रायपुर-बिलासपुर हाईवे में 7800 पैनल खराब, 1706 करोड़ के प्रोजेक्ट पर NHAI करेगी कार्रवाई
रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे की सड़क तीन साल के भीतर ही खराब हो गई है। कुल 127 किलोमीटर लंबे हाईवे पर अब तक 7800 पैनल खराब पाए गए हैं। इसमें रायपुर-सिमगा सेक्शन में 6600 पैनल और सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में 1200 पैनल खराब हैं। मरम्मत का हाल रायपुर-सिमगा सेक्शन में पुरानी एजेंसी पुंज एलायड पैनल बदलने का काम कर रही है। वहीं सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में एलएंडटी और दिलीप बिल्डकॉन की मरम्मत की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए अभी तक मरम्मत शुरू नहीं हो पाई है। एनएचएआई टीम रायपुर-बिलासपुर हाईवे का सर्वे कर रही है। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन सा हिस्सा सबसे अधिक खराब है, कितने पैनल पूरी तरह बदलने की जरूरत है और इसके लिए कुल खर्चा कितना आएगा। कंपनी से मरम्मत का प्रावधान एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि पुरानी कंपनी से मरम्मत कराई जाएगी। यदि कंपनी मरम्मत करने से इनकार करती है, तो खर्चा रिकवर कर नई कंपनी को टेंडर जारी किया जाएगा। बारिश के बाद हाईवे की मरम्मत की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाएगी। हाईवे का निर्माण और पैनल सिस्टम हाईवे को तीन हिस्सों में बांटा गया था: रायपुर-सिमगा, सिमगा-सरगांव और सरगांव-बिलासपुर। तीनों हिस्सों की जिम्मेदारी एलएंडटी, पुंज एलायड और दिलीप बिल्डकॉन कंपनियों को दी गई थी। पूरा टेंडर 1706 करोड़ रुपए का था। एनएचएआई के अनुसार, हाईवे को कांक्रीट पैनल में बनाया गया है, ताकि किसी एक पैनल में खराबी आने पर केवल उसे बदलकर सड़क को ठीक किया जा सके। इससे समय और लागत की बचत होती है। अगर पूरी सड़क डामर से होती, तो खराबी आने पर पूरी सड़क बनानी पड़ती। आगे की कार्रवाई एनएचएआई की टीम सर्वे पूरा कर कंपनी को नोटिस जारी करेगी। कंपनी को पैनल बदलने और मरम्मत के लिए निर्देशित किया जाएगा। अगर कंपनी काम नहीं करेगी, तो मरम्मत में आने वाले खर्चे को वसूल कर नई कंपनी को टेंडर दिया जाएगा।
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Bilashpur, Chhattisgarh, Raipur








