रामनवमी के अवसर पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने समय रहते एक बाल विवाह को रुकवाकर बड़ी कार्रवाई की।
रामनवमी के अवसर पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने समय रहते एक बाल विवाह को रुकवाकर बड़ी कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि एक घर में नाबालिग लड़की की शादी की तैयारियां चल रही हैं और बारात निकलने वाली है, जिसके बाद संबंधित विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। सूचना मिलते ही Women and Child Development Department, Chhattisgarh Police और Childline India की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उस समय घर में जश्न का माहौल था और शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। टीम ने जब परिजनों से लड़की की उम्र से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो शुरुआत में उन्होंने टालमटोल की। सख्ती के बाद आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की गई, जिसमें लड़की की उम्र 16 वर्ष 5 माह 13 दिन पाई गई, जो कि कानूनी रूप से विवाह के लिए निर्धारित उम्र से कम है। अधिकारियों ने मौके पर ही परिजनों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। इसके बाद शादी को तुरंत रुकवा दिया गया। प्रशासन ने परिजनों से एक लिखित शपथ पत्र भी भरवाया, जिसमें यह आश्वासन लिया गया कि लड़की के 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसका विवाह नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिस सामुदायिक भवन में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, उसके संचालक को भी सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में बिना आयु सत्यापन के भवन किराए पर न दिया जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










