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​छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।

​छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। राज्य बाल संरक्षण आयोग ने एक वर्ष पूर्व निर्देश जारी किया था कि सभी निजी स्कूल अपनी फीस संरचना को सार्वजनिक करें। इसके तहत, स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर और अपनी वेबसाइट पर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी थी। हालांकि, इन निर्देशों का पालन अधिकांश स्कूलों द्वारा नहीं किया जा रहा है, और प्रशासनिक अधिकारी भी इनकी नियमित निगरानी नहीं कर रहे हैं। ​ छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 के अनुसार, निजी स्कूल बिना अनुमति के वार्षिक फीस में अधिकतम 8% तक की वृद्धि कर सकते हैं। यदि इससे अधिक वृद्धि करनी हो, तो उन्हें जिला फीस समिति से अनुमति लेनी आवश्यक है। लेकिन, इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ​ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार, स्कूलों में फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने, और जिला फीस समिति की नियमित बैठकें नहीं होने के कारण फीस में मनमानी बढ़ोतरी हो रही है। आवश्यक है कि प्रशासन इन मुद्दों पर सख्त कार्रवाई करे और सुनिश्चित करे कि निजी स्कूल निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जा सके।

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​शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई के बाद, किसान संगठन ‘किसान मजदूर मोर्चा’ के प्रवक्ता तेजवीर सिंह के अनुसार, लगभग 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अभी भी लापता हैं

​शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई के बाद, किसान संगठन ‘किसान मजदूर मोर्चा’ के प्रवक्ता तेजवीर सिंह के अनुसार, लगभग 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अभी भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि कुल 450 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में से ये वाहन गायब हैं, और स्थानीय पुलिस थानों में तीन प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बावजूद, अभी तक इनका पता नहीं चल पाया है। ​ वहीं, पटियाला पुलिस के उप महानिरीक्षक (DIG) मंदीप सिंह सिद्धू ने खनौरी बॉर्डर से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि वहां मौजूद सभी 650 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किसानों ने 19 मार्च को धरना समाप्त होने के बाद अगले तीन-चार दिनों में वापस ले लिया था। इनमें से कई ट्रॉलियों में एयर कंडीशनर और एलईडी स्क्रीन जैसी सुविधाएं थीं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों ने पानी के टैंकर, गैस सिलेंडर, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन जैसी अन्य वस्तुएं भी वापस ले लीं। शंभू बॉर्डर पर लापता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मुद्दे पर पुलिस और किसान नेताओं के बीच मतभेद बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य सामान को पुराने शंभू थाने में बनाए गए एक यार्ड में रखा गया है, जहां किसान अपनी संपत्ति का प्रमाण दिखाकर अपना सामान ले सकते हैं। इस बीच, किसानों की एक ‘सद्भावना’ बैठक नथाना साहिब गुरुद्वारा, जंडमंगोली गांव, पटियाला में आयोजित होने वाली थी, लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा के कारण यह नहीं हो सकी। इसके अलावा, फरीदकोट जिले के डल्लेवाल में एक धरना जारी है, जहां किसानों का कहना है कि और प्रदर्शनकारियों को गांव में पहुंचने से रोका जा रहा है। बठिंडा में भी गुरुवार दोपहर एक नया धरना शुरू हुआ है।​ शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई और किसानों की गिरफ्तारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित वीडियो देख सकते हैं:​

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Maharashtra Updates: मुंबई में 17 बांग्लादेशी गिरफ्तार; चेन्नई में जाफर के एनकाउंटर के बाद ठाणे पुलिस सतर्क

​हाल ही में महाराष्ट्र में दो प्रमुख घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी और चेन्नई में एक कुख्यात लुटेरे के मारे जाने के बाद ठाणे में सुरक्षा बढ़ाई गई है।​ मुंबई में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी मुंबई पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। शिवाजीनगर और आरसीएफ पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए सभी लोग भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ​ इसके अतिरिक्त, शिवाजीनगर पुलिस ने रफीक नगर इलाके में छापेमारी कर 8 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो पिछले 5 वर्षों से ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में रह रहे थे। जांच में पता चला कि ये सभी अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां रह रहे थे और वेश्यावृत्ति, धोखाधड़ी, ग्राहकों को ठगने और लूटपाट जैसे अपराधों में संलिप्त थे। यह पहली बार है जब मुंबई में ट्रांसजेंडर बनकर रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ​ चेन्नई में लुटेरे के मारे जाने के बाद ठाणे में सुरक्षा बढ़ाई गई चेन्नई पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में कुख्यात लुटेरे जाफर गुलाम हुसैन ईरानी को मार गिराया। जाफर, जो मुंबई और नवी मुंबई में 100 से अधिक चेन स्नैचिंग मामलों में वांछित था, तारामणी रेलवे स्टेशन के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। उसके दो साथियों, मिसामुम धुस्वासम मेसम ईरानी और सलमान हुसैन ईरानी, को भी गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद, ठाणे जिले के कल्याण स्थित अंबिवली इलाके की ईरानी बस्ती में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह इलाका कुख्यात लुटेरों के गिरोह के लिए जाना जाता है, और जाफर की मौत के बाद वहां की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ​ इन दोनों घटनाओं ने महाराष्ट्र में सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है। मुंबई पुलिस अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि ठाणे पुलिस लुटेरों के खिलाफ अपनी सतर्कता बढ़ा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा स्टेशन (FDNPS) से ALPS (Advanced Liquid Processing System) द्वारा उपचारित जल का निर्वहन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप जारी है। ​

​अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा स्टेशन (FDNPS) से ALPS (Advanced Liquid Processing System) द्वारा उपचारित जल का निर्वहन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप जारी है। ​ दिसंबर 2024 में जापान की चार दिवसीय यात्रा के दौरान, IAEA टास्क फोर्स ने ALPS-उपचारित जल के निर्वहन की तकनीकी और नियामक पहलुओं का मूल्यांकन किया। इसमें FDNPS स्थल का दौरा शामिल था, जहां उन्होंने टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO) द्वारा स्थापित उपकरणों और संरचनाओं का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में परमाणु नियामक प्राधिकरण (NRA), जापान के विदेश मंत्रालय (MOFA), और अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) के साथ हुई चर्चाओं का सारांश भी प्रस्तुत किया गया है। ​ रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि जापान का NRA एक व्यापक निरीक्षण योजना बनाए रखता है, जिसमें निर्वहन किए जा रहे जल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनसाइट निगरानी शामिल है। इसके अलावा, टास्क फोर्स ने पुष्टि की कि उपकरण और सुविधाएं प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालित हो रही हैं।​ IAEA की ऑनसाइट प्रयोगशाला ने पहले ग्यारह जल निर्वहन का विश्लेषण किया है, जिसमें पाया गया कि प्रत्येक बैच में ट्रिटियम की सांद्रता जापान की परिचालन सीमा से काफी नीचे है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। IAEA ने दो इंटरलैबोरेटरी तुलना (ILCs) पर भी रिपोर्ट जारी की है, जो ALPS-उपचारित जल और FDNPS के निकट समुद्री पर्यावरणीय नमूनों में रेडियोन्यूक्लाइड्स के निर्धारण से संबंधित हैं। इन ILCs में विभिन्न प्रयोगशालाओं ने स्वतंत्र रूप से नमूनों का विश्लेषण किया और उनके परिणामों की विश्वसनीयता और सटीकता का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि जापान की नमूना संग्रह प्रक्रियाएं उपयुक्त पद्धतिगत मानकों का पालन करती हैं और जापानी प्रयोगशालाओं ने उच्च स्तर की दक्षता का प्रदर्शन किया है। ​ इन निष्कर्षों के आधार पर, IAEA ने पुष्टि की है कि फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा स्टेशन से ALPS-उपचारित जल का निर्वहन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप जारी है, और इससे लोगों और पर्यावरण पर नगण्य रेडियोलॉजिकल प्रभाव पड़ता है।

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रोहित शर्मा के टेस्ट कप्तानी को लेकर निर्णय ले लिया है। 37 वर्षीय रोहित आगामी जून में इंग्लैंड दौरे पर टीम का नेतृत्व करते रहेंगे।

​भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुष्टि की है कि रोहित शर्मा आगामी इंग्लैंड दौरे में भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने रहेंगे। यह दौरा जून 2025 में शुरू होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे, पहला मैच 20 जून को हेडिंग्ले में होगा。 ​ हालांकि, रोहित शर्मा का हालिया प्रदर्शन चिंता का विषय रहा है। सितंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच खेले गए 10 टेस्ट मैचों में उन्होंने मात्र 164 रन बनाए, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका औसत 6.2 रहा, जो किसी भी भारतीय कप्तान के लिए सबसे खराब है। इसके बावजूद, BCCI ने उनके नेतृत्व में विश्वास जताते हुए उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए कप्तान बनाए रखने का निर्णय लिया है。 ​ इंग्लैंड दौरे की तैयारी के तहत, BCCI की चयन समिति आईपीएल 2025 के अंतिम सप्ताह में इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दो चार दिवसीय टूर मैचों के लिए इंडिया ए टीम का चयन करेगी। इन मैचों में कुछ प्रमुख भारतीय खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं, जिससे उन्हें इंग्लैंड की परिस्थितियों में ढलने और मुख्य टेस्ट सीरीज के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा。 ​ इसके अलावा, टीम प्रबंधन प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर भी नजर रखेगा, जो पीठ की चोट के कारण आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे。 बुमराह की उपलब्धता इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।​ BCCI का यह निर्णय इंग्लैंड में 2007 के बाद पहली टेस्ट सीरीज जीतने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम को सफलता की उम्मीद है。

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रोहित शर्मा के टेस्ट कप्तानी को लेकर निर्णय ले लिया है। 37 वर्षीय रोहित आगामी जून में इंग्लैंड दौरे पर टीम का नेतृत्व करते रहेंगे। Read Post »

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CG Crime News: अफेयर के शक में दूसरी पत्नी की हत्या… लात-घूंसों व डंडों से पीटा, 3 दोस्तों के मिलकर जलाया शव

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम कमराई में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें पति ने अपनी दूसरी पत्नी की चरित्र पर संदेह के चलते उसकी हत्या कर दी और शव को जलाने का प्रयास किया। 65 वर्षीय अमृत केरकेट्टा अपनी 45 वर्षीय पत्नी देवमती के साथ ग्राम कमराई में रहता था। 20 फरवरी 2025 की रात, दोनों ने साथ में शराब का सेवन किया, जिसके बाद उनके बीच विवाद हुआ। विवाद के दौरान, अमृत ने देवमती को लात-घूंसों और डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। ​ हत्या के बाद, सबूत मिटाने के उद्देश्य से, अमृत ने अपने तीन दोस्तों—मयंक यादव, श्रवण यादव और राजेंद्र केरकेट्टा—की मदद से देवमती के शव को खेत में ले जाकर पैरा (फसल अवशेष) के ढेर में जलाया। अगली सुबह, गांव के निवासी चैन सिंह राठिया ने शौच के लिए जाते समय खेत में जले हुए शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। ​ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान, अमृत केरकेट्टा ने पहले गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने अमृत को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया है। उसके तीनों साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। ​ इस घटना ने ग्राम कमराई में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों में भय का माहौल है।

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छत्तीसगढ़ में चावल घोटाला: अब खाद्य विभाग के अधिकारियों से होगी पूछताछ

​छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चावल वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे राज्य में कई घोटालों का पर्दाफाश हुआ है। इन घोटालों में सरकारी अधिकारियों, राशन दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। 2024 में, राज्य में 219 करोड़ रुपये से अधिक के चावल घोटाले की जांच के लिए विधानसभा समिति का गठन किया गया। इस समिति ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की और संचालनालय के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की। समिति की बैठकों में राशन दुकानों के स्टॉक मिलान, नियमों के विपरीत बाजार से चावल खरीदने और बिना उचित प्रक्रिया के वसूली जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, एक फर्जी संघ के अध्यक्ष द्वारा कार्डधारकों की जगह दीवार की फोटो अपलोड करके एपीएल चावल चोरी करने का मामला भी सामने आया, जिसमें उसने एक दिन में 433 मिनट में 460 से अधिक लोगों को राशन वितरित किया। इस फर्जी अध्यक्ष ने चोरी किए गए चावल से संपत्ति बनाई और अब अपने बेटे के साथ मिलकर हवाला का कारोबार कर रहा है, जिसकी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में की गई है।​ खाद्य विभाग ने इस घोटाले में शामिल 39 राशन दुकानों में से 4 को निलंबित कर दिया और अन्य के खिलाफ कुर्की के आदेश जारी किए हैं। इन दुकानों से 7971 क्विंटल चावल की रिकवरी होनी बाकी है। इसके अलावा, अभनपुर की दो सरकारी दुकानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। खाद्य विभाग ने राशन दुकानों के संचालकों से स्टॉक की कमी का कारण पूछा है, जिसमें कुछ दुकानदारों ने टेबलेट व ई-पोस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के कारण स्टॉक का सही मिलान नहीं होने की बात कही है। ​ एक अन्य मामले में, 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 175 करोड़ रुपये के कथित चावल मिल घोटाले में छत्तीसगढ़ चावल मिल मालिक एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया। ईडी ने आरोप लगाया कि खरीफ विपणन सत्र 2021-22 के दौरान चावल मिल मालिकों से अवैध वसूली की जा रही थी, जिसमें चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस घोटाले में चावल मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य विपणन महासंघ लिमिटेड (मार्कफेड) के अधिकारियों के साथ मिलकर धान की कस्टम मिलिंग के लिए चावल मिल मालिकों से रिश्वत ली। इसके अलावा, 2020 में, अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने खुलासा किया कि अप्रैल 2013 से दिसंबर 2018 के बीच 10 लाख फर्जी राशन कार्डों के माध्यम से लगभग 11 लाख टन चावल की हेराफेरी की गई, जिससे राज्य को 2718 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में तत्कालीन खाद्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। ​ इन घोटालों ने छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार और जांच एजेंसियों द्वारा इन मामलों की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके और जनता का विश्वास बहाल किया जा सके।​

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​असम में हाल ही में हुई उच्चतर माध्यमिक (HS) प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब असम पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने अपने हाथ में ले ली है। इस लीक के कारण 24 से 29 मार्च के बीच निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं।

जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए CID ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना और परीक्षा सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है। ​ यह मामला तब सामने आया जब 21 मार्च को आयोजित होने वाली गणित की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे परीक्षा को पुनर्निर्धारित करना पड़ा। जांच में यह भी पता चला कि कई संस्थानों ने निर्धारित समय से पहले ही सीलबंद प्रश्नपत्रों को खोल दिया था, जो परीक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। ​ इन घटनाओं के मद्देनजर, असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) ने एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नई तिथियों पर चर्चा होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ​ यह पहली बार नहीं है जब असम में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं। पिछले वर्षों में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करते हैं। इन घटनाओं के बावजूद, बार-बार होने वाले लीक से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा सुरक्षा प्रोटोकॉल में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।​ CID और SIT की वर्तमान जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा, और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। ASSEB की आगामी बैठक में लिए गए निर्णय हजारों प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

​असम में हाल ही में हुई उच्चतर माध्यमिक (HS) प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब असम पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने अपने हाथ में ले ली है। इस लीक के कारण 24 से 29 मार्च के बीच निर्धारित सभी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। Read Post »

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Durg: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के काफिले में चल रही गाड़ियों में टक्कर, तीन कार क्षतिग्रस्त

​छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के काफिले में दुर्ग जिले में एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें तीन वाहन आपस में टकरा गए। यह घटना स्मृति नगर स्थित हाईटेक अस्पताल के पास उस समय हुई जब मंत्री जिला अस्पताल और चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के लिए जा रहे थे। ​ दुर्घटना में शामिल वाहनों में पूर्व विधायक सावला राम डहारे, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, और अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा की गाड़ियाँ थीं। सौभाग्य से, इस टक्कर में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन तीनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ​ यह घटना प्रोटोकॉल नियमों के उल्लंघन को दर्शाती है, क्योंकि काफिले में अनुशासनहीनता के कारण यह टक्कर हुई। स्थानीय पुलिस को इस मामले की जानकारी नहीं दी गई है। ​ गौरतलब है कि इससे पहले भी दुर्ग में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में एक गाय के अचानक आ जाने से एक वाहन क्षतिग्रस्त हुआ था। इसी तरह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के काफिले में भी एक निजी वाहन के घुसने की घटना सामने आई थी। ​ इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि सरकारी काफिलों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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​गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में शनिवार को भीषण आग लग गई।

​गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में शनिवार को भीषण आग लग गई। इस आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भारतीय सेना से सहायता मांगी, जिसके बाद सेना के 70 से 80 कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग बुझाने में मदद की। ​ सुरेंद्रनगर और ध्रांगध्रा फायर स्टेशनों की चार दमकल गाड़ियां और टीमें भी इस अभियान में शामिल थीं। सौभाग्य से, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। ​ भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सेना के अधिकारियों ने बताया कि वे आपदा के समय नागरिक अधिकारियों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ​ आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सेना और स्थानीय प्रशासन की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से आग पर जल्द काबू पाया जा सका, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।

​गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में शनिवार को भीषण आग लग गई। Read Post »

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