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रायगढ़ के आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से कराई गई रंगाई-पुताई, वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राओं से सफाई और रंगाई-पुताई कराने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्राएं खुद ही कमरों की दीवारों पर पेंट करती और छज्जों पर चढ़कर गंदगी साफ करती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना लैलूंगा ब्लॉक के कोड़सिया स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास की है। बताया जा रहा है कि यहां 6वीं से 10वीं कक्षा तक की करीब 40 से 45 छात्राएं रहती हैं, जो आसपास के गांवों से आती हैं। छात्रावास के रख-रखाव के लिए हर साल करीब 25 हजार रुपये की राशि स्वीकृत होती है। इसी राशि से भवन की रंगाई-पुताई का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें छात्राएं बाल्टियों में रंग घोलती और दीवारों पर पेंट करती दिखाई दे रही हैं। कुछ छात्राएं ऊंचाई पर चढ़कर छज्जे की सफाई भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो में उस समय कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं दिख रहा है। बताया जा रहा है कि छात्रावास की एक छात्रा ने ही यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। छात्रावास की वार्डन पूर्णिमा चौहान का कहना है कि भवन की पुताई के लिए मजदूर लगाए गए थे। मजदूरों के जाने के बाद किचन से जुड़ा थोड़ा काम बाकी रह गया था। उन्होंने कर्मचारी से सफाई कराने को कहा था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में प्यून ने छात्राओं से काम करा लिया। वार्डन के मुताबिक वायरल वीडियो उसी दौरान का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। कलेक्टर कार्यालय (आदिवासी विकास शाखा) के आदेश पर धर्मेंद्र सिंह बैस, धनेश्वरी सिदार और उमेश पटेल को जांच समिति में शामिल किया गया है। समिति 28 फरवरी 2026 को छात्रावास पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन पूरे प्रकरण की सच्चाई जानने में जुटा है।

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Chhattisgarh, Raigarh

झोलाछाप के इलाज में गर्भवती महिला की मौत, बिना पोस्टमॉर्टम हुआ अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सर्दी-खांसी के इलाज के लिए गांव के ही एक कथित डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और बाद में अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पुलिस में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। यह घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है। जानकारी के अनुसार, अजय साहू की पत्नी इंदु साहू (शादी 2022 में) चार महीने की गर्भवती थीं। दंपति का ढाई साल का एक बेटा भी है। गुरुवार को इंदु को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, जिसके चलते वह गांव के ही जयंत साहू के क्लिनिक पहुंचीं। जयंत साहू गांव का सरपंच भी है और उसने खुद स्वीकार किया है कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, फिर भी वह पिछले 17 साल से इलाज कर रहा है। परिजनों के मुताबिक, पहली बार जब इंदु क्लिनिक पहुंचीं तो डॉक्टर मौजूद नहीं था। बाद में उसके आने की सूचना मिलने पर वह दोबारा वहां गईं। इसी दौरान इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं और वह बेहोश हो गईं, हालांकि कैमरे पर कोई बयान देने को तैयार नहीं है। कथित डॉक्टर जयंत साहू के अनुसार, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द था। उन्होंने बीपी चेक किया और बताया कि महिला ने खाना नहीं खाया था, इसलिए ज्यादा दवा नहीं दी जा सकती। करीब 15-20 मिनट बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ी, उल्टी हुई और वह चक्कर खाकर गिर पड़ीं। पानी पिलाने पर थोड़ी देर होश आया, लेकिन फिर से बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेजा गया। महिला की सास कांति साहू ने बताया कि जब बहू काफी देर तक घर नहीं लौटी तो वह क्लिनिक पहुंचीं। वहां इंदु अपने पति की गोद में बेहोश पड़ी थीं। तुरंत उन्हें पलारी अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। बताया गया कि महिला के नाक से झाग और खून निकल रहा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे महिला का शव अस्पताल लाया गया था। परिवार के लोग लगभग चार घंटे तक अस्पताल में रहे। शाम करीब 6 बजे उन्होंने लिखित में पोस्टमॉर्टम न कराने की बात कही, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। मामले में अब तक न तो पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक जांच शुरू की गई है। परिजनों ने उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा है, लेकिन कोई भी खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है।

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Balodabazar, Chhattisgarh

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा: ऋण व सब्सिडी में देरी पर सख्ती, साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य

रायपुर कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत मामलों, सब्सिडी वितरण और स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य की गति तेज करने के निर्देश दिए। बैंकवार लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में भारतीय स्टेट बैंक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई और बैंक को योजना के प्रति गंभीरता दिखाने तथा आवेदकों को समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गांव-वार्ड स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर डॉ. सिंह ने अधिकाधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आवेदन, तकनीकी स्वीकृति, ऋण स्वीकृति और सब्सिडी की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी हो सके। किसी भी स्तर पर फाइलों को लंबित नहीं रखा जाए। समीक्षा के दौरान यह भी तय किया गया कि सभी बैंक और संबंधित विभाग हर सप्ताह अपनी प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे, ताकि योजना की निरंतर मॉनिटरिंग हो और पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एलडीएम मोहम्मद मोफिज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिले के बैंक प्रतिनिधि और बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Chhattisgarh, Raipur

होली पर घर वापसी का दबाव: लंबी दूरी की ट्रेनों में ‘नो रूम’, स्पेशल ट्रेनें भी फुल

होली से पहले घर लौटने वालों की भारी भीड़ के चलते जोन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में जबरदस्त दबाव है। स्थिति यह है कि त्योहार से पहले ही नहीं, बल्कि होली के एक सप्ताह बाद तक अधिकांश ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भरी हुई हैं। रिजर्वेशन कोच में भी यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिल रही, जबकि स्लीपर बोगियां जनरल डिब्बों जैसी नजर आ रही हैं। यात्री फर्श पर लेटकर, दरवाजों के पास बैठकर और शौचालय के आसपास जगह बनाकर सफर करने को मजबूर हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के दूसरे सप्ताह तक कई प्रमुख ट्रेनों में एसी और स्लीपर—दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे कन्फर्म टिकट पाना बेहद कठिन हो गया है। इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव स्पेशल ट्रेनें भी राहत नहीं दे रहीं रेलवे ने होली पर 14 फेरों के लिए 5 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है—दुर्ग–निजामुद्दीन, गोंदिया–छपरा, गोंदिया–पटना, बिलासपुर–चर्लापल्ली और दुर्ग–मधुबनी रूट पर अतिरिक्त फेरे चल रहे हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्पेशल ट्रेनों में भी वेटिंग जारी है। टिकट विंडो खुलने के कुछ ही समय बाद प्रतीक्षा सूची शुरू हो जाती है। साथ ही, रेलवे बोर्ड द्वारा तिरूपति–रक्सौल, हटिया–दुर्ग और पटना–सिकंदराबाद रूट की 7 ट्रेनों के 56 फेरे संचालित किए जा रहे हैं, जिनका बिलासपुर में स्टॉपेज है। यहां भी कन्फर्म सीट मिलना चुनौती बना हुआ है। कोच के भीतर बदतर हालात बुधवार रात एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रियों की भीड़ चरम पर रही। फर्श से लेकर गेट तक लोग लेटे मिले, पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई यात्रियों ने टीटीई से कन्फर्म बर्थ की मांग की, लेकिन राहत नहीं मिली। शौचालय तक जाने के लिए सोए यात्रियों के ऊपर से गुजरना पड़ा, जबकि परिवारों को अपनी बर्थ तक पहुंचने के लिए सामान खिसकाकर रास्ता बनाना पड़ा। कुल मिलाकर, होली के मौके पर घर वापसी की भीड़ ने रेल सफर को बेहद कठिन बना दिया है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और वैकल्पिक तिथियों पर टिकट तलाशें।

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Chhattisgarh

रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज का 32वां सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न, 64 बटुक बने यज्ञोपवीतधारी

रायपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज द्वारा 32वें सामूहिक उपनयन संस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 64 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। सुबह 6 बजे से विप्र भवन परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। आचार्य ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में मुंडन, हल्दी, पूजन और अन्य पारंपरिक विधियां संपन्न कराई गईं। मुख्य यजमान विनय तिवारी एवं संध्या तिवारी सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों के बीच संस्कार को पूर्ण कराया। इस अवसर पर विद्वानों ने उपनयन संस्कार के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्कार बालक के जीवन में अनुशासन, अध्ययन और कर्तव्यबोध की नई शुरुआत का प्रतीक है। संस्कार के उपरांत बटुकों की पारंपरिक बारात निकाली गई। बैंड-बाजे की धुन पर सभी विप्र भवन से ब्राह्मणपारा स्थित सोहागा मंदिर पहुंचे, जहां भगवान मुरली मनोहर एवं राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया गया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में नरेंद्र तिवारी, सुरेंद्र शुक्ला, राजेंद्र तिवारी, हरीश शर्मा, अवधेश दुबे, सुरेंद्र दीवान और नटराज शर्मा सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने बटुकों को संयमित जीवन, विद्या-अध्ययन और समाज सेवा का संदेश दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ी युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, संजय दीवान, भूपेंद्र शर्मा, मिश्रीलाल पांडेय, व्यास नारायण शुक्ला सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और विप्र शक्ति महिला मंडल की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।

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रायपुर में स्कूल निर्माण कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा, 8 मार्च से पहले काम पूरे करने के सख्त निर्देश

रायपुर जिले में पीएमश्री और शासकीय स्कूलों में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समीक्षा की। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। बैठक के दौरान फिनिशिंग स्टेज पर पहुंचे निर्माण कार्यों, मरम्मत कार्यों और विशेष रूप से बालिका शौचालय निर्माण को 8 मार्च 2026 से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। टेंडर आधारित एवं बड़े निर्माण कार्यों को अप्रैल 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि भूमि विवाद, डिस्मेंटलिंग या अन्य कारणों से अटके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले सभी अधूरे निर्माण और मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने समग्र शिक्षा, स्कूल शिक्षा और अन्य मदों के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, जिला मिशन समन्वयक अरुण कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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विधायक कॉलोनी के पीछे हंगामा: नशे में कैटरर्स के दो गुटों में मारपीट, 7 गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक कॉलोनी के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने दो कैटरिंग समूहों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लेन-देन को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार 26 फरवरी की रात सभी आरोपी एक कार्यक्रम के सिलसिले में मौजूद थे। इसी दौरान पैसों के लेन-देन और कामकाज को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी शराब के नशे में थे। बहस बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे और डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और सात लोगों—योगेश साहू, रितेश साहू, आशुतोष पांडे, सतबीर खींची, मो. तालिब, संदीप यादव और विवेक मिश्रा—को हिरासत में लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट और शांति भंग करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का बयान मामले की जांच कर रहे तेलीबांधा थाना अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थान पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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अंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में खटमलों का प्रकोप, मरीजों की नींद हराम

अंबेडकर अस्पताल परिसर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) में भर्ती मरीज इन दिनों इलाज से ज्यादा खटमलों की समस्या से जूझ रहे हैं। जनरल वार्ड से लेकर बेड, स्टूल, फाइलों और दीवारों तक खटमल रेंगते नजर आ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि रात होते ही स्थिति और भयावह हो जाती है। रातभर खटमल मारते गुजरती है रात मरीजों का आरोप है कि जैसे ही वार्ड की लाइटें धीमी होती हैं, खटमलों का प्रकोप बढ़ जाता है। कई मरीज रातभर सो नहीं पा रहे और चादरें झाड़कर खटमल मारते रहते हैं। कुछ मरीजों ने बताया कि गद्दों की सिलाई और नीचे की सतह पर बड़ी संख्या में खटमल छिपे रहते हैं। एक मरीज के परिजन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि मच्छर काट रहे हैं, लेकिन टॉर्च की रोशनी में चादर हटाने पर खटमल दिखाई दिए। लगातार काटने से शरीर पर लाल दाने और सूजन उभर आई है। खुजली, जलन और संक्रमण का खतरा त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.के. निगम के अनुसार खटमल के काटने से तेज खुजली, लाल चकत्ते और सूजन हो सकती है। संवेदनशील मरीजों में एलर्जिक रिएक्शन की आशंका रहती है। लगातार खुजलाने से बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभाग में वुडन इंटीरियर के कारण यह समस्या सामने आई है। फिलहाल कीटनाशक उपचार किया जा रहा है और रेनोवेशन के दौरान संबंधित हिस्सों को बदला जाएगा। मरीजों की मांग मरीजों और परिजनों का कहना है कि हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने वार्डों में नियमित फ्यूमिगेशन और साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।

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विधानसभा में नशे के मुद्दे पर सत्तापक्ष में ही सवाल: भाजपा विधायकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान सत्तारूढ़ दल के ही कई विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। हालांकि गृह मंत्री ने विभाग पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई का दावा किया। “खुलेआम हो रही बिक्री” भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने कहा कि रायपुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि हाल ही में पकड़े गए गांजा पैकेजिंग गिरोह के पास हाईटेक कैमरे मिले, जिनसे उन्हें पुलिस की गतिविधियों की पूर्व जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में पुलिस आरक्षक की संलिप्तता सामने आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। गृह मंत्री का जवाब: “रणनीति के तहत कार्रवाई” गृह मंत्री विजय शर्मा ने विभाग के फेल होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। टिकरापारा क्षेत्र में एक आरक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मामला प्रक्रियाधीन है। मेडिकल स्टोर्स और स्कूलों के पास बिक्री का मुद्दा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि मेडिकल दुकानों से बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाइयों की बिक्री पर सख्ती जरूरी है। वहीं कुंवर सिंह निषाद ने स्कूलों के आसपास नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया। विधायक अटल श्रीवास्तव ने नशा कारोबारियों की संपत्ति राजसात करने की जानकारी दी, जबकि राजेश मूणत ने ड्रग्स की सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना की मांग की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चर्चा दूर तक जाती है तो उसे होने दिया जाए। 📊 कार्रवाई के आंकड़े सरकार का कहना है कि सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाकर समन्वित रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर आगे भी बहस तेज रहने के संकेत हैं।

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राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम का पलटवार: कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, नक्सलवाद खत्म करने का दावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान “सिंडिकेट राज” चला और कोयला, शराब तथा डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री, कोयला परिवहन में अनियमितता और विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी से प्रदेश की छवि प्रभावित हुई। “भाजपा विकास की, कांग्रेस विनाश की राजनीति करती है” सीएम साय ने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कई मामलों में आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सुशासन और पारदर्शिता के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि पिछली सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त रही। बस्तर को लेकर आरोप निराधार मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र को लेकर फैलाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। सरकार कृषि, सिंचाई, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। होम-स्टे योजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। 🔴 नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और सुशासन के त्रिस्तरीय एजेंडे पर काम कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च तक प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां पहले स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था, वहीं अब शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। बस्तर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। 🏠 आवास, धान खरीदी और रोजगार पर जोर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। किसानों से 21 क्विंटल तक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई है और शेष अंतर राशि होली से पहले देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी योजना’ मनरेगा से बेहतर मॉडल के रूप में लागू की जा रही है, जिसमें 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। राजनीतिक गरमाहट तेज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बजट सत्र के आगामी दिनों में भी इन मुद्दों पर सियासी बहस तेज रहने की संभावना है।

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