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रायपुर में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, संयुक्त कार्रवाई में जब्ती और जुर्माना

रायपुर। शहर में चाइनीज मांझे से हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के जोन-1 और जोन-5 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। जोन-1 क्षेत्र के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-18 में, गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो पतंग दुकानों की जांच की गई। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया, जिस पर प्रत्येक दुकानदार से 5-5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही भविष्य में नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा से आमापारा मार्ग तक सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए और दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। नगर निगम ने सभी पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आगे कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हुआ गंभीर हादसारविवार शाम करीब 5 बजे लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के प्रयास में होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। आशंका जताई जा रही है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ही था। पहले भी हो चुकी है कार्रवाईनगर निगम इससे पहले भी 27 दिसंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर चुका है। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। चाइनीज मांझे को लेकर नियम और सजानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक और सजा पांच साल तक हो सकती है। पहले भी जानलेवा हादसेरायपुर में चाइनीज मांझे से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।19 जनवरी 2025 को 7 साल के पुष्कर की गला कटने से मौत हो गई थी।20 जनवरी 2025 को महिला वकील पूर्णांशा कौशिक घायल हुई थीं।फरवरी में शंकर नगर इलाके में दो छात्रों में से एक घायल हुआ था। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायपुर उरला सड़क हादसा: साइकिल से जा रहे मजदूर को क्रेन ने कुचला

रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक साइकिल से उरला से सरोरा की ओर काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही हाइड्रा क्रेन (वाहन क्रमांक CG04 PB 7644) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्रेन का अगला पहिया साइकिल सवार के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही उरला पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए और सड़क पर भीड़ बढ़ने की आशंका के कारण शव को राह चलते पिकअप वाहन से तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।वीडियो में देखिए हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी, मौके की स्थिति और पुलिस का पक्ष। 👉 ऐसी ही स्थानीय और ज़मीनी खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें।

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रायपुर में कारोबारी ने की आत्महत्या, विज्ञापन एजेंसी संचालक का फ्लैट में मिला शव

राजधानी रायपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विज्ञापन एजेंसी के संचालक विश्वरंजन पुरोहित के रूप में हुई है। 10 जनवरी की सुबह न्यू राजेंद्र नगर स्थित उनके फ्लैट में उनका शव फंदे से लटका मिला। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक हाल के दिनों में अपने व्यवसाय में हुए नुकसान के कारण मानसिक तनाव में था, हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अपने ही फ्लैट में उठाया आत्मघाती कदम बताया जा रहा है कि विश्वरंजन पुरोहित अपने परिवार के साथ न्यू राजेंद्र नगर के एक फ्लैट में रहते थे। इसी फ्लैट में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों से पूछताछ, सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस द्वारा मृतक के परिवारजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की आपराधिक आशंका नहीं दिख रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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उरला–बेंद्री रोड पर सुबह-सुबह सनसनी, निशाद ढाबा के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिला

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत बेंद्री रोड पर बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निशाद ढाबा के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। शव कंबल से ढका हुआ था और प्रथम दृष्टया शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, निशाद ढाबा का मालिक सुबह करीब 7 बजे ढाबा खोलने पहुंचा। इसी दौरान उसकी नजर ढाबे के पास पड़े शव पर पड़ी। शव को देखकर वह घबरा गया और तुरंत उरला पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की। पुलिस द्वारा शव की तलाशी लेने पर मृतक का आधार कार्ड बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान तमिलनाडु निवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक पेशे से ट्रक चालक था। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, वहीं मुंह से खून की उल्टी होने के संकेत भी मिले हैं। उरला पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि किसी हादसे में घायल होने के बाद व्यक्ति यहां आकर सो गया होगा और रात के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, जिस स्थिति में शव मिला है, उसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस को घटनास्थल से खून के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका भी पूरी तरह खारिज नहीं की जा रही है। इसी वजह से पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उरला पुलिस का कहना है कि मौत दुर्घटना से हुई है या फिर यह हत्या का मामला है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

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रायपुर हिट एंड रन मामला: रेणुका सिंह के बेटे की कार से बाइक सवार को टक्कर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत

रायपुर हिट एंड रन मामला: रेणुका सिंह के बेटे की कार से बाइक सवार को टक्कर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हिट एंड रन का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। बीजेपी विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह के बेटे बलवंत सिंह पर बाइक सवार युवक को कार से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन थाने से ही उसे जमानत मिल गई। हादसे में घायल युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अग्रसेन धाम चौक के पास 5 जनवरी की देर रात करीब 1:15 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल युवक की हालत गंभीर हादसे में घायल युवक की पहचान त्रिभुवन सिंह ठाकुर (34) के रूप में हुई है, जो डीजे और इवेंट से जुड़ा काम करता है। वह काम खत्म कर सेरीखेड़ी से बाइक से तेलीबांधा लौट रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। कार छोड़कर फरार हुआ आरोपी पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां दुर्घटनाग्रस्त कार मौजूद थी, लेकिन चालक फरार था। जांच में सामने आया कि कार (CG 04 PC 0853) बलवंत सिंह चला रहा था। वाहन मालिक जयप्रकाश उपाध्याय, निवासी रामानुज नगर, कुशालपुर (सरगुजा) के नाम पर कार रजिस्टर्ड है, जिसने नोटिस के जवाब में पुष्टि की कि घटना के समय वाहन बलवंत सिंह के पास था। पीड़ित के भाई राज नारायण सिंह की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(a) के तहत मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया। गिरफ्तारी के बाद तुरंत मिली जमानत पुलिस ने 6 जनवरी की रात आरोपी बलवंत सिंह (33) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जोरा मॉल से तेलीबांधा की ओर लौट रहा था, तभी अचानक बाइक सामने आने से कार का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही आरोपी को थाने से जमानत दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़क सुरक्षा से जुड़े सरकारी आंकड़ों के अनुसार— राष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है। 2023 में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं तमिलनाडु में दर्ज की गईं, जबकि सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। सड़क हादसों के प्रमुख कारण हादसों से बचाव के उपाय

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रायपुर हेलीपैड के पास मेडिकल वेस्ट का ढेर: सैकड़ों PPE किट खुले में फेंकी गईं, कोरोना काल की खरीद होने की आशंका

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मेडिकल वेस्ट के लापरवाह निपटान का एक गंभीर मामला सामने आया है। हेलीपैड के पास स्थित खाली जमीन पर सैकड़ों की संख्या में PPE किट खुले में फेंकी गई हैं। स्थानीय लोगों ने जब मौके पर बड़ी मात्रा में बिखरी PPE किट देखीं, तब इस मामले का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये PPE किट कोरोना महामारी के दौरान खरीदी गई हो सकती हैं। घटनास्थल पर कई किट पैक हालत में तो कुछ खुले और पुराने रूप में पाई गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मेडिकल सामग्री लंबे समय से यहां पड़ी थी, लेकिन हाल के दिनों में इसकी मात्रा अचानक बढ़ गई है। मेडिकल वेस्ट जलाने की भी सूचना स्थानीय लोगों का दावा है कि इनमें से कुछ PPE किट को मेडिकल कचरे के साथ जलाए जाने की भी जानकारी मिली है। यदि यह बात सही पाई जाती है, तो यह पर्यावरण नियमों का गंभीर उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, मेडिकल वेस्ट को खुले स्थान पर जलाना प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे जहरीली गैसें निकलती हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा होता है। प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल राजधानी के एक संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र के पास इस तरह से PPE किट का खुले में पड़ा होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। हेलीपैड जैसे महत्वपूर्ण स्थान के नजदीक बड़ी मात्रा में मेडिकल सामग्री का डंप होना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये PPE किट किस विभाग या संस्था से संबंधित हैं। यह भी जांच का विषय है कि यह सरकारी खरीदी का हिस्सा थीं या किसी निजी एजेंसी द्वारा यहां लाकर फेंकी गईं। स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा विशेषज्ञों का कहना है कि PPE किट प्लास्टिक और सिंथेटिक पदार्थों से बनी होती हैं, जिन्हें खुले में छोड़ना या जलाना पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक है। यदि इनमें से कोई किट पहले इस्तेमाल की गई हो, तो संक्रमण फैलने का खतरा भी पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। जांच और कार्रवाई की मांग तेज मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोरोना काल की मेडिकल सामग्री को इस तरह खुले में फेंकना या जलाना नियमों के साथ-साथ जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और यह स्पष्ट हो पाता है या नहीं कि सैकड़ों PPE किट आखिर यहां कैसे और किसके निर्देश पर डंप की गईं।

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बिलासपुर के मोपका सब स्टेशन में भीषण आग, आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप, मची अफरा-तफरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मोपका क्षेत्र स्थित शहर के सबसे बड़े और पुराने बिजली सब स्टेशन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। घटना के चलते शहर के बड़े हिस्से की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे आधे शहर में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। बिजली विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद है। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। आग से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल पुराना यह सब स्टेशन 480 मेगावॉट क्षमता का है। इसमें से लगभग 320 मेगावॉट बिजली बिलासपुर शहर के बड़े हिस्से को सप्लाई की जाती है। आग लगते ही सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे आवासीय इलाकों, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अचानक अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानों में काम ठप हो गया, वहीं घरों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बिजली विभाग और प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे।

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रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, फांसी लगाने का आरोप; जेल के बाहर परिजनों और समाज का धरना

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सुनील महानंद (30) के रूप में हुई है, जो पॉक्सो प्रकरण में 11 नवंबर 2025 से जेल में बंद था। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी ललिता महानंद जेल परिसर के बाहर बेहोश हो गईं। इसके बाद परिजन, समाज के लोग और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता जेल के बाहर धरने पर बैठ गए और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप परिजनों का आरोप है कि सुनील महानंद को जेल में लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि वह कई बार फोन और मुलाकात के दौरान अपनी परेशानी बता चुका था। इसी के विरोध में परिजनों और समाज के लोगों ने जेल के बाहर प्रदर्शन करते हुए जेलर पर कार्रवाई की मांग की और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कैसे हुई घटना? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:45 बजे सुनील महानंद जेल परिसर में टहलते हुए पीपल के पेड़ के पास पहुंचा। वहां उसने गमछे से फंदा बनाकर पेड़ की टहनी पर फांसी लगा ली। मौके पर मौजूद जेल प्रहरी ने उसे तुरंत नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उसे तत्काल मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज में कैदी को फांसी लगाते हुए देखा गया है, जिसके आधार पर पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। बिना सूचना दिए भेजा गया शव? परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद बिना जानकारी दिए शव को चोरी-छिपे मॉर्चुरी भेज दिया गया। उन्हें इस घटना की सूचना काफी देर बाद दी गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें जानकारी दी जाती, तो वे मौके पर पहुंच सकते थे। उन्होंने जेल प्रशासन पर जानबूझकर सूचना देने में देरी करने का आरोप लगाया है। सामान और पैसे छीनने के आरोप मृतक के परिजनों ने बताया कि सुनील पिछले दो महीनों से जेल में बंद था और वे नियमित रूप से उससे मिलने जाते थे। सुनील ने उन्हें बताया था कि जेल में उसके कपड़े, खाने-पीने का सामान और पैसे छीन लिए जाते थे। परिजनों का दावा है कि उन्होंने उसे स्वेटर, कपड़े और खाने का सामान दिया था, जो उसे नहीं मिलता था। इसके अलावा पेटीएम के जरिए भेजी गई राशि भी उसे नहीं दी गई। जेल प्रशासन का पक्ष इस मामले पर जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। फिलहाल मामले ने तूल पकड़ लिया है और जेल प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक मां की आंखों से इंतज़ार खत्म नहीं हुआ

“रायपुर से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर… रायपुर के बिरगांव इलाके से 23 वर्षीय युवक विष्णु गोऱाई पिछले 20 दिनों से लापता हैं।जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 की शाम करीब 8 बजे विष्णु गोऱाई घर से निकले थे,लेकिन उसके बाद से न उनका कोई पता चला है, न कोई संपर्क। विष्णु गोऱाई के पिता सुनील गोऱाई हैं।परिवार और परिजन लगातार थाने, रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश कर रहे हैं,लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। 📌 20 दिन… 480 घंटे…हर गुजरता पल परिवार की चिंता और दर्द बढ़ा रहा है। 👉 अब परिवार ने जनता से सीधी अपील की है।जो भी व्यक्ति विष्णु गोऱाई के बारे में पुख्ता जानकारी देगा,उसे ₹20,000 का इनाम देने की घोषणा की गई है। अगर आपने विष्णु गोऱाई को कहीं देखा होया उनके बारे में कोई भी जानकारी हो,तो बिना देर किए इन नंबरों पर संपर्क करें👇 📞 8109896876📞 7477228704 🙏 आपकी एक सूचनाएक बेटे को उसके घरऔर एक परिवार को उसकी खुशियाँ लौटा सकती है। 👉 ऐसी ज़मीनी, संवेदनशील और ज़रूरी खबरों के लिएजुड़े रहें News 22 Bharat के साथ।

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नववर्ष पर दर्दनाक हादसा: कोरबा में जर्जर पुल बना जानलेवा, युवक की मौत, दो दोस्त घायल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नववर्ष के पहले ही दिन एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया। बांगो थाना क्षेत्र के पोड़ी-उपरोड़ा इलाके में तान नदी पर बने जर्जर गुरसिया पुल पर स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में पुरानी बस्ती, कोरबा निवासी 21 वर्षीय प्रकाश श्रीवास की जान चली गई। वहीं, उसके दोस्त अनमोल गोस्वामी और हरि गोस्वामी घायल हो गए हैं। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही स्कूटी पर सवार होकर परला की ओर जा रहे थे। गुरुवार देर रात जब वे गुरसिया पुल से गुजर रहे थे, तब पुल पर बने गड्ढों से बचने के दौरान स्कूटी अनियंत्रित हो गई और सीधे पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मोबाइल से खुला पूरा मामला हादसे के बाद घायल युवकों ने न तो तत्काल पुलिस को सूचना दी और न ही परिजनों को। रात में बांगो पुलिस को सूचना मिली कि सड़क पर एक युवक घायल अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकाश को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस प्रयास कर रही थी। इसी दौरान सुबह मृतक के मोबाइल पर आए कॉल से पुलिस को उसकी पहचान और घटना की पूरी जानकारी मिल सकी। इसके बाद परिजनों को सूचित किया गया, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं बनी चिंता यह हादसा जिले में खराब सड़कों और जर्जर पुलों की समस्या को उजागर करता है। आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ी है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मरम्मत को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोड़ी-उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की जांच जारी है।

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