Education

छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को निजी स्कूल बंद: RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध तेज

छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन अब और तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 17 और 18 अप्रैल को लेकर अहम फैसले लिए हैं, जिससे स्कूल संचालन प्रभावित होगा। एसोसिएशन के अनुसार, 1 मार्च से शुरू हुए आंदोलन के तहत पहले ही यह तय किया गया था कि शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित वंचित वर्ग के छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हाल ही में 14 अप्रैल को हुई कार्यकारिणी बैठक में दो नए निर्णय लिए गए। इसके तहत 17 अप्रैल को स्कूल संचालक और शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे, जबकि 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश के निजी स्कूल बंद रखे जाएंगे। एसोसिएशन ने इन फैसलों की जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी है। साथ ही मांग की है कि सरकार शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे, ताकि उसी आधार पर निजी स्कूलों को RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि तय की जा सके। पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे निजी स्कूलों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को निजी स्कूल बंद: RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध तेज Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

दुर्ग में बड़ा फर्जीवाड़ा: निलंबित शिक्षक ने खुद की बहाली का फर्जी आदेश जारी किया, जांच शुरू

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां निलंबित शिक्षक ने कथित रूप से फर्जी ई-मेल के जरिए अपनी बहाली का आदेश जारी कर दिया। आरोपी ने सामान्य प्रशासन विभाग के नकली लेटरहेड का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश तैयार किया और अधिकारियों को भेज दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब आदेश की भाषा और शब्दावली पर अधिकारियों को संदेह हुआ। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि ई-मेल में इस्तेमाल किए गए शब्द सामान्य शासकीय आदेशों से मेल नहीं खाते थे। यह मामला District Education Office Durg के संज्ञान में आने के बाद तुरंत जांच शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार यदि यह आदेश फर्जी साबित होता है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा और केस पुलिस को सौंप दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक शेषनारायण साहू पहले प्राथमिक शाला खुर्सीडीह में पदस्थ था। उन पर कार्य में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन न करने और शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग न देने जैसे आरोप लगे थे। जांच के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत गंभीर कदाचार का दोषी पाया गया और 21 जनवरी 2026 को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छुरिया (जिला राजनांदगांव) निर्धारित किया गया था। मामले में नया मोड़ तब आया जब 7 अप्रैल 2026 को ई-मेल के माध्यम से एक कथित बहाली आदेश सामने आया, जिसमें दावा किया गया कि विभागीय जांच के बाद उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया है और उन्हें पुनः शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सुपेला में पदस्थ किया गया है। इस ई-मेल ने विभाग में कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर दी, लेकिन बाद में जांच में इसकी वैधता पर सवाल उठे। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले कि यह ई-मेल शिक्षक के निजी आईडी से भेजा गया हो सकता है, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और मजबूत हो गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी बहाली आदेश केवल सक्षम प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही जारी किए जाते हैं, ऐसे में यह ई-मेल आदेश पूरी तरह नियमों के विपरीत है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दुर्ग में बड़ा फर्जीवाड़ा: निलंबित शिक्षक ने खुद की बहाली का फर्जी आदेश जारी किया, जांच शुरू Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Education, State, Top News

सीबीएसई का बड़ा कदम: कक्षा 3 से 8 तक AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोर्स शुरू

Central Board of Secondary Education ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (CT&AI) नाम से नया कोर्स शुरू किया है। इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के छात्रों को एआई के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना है। नए सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में चल रहे पुराने एआई कोर्स को बंद कर दिया जाएगा। वहीं 9वीं से 12वीं तक के लिए National Council of Educational Research and Training विशेष मॉड्यूल तैयार कर रहा है। सीबीएसई के अनुसार, यह नया कोर्स छात्रों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा। इसके लिए बनाई गई रिसोर्स बुक्स एनसीईआरटी की गणित की किताबों के साथ जुड़ी होंगी। गणित के हर अध्याय के साथ संबंधित एआई और कंप्यूटेशनल गतिविधियां कराई जाएंगी, जिससे छात्रों को अवधारणाएं बेहतर तरीके से समझ आएंगी। इस पाठ्यक्रम में रटने की बजाय समझ और सोच पर जोर दिया जाएगा। इसमें ऐसे प्रश्न और गतिविधियां शामिल होंगी, जो छात्रों की तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करेंगी। सीबीएसई ने छात्रों और शिक्षकों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर हैंडबुक्स भी जारी कर दी हैं और स्कूलों को इन्हें लागू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब पारंपरिक पढ़ाने के बजाय ‘फैसिलिटेटर’ की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे छात्रों को सीधे जवाब देने के बजाय उन्हें खुद सोचने और सीखने के लिए प्रेरित करें। कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार किए जा रहे एनसीईआरटी मॉड्यूल 2026-27 सत्र से इंटरनल असेसमेंट का हिस्सा होंगे। हालांकि वर्तमान में 10वीं के छात्र पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार ही अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। इस नए कोर्स में साइबर सिक्योरिटी, बेसिक नेटवर्किंग, डेटा आधारित निर्णय, और एआई के नैतिक पहलुओं जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए गेमिंग, वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।

सीबीएसई का बड़ा कदम: कक्षा 3 से 8 तक AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोर्स शुरू Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, national, Political, State, Tech, Top News

बिलासपुर में बच्चों ने संभाला ट्रैफिक कंट्रोल: पुलिस की पहल से बने ‘ब्रांड एंबेसडर’

बिलासपुर में सोमवार को ट्रैफिक व्यवस्था का नजारा कुछ अलग ही रहा। शहर के चौक-चौराहों से लेकर कंट्रोल रूम तक स्कूली बच्चे सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर पुलिस ने विशेष पहल करते हुए छात्रों को पुलिसिंग और ट्रैफिक सिस्टम की जानकारी दी। इस दौरान छात्रों ने ट्रैफिक कंट्रोल रूम में बैठकर एसएसपी रजनेश सिंह के साथ लाइव अनाउंसमेंट किया और लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। एसएसपी ने भी लाउडस्पीकर के माध्यम से नागरिकों से कहा कि बच्चे आपसे सीख रहे हैं, इसलिए उनके सामने ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें। इसका असर भी दिखा, जहां कई वाहन चालकों ने हेलमेट पहना और नियमों का पालन करते नजर आए। कंट्रोल रूम में बच्चों ने संभाली कमान छात्रों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर ले जाया गया, जहां उन्होंने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम (ITMS), लाइव सीसीटीवी निगरानी, नंबर प्लेट और फेस रिकग्निशन सिस्टम को समझा और ऑपरेट भी किया। कुछ छात्रों ने सिस्टम के जरिए अनाउंसमेंट कर अव्यवस्थित पार्किंग करने वालों को सचेत किया। टेक्नोलॉजी और ग्राउंड पुलिसिंग की दी जानकारी शहीद विनोद चौबे चौक में आयोजित कार्यशाला में छात्रों को ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड रडार गन, व्हील लॉक, पीओएस मशीन और एम-परिवहन पोर्टल का डेमो दिया गया। साथ ही डिजिटल चालान की प्रक्रिया और नियम तोड़ने पर होने वाली कार्रवाई के बारे में भी बताया गया। साइबर सुरक्षा और पुलिस प्रक्रिया से कराया परिचय छात्रों को साइबर थाना ले जाकर डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, 1930 हेल्पलाइन और CEIR पोर्टल की जानकारी दी गई। इसके अलावा डायल 112 की कार्यप्रणाली भी समझाई गई कि कैसे एक कॉल पर तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध होती है। तारबहार थाना भ्रमण के दौरान बच्चों ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, सीसीटीएनएस एंट्री, पासपोर्ट वेरिफिकेशन, मालखाना और रोजनामचा जैसी प्रक्रियाओं को भी करीब से जाना। छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं दूर कीं। जागरूकता के लिए बनाए गए ब्रांड एंबेसडर इस पहल का उद्देश्य बच्चों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। पुलिस ने इन छात्रों को ब्रांड एंबेसडर के रूप में चुना है, ताकि वे समाज में ट्रैफिक नियमों और कानून के पालन का संदेश आगे तक पहुंचा सकें।

बिलासपुर में बच्चों ने संभाला ट्रैफिक कंट्रोल: पुलिस की पहल से बने ‘ब्रांड एंबेसडर’ Read Post »

Bilaspur, Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, State, Top News

छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब प्रिंसिपल भी पढ़ाएंगे और रोज होगी पढ़ाई की समीक्षा

छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में आने वाले सत्र से पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया अकादमिक मॉडल लागू किया है, जिसमें अब ध्यान केवल प्रशासन नहीं बल्कि पढ़ाई, निगरानी और छात्रों के समग्र विकास पर रहेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रिंसिपल की भूमिका में अहम बदलाव किया गया है। अब वे सिर्फ प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें अकादमिक लीडर की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्हें रोजाना शिक्षकों के साथ बैठकर पढ़ाई की समीक्षा करनी होगी और साथ ही प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड पढ़ाना भी अनिवार्य किया गया है। हर हफ्ते क्लास के अनुसार पढ़ाई का लक्ष्य तय किया जाएगा, ताकि सिलेबस समय पर पूरा हो सके और छात्रों की प्रगति पर नजर रखी जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार पूरे सत्र के लिए विस्तृत अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। इसमें हर महीने पढ़ाए जाने वाले पाठ पहले से निर्धारित होंगे और उसी के अनुसार परीक्षाओं की योजना भी बनाई गई है। स्कूलों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए वंदे मातरम को अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए हर स्कूल को साउंड सिस्टम खरीदने हेतु 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। हर शनिवार को अब “गतिविधि दिवस” के रूप में विकसित किया गया है। इस दिन छात्र बिना बैग के स्कूल आएंगे और योग के बाद उन्हें अलग-अलग समूहों में बांटा जाएगा। एक समूह गार्डनिंग, क्राफ्ट जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेगा, जबकि दूसरा समूह टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आकलन करेगा। इससे एक ही दिन में कौशल विकास और पढ़ाई दोनों को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ाई को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के त्योहारों और परंपराओं का भी कैलेंडर तैयार किया गया है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की पारंपरिक गतिविधियों को स्कूलों में शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें। इसके अलावा बच्चों को महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराने के लिए विशेष कैलेंडर बनाया गया है। हर महीने दो महान व्यक्तित्वों की जयंती या पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें छात्र उनके आदर्शों पर चर्चा और भाषण देंगे। शिक्षा सत्र जून 2026 से शुरू होगा, जिसमें 1 से 20 जून तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 22 जून को शाला प्रवेशोत्सव के साथ नई कक्षाएं शुरू होंगी। इस पूरे मॉडल का उद्देश्य शिक्षा के स्तर में सुधार लाना, अनुशासन बढ़ाना और छात्रों को बेहतर वातावरण देना है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के अनुसार, इस पहल के जरिए आत्मानंद स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ-साथ बच्चों को संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब प्रिंसिपल भी पढ़ाएंगे और रोज होगी पढ़ाई की समीक्षा Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

राजनांदगांव में ‘लखपति ग्राम’ की ओर बढ़ता सिंघोला, शिक्षा सुधार के लिए कोचिंग और समर कैंप शुरू

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विकास को लेकर नए कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर Jitendra Yadav ने महिलाओं को मजबूत बनाने और बच्चों की पढ़ाई सुधारने पर खास ध्यान दिया है। ग्राम सिंघोला को ‘लखपति ग्राम’ बनाने की दिशा में काम चल रहा है। यहां की महिलाएं अलग-अलग काम करके पैसे कमा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। गांव में 31 समूहों की 318 महिलाएं इस काम से जुड़ी हुई हैं। कलेक्टर ने गांव का दौरा कर महिलाओं के काम को देखा और 5 ‘लखपति दीदियों’ को सम्मानित भी किया। साथ ही अधिकारियों को कहा कि इन महिलाओं को सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिले। जिले में शिक्षा सुधार के लिए भी योजना बनाई गई है। सभी ब्लॉकों में जल्द ही फ्री कोचिंग सेंटर शुरू होंगे, जहां बच्चे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से पढ़ सकेंगे। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए समर कैंप लगाए जाएंगे। इसमें योग, खेलकूद, बैंकिंग की जानकारी, आपदा प्रबंधन और नई तकनीक जैसे AI (ChatGPT) के बारे में भी सिखाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।

राजनांदगांव में ‘लखपति ग्राम’ की ओर बढ़ता सिंघोला, शिक्षा सुधार के लिए कोचिंग और समर कैंप शुरू Read Post »

Chhattisgarh, Education, RAJNANDGAON, State, Top News

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: बैंक खाता त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 18 अप्रैल, SC-ST और OBC छात्रों के लिए जरूरी सूचना

Raipur जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों के लिए जरूरी जानकारी जारी की गई है। SC, ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के बैंक खाते से जुड़ी गलतियों को सुधारने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल तय की गई है। यह योजना कक्षा 12वीं के बाद पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू है, जो कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक और आईटीआई जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों की छात्रवृत्ति राशि उनके बैंक खाते की समस्या के कारण जमा नहीं हो पा रही है। जिनका बैंक खाता बंद है या आधार से लिंक नहीं है, उन्हें तुरंत सुधार करना जरूरी है। छात्र अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपडेट कर सकते हैं:http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर 18 अप्रैल 2026 तक सुधार नहीं किया गया, तो छात्रवृत्ति की राशि रुक सकती है। इसलिए सभी पात्र छात्रों को समय रहते अपनी जानकारी सही करने की सलाह दी गई है।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: बैंक खाता त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 18 अप्रैल, SC-ST और OBC छात्रों के लिए जरूरी सूचना Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

12 अप्रैल को फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा, रायपुर के 17 केंद्रों पर 5577 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के रिक्त पदों के लिए भर्ती परीक्षा 12 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह लिखित परीक्षा (HSP-25) सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक रायपुर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में होगी। परीक्षा के लिए जिले में कुल 17 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां 5577 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 12 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से कलेक्टर परिसर स्थित जिला कोषालय से किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी और विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के अधिकारी केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

12 अप्रैल को फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा, रायपुर के 17 केंद्रों पर 5577 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

पीजी पढ़ाई के लिए डॉक्टरों को 3 साल का अवकाश, पुराने बैच को भी लाभ देने की मांग

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सेवारत डॉक्टरों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) कोर्स करने वाले चिकित्सकों को अध्ययन अवकाश 2 साल की बजाय 3 साल तक दिया जाएगा। इस निर्णय से राज्य के कई डॉक्टरों को सीधा फायदा मिलेगा। इस मांग को लेकर छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन लंबे समय से प्रयास कर रहा था। फेडरेशन का मानना है कि उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है, ताकि डॉक्टर बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई पूरी कर विशेषज्ञ बन सकें और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर सकें। इस फैसले से मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह संगठन के लगातार प्रयासों और संवाद का परिणाम है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा लंबे समय से सरकार के सामने उठाया जा रहा था। हालांकि, फेडरेशन ने यह भी कहा है कि वर्ष 2025 से पहले पीजी अध्ययन अवकाश पर गए डॉक्टरों को इस नई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल रहा है। संघ के उपाध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने सरकार से मांग की है कि 2021 से 2023 बैच के डॉक्टरों के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी कर उन्हें समान लाभ दिया जाए, ताकि किसी प्रकार की असमानता न रहे।

पीजी पढ़ाई के लिए डॉक्टरों को 3 साल का अवकाश, पुराने बैच को भी लाभ देने की मांग Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News

आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 3 कोर्स अनिवार्य, पूरा न करने पर अप्रैल वेतन पर रोक

राज्य सरकार ने मिशन कर्मयोगी के तहत विकसित आई-गॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह एआई आधारित ऑनलाइन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना, कौशल विकसित करना और उन्हें नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। अब सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एआई से जुड़े कोर्स सहित कम से कम तीन कोर्स पूरे करना अनिवार्य कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 से इन कोर्सों को एपीएआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) से भी जोड़ा जाएगा। विशेष रूप से अप्रैल महीने का वेतन प्राप्त करने के लिए तीनों कोर्स पूरे करना जरूरी होगा। डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) वेतन जारी करने से पहले कर्मचारियों के कोर्स पूर्ण होने के प्रमाण पत्र की जांच करेंगे, उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 100 से अधिक कोर्स उपलब्ध हैं। कर्मचारी परिचय पोर्टल या ईएचआरएमएस पोर्टल के ‘ट्रेनिंग के अवसर’ सेक्शन के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। उन्हें अपनी प्रोफाइल में पदनाम, विभाग, एनआईसी ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी अपडेट करनी होगी। सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन और पूर्ण किए गए कोर्स का विवरण ई-ऑफिस के माध्यम से भेजना होगा। प्रशिक्षण को तीन तरीकों से संचालित किया जाएगा—इंडक्शन प्रोग्राम, मिड-करियर लर्निंग और सेल्फ लर्निंग। प्रत्येक कोर्स के अंत में परीक्षा होगी और सफल उम्मीदवारों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इन प्रमाण पत्रों का प्रभाव पदोन्नति और अन्य लाभों पर भी पड़ेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने कर्मचारियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ें और उनकी ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें।

आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर 3 कोर्स अनिवार्य, पूरा न करने पर अप्रैल वेतन पर रोक Read Post »

Chhattisgarh, Education, GOVERNMENT, Raipur, State, Top News
Scroll to Top