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रायपुर-बिलासपुर हाईवे में 7800 पैनल खराब, 1706 करोड़ के प्रोजेक्ट पर NHAI करेगी कार्रवाई

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे की सड़क तीन साल के भीतर ही खराब हो गई है। कुल 127 किलोमीटर लंबे हाईवे पर अब तक 7800 पैनल खराब पाए गए हैं। इसमें रायपुर-सिमगा सेक्शन में 6600 पैनल और सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में 1200 पैनल खराब हैं। मरम्मत का हाल रायपुर-सिमगा सेक्शन में पुरानी एजेंसी पुंज एलायड पैनल बदलने का काम कर रही है। वहीं सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में एलएंडटी और दिलीप बिल्डकॉन की मरम्मत की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए अभी तक मरम्मत शुरू नहीं हो पाई है। एनएचएआई टीम रायपुर-बिलासपुर हाईवे का सर्वे कर रही है। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन सा हिस्सा सबसे अधिक खराब है, कितने पैनल पूरी तरह बदलने की जरूरत है और इसके लिए कुल खर्चा कितना आएगा। कंपनी से मरम्मत का प्रावधान एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि पुरानी कंपनी से मरम्मत कराई जाएगी। यदि कंपनी मरम्मत करने से इनकार करती है, तो खर्चा रिकवर कर नई कंपनी को टेंडर जारी किया जाएगा। बारिश के बाद हाईवे की मरम्मत की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाएगी। हाईवे का निर्माण और पैनल सिस्टम हाईवे को तीन हिस्सों में बांटा गया था: रायपुर-सिमगा, सिमगा-सरगांव और सरगांव-बिलासपुर। तीनों हिस्सों की जिम्मेदारी एलएंडटी, पुंज एलायड और दिलीप बिल्डकॉन कंपनियों को दी गई थी। पूरा टेंडर 1706 करोड़ रुपए का था। एनएचएआई के अनुसार, हाईवे को कांक्रीट पैनल में बनाया गया है, ताकि किसी एक पैनल में खराबी आने पर केवल उसे बदलकर सड़क को ठीक किया जा सके। इससे समय और लागत की बचत होती है। अगर पूरी सड़क डामर से होती, तो खराबी आने पर पूरी सड़क बनानी पड़ती। आगे की कार्रवाई एनएचएआई की टीम सर्वे पूरा कर कंपनी को नोटिस जारी करेगी। कंपनी को पैनल बदलने और मरम्मत के लिए निर्देशित किया जाएगा। अगर कंपनी काम नहीं करेगी, तो मरम्मत में आने वाले खर्चे को वसूल कर नई कंपनी को टेंडर दिया जाएगा।

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Bilaspur में फरार हिस्ट्रीशीटर ने पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर किया धमकी का वीडियो वायरल

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक फरार हिस्ट्रीशीटर लुटू पांडेय ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल और अन्य हथियारों के साथ रील बनाकर शहर के भाजपा और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दी है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पिछले दो महीने से आरोपी की तलाश में जुटी है, लेकिन वह लगातार फरार है और अपने मोबाइल से धमकी भरे वीडियो अपलोड कर रहा है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, लुटू पांडेय नशे का सामान बेचने, चोरी, मारपीट और गुंडागर्दी के मामलों में फरार चल रहा है। उसका साथी शिवम मिश्रा भी उसी तरह पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डर फैलाता रहा है। दोनों आरोपियों ने भाजपा युवा मोर्चा के मंडल पदाधिकारी मुसर्रफ खान और एनएसयूआई के महासचिव लक्की मिश्रा समेत अन्य युवाओं को जान से मारने की धमकी दी। लुटू पांडेय का कहना है कि वह पिस्टल और रिवॉल्वर सप्लाई कर सकता है और उसने कुछ युवकों को हथियारों की तस्वीरें भी भेजी हैं। सरकंडा और सिविल लाइन थानों में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय और उसका साथी यूपी में अपना ठिकाना बना चुके हैं। गिरफ्तारी से पहले ही उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया और ठिकाना बदल लिया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि लुटू पांडेय पहले चोरी के मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह नशे के कारोबार में सक्रिय हो गया। सरकंडा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। इस मामले ने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था और अपराधियों की हिम्मत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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बिलासपुर में बिना अनुमति 3 मंजिला भवन में चल रहा था OYO होटल, निगम ने किया सील

बिलासपुर के बहतराई रोड, गीतांजलि सिटी फेस-1 में एक तीन मंजिला भवन बिना नगर निगम की अनुमति के बनाकर वहां OYO होटल चलाया जा रहा था। शिकायत और जांच के बाद नगर निगम ने इस अवैध भवन को सील कर दिया है। पार्षद रेखा पांडेय की शिकायत पर निगम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि होटल संचालन से क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था। पहले भवन पर OYO का बोर्ड लगा था, जिसे विरोध के बाद हटा दिया गया, लेकिन होटल का संचालन लगातार जारी था। नगर निगम की जांच में पता चला कि यह भवन गायत्री केडिया की है, लेकिन इसका नक्शा निगम से पास नहीं कराया गया। बावजूद इसके, भवन में 17 कमरों वाला होटल तैयार कर लिया गया था और लंबे समय से होटल संचालित हो रहा था। निगम कमिश्नर के निर्देश पर भवन शाखा की टीम मौके पर पहुंची और होटल को सील कर दिया। मौके पर स्टाफ से पूछताछ की गई, लेकिन कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति निर्माण और अवैध व्यवसाय पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी भवन मालिक को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

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बिलासपुर में शिव मंदिर के पास युवक की हरकत से बवाल: धार्मिक तनाव के बाद मुस्लिम बस्ती में तोड़फोड़, पुलिस ने संभाली स्थिति

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में शुक्रवार देर रात धार्मिक तनाव की स्थिति बन गई। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है, जहां एक मुस्लिम युवक द्वारा शिव मंदिर के पास पेशाब करने की घटना के बाद माहौल बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि युवक का नाम अशरफ खान है, जिसे पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। 🔹 घटना के बाद तनाव सूत्रों के मुताबिक, युवक ने अशोक नगर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर के शिव मंदिर के पास पेशाब किया था। जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई। 🔹 पथराव और तोड़फोड़ आक्रोशित भीड़ ने नजदीकी मुस्लिम बस्ती में पथराव और तोड़फोड़ की। कई घरों की खिड़कियां और शीशे टूट गए। मौके पर पुलिस बल पहुंचा और भीड़ को काबू में किया। इलाके में स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया। 🔹 पुलिस की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी युवक से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। वहीं, तोड़फोड़ से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। 🔹 प्रशासन की अपील वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखना कितना जरूरी है, ताकि किसी छोटी सी घटना से शहर का माहौल न बिगड़े।

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रायपुर में दुर्गा पूजा पंडालों की अनोखी थीमें, अक्षरधाम से लेकर ‘गुपचुप’ तक

रायपुर: शारदीय नवरात्र के छठे दिन से बंगाली दुर्गा पूजा की शुरुआत के साथ राजधानी रायपुर और आस-पास के इलाकों में थीम-आधारित पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। माना कैंप में इस बार अक्षरधाम मंदिर जैसी भव्यता वाला 70 फीट ऊँचा पंडाल तैयार किया गया है। इसके समीप माना बाजार में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर 50 फीट ऊँचा पंडाल बनाया गया है। गुढ़ियारी के खालबाड़ा इलाके में देवी शीतला के जुड़वां रूप को दर्शाने वाला पंडाल बनाया गया है, जबकि कालीबाड़ी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर लाल सिंदूर से सजा पंडाल देखने वालों को आकर्षित कर रहा है। राजेंद्र नगर में सिंधी पंचायत ने गरबा के दौरान ‘लव जिहाद’ से सावधानी का संदेश देने वाली झांकी प्रस्तुत की। बिलासपुर के मसानगंज में नवयुवक दुर्गोत्सव समिति ने इस साल ‘गुपचुप’ थीम पर पंडाल सजाया है, जिसमें 5 लाख गुपचुप, चौकी-बेलन और कढ़ाई-झारा से सजावट की गई। अक्षरधाम और दक्षिणेश्वर मंदिर की झलक माना कैंप की सार्वजनिक श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति पिछले 62 सालों से आयोजन कर रही है। इस बार कोलकाता के 30 कारीगरों ने ढाई महीने की मेहनत से अक्षरधाम शैली में पंडाल तैयार किया है। 40 लाख रुपये के बजट में देवी की मूर्ति भी कोलकाता से मंगाई गई है। माना बाजार में दक्षिणेश्वर काली मंदिर पर आधारित पंडाल 25 लाख रुपये के बजट में तैयार हुआ है। यहां स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस और मां शारदा की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। स्थानीय देवी और नई-नई थीमें गुढ़ियारी के खालबाड़ा में शीतला माता के लोकगीत व नृत्य के साथ सेवा भाव को प्रदर्शित करने वाला पंडाल बना है। यहां चेचक से बचाव करने वाली देवी शीतला को समर्पित दृश्य भी दिखाया गया है। कालीबाड़ी में 93 साल पुराने दुर्गोत्सव में पहली बार थीम-आधारित पंडाल बनाया गया है, जिसमें लाल सिंदूर के रंग से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम सजी है। राजेंद्र नगर में गरबा के बीच लव जिहाद के खतरों को दर्शाने वाली झांकी रखी गई है, जिसमें फ्रिज और सूटकेस में लड़की के शव जैसे दृश्य, खून और चाकू दिखाए गए हैं, ताकि युवतियां सतर्क रहें। ‘गुपचुप’ थीम से सबका ध्यान खींचता बिलासपुर बिलासपुर के मसानगंज में इस साल गुपचुप पर आधारित पंडाल में देवी अंबे, भगवान गणेश और कार्तिकेय विराजमान हैं। 57वें वर्ष में आयोजित इस पंडाल ने कोलकाता के प्रयोग को अपनाया है। पिछले साल चॉकलेट थीम थी, इस बार पूरी सजावट गुपचुप और उससे जुड़ी सामग्री से की गई है। इस तरह अलग-अलग थीमों ने रायपुर व बिलासपुर के दुर्गा पूजा पंडालों को खास बना दिया है, जहां लोग दूर-दूर से देखने आ रहे हैं।

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रायपुर–बिलासपुर: रहेजा ग्रुप, मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह एक साथ रायपुर और बिलासपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित कस्टम मिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। रायपुर में रहेजा ग्रुप पर छापा रायपुर के जवाहर मार्केट स्थित रहेजा ग्रुप के संचालक संजय रहेजा के घर और कार्यालय में सुबह-सुबह ईडी की टीम पहुंची। अधिकारी यहां से दस्तावेज, खातों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति को लेकर पूछताछ भी चल रही है। बिलासपुर में मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप पर दबिश बिलासपुर में मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप के कारोबारी ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने छापा मारा। जानकारी के मुताबिक, सुल्तानिया परिवार को कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी माना जाता है। ईडी की टीमें बैंक स्टेटमेंट, वित्तीय लेनदेन और अन्य कागजात खंगाल रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ाव की आशंका अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई किस विशेष गड़बड़ी को लेकर की जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग या कोयला–शराब घोटालों से जुड़ी हो सकती है। सुरक्षा को देखते हुए सभी ठिकानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। ईडी की यह जांच फिलहाल जारी है।

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बिलासपुर: हॉस्टल संचालक ने नाबालिग से छेड़छाड़ की कोशिश, दांत से काटकर खुद को बचाया – आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक नाबालिग छात्रा ने हॉस्टल संचालक की दरिंदगी से साहस दिखाकर खुद को बचाया। आरोप है कि हॉस्टल मालिक आधी रात को छात्रा के कमरे में घुसकर उसके कपड़े उतारने लगा। नींद खुलते ही लड़की ने विरोध किया और दांत से उसका हाथ काटकर खुद को बचाया। शोर मचाने के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। क्या है मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह स्थित ‘श्योर जिंदगी गर्ल्स हॉस्टल’ में 16 वर्षीय लड़की किराए पर रहती है। वह पास ही एक टेंट हाउस में सिलाई का काम करती है। 22 सितंबर की रात काम से लौटने के बाद उसने हॉस्टल मालिक गुरमीत सिंह (63) को कमरे का किराया दिया और खाना खाकर सो गई। लड़की दरवाजा बंद करना भूल गई थी। तड़के करीब 5 बजे संचालक उसके कमरे में घुस आया और कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा। अचानक नींद खुली तो छात्रा ने विरोध किया। छात्रा ने दिखाई बहादुरी संचालक जबरदस्ती करने लगा तो लड़की ने उसके हाथ पर दांत से काटा और बाहर निकलकर शोर मचाया। हंगामा सुनकर आरोपी भाग निकला। इसके बाद पीड़िता सीधे सरकंडा थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने छात्रा की रिपोर्ट पर गुरमीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपी को उसके अंबे रेसिडेंसी स्थित घर से पकड़ा गया। छात्रा ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र भी पेश किया, जिसके बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ीं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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टीटीई ने परिवार के लिए ट्रेन रोकी, 15 साल बाद हाईकोर्ट ने दी राहत; सजा, डिमोशन और वेतन कटौती के आदेश रद्द

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। ट्रेन में चेन पुलिंग करने पर दोषी ठहराए गए एक टीटीई को 15 साल बाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है।2012 में रेलवे ने दो बार चेन खींचने के आरोप में उस टीटीई की वेतनवृद्धि रोक दी थी, उसे पदावनत किया और दो साल के लिए वेतन कटौती की सजा दी थी। क्या था मामला आस्टिन हाइड, जो उस समय टीटीई थे, 15 जुलाई 2010 को बिलासपुर स्टेशन से यशवंतपुर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 2252) में बतौर यात्री यात्रा कर रहे थे।उन पर आरोप था कि उन्होंने ट्रेन को रोकने के लिए अलार्म चेन दो बार खींची ताकि उनका परिवार और सामान ट्रेन में चढ़ सके। रेलवे ने विभागीय जांच कराई, जिसमें आरपीएफ के दो जवान गवाह बने। उनके बयान के आधार पर 2012 में आस्टिन को दोषी ठहराते हुए डिमोशन, वेतनवृद्धि रोक और वेतन कटौती की सजा दी गई। कैट और विभागीय अपील में हार टीटीई ने इस फैसले के खिलाफ विभागीय अपील और पुनरीक्षण अपील की, लेकिन दोनों खारिज कर दी गईं। बाद में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर बेंच में भी मामला गया, जहां रेलवे की कार्रवाई को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट में जीत आखिरकार, आस्टिन हाइड ने 2024 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विभागीय जांच और कैट के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने तर्क दिया कि रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के अनुसार तब तक अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि बिना उचित कारण के चेन खींची गई थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल) ने पाया कि आरोप स्पष्ट नहीं थे और विभागीय जांच में यह साबित नहीं किया गया कि टीटीई ने बिना कारण चेन खींची। कोर्ट की टिप्पणी बेंच ने कहा कि सिर्फ चेन खींचना कदाचार नहीं है, जब तक यह सिद्ध न हो कि यह अनुचित कारण से किया गया। अनुशासनिक प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकारी और कैट—सभी ने गंभीर त्रुटि की और अस्पष्ट आरोपों पर सजा दी। कोर्ट ने 2012, 2013, 2014 और 2023 के सभी आदेशों को रद्द करते हुए आस्टिन हाइड की सजा खत्म कर दी।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा एक्शन – रिटायर्ड IAS निरंजन दास गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने रिटायर्ड IAS अफसर निरंजन दास को हिरासत में लिया है। कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे दास पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और तत्कालीन विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी के साथ मिलकर शराब घोटाले का सिंडिकेट तैयार किया था।जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवैध नेटवर्क से उन्हें हर महीने करीब 50 लाख रुपए की अवैध कमाई होती थी। सिंडिकेट की कार्यप्रणाली EOW की चार्जशीट के मुताबिक, सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करने, डिस्टलरी से अतिरिक्त शराब तैयार कराने, विदेशी ब्रांड की अवैध आपूर्ति कराने और नकली होलोग्राम के जरिये शराब बेचने जैसी योजनाओं से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। दास पर यह भी आरोप है कि उन्होंने नोएडा स्थित ‘प्रिज़्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स’ को टेंडर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी योग्य नहीं थी, इसके बावजूद शर्तें बदलकर उसे काम दिया गया और फिर डुप्लीकेट होलोग्राम बनाकर अवैध शराब को वैध दिखाया गया। झारखंड तक फैला असर चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि निरंजन दास और उनके सहयोगियों ने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कराने की कोशिश की। जनवरी 2022 में ढेबर और त्रिपाठी के साथ मिलकर उन्होंने झारखंड के अधिकारियों से बैठक की और ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ लागू करवाने की साजिश रची। रिटायरमेंट के बाद भी फरवरी 2023 में दास को संविदा पर आबकारी आयुक्त बनाया गया था। उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी कई बार खारिज हो चुकी है। अब EOW उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। घोटाले की शुरुआत 2019 में ED की जांच के मुताबिक, फरवरी 2019 में कारोबारी अनवर ढेबर ने रायपुर के जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में छत्तीसगढ़ की प्रमुख डिस्टलरियों के मालिकों को बुलाकर एक मीटिंग की थी। इस बैठक में शराब की सप्लाई और प्रति पेटी कमीशन तय किया गया।शुरुआत में हर महीने 200 ट्रक (लगभग 800 पेटियां) अवैध शराब की आपूर्ति होती थी, बाद में यह बढ़कर 400 ट्रक प्रतिमाह हो गई। शुरुआती कीमत 2,840 रुपए प्रति पेटी थी, जो बाद में 3,880 रुपए प्रति पेटी तक पहुंच गई। जांच एजेंसी के अनुसार, तीन साल में 60 लाख से अधिक पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। शराब दुकानों को सलाह दी गई थी कि सरकारी रेकॉर्ड में खपत दर्ज न करें, ताकि बिना शुल्क चुकाए नकली होलोग्राम वाली शराब दुकानों तक पहुंचाई जा सके।

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नेशनल हाईवे-130 की खराब हालत पर हाई कोर्ट सख्त: अफसरों से पूछा – सड़क पर चलकर देखा है हाल?

रायपुर से बिलासपुर और पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक के बीच नेशनल हाईवे-130 की बदहाल स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जाहिर की है। इस मामले में मंगलवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनएचएआई रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल, प्रोजेक्ट प्रभारी डीडी परलावर और अधिकारी दिनेश चंद्र शाही से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी खुद इस मार्ग पर यात्रा की है? और क्या उन्हें इस बात का एहसास है कि सड़क की स्थिति बेहद खराब है? इस पर अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वे हाईवे पर चल चुके हैं और सड़क की हालत वाकई खराब है। उन्होंने यह भी बताया कि मरम्मत का कार्य फिलहाल जारी है और इसे तय मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सुधार कार्यों में तेजी लाई जा रही है, लेकिन काम लंबा होने के कारण कुछ समय लग सकता है। पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़क सुधारने का निर्देश सड़क की दूसरी बदहाल कड़ी, पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की स्थिति पर जब कोर्ट ने सवाल उठाया, तो बताया गया कि यह इलाका बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में आता है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की है। कोर्ट ने PWD को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हिस्से की सड़कों को जल्द सुधारें और व्यवस्था में सुधार लाएं। दो हफ्तों में प्रगति रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 25 अगस्त को हाई कोर्ट ने अधिकारियों को फिलहाल व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत दी है, लेकिन चेतावनी भी दी कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा तलब किया जाएगा। अगली सुनवाई की तारीख 25 अगस्त तय की गई है, जिसमें रायपुर से बिलासपुर और पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी पेश करनी होगी।

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