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चांदनी रात, शांत जंगल और दबे पांव बढ़ते गए 600 जवानों के कदम… सूरज उगते ही नक्सलियों पर कहर बन टूट पड़े

चांदनी रात में घिरे जंगल, दबे पांव जवानों की रणनीति, और नक्सलियों पर कहर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जवानों ने पूरी तैयारी और सावधानी के साथ नक्सलियों के गढ़ में घुसपैठ की और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। ऑपरेशन में 600 जवान शामिल थे, जिन्होंने चांदनी रात का फायदा उठाते हुए रणनीतिक रूप से जंगल में प्रवेश किया। चांदनी रात और रणनीतिक बढ़त जंगल में ऑपरेशन के दौरान चांदनी रात ने जवानों का काम आसान कर दिया। घने पेड़ों और पतझड़ के मौसम के कारण जंगल अपेक्षाकृत साफ दिखाई दे रहा था। बिना टॉर्च की रोशनी का उपयोग किए जवान अपने कदम बढ़ाते गए और नक्सलियों को भनक तक नहीं लगने दी। रातभर जवान जंगल में पैदल चलते रहे और सुबह होते ही नक्सलियों पर हमला बोल दिया। नक्सलियों पर चारों ओर से धावा जवानों ने नक्सलियों की गतिविधियों के पुख्ता इनपुट के आधार पर जंगल में अलग-अलग दिशाओं से प्रवेश किया। सूरज उगते ही जवानों को नक्सली नजर आने लगे। उन्होंने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों ने भी जवाबी हमला किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। भारी संख्या में नक्सलियों का सफाया इस ऑपरेशन में जवानों ने अकेले बीजापुर में 26 नक्सलियों को मार गिराया, जबकि कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ नक्सली भागने में कामयाब रहे। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि नक्सलियों के बड़े नेता पापा राव की उपस्थिति के बारे में सूचना थी, लेकिन उन्हें निकालने में नक्सली सफल हो गए। सुरक्षा बलों को मिली बड़ी मात्रा में हथियार ऑपरेशन के दौरान जवानों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए। इनमें AK-47, SLR, INSAS राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल लॉन्चर, और अन्य खतरनाक हथियार शामिल हैं। सर्च ऑपरेशन जारी हालांकि, जंगल में अभी भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी संभावना जताई जा रही है। जवानों की इस कार्रवाई से नक्सली तंत्र को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में सुरक्षा बलों का मनोबल और बढ़ गया है। निष्कर्षयह ऑपरेशन सुरक्षा बलों के धैर्य, साहस, और रणनीति का उत्कृष्ट उदाहरण है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए यह एक अहम कदम साबित हो सकता है।

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पंजाब सरकार ने शुक्रवार को तीन भाइयों की दो मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया

​पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत, जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में शुक्रवार को तीन भाइयों—वरिंदर कुमार, जतिंदर कुमार, और रोहित कुमार—की दो मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया गया। ये तीनों वर्तमान में जेल में हैं और इनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, एक्साइज एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत कुल 15 मामले दर्ज हैं। वरिंदर पर सात, रोहित पर छह, और जतिंदर पर दो मामले दर्ज हैं।​ पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर ने बताया कि नगर निगम को सरकारी भूमि पर इन भाइयों द्वारा अवैध निर्माण की सूचना मिली थी, जो मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन से बनाया गया था। इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना और उन्हें जवाबदेह ठहराना है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत फिल्लौर और जालंधर के ढंकेया मोहल्ला में भी नशा तस्करों से जुड़े अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया है। इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई में, जालंधर ग्रामीण पुलिस ने फिल्लौर के खानपुर और मंडी गांवों में पंचायत भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए गए ढांचों को ध्वस्त किया। ये ढांचे जसवीर सिंह उर्फ शीरा और भोली नामक व्यक्तियों के थे, जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।​ इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नशा तस्करों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर उनके वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना है, ताकि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

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​कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए इसे असमानता की सच्चाई उजागर करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए इसे असमानता की सच्चाई उजागर करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष और शिक्षाविद् प्रोफेसर सुखदेव थोराट के साथ बातचीत में दलितों के शासन, शिक्षा, नौकरशाही और संसाधनों तक पहुंच के मुद्दों पर चर्चा की। गांधी ने 20 मार्च 1927 को डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा महाड़ सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल पानी के अधिकार के लिए नहीं, बल्कि समानता और सम्मान के लिए संघर्ष था, जो आज भी जारी है। बीजेपी ने राहुल गांधी की इस मांग की आलोचना की है। पार्टी ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्गों के नेताओं को दरकिनार करने और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के नेताओं को हाशिए पर रखा है, जो अपने मेहनत और प्रतिबद्धता से आगे बढ़े हैं। ​ यह विवाद दर्शाता है कि जातिगत जनगणना का मुद्दा भारतीय राजनीति में कितना संवेदनशील है, जहां एक ओर इसे सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

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गुजरात विधानसभा ने हाल ही में सर्वसम्मति से दो गैर-सरकारी प्रस्ताव पारित किए, जो भारतीय संविधान और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PMVY) पर केंद्रित थे।

​गुजरात विधानसभा ने हाल ही में सर्वसम्मति से दो गैर-सरकारी प्रस्ताव पारित किए, जो भारतीय संविधान और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PMVY) पर केंद्रित थे। ​ भारतीय संविधान पर प्रस्ताव धोलका निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक किरीटसिंह डाभी द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि संविधान निर्माण के समय कांग्रेस अपनी औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई थी। उन्होंने उल्लेख किया कि पंडित नेहरू ने संविधान निर्माण के लिए दो विदेशी विशेषज्ञों के नाम सुझाए थे, जबकि महात्मा गांधी ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर का नाम प्रस्तावित किया था। पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा किए गए संवैधानिक संशोधन देश के हित में नहीं, बल्कि सत्ता में बने रहने के लिए थे। ​ प्रस्ताव में संविधान को हमारी आत्म-सम्मान का प्रतीक मानते हुए, राज्य सरकार से इसकी पवित्रता की रक्षा के लिए प्रोत्साहक कदम उठाने और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ‘हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान’ अभियान को आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया।

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​रूस-यूक्रेन युद्ध के हालिया घटनाक्रमों में, क्रेमलिन ने घोषणा की है कि रूस और अमेरिका के अधिकारी शांति वार्ता और काला सागर समझौते पर चर्चा के लिए सऊदी अरब में बैठक करेंगे।

​रूस-यूक्रेन युद्ध के हालिया घटनाक्रमों में, क्रेमलिन ने घोषणा की है कि रूस और अमेरिका के अधिकारी शांति वार्ता और काला सागर समझौते पर चर्चा के लिए सऊदी अरब में बैठक करेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच संवाद के माध्यम से समस्याओं को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ​ इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों के खिलाफ सीमित युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, जिसे पुतिन ने स्वीकार किया। व्हाइट हाउस ने इसे “शांति की दिशा में पहला कदम” बताया, जिसमें काला सागर में समुद्री युद्धविराम, पूर्ण युद्धविराम और स्थायी शांति समझौते पर बातचीत शामिल है। ​ हालांकि, पुतिन ने पूर्ण युद्धविराम के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें यूक्रेन द्वारा नए सैनिकों की भर्ती और प्रशिक्षण को रोकना, विदेशी सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक शामिल हैं। इसके अलावा, पुतिन ने यूक्रेन के चार आंशिक रूप से कब्जे वाले दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों—डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया, खेरसॉन—के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप के विलय को स्वीकार करने की मांग की है। इन शर्तों के बावजूद, क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि रूस शांति वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि वार्ता इस्तांबुल में 2022 में हुई समझौतों और वर्तमान युद्धक्षेत्र की वास्तविकताओं पर आधारित हो। पेस्कोव ने यह भी उल्लेख किया कि यूक्रेन द्वारा रूसी नेतृत्व के साथ संपर्क पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना आवश्यक होगा ताकि वार्ता आगे बढ़ सके। ​ इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि रूस और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की दिशा में प्रगति हो रही है, जिसमें काला सागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास शामिल हैं।

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​नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान, ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।

​नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान, ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। एफआईआर के अनुसार, उपद्रवियों ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ अश्लील हरकतें कीं, उनकी वर्दी खींचने की कोशिश की और अभद्र इशारे एवं टिप्पणियां कीं। ​ यह हिंसा 17 मार्च को उस समय भड़की जब छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया, जिससे तनाव बढ़ गया। इसके बाद, नागपुर के महल क्षेत्र में 500 से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई, जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके और वाहनों एवं संपत्तियों में तोड़फोड़ की। ​ हिंसा के दौरान 32 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें तीन डीसीपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 51 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की 57 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नागपुर के 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, और त्वरित प्रतिक्रिया दल एवं दंगा नियंत्रण पुलिस द्वारा गश्त की जा रही है। ​ महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा अफवाहों के आधार पर भड़की थी, और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। ​ इस घटना ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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मेरे बेटे को खेलते समय बार-बार गिरने की समस्या हो रही थी; 24 घंटे बाद, वह कोमा में चला गया!

​गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर ऑटोइम्यून विकार है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से परिधीय तंत्रिकाओं पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नता और गंभीर मामलों में लकवा हो सकता है। लक्षण: कारण: GBS का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन यह अक्सर श्वसन या जठरांत्र संबंधी संक्रमण के बाद विकसित होता है। कुछ मामलों में, सर्जरी, टीकाकरण या अन्य बीमारियां भी ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकती हैं। उपचार: निष्कर्ष: गिलियन-बैरे सिंड्रोम एक गंभीर स्थिति है, लेकिन समय पर निदान और उचित उपचार से अधिकांश लोग पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। यदि आप या आपके परिचितों में उपरोक्त लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।​ अधिक जानकारी के लिए, आप इस वीडियो को देख सकते हैं

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31 मार्च की डेडलाइन… 30 नक्सली ढेर, 500 जवानों ने सात घंटे तक ऐसे चलाया ये मुश्किल ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर जिलों में 20 मार्च 2025 को सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 22 नक्सली मारे गए। इस ऑपरेशन में बीजापुर जिले में 18 और कांकेर जिले में 4 नक्सलियों को ढेर किया गया, जबकि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान शहीद हो गया। ​ बीजापुर जिले में मुठभेड़: बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित अंड्री के जंगलों में सुबह 7 बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। यह क्षेत्र नक्सलियों के कोर इलाकों में से एक माना जाता है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के बड़े कैडर्स को घेर लिया, जिससे मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए। दुर्भाग्यवश, इस कार्रवाई में डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया। ​ कांकेर जिले में मुठभेड़: कांकेर और नारायणपुर जिलों की सीमा पर स्थित जंगलों में, डीआरजी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी। इस दौरान सुबह मुठभेड़ हुई, जिसमें 4 नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल से स्वचालित हथियार और अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई। ​ केंद्रीय गृह मंत्री की प्रतिक्रिया: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध कठोर रुख अपना रही है और आत्मसमर्पण न करने वाले नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त होने वाला है। ​ नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति: इस वर्ष अब तक, सुरक्षाबलों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई सफल अभियानों को अंजाम दिया है। इन अभियानों में बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। सरकार की नक्सल विरोधी नीति और सुरक्षाबलों की सतर्कता के परिणामस्वरूप, नक्सल गतिविधियों में कमी देखी जा रही है।​ सुरक्षाबलों की भूमिका: सुरक्षाबलों, विशेषकर डीआरजी और बीएसएफ के जवानों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी जान की परवाह किए बिना अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उनकी बहादुरी और समर्पण के कारण ही नक्सलियों के खिलाफ यह महत्वपूर्ण सफलता संभव हो पाई है। शहीद जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।​ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास: सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि इन क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें और नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो सकें। साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे वे समाज में पुनः स्थापित हो सकें।​

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Weather News: रायपुर में शुरू हो गई भीषण गर्मी, अगले दो दिन में हो सकती है बारिश

रायपुर में हाल के दिनों में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे भीषण गर्मी का अनुभव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, 22 मार्च तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है।​ बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने के कारण, रात में भी गर्मी का अहसास बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में तापमान में स्थिरता की संभावना जताई है, जिसके बाद तापमान में गिरावट की उम्मीद है। 19 से 22 मार्च के बीच प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका के प्रभाव से मौसम में यह परिवर्तन संभावित है। राजधानी रायपुर में अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन दोपहर में आसमान साफ रहने से तापमान में वृद्धि हो सकती है।​ इन परिस्थितियों को देखते हुए, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं, जैसे कि हल्के और सूती कपड़े पहनना, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना और दोपहर के समय सीधे सूर्य के संपर्क से बचना। यदि बारिश होती है, तो यह तापमान में कमी लाएगी और गर्मी से राहत प्रदान करेगी।​ अंततः, अगले कुछ दिनों में मौसम में संभावित बदलाव के साथ, नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट्स पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यकतानुसार अपने दैनिक कार्यक्रमों में समायोजन करना चाहिए।

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Raipur News: जिला पंचायत रायपुर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव आज, सदस्यों को पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य

रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव आज, गुरुवार, 20 मार्च 2025 को आयोजित किया जाएगा। यह चुनाव रेड क्रॉस सभाकक्ष, कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा। सभी जिला पंचायत सदस्यों को सूचित किया गया है कि वे अपने निर्वाचन प्रमाण पत्र या पहचान पत्र साथ लेकर आएं, क्योंकि सभाकक्ष में प्रवेश के लिए यह अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, सभाकक्ष में मोबाइल फोन, पेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने पर प्रतिबंध रहेगा।​ उल्लेखनीय है कि यह चुनाव प्रक्रिया पूर्व में दो बार स्थगित हो चुकी है। पहले, 5 मार्च को निर्धारित चुनाव को 12 मार्च तक के लिए टाला गया था, और फिर 12 मार्च को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से मात्र 10 मिनट पहले चुनाव को पुनः स्थगित कर 20 मार्च की नई तिथि घोषित की गई थी。 ​ चुनाव की तिथियों में इस बदलाव के कारण राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखी गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप लगाते हुए कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बहुमत न होने के कारण चुनाव को बार-बार स्थगित कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तिथियों में परिवर्तन किया गया है। राज्य के मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अधिकांश जिला पंचायतों में भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बने हैं, और कांग्रेस के आरोप निराधार हैं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, दीपक बैज, ने चेतावनी दी है कि यदि 20 मार्च के बाद भी चुनाव की तिथि आगे बढ़ाई गई, तो कांग्रेस अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को किस बात का डर है, जो लगातार चुनाव की तिथि आगे बढ़ा रही है, और यदि ऐसा पुनः होता है, तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी आज के चुनाव के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे समय पर उपस्थित होकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लें और निर्धारित नियमों का पालन करें।​ रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित: नामांकन के 10 मिनट पहले टला चुनाव, अब 20 मार्च को होगी वोटिंग

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