Raipur

कैनाल रोड 2.0 से बढ़ी चिंता: सड़क चौड़ीकरण के सर्वे के बाद 1500 परिवारों को घर टूटने का डर

Raipur में प्रस्तावित कैनाल रोड 2.0 परियोजना को लेकर चार वार्डों के हजारों परिवारों में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। वार्ड नंबर 58, 59, 60 और 61 के करीब 1300 से 1500 परिवारों को आशंका है कि सड़क चौड़ीकरण की योजना के चलते उनके घर प्रभावित हो सकते हैं। इसी चिंता को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात कर अपनी परेशानियां साझा कीं। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से नगर निगम की टीम इलाके में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। इस दौरान मकानों की लंबाई, चौड़ाई और गहराई की माप ली जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह कर्मचारियों ने घरों के भीतर जाकर भी नाप-जोख की और मकान से जुड़े दस्तावेज लेकर दफ्तर आने के लिए कहा। रहवासियों का दावा है कि कर्मचारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया “कैनाल रोड 2.0” योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही है। सर्वे के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके मकान सुरक्षित रहेंगे या तोड़ दिए जाएंगे। कई परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनका पूरा जीवन इसी इलाके में बीता है। ऐसे में अचानक शुरू हुए सर्वे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि वे इस मामले को लेकर महापौर से भी मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। डर और अनिश्चितता की वजह से कई लोग मानसिक तनाव में हैं और नियमित कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि कभी घर के सामने हिस्से की माप ली जा रही है तो कभी कर्मचारियों द्वारा घर के अंदर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत जैसी स्थिति बन गई है। मामले पर नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो लोगों के घर बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

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रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 4 दिन में दूसरी बार महंगाई का झटका

रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार कीमत बढ़ने से आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत लगभग 104.32 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 97.38 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट की लागत बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इधर रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के आरोप में वंदना पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। विभाग को स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। इससे पहले ईंधन की कीमत बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों के चलते रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने लगे थे, जिससे कई जगहों पर पंपों पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। ईंधन संकट और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। रायपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत कर सकते हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत तय होती है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी रहती है तो ईंधन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

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बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाला रैपिडो राइडर 8 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर में बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने घटना के करीब 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत क्राइम और साइबर सेल की बड़ी टीम सक्रिय रही। घटना के बाद पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। केनाल रोड पर लगे कैमरों में आरोपी के भागने की तस्वीरें सामने आईं, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस ने वाहन नंबर के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे खम्हारडीह थाना क्षेत्र के राजीव नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मणिकांत ध्रुव (19) बताया। वह रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल रहा है या नहीं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सवाल उठाए हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का मोबाइल चोरी होने पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया, जबकि आम नागरिकों के मामलों में ऐसी तेजी अक्सर देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि आम लोगों को मोबाइल चोरी या गुम होने पर सिर्फ शिकायत नंबर और इंतजार ही मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के लोगों को अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाने के लिए समान कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक 1,53,374 मोबाइल चोरी या गुम हो चुके हैं। इनमें से 1,09,089 मोबाइल ट्रैक किए जा रहे हैं, जबकि पुलिस अब तक 48,960 मोबाइल बरामद कर चुकी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को अब तक उनके मोबाइल वापस नहीं मिले हैं। इधर रायपुर मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक या सुबह बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है, लेकिन लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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विवाद के बाद रायपुर में फिर शुरू हुआ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, कर्मचारियों और कंपनी में बनी सहमति

रायपुर में पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन मंगलवार से दोबारा शुरू हो गया। रामकी ग्रुप के सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर काम पर वापसी की। हालांकि सुबह काम शुरू होने से पहले कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। सुबह करीब 5 बजे सफाई कर्मचारी काम पर पहुंचे, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने उन्हें तुरंत काम पर लेने से इनकार कर दिया। इससे मौके पर विवाद बढ़ गया। काफी देर तक बातचीत और चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद शहर में कचरा उठाने का काम फिर शुरू कराया गया। इस बीच, लगातार चार दिनों तक कचरा नहीं उठने से नाराज नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी खुद कचरा वाहन चलाकर वार्डों में पहुंचे। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले आठ वर्षों से उनके वेतन में अनियमितता की जा रही है। कर्मचारियों के मुताबिक कंपनी को प्रति सफाईकर्मी लगभग 9,750 रुपए का भुगतान मिलता है, लेकिन कर्मचारियों को केवल 7 से 8 हजार रुपए तक ही वेतन दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में गड़बड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रह सकता है। मंगलवार को कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बैठक भी हुई, जिसके बाद काम पर लौटने पर सहमति बनी। वहीं DSW रामकी कंपनी ने नगर निगम पर भुगतान लंबित रखने का आरोप लगाया है। कंपनी का कहना है कि मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान अटका हुआ है। कंपनी के अनुसार निगम की ओर से केवल आंशिक राशि दी जा रही है, जबकि डीजल, वाहन रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। कचरा वाहन चालकों ने भी वेतन बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। तीन दिनों तक कचरा संग्रहण बंद रहने से शहर के कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर जमा हो गए थे। लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। गौरतलब है कि इसी बीच केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का रायपुर दौरा भी प्रस्तावित है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी।

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रायपुर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान बाइक सवार बदमाश फरार

रायपुर में बीजेपी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट की घटना का शिकार हो गए। यह वारदात सोमवार सुबह सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई, जब वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। जानकारी के मुताबिक, कौशिक सड़क पर पैदल चल रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाश उनके पास पहुंचे और हाथ से मोबाइल छीनकर तेजी से फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई, जिससे वे संभल नहीं सके। घटना के बाद धरमलाल कौशिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रायपुर पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सिविल लाइन थाना पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश बाइक पर सवार थे और उन्हें शक है कि आरोपियों ने पहले से रेकी की थी। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने रायपुर कमिश्नरेट सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाई अलर्ट के बावजूद शहर में अपराध हो रहे हैं और कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नरेट पुलिस केवल ट्रैफिक चालान तक सीमित होकर रह गई है, जबकि शहर में लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

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छत्तीसगढ़ सरकार का खर्चों पर कंट्रोल, CM-मंत्रियों के काफिले में कटेंगी गाड़ियां

Chhattisgarh सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी नए आदेश के तहत सभी विभागों को केवल जरूरी कार्यों पर ही खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। फिजूलखर्ची रोकने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रियों और निगम-मंडलों के अधिकारियों के काफिलों में वाहनों की संख्या कम की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में वाहन पूलिंग सिस्टम लागू होगा, ताकि एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारी एक साथ यात्रा कर सकें। इससे ईंधन की बचत के साथ सरकारी खर्च भी कम होगा। सरकार ने ई-ऑफिस सिस्टम को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया है। विभागों को डिजिटल माध्यम से कामकाज बढ़ाने और कागज के उपयोग को कम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा करने वाले अधिकारियों को अब पहले मुख्यमंत्री से अनुमति लेनी होगी। केवल अत्यंत जरूरी मामलों में ही विदेश दौरे की मंजूरी दी जाएगी। वित्त विभाग के निर्देशों के मुताबिक ये सभी नियम 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे और सभी विभागों के लिए इनका पालन अनिवार्य होगा। वाहन पूलिंग सिस्टम क्या है? वाहन पूलिंग का मतलब है कि एक ही स्थान पर जाने वाले लोग अलग-अलग गाड़ियों की बजाय एक ही वाहन का उपयोग करें। उदाहरण के तौर पर, कई अधिकारी एक साथ एक कार से कार्यालय पहुंचेंगे। इससे पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, ट्रैफिक कम होगा और सरकारी खर्चों में कमी आएगी। IGOT कर्मयोगी पोर्टल क्या है? IGOT कर्मयोगी पोर्टल सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए तैयार किया गया डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका पूरा नाम ‘इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग कर्मयोगी’ है। इस पोर्टल के जरिए कर्मचारियों को ऑनलाइन कोर्स, नई तकनीक की ट्रेनिंग और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने की जानकारी दी जाती है। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और सरकारी कामकाज ज्यादा प्रभावी होगा।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा आज से शुरू, पूरे प्रदेश में डायल-112 और फॉरेंसिक यूनिट्स का विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah 17 से 19 मई तक छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनका फोकस बस्तर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा। दौरे के तहत रायपुर और बस्तर संभाग में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अमित शाह रविवार शाम रायपुर पहुंचेंगे और मेफेयर रिसॉर्ट में रात्रि विश्राम करेंगे। उनके दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। 18 मई को गृह मंत्री रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में डायल-112 सेवा के लिए 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। राज्य सरकार इस सेवा का विस्तार अब पूरे छत्तीसगढ़ में करने जा रही है। अब तक यह सुविधा 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था के बाद प्रदेश के सभी थानों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता और तेज हो सकेगी। इसके साथ ही राज्य के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू की जाएंगी। इन वाहनों में अत्याधुनिक जांच उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच संभव होगी। इससे अपराध जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की तैयारी की गई है। रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए नेतानार जाएंगे। नेतानार में वे जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि यह केंद्र ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इसके बाद वे जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जगदलपुर में बादल अकादमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वे सुरक्षा, विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इस दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। शाम को अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और ‘बस्तर के संग’ नामक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और लोक कला की प्रस्तुति दी जाएगी। 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे, जिसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सुरक्षा और विकास के एजेंडे के साथ हो रहा यह दौरा छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर क्षेत्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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अमित शाह के बस्तर दौरे की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिया जायजा

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री Vijay Sharma ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के प्रस्तावित बस्तर दौरे को लेकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जगदलपुर से कार्यक्रम स्थल तक निजी वाहन के बजाय बस से सफर किया। उनके साथ बस्तर सांसद Mahesh Kashyap, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi के साझा परिवहन के आह्वान से जोड़कर देखा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर विकासखंड के नेतानार स्थित शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यक्रम स्थल और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सेवा डेरा परिसर में संचालित सेवा सेतु केंद्र, बैंक सखी केंद्र और महिला स्व सहायता समूहों की गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान समूह से जुड़ी महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में बेहतर काम कर रही हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सेवा सेतु केंद्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहीद गुंडाधुर की प्रतिमा स्थल का भी दौरा किया। अधिकारियों को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रंग-रोगन और सजावट बेहतर तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विजय शर्मा ने कहा कि शहीद गुंडाधुर से जुड़ा यह स्थल बस्तर के गौरव और इतिहास का प्रतीक है, इसलिए यहां सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और बेहतर होनी चाहिए।

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जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत : राज्यपाल रमेन डेका

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka ने कहा है कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि वर्षा जल को सही तरीके से संरक्षित किया जाए, तो वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी भूजल संकट से बचाया जा सकता है। राज्यपाल ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma और पंडरिया विधायक Bhavana Bohra भी मौजूद रहीं। राज्यपाल ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे सहेजकर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी पक्के भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण और किसानों को वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है, ताकि जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ाया जा सके। शहरी क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। राज्यपाल डेका ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और हाइड्रोपोनिक्स तथा ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने टीबी मरीजों के इलाज, पोषण आहार और गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर करने पर जोर दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग और All India Institute of Medical Sciences के बीच हुए एमओयू के तहत मोतियाबिंद मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। बैठक में राज्यपाल ने रेड क्रॉस सदस्यता अभियान को बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अधिक लोगों को जोड़ने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव से स्थापित हो सकती है।

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रायपुर समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल सप्लाई सामान्य, कीमत बढ़ने के बाद अब कम हुई भीड़

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपए की बढ़ोतरी के बाद अब छत्तीसगढ़ के कई शहरों में ईंधन की सप्लाई सामान्य होने लगी है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पहले जैसी लंबी कतारें अब दिखाई नहीं दे रही हैं। लोगों को करीब 8 से 10 मिनट के इंतजार में आसानी से पेट्रोल और डीजल मिल रहा है। रायपुर में पेट्रोल की कीमत 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं निजी कंपनियों के फ्यूल स्टेशनों, खासकर जियो के पंपों पर कीमतों में करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमत बढ़ने और सप्लाई को लेकर फैली चर्चाओं के बाद बीते दिनों रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली थी। बड़ी संख्या में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पहुंच गए थे, जिससे कई जगहों पर लंबी लाइनें लग गईं। कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से फ्यूल खत्म होने की स्थिति भी बन गई थी। खाद्य सचिव Reena Babasaheb Kangale ने बताया कि प्रदेश में कुल 2516 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं। रायपुर में 326 में से 35 पंपों पर अस्थायी रूप से फ्यूल खत्म होने की स्थिति बनी थी, जबकि बिलासपुर में 156 में से 9 पंप प्रभावित हुए थे। प्रशासन का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और अफवाहों के कारण लोगों ने सामान्य से अधिक मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे भीड़ बढ़ी। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल और राशन जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ सकता है, जिसका असर खेती की लागत पर पड़ेगा। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी इजाफा हो सकता है। रायपुर जिला प्रशासन ने पेट्रोल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि कहीं कालाबाजारी की शिकायत मिले तो लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर जानकारी दे सकते हैं।

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