State

आरटीई सीट निर्धारण में गड़बड़ी: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी के आधार पर भर दी सीटें, 11 अधिकारियों को नोटिस

राजधानी रायपुर में आरटीई (Right to Education) कोटे की सीटों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निजी स्कूलों में सीट निर्धारण प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 11 स्कूलों के नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों में वास्तविक छात्र संख्या और माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) के अनुसार सीटें तय नहीं की गईं। कुछ स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होने के बावजूद हिंदी माध्यम के आधार पर सीटें सुरक्षित कर दी गईं। क्या है मुख्य गड़बड़ी जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, सीट प्रोटेक्शन प्रक्रिया में गलत आधार अपनाया गया। कई मामलों में छात्र संख्या कम या ज्यादा होने के बावजूद सीटें पुराने आंकड़ों के अनुसार भर दी गईं। बाद में समीक्षा के बाद संशोधित सूची जारी की गई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। डीईओ हिमांशु भारतीय ने बताया कि जहां-जहां त्रुटियां मिली हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। जिन क्षेत्रों के स्कूलों में मामला सामने आया मामला मंदिर हसौद, उरला, फुंडहर, रामनगर बस्ती, पारसदा, अमलीडीह और अन्य इलाकों के निजी स्कूलों से जुड़ा है। मंदिर हसौद और उरला क्षेत्र के कई स्कूलों में माध्यम के आधार पर गलत सीट निर्धारण पाया गया। सीट संख्या में भी बदलाव जांच के बाद कई स्कूलों में सीट संख्या भी बदली गई। उदाहरण के तौर पर कहीं 26 सीटों के स्थान पर 30, 86 के स्थान पर 89 और 12 के स्थान पर 13 सीटें तय की गईं। प्रमुख स्कूल जहां त्रुटियां मिलीं आरटीई सीटों को लेकर पहले से विवाद प्रदेश में आरटीई कोटे की सीटों की संख्या कम होने को लेकर पहले से ही अभिभावकों में नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में सीट निर्धारण में गड़बड़ी का मामला सामने आने से विवाद और बढ़ सकता है।

आरटीई सीट निर्धारण में गड़बड़ी: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी के आधार पर भर दी सीटें, 11 अधिकारियों को नोटिस Read Post »

Chhattisgarh, Education, Raipur, State, Top News

महुआ बीनने के लिए जंगलों में लगाई जा रही आग, हर साल झुलस रही छत्तीसगढ़ की हरियाली

छत्तीसगढ़ में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। ताजा मामला बलरामपुर जिले के लमना चोटिया गांव के पास का है, जहां बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग के आसपास पहाड़ियों पर महुआ के फूल बीनने के लिए जंगल में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों द्वारा सूखी पत्तियां जलाई जाती हैं ताकि जमीन पर गिरे महुआ के फूल साफ दिखाई दें और उन्हें आसानी से इकट्ठा किया जा सके। लेकिन इस प्रक्रिया से हर साल जंगलों को भारी नुकसान पहुंचता है। वन्यजीव और जैव विविधता पर खतरा वन विभाग और सैटेलाइट निगरानी के अनुसार, ऐसी आग से न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं बल्कि छोटे जीव-जंतु, पक्षी और संपूर्ण जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। सरगुजा संभाग के कई पहाड़ी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़े इलाके इस आग की चपेट में आ जाते हैं। मार्च से मई के बीच बढ़ते हैं मामले गर्मी के मौसम में, खासकर मार्च से मई के बीच जंगल की आग की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आती हैं। राज्य में हर साल औसतन 2000 से 2500 दावानल की घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें अधिकांश आग मानव गतिविधियों के कारण लगती है। इस साल भी बढ़े फायर अलर्ट प्रदेश में इस वर्ष अब तक करीब 205 स्थानों पर जंगल में आग के अलर्ट दर्ज किए जा चुके हैं, जो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका को दर्शाते हैं।

महुआ बीनने के लिए जंगलों में लगाई जा रही आग, हर साल झुलस रही छत्तीसगढ़ की हरियाली Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, State, Top News

22,466 करोड़ का स्कूल शिक्षा बजट पास: पहली कक्षा से योग-वैदिक गणित, खेल पीरियड अनिवार्य, मार्कशीट डिजिटल

राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22,466 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया है। विधानसभा में इसे ध्वनिमत से मंजूरी मिली। सरकार का कहना है कि यह बजट शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि अब सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही योग की पढ़ाई शुरू होगी और वैदिक गणित को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही हर स्कूल में अंतिम पीरियड खेल गतिविधियों के लिए अनिवार्य होगा। पीएम श्री योजना के तहत आधुनिक स्कूल पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक लैब, खेल सुविधाएं, ग्रीन कैंपस और करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शिक्षकों को भी उच्च शिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण दिया जाएगा। 150 उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में संचालित होंगे। नवा रायपुर में बनेगा प्रशासनिक भवन नवा रायपुर में शिक्षा विभाग का आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 5.90 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यहां लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे कार्यालय संचालित होंगे। दस्तावेज होंगे पूरी तरह डिजिटल छात्रों की मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक दस्तावेज पर क्यूआर कोड और यूनिक आईडी होगी, जिससे उसकी डिजिटल सत्यता तुरंत जांची जा सकेगी। तीसरी कक्षा की परीक्षा टैबलेट पर देशभर में बुनियादी साक्षरता और गणना क्षमता मापने के लिए तीसरी कक्षा के छात्रों की परीक्षा अब टैबलेट पर ली जाएगी। पहले यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होती थी। यह सर्वे सीबीएसई द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें तकनीकी मार्गदर्शन एनसीईआरटी की इकाई परख दे रही है। इस अभियान में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 776 जिलों के 10 हजार से अधिक स्कूल और एक लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। स्कूलों के लिए निर्देश जिन स्कूलों का चयन किया गया है, उन्हें सर्वे की निर्धारित तारीख पर विद्यालय खुला रखना और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। सर्वे टीम को प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग भी देना होगा।

22,466 करोड़ का स्कूल शिक्षा बजट पास: पहली कक्षा से योग-वैदिक गणित, खेल पीरियड अनिवार्य, मार्कशीट डिजिटल Read Post »

Chhattisgarh, Education, State, Top News

दंगों के बाद बेघर 15 परिवार: 40 दिन से राहत शिविर में जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट

छत्तीसगढ़ के खपरी दूधकईया गांव में 1 फरवरी की रात हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद 15 परिवारों के 52 लोग पिछले 40 दिनों से घर से दूर शरण लेने को मजबूर हैं। ये सभी लोग फिलहाल बैजनाथपारा स्थित मुस्लिम हॉल में रह रहे हैं और राहत पर निर्भर जीवन जी रहे हैं। दंगों में इनके घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली-पानी की व्यवस्था खत्म हो गई और वापस लौटना संभव नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा में रायपुर लाए गए घटना के बाद प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच प्रभावित परिवारों को गांव से निकालकर रायपुर पहुंचाया। बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ रखने के लिए समाज के हॉल में ठहराया गया, जहां किराया नहीं लिया जा रहा है। मदद पर चल रही जिंदगी राहत शिविर में रह रहे परिवारों को भोजन, कपड़े और जरूरी सामान सामाजिक संगठनों व आम लोगों की मदद से मिल रहा है। अलग-अलग धर्म और समुदाय के लोग सहायता के लिए आगे आए हैं। फिर भी लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह मदद कब तक मिलेगी और वे अपने घर कब लौट पाएंगे। जीवनभर की कमाई खत्म प्रभावित लोगों का कहना है कि दंगों में उनकी जमा-पूंजी, जेवर और जरूरी सामान चोरी या नष्ट हो गया। कई परिवारों के आधार कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जल गए, जिससे पहचान और भविष्य दोनों संकट में पड़ गए हैं। उनका आरोप है कि अब तक मुआवजे को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। बच्चों की पढ़ाई ठप राहत शिविर में रह रहे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई है। कई छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं छूट गईं क्योंकि उन्हें अचानक गांव छोड़ना पड़ा। किताबें, बैग और स्कूल ड्रेस जल जाने से वे पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। बच्चों का कहना है कि पूरे साल की मेहनत बेकार हो गई और उन्हें नहीं पता कि वे अगली कक्षा में कैसे पहुंचेंगे। घर वापसी को लेकर अनिश्चितता हॉल में रह रही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मानसिक तनाव में हैं। वे दिनभर एक-दूसरे को ढांढस बंधाते हैं, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है।

दंगों के बाद बेघर 15 परिवार: 40 दिन से राहत शिविर में जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट Read Post »

Chhattisgarh, State, Top News

छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, राजनांदगांव में पारा 40 डिग्री पार, बस्तर में मौसम बदलने के संकेत

छत्तीसगढ़ में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है और कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 40.5°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 14.5°C दर्ज हुआ। अगले 24 घंटे का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद प्रदेश में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। बस्तर में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। खासकर बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, तेज हवा और बादल छाने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले 24 घंटे में मौसम रहा शुष्क प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई।

छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, राजनांदगांव में पारा 40 डिग्री पार, बस्तर में मौसम बदलने के संकेत Read Post »

Chhattisgarh, Health, State, Top News

कोरबा में मैकेनिक ने वीडियो बनाकर दी जान: पुलिस की धमकी से डरने की बात, जांच में आया नया सच

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक द्वारा आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवक ने खुद को पुलिस की प्रताड़ना और गाली-गलौज से परेशान बताया था। हालांकि पुलिस जांच में मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच में क्या सामने आया पुलिस के अनुसार, युवक का रूम पार्टनर अपनी प्रेमिका के साथ घर से चला गया था। इसके बाद युवती के भाई सचिन खरे ने पुलिसकर्मी बनकर मृतक सनत कश्यप (लगभग 21 वर्ष) को फोन किया। फोन पर उसे धमकाया गया और थाने आने के लिए कहा गया। इससे वह गंभीर तनाव में आ गया और बाद में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुसाइड से पहले वीडियो में क्या कहा सनत ने वीडियो में कहा था कि उसे परिवार से कोई समस्या नहीं है, लेकिन जांजगीर-चांपा के पंतोरा थाना से फोन कर गालियां दी गईं और थाने बुलाया गया। उसने यह भी कहा कि रूम पार्टनर को भगाने में उसका कोई हाथ नहीं है और वह बेहद तनाव में है। पूरा घटनाक्रम मृतक सनत कश्यप जांजगीर-चांपा जिले के चोरभट्टी गांव का रहने वाला था और उरगा क्षेत्र के पास स्थित एक ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में मैकेनिक के रूप में काम करता था। कंपनी द्वारा दिए गए कमरे में वह अपने साथी धीरेंद्र पाटले के साथ रहता था। बताया गया कि धीरेंद्र एक युवती के साथ चला गया, जिसके बाद युवती के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई। युवती के भाई ने धीरेंद्र के दोस्त सनत को ही जिम्मेदार मानते हुए पुलिस बनकर फोन किया और धमकाया। फोन कॉल के बाद सनत घबरा गया, उसने वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में आत्महत्या कर ली। जांच में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 (छद्म प्रतिरूपण) के तहत मामला दर्ज किया है। परिवार में सबसे छोटा था सनत चार भाइयों में सबसे छोटा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन कोरबा पहुंचे, जहां घर में शोक का माहौल है।

कोरबा में मैकेनिक ने वीडियो बनाकर दी जान: पुलिस की धमकी से डरने की बात, जांच में आया नया सच Read Post »

Chhattisgarh, korba, State, Top News

कथावाचक का आरोप: 15 लाख न मिलने पर विधानसभा के बाहर आत्मदाह की चेतावनी

छत्तीसगढ़ के कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया, लेकिन लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इस मामले को कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर उठाते हुए कथावाचक का वीडियो वायरल किया है। कथावाचक का दावा महाराज के अनुसार, 2 से 9 जनवरी 2026 के बीच अंबिकापुर के लखनपुर गांव में भव्य भागवत कथा का वाचन उन्होंने मंत्री के कहने पर किया था। भुगतान मांगने पर उन्हें लगातार टाला गया, जिसके बाद उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी दी। मंत्री ने आरोपों को बताया गलत मंत्री राजेश अग्रवाल ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि कथावाचक ने स्वयं आयोजन के लिए संस्कृति विभाग में आवेदन दिया था, जिस पर उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत टिप्पणी की थी। विभाग ने अनुदान देने से इंकार कर आवेदन खारिज कर दिया। मंत्री के अनुसार, इसके बाद कथावाचक उनसे निजी तौर पर पैसे मांगने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में विधानसभा के बाहर उनसे मुलाकात हुई थी, लेकिन व्यस्तता के कारण बात नहीं हो पाई, जिसके बाद यह वीडियो वायरल हुआ। कांग्रेस का आरोप कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाहर से आने वाले कथावाचकों—जैसे धीरेंद्र शास्त्री—को विशेष सुविधा देकर बुलाया जाता है, जबकि स्थानीय कथावाचकों को भुगतान तक नहीं मिलता। अलग मुद्दा: छत्तीसगढ़ में अपराध के आंकड़े राज्य में पिछले तीन वर्षों में 1013 दुष्कर्म और 73 हत्या के मामले दर्ज हुए। SC-ST एक्ट के तहत 2455 केस दर्ज हुए, जिनमें 2269 मामलों में चालान पेश किया गया और पीड़ितों को लगभग 28 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई।

कथावाचक का आरोप: 15 लाख न मिलने पर विधानसभा के बाहर आत्मदाह की चेतावनी Read Post »

Chhattisgarh, State

बिजली खंभों पर बेतरतीब केबल का जाल, मामूली किराये के बदले शहर की सुरक्षा खतरे में

शहर में बिजली के खंभों पर फैले इंटरनेट और टीवी केबलों का जाल अब नागरिकों के लिए खतरा बनता जा रहा है। जगह-जगह बिना मानक के लगाए गए तार न केवल अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। कई इलाकों में खंभे पूरी तरह केबल से ढके नजर आते हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर के लगभग 51 हजार पोलों पर निजी कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों के तार लगे हुए हैं। इसके बदले विभाग प्रति पोल सालाना करीब 100 रुपये किराया वसूल रहा है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा। कई स्थानों पर ये केबल जमीन से काफी कम ऊंचाई पर लटक रहे हैं। इससे बड़े वाहनों के फंसने और दोपहिया चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। नागरिकों का कहना है कि लटकते तारों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। योजनाएं बनीं, अमल नहीं बिजली विभाग ने पुराने तार हटाकर सुरक्षित एबी केबल लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन यह कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसी तरह केबलों को व्यवस्थित करने की योजना भी फाइलों तक सीमित बताई जा रही है। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में स्थिति खराब शहर के कारोना चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, सिविल लाइन और बृहस्पति बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में खंभों पर तारों का जाल साफ देखा जा सकता है, जहां पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। नियमों की हो रही अनदेखी नियमों के अनुसार जमीन से 3–4 मीटर तक खंभे पर खुले तार नहीं होने चाहिए और केबल को पाइप से ढंकना जरूरी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर बिना सुरक्षा के तार लगाए गए हैं। विभाग ने जांच के दिए निर्देश अधिकारियों का कहना है कि कम ऊंचाई वाले केबलों की जांच कराई जाएगी। जहां जरूरत होगी वहां तार बदले जाएंगे और अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए केबल हटाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बिजली खंभों पर बेतरतीब केबल का जाल, मामूली किराये के बदले शहर की सुरक्षा खतरे में Read Post »

Bilashpur, Chhattisgarh, Raipur, State

रायगढ़ में बकाया किराया न चुकाने पर निगम की कार्रवाई, कबीर चौक की दुकान सील

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में बकाया कर और किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कबीर चौक स्थित एक दुकान को निगम की राजस्व टीम ने सील कर दिया। निगम अधिकारियों के अनुसार दुकान संचालक पर करीब 87 हजार रुपये से अधिक का किराया बकाया था। कई बार नोटिस जारी कर भुगतान करने को कहा गया, लेकिन राशि जमा नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार दुकान को बंद कर सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि शहर के अन्य बड़े बकायादारों की भी पहचान की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम ने टैक्स वसूली अभियान तेज कर दिया है। नागरिकों की सुविधा के लिए अब छुट्टी के दिनों में भी राजस्व कार्यालय खुला रहेगा, जहां लोग संपत्ति कर, जलकर, यूजर चार्ज, दुकान किराया समेत अन्य देय राशि जमा कर सकेंगे। महापौर ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर करों का भुगतान करें, ताकि शहर के विकास कार्य बाधित न हों। निगम कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि बकाया नहीं चुकाने वालों के खिलाफ आगे भी सीलिंग और अन्य कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

रायगढ़ में बकाया किराया न चुकाने पर निगम की कार्रवाई, कबीर चौक की दुकान सील Read Post »

Chhattisgarh, Raigarh, State, Top News

रायगढ़ में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई, 5 उद्योगों पर 13.96 लाख का जुर्माना

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में हो रही दुर्घटनाओं और मजदूरों की मौत के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पांच उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर कुल 13 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में विभिन्न फैक्ट्रियों में हुए हादसों के बाद निरीक्षण अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा उपकरणों की कमी, कार्यस्थल पर जोखिमपूर्ण परिस्थितियां और नियमों की अनदेखी सामने आई। इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए संबंधित उद्योगों के खिलाफ कारखाना अधिनियम 1948 तथा अन्य श्रम कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। मामलों की सुनवाई श्रम न्यायालय में हुई, जहां अदालत ने दोषी पाए जाने पर पांचों उद्योगों पर आर्थिक दंड लगाया। जिन उद्योगों पर जुर्माना लगाया गया उनमें नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड (सराईपाली), अग्रोहा स्टील प्राइवेट लिमिटेड (ग्राम पाली), विष्णु ब्रिक्स (उपरकछार, जशपुर), इंड सिनर्जी (कोटमार) और एजी कंस्ट्रक्शन (महापल्ली) शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में उद्योगों की नियमित जांच जारी रहेगी, ताकि कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

रायगढ़ में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई, 5 उद्योगों पर 13.96 लाख का जुर्माना Read Post »

Chhattisgarh, Raigarh, State
Scroll to Top