी यह चौपाटी जल्द ही जमींदोज हो जाएगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजकर चौपाटी को 15 नवंबर तक हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चौपाटी को हटाकर नालंदा-2 प्रोजेक्ट को यहां शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का टेंडर पूरा हो चुका है और अब कंपनी को अनुबंध सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। 10 करोड़ की लागत से बनी थी आधुनिक चौपाटी रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 2023 में साइंस कॉलेज मैदान के सामने 60 दुकानों वाली चौपाटी तैयार की थी। उद्देश्य था कि इसे “यूथ हब” के रूप में विकसित किया जाए, जहां युवाओं को रोजगार और मनोरंजन दोनों के अवसर मिलें। निर्माण पूरा होने के बाद इसे रायपुर के एक होटल कारोबारी को ठेके पर सौंपा गया, जिन्होंने आगे दुकानों को अलग-अलग लोगों को बेच दिया। वर्तमान में चौपाटी पर कारोबार सुचारू रूप से चल रहा था और पार्किंग व्यवस्था भी सुव्यवस्थित थी। लेकिन अब नगर निगम ने व्यापारी और दुकानदारों को ब्रिज के नीचे वैकल्पिक जगह देने का प्रस्ताव रखा है। सवालों के घेरे में सरकार का फैसला अब यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चलती चौपाटी को इतनी जल्दी तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?क्या इसे इसलिए हटाया जा रहा है क्योंकि यह कांग्रेस शासनकाल में बनी थी?जब आसपास ही खाली जमीन मौजूद है, तो नालंदा-2 के लिए यही जगह क्यों चुनी गई?अगर निर्माण या आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो जांच होनी चाहिए, न कि करोड़ों की संरचना को तोड़ा जाना चाहिए — ऐसे तर्क भी सामने आ रहे हैं। कैसे बनी चौपाटी विवाद का कारण साइंस कॉलेज चौपाटी का निर्माण कांग्रेस शासनकाल में हुआ था। उस समय नगर निगम में कांग्रेस का महापौर था और राज्य में भी कांग्रेस की सरकार थी।पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने चौपाटी के विरोध में 14 दिन तक धरना दिया था, उनका आरोप था कि “यूथ हब” के नाम पर इसे व्यावसायिक केंद्र बना दिया गया है।हालांकि तब रायपुर स्मार्ट सिटी ने निर्माण नहीं रोका और चौपाटी पूरी हुई। भाजपा सरकार में चौपाटी तोड़ने की तैयारी 2023 में भाजपा सरकार के आने के बाद रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक राजेश मूणत ने इस चौपाटी को हटाने का प्रस्ताव रखा।दोनों नेताओं ने दावा किया कि चौपाटी के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं और यह “यूथ हब” के मूल उद्देश्य से भटक चुकी है। इसके बाद नालंदा-2 प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनी, जिसे सूडा (SUDA) के तहत मंजूरी दी गई। अब इस प्रोजेक्ट का टेंडर फाइनल हो चुका है और कंपनी चयन की प्रक्रिया पूरी हो रही है। राजेश मूणत का बयान पूर्व लोक निर्माण मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने कहा — “चौपाटी का निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ था। यूथ हब के नाम पर व्यावसायिक काम शुरू कर दिए गए। अफसरों की लापरवाही से जनता का पैसा बर्बाद हुआ, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।” मूणत ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस शासन की गलतियों को सुधारना चाहती है और क्षेत्र को फिर से शैक्षणिक जोन के रूप में बहाल करेगी। जनता के बीच विरोध और समर्थन दोनों जहां कुछ लोग चौपाटी हटाने के फैसले को राजनीतिक बदले की भावना बता रहे हैं, वहीं अन्य लोग इसे शहर की योजनाबद्ध पुनर्विकास की प्रक्रिया कह रहे हैं।फिलहाल, रायपुर की 10 करोड़ की चौपाटी अब राजनीतिक और प्रशासनिक tug-of-war का केंद्र बन चुकी है।

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राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल बना जनता की आवाज़: लोगों ने लिखा – बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो, करप्शन पर लगाम लगाओ

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 में इस बार पुलिस विभाग का पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहाँ पुलिस ने जनता की राय जानने के लिए एक अनोखी पहल की — “जनता की बात, आपकी पुलिस के साथ” नाम से 20 फीट लंबा व्हाइट बोर्ड लगाया गया, जिस पर लोगों ने अपने सुझाव और शिकायतें लिखीं। कुछ ही घंटों में यह बोर्ड जनता की आवाज़ से भर गया। 2000 से अधिक लोगों ने अपने विचार लिखे, जिनमें सरकार और प्रशासन दोनों के लिए सीधे संदेश थे। जनता ने कहा – “बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो” लोगों ने अपने संदेशों में बढ़ते बिजली बिलों, भ्रष्टाचार, और VIP कल्चर पर रोक लगाने की मांग की।कुछ संदेशों में लिखा था – युवाओं ने परीक्षाओं की पारदर्शी जांच, नशे पर नियंत्रण और रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग रखी। शराबबंदी की मांग भी उठी कई नागरिकों ने सरकार से राज्य में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की।पोस्टर पर कई जगह लिखा गया – “शराब बिक्री बंद करो”, “सेहत बचाओ – नशा हटाओ” जैसे संदेश। साथ ही लोगों ने पुलिस से अपेक्षा जताई कि हेलमेट चेकिंग में पारदर्शिता रखी जाए और आम नागरिकों को “पुलिस के मित्र” के रूप में जोड़ा जाए। अफसरों ने पढ़े जनता के सुझाव राज्योत्सव के दौरान रायपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचे और वॉल पर लिखे संदेश पढ़े।अधिकारियों ने कहा कि इन सभी सुझावों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि पुलिस और प्रशासन दोनों जन अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर सकें। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दी अपनी राय इस पहल में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों — सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।“सेल्फी विद पुलिस”, “बैंड परेड” और “साइबर सुरक्षा जागरूकता स्टॉल” जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को और रोचक बना दिया। राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल केवल एक प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि जनता की भावनाओं और उम्मीदों का मंच बन गया — जहाँ लोगों ने साफ कहा कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त छत्तीसगढ़ चाहिए।

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