आरटीई सीट निर्धारण में गड़बड़ी: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी के आधार पर भर दी सीटें, 11 अधिकारियों को नोटिस
राजधानी रायपुर में आरटीई (Right to Education) कोटे की सीटों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निजी स्कूलों में सीट निर्धारण प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 11 स्कूलों के नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों में वास्तविक छात्र संख्या और माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) के अनुसार सीटें तय नहीं की गईं। कुछ स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होने के बावजूद हिंदी माध्यम के आधार पर सीटें सुरक्षित कर दी गईं। क्या है मुख्य गड़बड़ी जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, सीट प्रोटेक्शन प्रक्रिया में गलत आधार अपनाया गया। कई मामलों में छात्र संख्या कम या ज्यादा होने के बावजूद सीटें पुराने आंकड़ों के अनुसार भर दी गईं। बाद में समीक्षा के बाद संशोधित सूची जारी की गई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। डीईओ हिमांशु भारतीय ने बताया कि जहां-जहां त्रुटियां मिली हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। जिन क्षेत्रों के स्कूलों में मामला सामने आया मामला मंदिर हसौद, उरला, फुंडहर, रामनगर बस्ती, पारसदा, अमलीडीह और अन्य इलाकों के निजी स्कूलों से जुड़ा है। मंदिर हसौद और उरला क्षेत्र के कई स्कूलों में माध्यम के आधार पर गलत सीट निर्धारण पाया गया। सीट संख्या में भी बदलाव जांच के बाद कई स्कूलों में सीट संख्या भी बदली गई। उदाहरण के तौर पर कहीं 26 सीटों के स्थान पर 30, 86 के स्थान पर 89 और 12 के स्थान पर 13 सीटें तय की गईं। प्रमुख स्कूल जहां त्रुटियां मिलीं आरटीई सीटों को लेकर पहले से विवाद प्रदेश में आरटीई कोटे की सीटों की संख्या कम होने को लेकर पहले से ही अभिभावकों में नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में सीट निर्धारण में गड़बड़ी का मामला सामने आने से विवाद और बढ़ सकता है।










