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दिल्ली और कई राज्यों में भीषण गर्मी की चेतावनी, पारा 42°C तक पहुंचने का अनुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। 7 और 8 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C तक पहुंचने की संभावना है। दिल्ली में बढ़ता पारा शुक्रवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38.4°C (सामान्य से 4.4°C अधिक) दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम 18.8°C रहा। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर लू चलने की संभावना है। अन्य राज्यों के लिए चेतावनी लंबी अवधि का पूर्वानुमान: और बढ़ेगी गर्मी IMD के अनुसार, अप्रैल से जून तक देशभर में सामान्य से अधिक तापमान रहेगा। मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से अधिक लू के दिन देखने को मिल सकते हैं। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में 10-11 दिन तक भीषण लू चल सकती है, जबकि सामान्यतः इन क्षेत्रों में 4-7 दिन ही लू पड़ती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खूब पानी पिएं, धूप में निकलने से बचें और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

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अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी से भारतीय निर्यात को झटका, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

नई दिल्ली, 3 अप्रैल: अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिफल टैरिफ—5 अप्रैल से 10% और 9 अप्रैल से 27%—का भारतीय निर्यात पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। किन उद्योगों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर? क्या इससे भारतीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा? विशेषज्ञों का मानना – नहीं भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के प्रोफेसर विश्वजीत धर के अनुसार, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देश इस मामले में भारत से आगे हैं। भारत की रणनीति: सौदेबाजी और रियायतें अमेरिका को खुश करने के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं, जैसे: लेकिन धर का मानना है कि “अमेरिका के साथ मोलभाव करना ही अब सबसे अच्छा विकल्प है।” आगे क्या? अमेरिका-भारत के बीच 45 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है, और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। हालाँकि, ट्रंप के ताज़ा कदम से लगता है कि अमेरिका अभी संतुष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या भारत अपनी कूटनीति और आर्थिक रणनीति से नुकसान कम कर पाता है—या फिर निर्यातकों को मुश्किल दौर का सामना करना पड़ेगा।

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नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आंगनबाड़ी मरम्मत के नाम पर भ्रष्टाचार: सप्लायर और पंचायत सचिवों का गठजोड़

धुर नक्सल प्रभावित नेशनल पार्क क्षेत्र में अधिकारियों की अनदेखी का फायदा उठाकर पंचायत सचिवों और सप्लायरों ने मिलकर बड़े पैमाने पर घोटाला किया है। 15वें वित्त आयोग की धनराशि का दुरुपयोग करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए गए, जबकि कई गांवों में आंगनबाड़ी भवन तक मौजूद नहीं हैं। कैसे हुआ घोटाला? भोपालपटनम ब्लॉक के अंदुरुनी एड़ापल्ली, बड़ेकाकलेड, सेंड्रा और केरपे जैसी पंचायतों में पंचायत सचिवों ने एक सप्लायर फर्म के साथ मिलकर प्रत्येक पंचायत से 50-50 हजार रुपये की राशि “भवन मरम्मत” के नाम पर निकाली। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्रों का कोई भवन ही नहीं है, और सेविकाएं बच्चों को अपने घरों में बैठाकर कार्यक्रम चला रही हैं। जेल जा चुके सचिव को फिर मिला प्रभार एड़ापल्ली और बड़ेकाकलेड के पंचायत सचिव गोटा समैया पहले भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल जा चुके हैं। बावजूद इसके, उन्हें दोबारा बहाल कर दो-दो पंचायतों का प्रभार सौंप दिया गया। उन पर नेशनल पार्क क्षेत्र में वन एवं वन्यजीव संरक्षण योजनाओं में भी गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। एक ही सप्लायर के नाम पर हुआ भुगतान जांच में पता चला कि कई पंचायतों में बिना किसी उचित प्रक्रिया के, फर्जी बिल और अमान्य फोटो लगाकर एक ही सप्लायर के नाम पर लाखों रुपये जारी किए गए। अधिकारियों ने बिना जांच के इन भुगतानों को मंजूरी दे दी। अधिकारियों की लापरवाही ने बढ़ाई समस्या नेशनल पार्क क्षेत्र नक्सलवाद की चपेट में होने के कारण अधिकारी निरीक्षण के लिए वहां जाने से कतराते हैं। इसका फायदा उठाकर स्थानीय अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कागजी खर्च दिखाकर बड़ी रकम लूट ली। प्रशासन का बयान जनपद पंचायत भोपालपटनम के सीईओ दिलीप उईके ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की धनराशि का भुगतान पूरी तरह डिजिटल तरीके से होता है। यदि कहीं गड़बड़ी हुई है, तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष नेशनल पार्क क्षेत्र में विकास के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धन का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। सख्त जांच और पारदर्शिता के बिना इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

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छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन से रसोई गैस की आपूर्ति: बिलासपुर और कोरबा में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब छत्तीसगढ़ के निवासियों को पाइपलाइन के माध्यम से सीधे रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी। इस योजना की शुरुआत बिलासपुर और कोरबा जिलों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी। प्रमुख बिंदु: लाभ: वर्तमान प्रगति: गेल के अधिकारियों ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। कंपनी ने नदी किनारे और ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों और भूमि मालिकों की सहमति भी ली जा रही है। भविष्य की योजना: इस परियोजना के तहत देशभर में 1000 से अधिक लिक्विड नेचुरल गैस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय का लक्ष्य है कि देश के हर घर तक सस्ती और सुविधाजनक गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार फंगल संक्रमण के इलाज और डायग्नोस्टिक टेस्ट्स पर दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स जारी की हैं, जो इन बीमारियों के खिलाफ दवाओं और जांच उपकरणों की गंभीर कमी को उजागर करती हैं।

मुख्य बिंदु: 1. जानलेवा फंगल संक्रमण बढ़ रहे हैं 2. दवाओं की कमी और धीमा रिसर्च 3. डायग्नोस्टिक टेस्ट्स की समस्या क्यों है यह चिंताजनक? WHO की सिफारिशें: ✔ नई दवाओं और टेस्ट्स पर शोध बढ़ाना✔ सस्ती और आसानी से उपलब्ध जांच प्रणाली विकसित करना✔ स्वास्थ्यकर्मियों को फंगल संक्रमण के प्रति जागरूक करना यह रिपोर्ट दुनिया को चेतावनी देती है कि फंगल संक्रमण एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बन सकते हैं, अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार फंगल संक्रमण के इलाज और डायग्नोस्टिक टेस्ट्स पर दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स जारी की हैं, जो इन बीमारियों के खिलाफ दवाओं और जांच उपकरणों की गंभीर कमी को उजागर करती हैं। Read Post »

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CBSE कक्षा 10 रिजल्ट 2025: अपेक्षित तिथि और चेक करने का तरीका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 मई के अंतिम सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। हालांकि बोर्ड ने अभी आधिकारिक तिथि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के रुझान के आधार पर परिणाम 20 मई 2025 के आसपास घोषित किए जा सकते हैं। CBSE कक्षा 10 रिजल्ट कहाँ से देखें? छात्र निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइट्स पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे:🔹 https://cbseresults.nic.in🔹 https://results.cbse.nic.in इसके अलावा रिजल्ट यहाँ भी उपलब्ध होंगे:✔ डिजिलॉकर (DigiLocker)✔ उमंग ऐप (UMANG App) CBSE कक्षा 10 स्कोरकार्ड 2025 डाउनलोड करने की प्रक्रिया CBSE की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से डिजिलॉकर के माध्यम से CBSE डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर अपलोड करेगा। छात्रों को पहले से ही उनके लॉगिन विवरण प्रदान किए जाएंगे। डाउनलोड करने के चरण: महत्वपूर्ण नोट्स 📌 परिणाम मई 2025 के अंतिम सप्ताह में आने की संभावना (आधिकारिक तिथि की प्रतीक्षा)📌 रिजल्ट चेक करने के लिए अपना रोल नंबर और जन्मतिथि तैयार रखें📌 डिजिलॉकर पर प्रामाणिक डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध होंगे

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CBSE ने कक्षा 10 और 12 के लिए नया सिलेबस और ग्रेडिंग सिस्टम घोषित किया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025-2026 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए हैं। इनमें दोहरी बोर्ड परीक्षाएं, नई ग्रेडिंग प्रणाली, कौशल-आधारित विषयों की शुरुआत और व्यावहारिक शिक्षा पर जोर शामिल हैं। मुख्य बदलाव 1. कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाएं 2. नई 9-पॉइंट ग्रेडिंग प्रणाली 3. कक्षा 10 के लिए पासिंग मानदंड 4. नए कौशल-आधारित विषय कक्षा 10 के लिए: कक्षा 12 के लिए (नए वैकल्पिक विषय): 5. कक्षा 12 अकाउंटेंसी में कैलकुलेटर की अनुमति शिक्षण और मूल्यांकन में बदलाव CBSE अब रट्टा मारकर पढ़ाई की बजाय व्यावहारिक ज्ञान पर ध्यान देगा: ✅ प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण – असली समस्याओं का समाधान।✅ जिज्ञासा-आधारित पढ़ाई – सवाल पूछकर सीखने पर जोर।✅ टेक्नोलॉजी का उपयोग – AI और डिजिटल टूल्स से पढ़ाई।✅ शिक्षकों की टीमवर्क – छात्रों की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई। नया मूल्यांकन पैटर्न अब परीक्षाओं में इन पर फोकस होगा:🔹 तार्किक सोच🔹 विश्लेषण क्षमता🔹 अवधारणाओं की समझ🔹 व्यावहारिक उपयोग नया सिलेबस कहाँ से देखें? कक्षा 9 से 12 तक का अपडेटेड सिलेबस CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। ये बदलाव क्यों? CBSE का लक्ष्य:✔ तनाव कम करना – दो परीक्षाओं का विकल्प।✔ रोजगारपरक शिक्षा – नए कौशल सिखाना।✔ आधुनिक शिक्षा – रटने की बजाय समझने पर जोर। ये सुधार भारतीय शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

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रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है।

बलरामपुर: जंगल में महुआ बीनते समय हाथी के हमले में महिला की मौत, युवक भी शिकार रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है। पहली घटना: पति-पत्नी पर हाथियों ने किया हमला नतीजा: दूसरी घटना: युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला मुआवजे की घोषणा वन विभाग की चेतावनी:विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए जंगल में अकेले न जाएं, खासकर शाम के समय।

रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है। Read Post »

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छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: जीएसटी वृद्धि में देश में अव्वल छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने 16,390 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर 18% की रिकॉर्ड वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जबकि महाराष्ट्र (16%) और तमिलनाडु (15%) क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री का बयान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को “ईमानदार शासन और डिजिटल सुधारों का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से हमने साबित किया कि राजस्व वृद्धि के साथ जनविश्वास भी बढ़ाया जा सकता है।” मार्च 2025 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन सफलता के प्रमुख कारक भविष्य की रणनीति वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में जीएसटी विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और उन्नत डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि प्रदेश इस प्रगति को निरंतर बनाए रख सके। इन ठोस प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ ने न केवल राजस्व संग्रह में नई ऊंचाइयां छुई हैं, बल्कि देश के लिए एक आदर्श मॉडल भी प्रस्तुत किया है।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का नक्सली संघर्ष विराम की मांग पर जवाब

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का नक्सली संघर्ष विराम की मांग पर जवाब: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद नक्सलियों ने संघर्ष विराम की मांग की है। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा है कि यदि सरकार ऑपरेशन रोकने की घोषणा करती है, तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कोई शर्त न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधियों और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा। शर्मा ने कहा कि बातचीत किसी कट्टरपंथी विचारधारा के आधार पर नहीं हो सकती। कोई भी चर्चा करने से पहले भारतीय संविधान को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि नक्सली संविधान को नकारते हैं और अपनी समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं, तो वार्ता का कोई मतलब नहीं रह जाता। पुनर्वास नीति और सरकार का रुख: उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि भटके हुए लोग समाज में वापस आएं और एक सुव्यवस्थित जीवन जी सकें। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति: शर्मा ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले नक्सली अपना कानून चलाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब राज्य के हर गांव में तिरंगा लहराना और संविधान का पालन करना अनिवार्य है। गंभीर वार्ता का आह्वान: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी ओर से एक समिति बनानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने पहले भी 10 से अधिक बार वार्ता का प्रयास किया, लेकिन नक्सलियों ने ही पीछे हटने का रवैया अपनाया। अगर वे अब बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। सरकार का स्पष्ट रुख: शर्मा ने दोहराया कि सरकार का रुख स्पष्ट है—बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खून-खराबे पर कोई समझौता नहीं होगा। नक्सलियों को हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान निकल सकता है।

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