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दुर्ग में चेतना विकास और मूल्य आधारित शिक्षा पर कार्यशाला, पीएम मोदी की धन-धान्य कृषि योजना का लाइव प्रसारण

दुर्ग जिले के अछोटी स्थित अभ्युदय संस्थान में चेतना विकास और मूल्य आधारित शिक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। 🎓 शिक्षा पर मंत्री यादव के विचार मंत्री यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक बदलाव का आधार भी है। उन्होंने जोर दिया कि नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक ज्ञान को प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। ये गुण विकसित पीढ़ी को विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान करने में सक्षम बनाएंगे। कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और चर्चा की कि मूल्य आधारित शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। 🌾 पीएम मोदी की धन-धान्य कृषि योजना का दुर्ग में लाइव प्रसारण साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा से धन-धान्य कृषि योजना, पल्सेस मिशन और दलहन-तिलहन से जुड़ी 1100 परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसका लाइव प्रसारण दुर्ग जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, पाहंदा में किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन ने योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि ये पहल कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगी। मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने कहा कि पीएम मोदी की पहल किसानों की आय दोगुनी करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी सत्र में डॉ. ईश्वरी कुमार साहू ने धान फसल में कीट और बीमारियों की रोकथाम, कम लागत में अधिक उत्पादन, और चना, तिवड़ा, अरहर और सरसों जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस कार्यक्रम में 236 से अधिक किसानों ने भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान पाया। किसानों को कृषि, बागवानी, पशुपालन, जैविक और प्राकृतिक खेती से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी भी दी गई।

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दुर्ग केंद्रीय जेल में रजत जयंती महोत्सव के तहत बंदियों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी और रक्तदान शिविर आयोजित

छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना वर्ष के अवसर पर दुर्ग केंद्रीय जेल में ‘छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव 2025-26’ का आयोजन किया गया। यह महोत्सव 03 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक जेल परिसर में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया गया। 🔹 बंदियों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी महोत्सव के दौरान आस्था मुंगोड़ी सेंटर में बंदियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों और उपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रमुख प्रदर्शनी आइटम में शामिल थे: इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बंदियों के हुनर को बढ़ावा देना और समाज के साथ उनके सकारात्मक संबंध स्थापित करना था। 🔹 रक्तदान शिविर का आयोजन महोत्सव के समापन पर केंद्रीय जेल दुर्ग में एक दिवसीय रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इस शिविर का संचालन जिला चिकित्सालय दुर्ग के मेडिकल स्टाफ की देखरेख में किया गया। जेल के 16 अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसमें रक्तदान कर भाग लिया। 🔹 जेल अधीक्षक की टिप्पणी जेल अधीक्षक मनीष सम्भाकर ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं की बिक्री उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।

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राजिम के पास राइस मिल में GST टीम का छापा: टैक्स चोरी और गुटखा निर्माण में अनियमितता का मामला

राजिम के पास स्थित एक राइस मिल में GST विभाग की टीम ने शुक्रवार रात छापा मारा। मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि राइस मिल की आड़ में अवैध रूप से पान मसाला (गुटखा) का निर्माण किया जा रहा है। 🔹 छापे में क्या मिला 🔹 जांच का दायरा GST अधिकारियों की टीम गोदाम में मौजूद दस्तावेजों, बिलिंग और स्टॉक की गहनता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि गुटखा निर्माण बिना वैध लाइसेंस और टैक्स भुगतान के किया जा रहा था। 🔹 गोदाम संचालक से पूछताछ टीम गोदाम संचालक विक्की साधवानी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ में जल्द लौटेगा मानसून: सरगुजा से होगी शुरुआत, दक्षिण-मध्य हिस्सों में जारी रहेगी हल्की बारिश

छत्तीसगढ़ में मॉनसून अब विदाई की ओर है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में राज्य से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। सबसे पहले उत्तरी छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा क्षेत्र से मानसून की विदाई की संभावना है। हालांकि, मध्य और दक्षिणी जिलों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जैसी गतिविधियाँ बनी रहेंगी। पिछले 24 घंटों में भी कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई — भिलाई (दुर्ग) में सबसे अधिक 58.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, अधिकतम तापमान 32.02°C (दुर्ग) और न्यूनतम 19.6°C (पेंड्रारोड) रहा। 🔹 अक्टूबर में अब तक सामान्य से दोगुनी बारिश इस साल अक्टूबर महीने में छत्तीसगढ़ में 109% अधिक वर्षा हुई है। आमतौर पर 8 अक्टूबर तक प्रदेश में औसतन 28.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 59.1 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्यत: प्रदेश में 30 सितंबर तक मानसून समाप्त हो जाता है, परंतु इस बार इसकी वापसी में लगभग 10 दिन की देरी हो रही है। 🔹 15 अक्टूबर के बाद होगी विदाई मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी लगभग 15 अक्टूबर के बाद शुरू होगी। आमतौर पर सरगुजा से 5 अक्टूबर के आसपास इसकी वापसी होती है, लेकिन इस बार मौसम की परिस्थितियाँ सामान्य से धीमी हैं। 🔹 प्रदेश में बारिश के आंकड़े अब तक राज्य में 1167.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। 🔹 बिजली गिरने का विज्ञान जब बादलों के भीतर पानी की बूंदें और बर्फ के कण आपस में रगड़ते हैं, तो उनमें इलेक्ट्रिकल चार्ज उत्पन्न होता है। इससे कुछ बादल पॉजिटिव और कुछ नेगेटिव चार्ज वाले बन जाते हैं।इन विपरीत चार्ज वाले बादलों के टकराने से बिजली (lightning) पैदा होती है।कभी-कभी यह चार्ज इतना शक्तिशाली होता है कि धरती तक पहुंच जाता है, और पेड़, पानी या धातु जैसे कंडक्टर इसके रास्ते बन जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास हो, तो बिजली गिरने की चपेट में आ सकता है।

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बिरनपुर हिंसा का ट्रायल शुरू: CBI चार्जशीट में पुलिस पर पत्थरबाजी और भुनेश्वर साहू पर हमला का खुलासा

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा मामले में करीब दो साल बाद आज से ट्रायल की शुरुआत हो रही है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 8, 9 और 10 अक्टूबर को गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस केस में मृतक भुनेश्वर साहू के पिता और भाजपा विधायक ईश्वर साहू समेत कुल 23 गवाहों को पेश किया जाएगा। CBI ने नवंबर 2024 में चार्जशीट पेश की थी और इसमें किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का नाम शामिल नहीं है। भुनेश्वर साहू पर हमला और पुलिस पर पथरावCBI की जांच में सामने आया कि भीड़ ने भुनेश्वर साहू पर जानलेवा हमला किया और पुलिस अफसरों पर भी पत्थरबाजी की। चार्जशीट के अनुसार, थाना साजा के सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर मौके पर पहुंचे और भुनेश्वर को छुड़ाने की कोशिश की। तभी भीड़ में से आवाज आई, “मुख्तार, अकबर, जनाब, जलील-पुलिस को पत्थर मारो।” इस दौरान अफसरों पर भी पत्थर फेंका गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अब्दास मोहम्मद सहित अन्य लोगों ने पत्थर, ईंट और चाकू से हमला किया। भीड़ ने भुनेश्वर को पकड़कर मस्जिद के पास की गली में ले जाकर बेरहमी से पीटा और पत्थर-ईंट से वार किया। गंभीर स्थिति में उसके माता-पिता ने उसे कम्युनिटी हेल्थ सेंटर साजा पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। घटना की शुरुआतCBI के अनुसार, 8 अप्रैल 2023 को बच्चों के बीच साइकिल टकराने के विवाद ने बड़ी घटना को जन्म दिया। स्कूल से लौटते समय चंचल साहू और सलीम खान के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद मारपीट और बोतल फेंकने के दौरान कुलेश्वर साहू घायल हो गया। दोपहर में पंचायत बुलाई गई, जिसमें मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने ईंट-पत्थर और हथियारों से हमला किया। अफरा-तफरी में कई लोग घायल हुए और भुनेश्वर को मस्जिद की ओर घसीटा गया। आरोपी और गिरफ्तारीप्रारंभिक जांच में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में CBI ने 6 और नाम जोड़े। अब कुल 18 आरोपी हैं। नए आरोपी पुलिस पर पथराव करने के दोषी हैं। हिंसा के बाद धारा 144 लागू कर दी गई थी। दो दिन बाद बिरनपुर गांव में रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद की लाश मिली, जिसके बाद दोबारा तनाव बढ़ा। 8 लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। राजनीतिक पक्ष से निष्कर्षबचाव पक्ष के वकील एस के फरहान ने बताया कि CBI और पुलिस की जांच में पाया गया कि बच्चों के झगड़े के बाद हिंसा भड़क गई थी। चार्जशीट में किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया गया।

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बीजापुर की 11 साल की शांभवी का दिल ठीक हुआ, पूरे गांव, पुलिस और मंत्री ने मिलकर कराया मुफ्त इलाज

बस्तर के बीजापुर जिले के छोटे गांव वरदल्ली की 11 साल की बच्ची शांभवी के दिल में गंभीर समस्या पाई गई – उसके दिल में छेद था और वॉल्व पूरी तरह से खराब हो चुका था। पिता विक्कू की छोटी-सी खेती से घर चलाना मुश्किल था और महीने का आय मात्र 2,500 रुपए था। मां विजयलक्ष्मी गृहिणी हैं। पिछले साल शांभवी को अचानक सीने में दर्द शुरू हुआ और खेल-कूद भी नहीं कर पा रही थी। परिवार ने उसे निजी अस्पताल में दिखाया, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसके दिल में छेद है और इलाज रायपुर में ही संभव है। रायपुर लाने का खर्च 20-25 लाख रुपए बताया गया। गांववालों ने दिखाई इंसानियतछोटी-छोटी रकम जुटाकर गांव वालों ने पिता विक्कू को 10 हजार रुपए दिए और रायपुर रवाना होने में मदद की। रायपुर पहुंचने के बाद एम्स और सत्यसाई अस्पताल में मदद नहीं मिली। कई निजी अस्पतालों ने भी इलाज का खर्च बताया, जो विक्कू जैसे गरीब परिवार के बस में नहीं था। लॉज संचालक और पुलिस की मददथक-हारकर परिवार जयस्तंभ चौके के पास एक लॉज में रुका। लॉज संचालक ने बच्ची की कहानी सुनी और उन्हें कमरे की सुविधा मुफ्त दी। वहीं कुछ पुलिस अधिकारी वहां आए और बच्ची की स्थिति देखी। अगले दिन उन्हीं अधिकारियों ने शांभवी को स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से मिलवाया। मंत्री और पुलिस ने मिलकर कराया निजी अस्पताल में इलाजमंत्री के निर्देश पर बच्ची का इलाज पहले सरकारी अस्पताल में जांच के लिए हुआ। लेकिन बेहतर इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल में एडमिट करवाया गया। इस दौरान पुलिस अफसर लगातार रिपोर्ट लेते रहे, बच्ची की जरूरत पर अपना ब्लड भी डोनेट किया। अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थलगभग 20 दिन के इलाज के बाद शांभवी अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और कुछ ही दिनों में डिस्चार्ज हो जाएंगी। गांववालों, पुलिस और मंत्री की मदद के चलते यह गरीब परिवार के लिए राहत और खुशी का पल बन गया।

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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा – लोगों को मिले जीएसटी राहत का पूरा फायदा, पुरानी कीमतों पर सामान बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी वस्तु या उत्पाद पुरानी कीमत पर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स दरों में कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचना चाहिए। सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि नई दरों के अनुसार ही वस्तुओं की कीमत तय की जाए। मंगलवार को आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने राजस्व संग्रह, कर चोरी पर नियंत्रण और विभागीय सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना टैक्स चुकाए राज्य के बाहर से माल मंगाकर बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही फर्जी या गैर-पंजीकृत फर्मों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी लागू करने के आदेश भी दिए ताकि अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की सफल कर प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। बैठक में वित्त सचिव मुकेश बंसल, राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चौधरी ने बताया कि 99% से अधिक वस्तुएं अब 5% जीएसटी स्लैब में आ गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। कृषि उपकरण, बीमा पॉलिसी और दवाइयों पर कर घटने से लोगों के खर्च में भारी कमी आई है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर उत्पाद पर नई संशोधित कीमत का उल्लेख अनिवार्य हो और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग की जाए। मंत्री स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य के हर नागरिक तक जीएसटी 2.0 सुधारों का लाभ पहुँचे।

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प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली दवाओं की तस्करी में 5 आरोपी दोषी साबित: चार को 10-10 साल कैद, एक को 6 साल की सजा

रायपुर। नशीली टैबलेट, कफ सिरप और हेरोइन बेचने के मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली टैबलेट बेचने के दोषी चार आरोपियों को 10-10 साल कैद और 1-1 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं, हेरोइन बेचने वाले एक आरोपी को 6 साल कैद और 60 हजार रुपए जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर सभी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह कार्रवाई NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act के तहत की गई। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक केके चंद्राकर ने की। नशीली टैबलेट के साथ दो युवक गिरफ्तार राजेन्द्र नगर पुलिस ने 10 सितंबर 2022 को महावीर नगर के पास सावन पुली (20) और देवनारायण साहू (20) को संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा था। तलाशी में उनके पास से 336 नशीली टैबलेट बरामद हुई थीं, जिन्हें वे बेचने की तैयारी में थे। प्रतिबंधित कफ सिरप बेचते मिले दो आरोपी इसके बाद 3 दिसंबर 2022 को पुलिस ने संतोषी नगर क्षेत्र से मोहम्मद असीम (30) और अनिरुद्ध कामड़े (25) को पकड़ा। जांच में उनके पास से 144 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुईं। दोनों इसे अवैध रूप से बेचने की फिराक में थे। हेरोइन बेचते पकड़ा गया एक युवक 24 सितंबर 2023 को कबीर नगर पुलिस ने यदुवंशी चौक के पास निशांत सिंह संधू (24) को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 15.10 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस की विशेष टीम ने उसे गश्त के दौरान पकड़ा। अदालत का फैसला सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर चारों को 2-2 साल और निशांत को 6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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गौ सेवा आयोग में नई समितियाँ गठित: अब तस्करों और गौशालाओं पर सख्त निगरानी, तीन साल का कार्यकाल तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने गौ सेवा आयोग नियम 2005 में संशोधन करते हुए जिला और ब्लॉक स्तर पर नई समितियों का गठन किया है। यह राज्य बनने के बाद पहली बार है जब इतनी व्यापक स्तर पर गौशालाओं की निगरानी और निरीक्षण के लिए समितियाँ बनाई गई हैं। इन समितियों के अध्यक्ष और सदस्य तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए हैं। कुल 934 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रायपुर में लोमस कुमार यदु, दुर्ग में विजय अग्रवाल और सूरजपुर में विजय शर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। समितियों की भूमिका इन समितियों का मुख्य कार्य गौशालाओं के पंजीकरण, निरीक्षण, पर्यवेक्षण, अनुदान वितरण और पशुधन की देखरेख से जुड़ा होगा। साथ ही, जैविक खेती, पंचगव्य उत्पाद निर्माण और गौशाला प्रबंधन के प्रशिक्षण को भी बढ़ावा देना इनके दायित्वों में शामिल है। नियमित बैठकें अनिवार्य सरकार के आदेश के अनुसार, जिला स्तरीय समिति हर दो माह में और ब्लॉक स्तरीय समिति हर महीने बैठक करेगी। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष द्वारा की जाएगी। अनुपस्थिति की स्थिति में कोई अन्य सदस्य अध्यक्ष की भूमिका निभा सकता है। नई गौशालाओं की स्थापना में मदद जिला और ब्लॉक समितियाँ राज्य के गौ सेवा आयोग को नियमित रूप से रिपोर्ट भेजेंगी, जिसमें गौशालाओं की स्थिति, पोषण, अधोसंरचना और पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी शामिल होगी। नई गौशालाओं के पंजीकरण की अनुशंसा विकासखंड समिति करेगी और मंजूरी जिला समिति से मिलेगी। इन समितियों की मदद से राज्य में नई गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और पुराने गौशालाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित रूप से किया जा सकेगा। जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर सरकार का उद्देश्य है कि गोसेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। राज्य शासन को यह अधिकार रहेगा कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समिति की नियुक्ति को रद्द या परिवर्तित किया जा सके। नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ में गौसंरक्षण, पशुपालन और जैविक कृषि के क्षेत्र में गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।

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मंत्रियों के बंगलों की ‘फुलवारी’ पर 6 करोड़ का अतिरिक्त बोझ: पुराने बंगले नहीं छोड़े, कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़कर 350

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में मंत्रियों के बंगलों की सजावट और बागवानी ने उद्यानिकी विभाग की जेब ढीली कर दी है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के नए-पुराने दोनों बंगलों की सुंदरता बनाए रखने के लिए पहले जहां 200 कर्मचारी लगाए गए थे, अब यह संख्या बढ़कर 350 हो गई है। विभाग के अनुसार, कई मंत्री नए बंगलों में शिफ्ट तो हो गए हैं, लेकिन पुराने बंगलों को अभी खाली नहीं किया है। दोनों जगह बागवानी के काम के कारण विभाग पर करीब 6 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आ गया है। अब विभाग के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। फुलवारी सजाने में खजाना खाली मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और सभी मंत्रियों के बंगलों में सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के फूल-पौधे लगाए गए हैं। इसके रखरखाव के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नवा रायपुर में नए बंगलों के साथ-साथ रायपुर शहर में पुराने बंगलों में भी फुलवारी बनाए रखी जा रही है। पहले इस काम में 200 कर्मचारी लगे थे, लेकिन अब उनकी संख्या 350 तक पहुंच चुकी है। इसी कारण मजदूरी भुगतान का बोझ बढ़ गया है। विभाग ने शासन से 6 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट की मांग करते हुए पत्र भेजा है और कहा है कि अक्टूबर के बाद सैलरी देने के लिए धन नहीं बचा है। अरुण साव ने छोड़ा पुराना बंगला, बाकी मंत्री अब तक काबिज राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कुल 14 मंत्री हैं। इनमें से डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपना पुराना बंगला खाली कर विभाग को हैंडओवर कर दिया है। जबकि बाकी मंत्री—मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उद्योग मंत्री, खाद्य मंत्री और वन मंत्री—नवा रायपुर में रहने लगे हैं, पर पुराने बंगलों को अभी तक खाली नहीं किया है।मंत्री ओपी चौधरी अब भी पुराने बंगले में ही रह रहे हैं और उन्होंने नए बंगले में कोई काम शुरू नहीं कराया है। हर साल 3 करोड़ बागवानी पर उद्यानिकी विभाग का कहना है कि सिर्फ रायपुर के मंत्रियों के बंगलों में बागवानी के लिए सालाना 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था। हर मौसम में नई फुलवारी लगाई जाती है—अब बारिश खत्म होने के बाद सर्दियों के फूल-पौधे लगाने की तैयारी शुरू है। 7 महीने से बजट अटका विभाग ने अप्रैल 2025 में नवा रायपुर के बंगलों के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बावजूद मंजूरी नहीं मिली है।उद्यानिकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मिथिलेश देवांगन ने बताया कि “पुराने और नए दोनों बंगलों की देखभाल करनी पड़ रही है, जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। इसके लिए शासन से अतिरिक्त बजट मांगा गया है, पर अभी तक स्वीकृति नहीं आई है।”

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