Raipur

छत्तीसगढ़ में 18 अप्रैल को निजी स्कूल बंद: RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध तेज

छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन अब और तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 17 और 18 अप्रैल को लेकर अहम फैसले लिए हैं, जिससे स्कूल संचालन प्रभावित होगा। एसोसिएशन के अनुसार, 1 मार्च से शुरू हुए आंदोलन के तहत पहले ही यह तय किया गया था कि शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत लॉटरी से चयनित वंचित वर्ग के छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हाल ही में 14 अप्रैल को हुई कार्यकारिणी बैठक में दो नए निर्णय लिए गए। इसके तहत 17 अप्रैल को स्कूल संचालक और शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे, जबकि 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश के निजी स्कूल बंद रखे जाएंगे। एसोसिएशन ने इन फैसलों की जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी है। साथ ही मांग की है कि सरकार शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे, ताकि उसी आधार पर निजी स्कूलों को RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि तय की जा सके। पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे निजी स्कूलों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

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रायपुर टिंबर मार्केट में भीषण आग: देर रात गोदाम जला, लाखों का नुकसान, शॉर्ट सर्किट की आशंका

राजधानी रायपुर के खमतराई क्षेत्र स्थित टिंबर मार्केट में गुरुवार देर रात एक गोदाम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने तेज़ी से फैलकर पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सबसे पहले गोदाम से धुआं उठता नजर आया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिससे आग और तेजी से फैलती चली गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए कई फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर तैनात किए गए हैं और लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो सके। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है। आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

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प्रदेश में खरीफ सीजन से फार्मर आईडी अनिवार्य: बिना आईडी नहीं मिलेगा यूरिया और अन्य खाद

प्रदेश में आने वाले खरीफ सीजन से खाद वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यूरिया, पोटाश और डीएपी जैसे खाद केवल उन्हीं किसानों को मिलेंगे, जिनके पास फार्मर आईडी होगी। नई व्यवस्था के तहत Urea Fertilizer सहित सभी प्रमुख खाद समितियों से केवल फार्मर आईडी दिखाने पर ही उपलब्ध होंगे। जिन किसानों के पास आईडी नहीं होगी, उन्हें खाद नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, निजी दुकानों से खाद खरीदने पर भी किसान की जानकारी जैसे नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस प्रणाली का उद्देश्य खाद वितरण में पारदर्शिता लाना और अनियमितता तथा कालाबाजारी को रोकना है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में खाद की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए यह व्यवस्था पहले से लागू की जा रही है ताकि वास्तविक किसानों तक समय पर खाद पहुंच सके। यदि किसान फार्मर आईडी नहीं बनवाते हैं, तो उन्हें न केवल खाद बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित होना पड़ सकता है। प्रदेश में इस समय बड़ी संख्या में किसान अभी भी एग्री-टेक रजिस्ट्रेशन से नहीं जुड़े हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। यह नियम 2026-27 के खरीफ सीजन से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

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रायपुर में अग्रवाल महिला मंडल की पहल: वाटर कूलर लगाए, दिव्यांग बालिका को व्हीलचेयर, UPSC टॉपर का सम्मान

रायपुर में सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए Agarwal Mahila Mandal ने भीषण गर्मी के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए कई पहल की हैं। मंडल की अध्यक्ष ममता अग्रवाल के नेतृत्व में शहर में दो स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। इनमें से एक वाटर कूलर कोर्ट परिसर में स्थापित किया गया, जिसे सुनील अग्रवाल ने अपने माता-पिता की स्मृति में भेंट किया। वहीं दूसरा वाटर कूलर सड्डू स्थित Maa Baglamukhi Temple परिसर में लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं और राहगीरों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। दोनों वाटर कूलरों का उद्घाटन अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल द्वारा किया गया। इसके अलावा मंडल ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए लाभांडी के एक शासकीय स्कूल में पढ़ने वाली एक जरूरतमंद दिव्यांग बालिका को व्हीलचेयर प्रदान की। यह सहायता नीरू अग्रवाल के सहयोग से दी गई, जिससे छात्रा की पढ़ाई और दैनिक जीवन में सहूलियत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान कोषाध्यक्ष प्रेम अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य सुभाष अग्रवाल सहित महिला मंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इसी अवसर पर मंडल ने यूपीएससी परीक्षा में देशभर में 35वां स्थान हासिल करने वाली Vaibhavi Agrawal का उनके निवास पर जाकर सम्मान किया। मंडल की टीम ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पूरे आयोजन की जानकारी मीडिया प्रभारी ज्योति अग्रवाल ने दी।

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रायपुर में रील बनाना पड़ा महंगा पड़ सकता है: स्पीडोमीटर के सामने दौड़ने वालों को पुलिस की सख्त चेतावनी

Raipur Police ने शहर में सड़कों पर लगे स्पीडोमीटर के सामने रील बनाने वाले लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क पर दौड़ लगाकर अपनी स्पीड मापते हुए सोशल मीडिया पर रील पोस्ट कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये स्पीडोमीटर मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने और सड़क हादसों को रोकने के लिए लगाए गए हैं। इस तरह की गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा बन सकती हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि “रील के चक्कर में अपनी असली जिंदगी को जोखिम में न डालें। बीच सड़क पर दौड़ना खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है।” छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने पहली बार लेडार आधारित आधुनिक स्पीड कैमरे लगाए हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 1.90 करोड़ रुपए की लागत से 7 कैमरे स्थापित किए गए हैं। ये कैमरे रायपुर के मरीन ड्राइव, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद क्षेत्र के अलावा बिलासपुर बायपास, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी के कुरूद इलाके में लगाए गए हैं। इन स्थानों का चयन ट्रैफिक दबाव और दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। वाई-फाई से जुड़े ये कैमरे 100 मीटर दूर से भी वाहनों की गति को सटीक रूप से माप सकते हैं। दो लेन सड़कों पर एक साथ कई वाहनों की निगरानी कर उनकी जानकारी रिकॉर्ड की जा सकती है। यदि कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलता है, तो कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसके आधार पर ऑटोमैटिक ई-चालान जारी होता है, जो व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से वाहन मालिक तक पहुंचता है। इन कैमरों में नाइट विजन की सुविधा भी है, जिससे रात में और खराब मौसम में भी निगरानी संभव है। फिलहाल इनकी टेस्टिंग चल रही है, लेकिन जल्द ही इन्हें पूरी तरह लागू कर सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा।

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साय कैबिनेट बैठक आज: बस्तर रोडमैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर बड़े फैसलों की तैयारी

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में आज 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित होने जा रही है। यह बैठक मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी, जहां विभिन्न विभागों से आए प्रस्तावों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जरूरत के अनुसार नई नीतियों और प्रस्तावों को मंजूरी भी दी जा सकती है। बैठक में बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर विशेष फोकस रहेगा। “बस्तर रोडमैप 2.0” के तहत सरकार नई कार्ययोजना पर विचार करेगी, जिसमें पुराने प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के साथ-साथ नए विकास प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बस्तर में सड़क, कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। खासतौर पर दूरस्थ इलाकों को जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नई सड़कों और पुलों के निर्माण पर चर्चा संभव है। साथ ही बिजली, पानी और संचार सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े प्रोजेक्ट भी एजेंडे में शामिल रहेंगे। रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, छोटे उद्योगों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से अवसर बढ़ाने पर विचार कर सकती है। लक्ष्य यह रहेगा कि बस्तर के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके। इसके अलावा, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए माइनिंग, वन उत्पाद और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होने की संभावना है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई नीतियों पर भी विचार किया जा सकता है। कैबिनेट बैठक में निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने, जमीन आवंटन प्रक्रिया को सरल करने और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज करने जैसे कदम उठा सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की जाएगी, जिसके आधार पर योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा सकते हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी तय है। दोपहर 1:30 बजे वे 515 पैक्स (नवीन सोसायटी) का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वे करीब 3:15 बजे रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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रायपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा-ट्रक की टक्कर में 3 की मौत, जेसीबी से निकाले गए शव

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के गोबरा नवापारा क्षेत्र में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। रेत से भरी हाइवा और खाली ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई, जिसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। यह घटना अभनपुर थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार, पिपरौद-बजरंगपुर मार्ग पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास सोमवार रात करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ। रेत से लदी हाइवा सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग केबिन में बुरी तरह फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन की मदद से केबिन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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रायपुर के होटल में IPL सट्टा: VIP रोड पर कमरे में बैठकर RCB–मुंबई मैच पर दांव, वीडियो वायरल

रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक होटल में कमरे के भीतर सट्टा चलाने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग होटल का कमरा बुक कर IPL मैच पर दांव लगाते नजर आ रहे हैं। कमरे में बिस्तर पर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भी दिखाई दे रही हैं और टीवी पर लाइव मैच चल रहा है। वीडियो में एक युवक मोबाइल फोन के साथ बैठा दिख रहा है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला चल रहा है। यह मैच 12 अप्रैल का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की जांच कर सट्टा चलाने वाले लोगों तक जल्द पहुंचा जाएगा। इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। रायपुर में सट्टा और जुए के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे पहले भी पुलिस ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और आईडी के जरिए सट्टा खिलाने वाले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़ा था। इसके अलावा गंज, न्यू राजेंद्र नगर और कबीर नगर थाना क्षेत्र में भी संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई सटोरियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से नकदी और सट्टा संचालन से जुड़ी सामग्री बरामद हुई थी। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध सट्टा गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायपुर में ‘आधा नोट’ ट्रिक से 35 लाख की ठगी: हवाला रकम लेकर फरार आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर में प्लाईवुड कंपनी के एक कर्मचारी से 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ‘आधा नोट’ ट्रिक का इस्तेमाल करते हुए हवाला की रकम हासिल की और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, मुंबई निवासी करण शर्मा एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता है। अपने मालिक के निर्देश पर वह 11 अप्रैल को रायपुर पहुंचा था। उसे एक व्यापारी से 35 लाख रुपये नकद लेकर दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले चरण में करण ने तय स्थान पर पहुंचकर एक व्यापारी से आधे नोट के सीरियल नंबर मिलान के बाद 35 लाख रुपये प्राप्त किए। इसके बाद उसने अपने मालिक को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद उसे दूसरे व्यक्ति का संपर्क नंबर और एक अन्य आधे नोट का सीरियल नंबर दिया गया। निर्देशानुसार करण वीआईपी तिराहा स्थित श्रीराम मंदिर के पास पहुंचा, जहां एक व्यक्ति ने उसे आधा नोट दिखाया। सीरियल नंबर मिलाने के बाद उसने बिना संदेह किए 35 लाख रुपये उस व्यक्ति को सौंप दिए। हालांकि, जब करण ने उस नोट की तस्वीर अपने मालिक को भेजी, तो पता चला कि नोट का सीरियल नंबर फर्जी है और पहले सौदे से मेल नहीं खाता। तब उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। पीड़ित की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया है। साथ ही जिस मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया था, उसके आधार पर भी आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में हवाला लेन-देन सामने आने के बाद इनकम टैक्स विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। विभाग ने पैसों के स्रोत और लेन-देन से जुड़ी जानकारी मांगी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रायपुर में प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपये का हवाला कारोबार होता है। रायपुर से मुंबई और झारखंड तक पैसे भेजने की मांग अधिक बताई जाती है। इस काम में कमीशन के तौर पर प्रति एक लाख रुपये पर 1500 से 2000 रुपये तक लिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क देश के बाहर भी सक्रिय है और दुबई, श्रीलंका तथा नेपाल जैसे देशों तक लेन-देन किए जाने का दावा किया जाता है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में भी हवाला नेटवर्क की पुष्टि हो चुकी है। महादेव ऐप से जुड़े मामले में चार्जशीट में यह सामने आया था कि हवाला के जरिए पैसे अधिकारियों और अन्य लोगों तक पहुंचाए जाते थे। इस नेटवर्क में कई लोग बतौर कूरियर भी काम करते थे।

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ओबीसी समाज की मांग तेज: जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर रायपुर में सौंपा ज्ञापन, 21 अप्रैल को प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ में ओबीसी समाज ने जातिगत जनगणना और आरक्षण से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का संकेत दिया है। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 21 अप्रैल को प्रदर्शन की तैयारी भी की जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। इनमें जातिवार जनगणना कराने, 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने, यूजीसी में सह-आरक्षण की व्यवस्था, मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने, न्यायपालिका में ओबीसी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने और क्रीमी लेयर व एनएफएस व्यवस्था की समीक्षा जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इधर, प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से 30 मई 2026 तक की जाएगी। इस चरण में ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर और परिवार से जुड़ी बुनियादी जानकारी एकत्र की जाएगी। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा जाता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। पहले चरण में घरों की स्थिति, उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता, परिवारों की संख्या और पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट जैसी सुविधाओं से जुड़े कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों और वाहनों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इस बार हर मकान की जियो-टैगिंग कर उसे डिजिटल मैप से जोड़ा जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन, शहरी योजना, परिसीमन और मतदाता सूची के सुधार जैसे कार्यों में मदद मिलेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। जनगणना की निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही सही और सटीक जानकारी दें।

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