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​असम में हाल ही में हुई उच्चतर माध्यमिक (HS) प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब असम पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने अपने हाथ में ले ली है। इस लीक के कारण 24 से 29 मार्च के बीच निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं।

जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए CID ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना और परीक्षा सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है। ​ यह मामला तब सामने आया जब 21 मार्च को आयोजित होने वाली गणित की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे परीक्षा को पुनर्निर्धारित करना पड़ा। जांच में यह भी पता चला कि कई संस्थानों ने निर्धारित समय से पहले ही सीलबंद प्रश्नपत्रों को खोल दिया था, जो परीक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। ​ इन घटनाओं के मद्देनजर, असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) ने एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नई तिथियों पर चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ​ यह पहली बार नहीं है जब असम में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं। पिछले वर्षों में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करते हैं। इन घटनाओं के बावजूद, बार-बार होने वाले लीक से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा सुरक्षा प्रोटोकॉल में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।​ CID और SIT की वर्तमान जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा, और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ASSEB की आगामी बैठक में लिए गए निर्णय हजारों प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

​असम में हाल ही में हुई उच्चतर माध्यमिक (HS) प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब असम पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने अपने हाथ में ले ली है। इस लीक के कारण 24 से 29 मार्च के बीच निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। Read Post »

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यूपी: आठ सालों में एससी-सामान्य वर्ग के छात्रों को मिली 14000 करोड़ की छात्रवृत्ति, 1.79 करोड़ को मिला लाभ

​पिछले आठ वर्षों में, उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और सामान्य वर्ग के छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवधि में, लगभग 1.79 करोड़ छात्रों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 14,000 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने में सहायता करना है।​ प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया गया है। आधार, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन करके भ्रष्टाचार को समाप्त किया गया है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद छात्रों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।​ पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना के तहत, एससी वर्ग के 33.38 लाख छात्रों को 699.26 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसी प्रकार, सामान्य वर्ग के कक्षा 9 और 10 के 9.29 लाख छात्रों को 250.62 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है।​ दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत, 88.61 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों को 8,350.12 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली है, जबकि सामान्य वर्ग के 48.09 लाख छात्रों को 5,428.18 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।​ इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं।​ हाल ही में, राज्य सरकार ने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 69,195 छात्रों को 5.86 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की है। इसके अलावा, ‘चीवनिंग उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट स्कॉलरशिप’ कार्यक्रम के तहत, यूके सरकार के साथ मिलकर पांच छात्रों को हर साल मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति देने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन पहलों से स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार छात्रों की शिक्षा को समर्थन देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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​मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में महत्वपूर्ण बदलाव

​मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अब से इन परीक्षाओं को वर्ष में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह परिवर्तन छात्रों को अपनी शैक्षणिक प्रगति में सुधार करने और परीक्षा के तनाव को कम करने का अवसर प्रदान करेगा।​ परीक्षा का नया शेड्यूल: इस नई प्रणाली के तहत, ‘पूरक परीक्षा’ शब्दावली को हटाकर अब ‘द्वितीय परीक्षा’ का उपयोग किया जाएगा।​ छात्रों और स्कूलों के लिए निर्देश: माध्यमिक शिक्षा मंडल समय-समय पर द्वितीय परीक्षा से संबंधित विस्तृत निर्देश परीक्षा समिति के अनुमोदन से जारी करेगा। छात्रों और स्कूलों को सलाह दी जाती है कि वे मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम सूचनाएं प्राप्त करते रहें।​ यह निर्णय छात्रों को अपनी शैक्षणिक प्रगति में सुधार करने और परीक्षा के तनाव को कम करने का अवसर प्रदान करेगा।

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​अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी GE एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन सौंप दिया है।

​अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी GE एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन सौंप दिया है। यह डिलीवरी HAL और GE के बीच 40 वर्षों की साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ​ F404-GE-IN20 इंजन F404 परिवार का सबसे उच्च थ्रस्ट वाला संस्करण है, जिसमें GE की नवीनतम हॉट सेक्शन सामग्री और प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, साथ ही एक फुल अथॉरिटी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल (FADEC) सिस्टम भी है, जो विश्वसनीय शक्ति और उत्कृष्ट संचालन विशेषताएं प्रदान करता है। ​ HAL ने इन इंजनों का उपयोग करके तेजस Mk1A विमानों के उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई है। हालांकि, GE से इंजनों की आपूर्ति में लगभग 12 महीने की देरी हुई थी, लेकिन अब उत्पादन लाइनें स्थिर हो गई हैं, जिससे HAL अगले वित्तीय वर्ष से प्रति वर्ष 16 से 24 विमान वितरित करने की क्षमता रखता है। ​ इस डिलीवरी के बाद, HAL के शेयरों में 4% से अधिक की वृद्धि देखी गई, जो निवेशकों के सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। ​ यह विकास भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश की वायु सेना की क्षमताएं बढ़ेंगी और घरेलू रक्षा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

​अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी GE एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन सौंप दिया है। Read Post »

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तम्बाकू मुक्त भारत अभियान में तेलंगाना ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

तम्बाकू मुक्त भारत अभियान में तेलंगाना ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित तेलंगाना ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) टेस्टिंग’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में एनएचएम-तेलंगाना के प्रबंध निदेशक आर.वी. कर्णन और राज्य टीबी जॉइंट डायरेक्टर डॉ. ए. राजेशम को यह पुरस्कार प्रदान किया। अभियान की प्रमुख उपलब्धियां: डॉ. राजेशम ने बताया कि इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य कर्मियों, जिला प्रशासन और कॉर्पोरेट भागीदारों का समन्वित प्रयास रहा। उन्होंने कहा, “AI तकनीक से लैस ये पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की त्वरित पहचान में क्रांतिकारी साबित होंगी।” यह पुरस्कार तेलंगाना के 2025 तक टीबी उन्मूलन के संकल्प को और मजबूती प्रदान करता है। राज्य सरकार ने अभियान को जारी रखते हुए स्क्रीनिंग और पोषण सहायता कार्यक्रमों के दायरे को विस्तार देने की योजना बनाई है।

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​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। ​ इन सभी कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों ने रायपुर सेंट्रल जेल को स्थायी परीक्षा केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान की है। जेल में उपलब्ध पुस्तकालय में लगभग 11,663 पुस्तकें रखी गई हैं, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबंधित हैं। ​ जेल प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है, जिससे उनकी पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। जेल में साक्षरता कार्यक्रम के तहत 39 बंदी परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में 72 से अधिक कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। स्नातक (बीए) और स्नातकोत्तर (एमए) कार्यक्रमों में 100 से अधिक कैदी अध्ययनरत हैं। ​ इसके अलावा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में भी कई कैदी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जेल में शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञ भी कैदियों का मार्गदर्शन करते हैं। प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना के रूप में नियुक्त किया गया है। इन प्रयासों से रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक मिसाल कायम की है, जो अन्य जेलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। Read Post »

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​दक्षिण कोरिया में मार्च 2025 के दौरान भीषण जंगल की आग ने देश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों को प्रभावित किया है

दक्षिण कोरिया में मार्च 2025 के दौरान भीषण जंगल की आग ने देश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों को प्रभावित किया है, जिससे व्यापक विनाश और जनजीवन में अवरोध उत्पन्न हुआ है। इन आगजनी घटनाओं ने न केवल संपत्ति का नुकसान किया है, बल्कि मानवीय जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।​ आग की उत्पत्ति और प्रसार: सबसे बड़ी आग सांचेओंग काउंटी में शुक्रवार को शुरू हुई, जो दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत में स्थित है। तेज हवाओं और सूखी परिस्थितियों के कारण, यह आग तेजी से फैलकर 500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। इस आग के कारण 260 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर अस्थायी आश्रयों में शरण लेनी पड़ी। ​ प्रभावित क्षेत्र और जनसंख्या: उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत के यूसेओंग काउंटी में भी आग ने 300 हेक्टेयर से अधिक भूमि को प्रभावित किया, जिससे 400 से अधिक लोगों को अपने घरों से निकलना पड़ा। इसके अलावा, गिम्हे शहर में भी आग के कारण दर्जनों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इन आगजनी घटनाओं ने दक्षिण-पूर्वी कोरिया प्रायद्वीप के कई हिस्सों में हाईवे बंद होने जैसी समस्याएं उत्पन्न कीं, जिससे आवागमन में बाधा आई। ​ सरकारी प्रतिक्रिया और राहत कार्य: आग की गंभीरता को देखते हुए, कोरिया फॉरेस्ट सर्विस ने 1,600 से अधिक आपातकालीन कर्मियों, 35 हेलीकॉप्टरों और दर्जनों वाहनों को आग बुझाने के कार्य में लगाया है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों और तेज हवाओं के कारण केवल 35% आग पर ही काबू पाया जा सका है। सरकार ने उत्तरी और दक्षिणी ग्योंगसांग प्रांतों और उल्सान शहर में आपातकाल की घोषणा की है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत और बचाव कार्य किए जा सकें। ​ मौसम और पर्यावरणीय चुनौतियाँ: तेज हवाओं और सूखी मौसम स्थितियों ने आग के प्रसार को बढ़ावा दिया है, जिससे आग बुझाने के प्रयासों में कठिनाई हो रही है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण, आग पर पूर्ण नियंत्रण पाने में अधिक समय लग सकता है, जिससे पर्यावरणीय नुकसान की संभावना बढ़ गई है। ​ आगे की चुनौतियाँ: दक्षिण कोरिया की सरकार और आपातकालीन सेवाएँ वर्तमान में आग पर काबू पाने और प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हालांकि, तेज हवाओं और सूखी परिस्थितियों के कारण आग बुझाने में चुनौतियाँ बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और राहत कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगा कि आग पर कब तक पूर्ण नियंत्रण पाया जा सकेगा।​ इस संकट ने न केवल दक्षिण कोरिया के पर्यावरण पर, बल्कि वहां के निवासियों के जीवन पर भी गहरा प्रभाव डाला है। आग से प्रभावित लोगों की सुरक्षा, पुनर्वास और पर्यावरण की बहाली के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को दीर्घकालिक रणनीतियाँ बनानी होंगी।

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Good News: छत्तीसगढ़ के इस जिले में सभी प्रमुख खेलों के लिए बनेगा खेल परिसर, बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

​छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक आधुनिक खेल परिसर के निर्माण का प्रस्ताव नगर निगम महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृत किया गया है। महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खेल परिसर के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस परियोजना के तहत हार्स राइडिंग ट्रैक, सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल मैदान, स्विमिंग पूल, स्केटिंग रिंक, रनिंग ट्रैक, 1500 दर्शकों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, पार्किंग सुविधा और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, खेल सामग्री की दुकानों की स्थापना भी की जाएगी। इस परियोजना में अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन लिया जाएगा, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव हो सके।​ खेल परिसर का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-28 में 40 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 85.05 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी परपज इंडोर स्टेडियम, रनिंग ट्रैक और सिंथेटिक फुटबॉल मैदान का निर्माण किया जाएगा। खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने वित्त विभाग की सहमति के बाद इस परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। ​ इस खेल परिसर के निर्माण से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर खेल अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने कौशल को निखार सकेंगे और राज्य का नाम रोशन करेंगे।​

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कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा शनिवार को आहूत बंद के बावजूद, बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर जगदीश जी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश नहीं रहेगा।

​कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा शनिवार को आहूत बंद के बावजूद, बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर जगदीश जी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश नहीं रहेगा। राज्य सरकार ने भी इस बंद का समर्थन नहीं किया है, इसलिए राज्य भर में शैक्षणिक संस्थान सामान्य रूप से कार्य करेंगे।​ कर्नाटक प्राइवेट स्कूल यूनियन ने बंद को नैतिक समर्थन दिया है, लेकिन परीक्षा के चलते कई स्कूल खुले रहेंगे। कुछ स्कूलों ने एहतियातन छुट्टी की घोषणा की है, जबकि अन्य स्थिति का आकलन करने के बाद निर्णय लेंगे। ​ शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने गृह मंत्री और परिवहन मंत्री के साथ बैठक कर स्कूल बंद करने के संबंध में निर्णय लेने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि परिवहन और सुरक्षा के बिना स्कूल खोलना संभव नहीं है, और अंतिम निर्णय संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। ​ बंद के दौरान परिवहन सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जिससे छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। अतः छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय समाचार स्रोतों से अपडेट रहें और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करें। बंद के कारण, बेंगलुरु में सड़कों पर यातायात कम देखा जा रहा है, और कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।​ कुल मिलाकर, बंद के बावजूद अधिकांश शैक्षणिक संस्थान खुले हैं, लेकिन परिवहन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा शनिवार को आहूत बंद के बावजूद, बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर जगदीश जी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश नहीं रहेगा। Read Post »

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चांदनी रात, शांत जंगल और दबे पांव बढ़ते गए 600 जवानों के कदम… सूरज उगते ही नक्सलियों पर कहर बन टूट पड़े

चांदनी रात में घिरे जंगल, दबे पांव जवानों की रणनीति, और नक्सलियों पर कहर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जवानों ने पूरी तैयारी और सावधानी के साथ नक्सलियों के गढ़ में घुसपैठ की और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। ऑपरेशन में 600 जवान शामिल थे, जिन्होंने चांदनी रात का फायदा उठाते हुए रणनीतिक रूप से जंगल में प्रवेश किया। चांदनी रात और रणनीतिक बढ़त जंगल में ऑपरेशन के दौरान चांदनी रात ने जवानों का काम आसान कर दिया। घने पेड़ों और पतझड़ के मौसम के कारण जंगल अपेक्षाकृत साफ दिखाई दे रहा था। बिना टॉर्च की रोशनी का उपयोग किए जवान अपने कदम बढ़ाते गए और नक्सलियों को भनक तक नहीं लगने दी। रातभर जवान जंगल में पैदल चलते रहे और सुबह होते ही नक्सलियों पर हमला बोल दिया। नक्सलियों पर चारों ओर से धावा जवानों ने नक्सलियों की गतिविधियों के पुख्ता इनपुट के आधार पर जंगल में अलग-अलग दिशाओं से प्रवेश किया। सूरज उगते ही जवानों को नक्सली नजर आने लगे। उन्होंने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों ने भी जवाबी हमला किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। भारी संख्या में नक्सलियों का सफाया इस ऑपरेशन में जवानों ने अकेले बीजापुर में 26 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ नक्सली भागने में कामयाब रहे। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि नक्सलियों के बड़े नेता पापा राव की उपस्थिति के बारे में सूचना थी, लेकिन उन्हें निकालने में नक्सली सफल हो गए। सुरक्षा बलों को मिली बड़ी मात्रा में हथियार ऑपरेशन के दौरान जवानों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए। इनमें AK-47, SLR, INSAS राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल लॉन्चर, और अन्य खतरनाक हथियार शामिल हैं। सर्च ऑपरेशन जारी हालांकि, जंगल में अभी भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी संभावना जताई जा रही है। जवानों की इस कार्रवाई से नक्सली तंत्र को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में सुरक्षा बलों का मनोबल और बढ़ गया है। निष्कर्षयह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के धैर्य, साहस, और रणनीति का उत्कृष्ट उदाहरण है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए यह एक अहम कदम साबित हो सकता है।

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