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दुर्ग में शिक्षा मंत्री का औचक निरीक्षण: कक्षा छोड़ स्टाफ रूम में मिले शिक्षक, प्राचार्य को नोटिस

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुरुवार को दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। उनका मकसद शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लेना था। स्टाफ रूम में मिले शिक्षक ग्राम गनियारी के शासकीय पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल में मंत्री को शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे मिले। कक्षाओं में इस समय एनजीओ प्रतिनिधि पोषण और स्वच्छता पर छात्रों को व्याख्यान दे रहे थे। मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्य विषय की कक्षा में बिना जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाए। साथ ही, प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरोहित के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। कुछ विद्यालयों में संतोषजनक शिक्षा नगपुरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों की पढ़ाई का स्तर संतोषजनक पाया गया। मंत्री ने स्कूल में डोम और अलग-अलग शौचालय बनाने की घोषणा की और रिक्त पदों पर जल्द भर्ती का आश्वासन दिया। व्याख्याता और प्राचार्य को नोटिस ग्राम हिर्री के आत्मानंद विद्यालय में विज्ञान के प्रायोगिक कार्य पूरे न करवाने पर प्रभारी प्राचार्य मनिराम मनडारे और भौतिक शास्त्र की व्याख्याता को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। स्कूल में डोम और पृथक शौचालय बनाने की घोषणा भी की गई। छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरण निरीक्षण के दौरान मंत्री यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिटिया पहुंचे। वहां उन्होंने छात्राओं को निशुल्क सरस्वती साइकिल वितरित की और स्कूल में डोम निर्माण की घोषणा की। छात्रों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे गए, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और शिक्षक बनने की इच्छाएँ शामिल थीं। मंत्री ने बच्चों को मेहनत और अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए शुभकामनाएँ दीं।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Education

दुर्ग: नौकरी का झांसा देकर महिला की हत्या, 1 लाख की सुपारी में हुई वारदात

दुर्ग जिले में एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंगोत्री जांगड़े (40 वर्ष) को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने पहले लाखों रुपए ऐंठे, और जब नौकरी नहीं मिली तो महिला ने पैसे वापस मांगना शुरू किया। इसी दौरान आरोपियों ने महिला की हत्या का प्लान बनाया। हत्या की वारदात 19 सितंबर की रात, मुख्य आरोपी ने 19 साल के निर्भय जांगड़े को 1 लाख रुपए की सुपारी दी। निर्भय ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर महिला को बेल्ट और चुनरी से गला घोंटकर मार डाला। पहचान छिपाने के लिए आरोपी महिला के चेहरे को पत्थर से कुचल गए। हत्या के बाद आरोपी ढाबे में खाना खाने गए और मोबाइल फोन और जेवर सहित अन्य सामान अपने पास रख लिया। ठगी और साजिश का खुलासा जांच में पता चला कि मृतिका दो युवकों के संपर्क में थी, जिन्होंने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर पिछले 7–8 महीनों में लाखों रुपए लिए थे। जब नौकरी नहीं लगी और महिला ने दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपियों को डर था कि उनका ठगी का खेल फेल हो जाएगा। इसी डर से उन्होंने हत्या की साजिश रची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वीडियो कॉल पर हत्या की योजना बनाई थी। मास्टरमाइंड ने हेमलता बंजारे के खाते में कई बार रकम ट्रांसफर की थी। आरोपी और गिरफ्तारी पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है: मुख्य आरोपी अब भी फरार है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। नौकरी का झांसा और ठगी नेटवर्क जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह नगर निगम, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग जैसी जगहों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपए वसूल रहा था। गंगोत्री इस नेटवर्क से जुड़ी हुई थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि उसे ठगी की जानकारी थी या नहीं। पुलिस का कहना है कि महिला के दबाव बनाने पर ही उसे रास्ते से हटाने के लिए यह खतरनाक साजिश रची गई।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

रायपुर: मेकाहारा अस्पताल में डिलीवरी के बाद लापरवाही, महिला के स्टीच खुलने से परेशानी

रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला के साथ गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 13 सितंबर को महिला की डिलीवरी हुई थी। नवजात शिशु की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में पर्याप्त सुविधाओं की कमी के चलते प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा। स्टीच खुलने से बढ़ी परेशानी डिलीवरी के दौरान महिला को ऑपरेशन कर स्टीच लगाए गए थे। 25 सितंबर की रात को इन स्टीच को काटा गया, लेकिन उसके बाद महिला के अंदर के स्टीच खुल गए। इससे महिला को लगातार दर्द और असुविधा हो रही है। परिजनों का आरोप महिला के पति तबरेज ने बताया कि रात भर उनकी पत्नी दर्द में थी, लेकिन कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। केवल नर्स आई और क्लीनिंग कर चली गई। डॉक्टरों ने यह आश्वासन दिया था कि महिला को आज छुट्टी मिल जाएगी, लेकिन अभी तक किसी डॉक्टर ने उनकी पत्नी की गंभीर हालत का जायजा नहीं लिया। चिंता का विषय मामले से अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ रही है। परिवार का कहना है कि महिला की हालत गंभीर है और तत्काल चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है।

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Chhattisgarh, Health, Raipur

रायपुर: जंक फूड और चॉकलेट बच्चों की मुस्कान छीन रहे हैं, दांतों की सड़न बढ़ी

रायपुर में बच्चों में दांतों की सड़न और कैविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। छोटे बच्चे भी अब काले पड़े दांत, मसूड़ों से खून आना और तेज दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बच्चों की गलत खान-पान की आदतें और नियमित रूप से दांत साफ न करना है। जंक फूड और मिठाइयां मुख्य वजह डेंटल कॉलेज के बाल दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल पांडे के अनुसार, चॉकलेट, टॉफी और अन्य मीठा खाद्य पदार्थ बच्चों के दांतों के लिए बेहद हानिकारक हैं। बाजार में उपलब्ध ये मिठाइयां रासायनिक शर्करा से बनी होती हैं, जो दांतों पर चिपक जाती हैं और मसूड़ों को कमजोर करती हैं। डॉ. पांडे ने बताया कि बच्चों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे दांत सड़ते हैं। बोतल में रात भर रखे गए दूध से भी दांतों को नुकसान होता है। छोटे बच्चे सोते समय भी बोतल मुंह में रखते हैं, जिससे दांत जल्दी खराब होने लगते हैं। गंभीर समस्या, बढ़ती संख्या राजधानी के डेंटल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग में हर महीने करीब 800 बच्चे दांत दर्द और सड़न की शिकायत लेकर आते हैं। इनमें ज्यादातर 5 से 10 साल की उम्र के बच्चे हैं। इनमें 60–70 प्रतिशत ऐसे बच्चे हैं, जो नियमित रूप से जंक फूड और चॉकलेट खाते हैं। अधिकतर बच्चे तब डॉक्टर के पास आते हैं, जब समस्या गंभीर हो चुकी होती है – जैसे दांत में सूजन, खाने-पीने में कठिनाई और तेज दर्द। प्रारंभिक जांच और समय पर इलाज से राहत मिल सकती है, लेकिन लापरवाही करने पर दांत जल्दी खराब हो जाते हैं। बचाव और सावधानी डॉ. पांडे ने चेतावनी दी कि जब तक बच्चे नियमित रूप से दांत साफ नहीं करेंगे और मिठाई पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक यह समस्या बढ़ती रहेगी। सही देखभाल और समय पर इलाज से बच्चों के दांत लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं।

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Chhattisgarh, Health

रायपुर–बिलासपुर: रहेजा ग्रुप, मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह एक साथ रायपुर और बिलासपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित कस्टम मिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। रायपुर में रहेजा ग्रुप पर छापा रायपुर के जवाहर मार्केट स्थित रहेजा ग्रुप के संचालक संजय रहेजा के घर और कार्यालय में सुबह-सुबह ईडी की टीम पहुंची। अधिकारी यहां से दस्तावेज, खातों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति को लेकर पूछताछ भी चल रही है। बिलासपुर में मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप पर दबिश बिलासपुर में मीनाक्षी ट्रेडर्स और सुल्तानिया ग्रुप के कारोबारी ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने छापा मारा। जानकारी के मुताबिक, सुल्तानिया परिवार को कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी माना जाता है। ईडी की टीमें बैंक स्टेटमेंट, वित्तीय लेनदेन और अन्य कागजात खंगाल रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ाव की आशंका अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई किस विशेष गड़बड़ी को लेकर की जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग या कोयला–शराब घोटालों से जुड़ी हो सकती है। सुरक्षा को देखते हुए सभी ठिकानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। ईडी की यह जांच फिलहाल जारी है।

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Bilashpur, Chhattisgarh

रायपुर: तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में भीषण आग, 3 किमी दूर तक दिखा काला धुआं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा चौकी स्थित एक तेल फैक्ट्री के डंप यार्ड में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। इस यार्ड में बड़ी संख्या में पुराने टायर रखे थे, जिनमें आग लगने से चारों ओर धुआं फैल गया। आसमान में उठते काले धुएं का गुबार लगभग तीन किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। समय रहते फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पास के गोदावरी और सारडा प्लांट से भी फायर टेंडर बुलाए गए। फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आग फैक्ट्री के तेल स्टोरेज तक नहीं पहुंच पाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया फैक्ट्री में आग लगते ही कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। सौभाग्य से इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि डंप यार्ड में रखे टायर पूरी तरह जलकर राख हो गए। जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस व फैक्ट्री प्रबंधन ने प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। हालांकि इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।

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Chhattisgarh, Raipur, State

रायपुर: किराए के मकान से नक्सली दंपत्ति गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा इलाके से पुलिस ने एक नक्सली दंपत्ति को दबोच लिया। ये दोनों लंबे समय से शहर में रहकर नक्सल संगठन के लिए काम कर रहे थे।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम जग्गू उर्फ़ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) हैं। दोनों मूल रूप से बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और वर्ष 2017-18 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। फर्जी आधार से लिया किराए का मकान पुलिस जांच में सामने आया है कि दंपत्ति ने एक माह पहले ही इलाज का बहाना बनाकर मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक को कमला ने नकली आधार कार्ड दिया था, जिसमें उसकी पहचान बदल दी गई थी।सूत्रों के मुताबिक, जग्गू ने रायपुर के कई वरिष्ठ अधिकारियों के घरों में ड्राइवर और गार्ड की नौकरी भी की है। पुलिस की कार्रवाई इंटेलिजेंस से सूचना मिलने पर डीडी नगर पुलिस ने चंगोराभाठा स्थित मकान को घेरकर दबिश दी। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उनका असली चेहरा सामने आ गया।पुलिस ने मौके से कई दस्तावेज, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनसे नक्सली नेटवर्क से इनके संबंधों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। कोर्ट में पेशी गिरफ्तारी के बाद दोनों को बिलासपुर स्थित NIA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने महिला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया, जबकि रमेश कुरसम को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि दंपत्ति ने नक्सल संगठन को किस प्रकार की सूचनाएं दीं और किन-किन अफसरों के घरों में काम किया। बस्तर में नक्सलवाद घटा गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में बस्तर जिले को नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर किया है। सड़क, नेटवर्क कनेक्टिविटी और सुरक्षा कैंप जैसी योजनाओं से अब नक्सलवाद का असर सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर तक सीमित रह गया है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में 287 नक्सली मारे गए, 1,000 गिरफ्तार हुए और 837 ने सरेंडर किया। 2018 में देशभर में नक्सल प्रभावित जिले 126 थे, जो अप्रैल 2024 तक घटकर 38 रह गए।

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Chhattisgarh, Crime, Raipur

बिलासपुर: हॉस्टल संचालक ने नाबालिग से छेड़छाड़ की कोशिश, दांत से काटकर खुद को बचाया – आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक नाबालिग छात्रा ने हॉस्टल संचालक की दरिंदगी से साहस दिखाकर खुद को बचाया। आरोप है कि हॉस्टल मालिक आधी रात को छात्रा के कमरे में घुसकर उसके कपड़े उतारने लगा। नींद खुलते ही लड़की ने विरोध किया और दांत से उसका हाथ काटकर खुद को बचाया। शोर मचाने के बाद आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। क्या है मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह स्थित ‘श्योर जिंदगी गर्ल्स हॉस्टल’ में 16 वर्षीय लड़की किराए पर रहती है। वह पास ही एक टेंट हाउस में सिलाई का काम करती है। 22 सितंबर की रात काम से लौटने के बाद उसने हॉस्टल मालिक गुरमीत सिंह (63) को कमरे का किराया दिया और खाना खाकर सो गई। लड़की दरवाजा बंद करना भूल गई थी। तड़के करीब 5 बजे संचालक उसके कमरे में घुस आया और कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा। अचानक नींद खुली तो छात्रा ने विरोध किया। छात्रा ने दिखाई बहादुरी संचालक जबरदस्ती करने लगा तो लड़की ने उसके हाथ पर दांत से काटा और बाहर निकलकर शोर मचाया। हंगामा सुनकर आरोपी भाग निकला। इसके बाद पीड़िता सीधे सरकंडा थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने छात्रा की रिपोर्ट पर गुरमीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपी को उसके अंबे रेसिडेंसी स्थित घर से पकड़ा गया। छात्रा ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र भी पेश किया, जिसके बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ीं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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Bilashpur, Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: दिव्यांगों के नाम पर 1000 करोड़ का कथित घोटाला – हाईकोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के कल्याण के नाम पर चलाए गए स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRRC) में कथित 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की खंडपीठ ने इसे महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित और बड़े पैमाने पर हुआ भ्रष्टाचार बताया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी फंड को फर्जी कर्मचारियों और मशीनों के नाम पर निकालकर दुरुपयोग किया गया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी बेंच ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी को प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं। राज्य सरकार अपने उच्चाधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक की जांच अधूरी और असंगत है। इसलिए सीबीआई को दस्तावेज जब्त कर स्वतंत्र रूप से जांच पूरी करनी होगी। शुरुआत कैसे हुई साल 2004 में SRC की स्थापना दिव्यांगों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए की गई थी। 2012 में PRRC खोला गया, जो कृत्रिम अंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए था। लेकिन आरटीआई के जरिए सामने आया कि ये संस्थान केवल कागजों में सक्रिय थे और कर्मचारियों की नियुक्ति बिना किए ही वेतन और खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले गए। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर ने जनहित याचिका में दावा किया कि उनके नाम पर भी फर्जी रिकॉर्ड बनाकर वेतन निकाला गया, जबकि उन्होंने कभी वहां काम ही नहीं किया। जानकारी मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। ऑडिट और जांच में उजागर अनियमितताएं वित्त विभाग की जांच में 31 अनियमितताएं पाई गईं। SRC का 14 साल तक ऑडिट नहीं हुआ था। फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन उठाया गया, उपकरण खरीद के नाम पर कैश भुगतान हुआ, जबकि कृत्रिम अंग और मशीनें खरीदी ही नहीं गईं। 2019 में प्रबंधन समिति ने SRC को भंग कर खाते बंद कर दिए। किस पर लग रहे आरोप याचिका में पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका सिंह के साथ सात रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (विवेक ढांड, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीश पांडे, पीपी श्रोती) के नाम भी शामिल हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई आदेश नहीं दिया क्योंकि याचिका में उनके खिलाफ स्पष्ट मांग नहीं थी। कांग्रेस का बयान कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासन में हुए भ्रष्टाचार का यह बड़ा उदाहरण है। दिव्यांगजनों के लिए आवंटित 1000 करोड़ रुपये में किस तरह घोटाला हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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