April 2026

हमसफर एक्सप्रेस में अटेंडेंट शराब परोसते पकड़ा, दुर्ग स्टेशन पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस के एसी कोच में तैनात एक अटेंडेंट को अवैध रूप से शराब रखने और यात्रियों को परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई आरपीएफ और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने की। सूचना के मुताबिक, आरपीएफ को पहले ही जानकारी मिल गई थी कि ट्रेन में एक अटेंडेंट बड़ी मात्रा में शराब लेकर चल रहा है। इसके बाद दुर्ग स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही टीम ने कोच नंबर B-7 में तैनात अटेंडेंट रीमन दास को चिन्हित कर उसके बैग की जांच की। तलाशी के दौरान उसके पास से अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई। जब उससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद मौके पर ही शराब जब्त कर उसे हिरासत में ले लिया गया। बरामद शराब में व्हिस्की, वोडका और बियर शामिल हैं, जिसकी कुल मात्रा करीब 12.236 बल्क लीटर बताई गई है। जब्त सामग्री की कीमत लगभग 4 हजार रुपए आंकी गई है। आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह शराब कहां से लाया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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दुर्ग में प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन में सिपाही झुलसा, कांग्रेस पर केस; रेप केस में उबाल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले को लेकर रविवार को कांग्रेस ने उतई थाना क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। मिनी माता चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच इस दौरान खींचतान हुई और पुतला दहन के दौरान एक पुलिसकर्मी आग की चपेट में आकर झुलस गया। घायल आरक्षक गिरधर मंडावी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उनके हाथ लगभग 10 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने तीन पुतले लाए थे, जिनमें से दो को पुलिस ने पहले ही जब्त कर लिया था। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने एक अन्य पुतला अलग वाहन में छिपाकर रखा था, जिसे मौके मिलते ही पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। पुलिसकर्मियों ने तुरंत पानी और रेत डालकर आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यह घटना हुई। उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। बताया गया कि घटना के बाद बच्ची को बोरे में भरकर फेंक दिया गया था, लेकिन स्थानीय बच्चों की सतर्कता से उसकी जान बचाई जा सकी। इस मामले को लेकर इलाके में आक्रोश बना हुआ है। वहीं, समाज के लोगों ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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बेलतरा में विकास की रफ्तार तेज, विधायक ने सिटी बस सेवा शुरू कर किया सफर

बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को विकास कार्यों को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 12 करोड़ 16 लाख 97 हजार रुपए की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। विधायक सुशांत शुक्ला ने कोनी स्थित बस डिपो से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिटी बस सेवा की शुरुआत की और खुद भी बस में सफर कर इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर विधायक ने कहा कि सिटी बस सेवा शुरू होने से शहर और गांवों के बीच आवागमन आसान और सस्ता होगा। बस सेवा को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने बस में सवारी कर इस पहल का समर्थन किया। सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद जनप्रतिनिधि बस से राजकिशोर नगर पहुंचे, जहां हरश्रृंगार कॉलोनी में सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया गया। विधायक ने कहा कि इस भवन से मध्यमवर्गीय परिवारों को सामाजिक आयोजनों के लिए किफायती और सुविधाजनक स्थान मिलेगा। नई बस सेवा के तहत विभिन्न रूट तय किए गए हैं, जो बिलासपुर रेलवे स्टेशन से होते हुए शहर और ग्रामीण इलाकों को जोड़ेंगे। इनमें गढ़वट, बेलतरा और रानीगांव-रतनपुर तक के मार्ग शामिल हैं, जिससे दूरदराज के गांवों को भी परिवहन सुविधा मिलेगी। विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है और भविष्य में बेलतरा को आदर्श विधानसभा बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सहयोग करने की अपील भी की। महापौर पूजा विधानी ने कहा कि सिटी बस सेवा से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और उनका खर्च भी कम होगा। वहीं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी लंबे समय से लंबित सड़कों और अन्य मांगों के पूरे होने पर आभार जताया। इस दौरान सामुदायिक भवन, सड़क, पुल, उद्यान और आंगनबाड़ी भवन जैसे कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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बिलासपुर में गैस सिलेंडर पाइप फटने से आग, 3 महिलाएं समेत 4 लोग झुलसे

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक घर के किचन में गैस सिलेंडर के पाइप फटने से आग लगने की घटना सामने आई है। यह हादसा जूना बिलासपुर के कतियापारा इलाके में रविवार को हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, अशोक निर्मलकर के घर में खाना बनाते समय अचानक गैस का रिसाव शुरू हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। उस समय किचन में मौजूद पूजा निर्मलकर, सरोजिनी निर्मलकर और ममता निर्मलकर आग की चपेट में आकर झुलस गईं। वहीं आग बुझाने के प्रयास में अशोक निर्मलकर भी झुलस गए और उनके चेहरे पर चोट आई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सिलेंडर का पाइप फटने और जलने के कारण गैस लीक हुई, जिससे आग भड़क गई। इस हादसे में कुल चार लोग झुलसे हैं, हालांकि सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है और किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

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बिलासपुर में दो सगी बहनें गांजा तस्करी में गिरफ्तार, 6 किलो गांजा और लाखों कैश बरामद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो आपस में सगी बहनें हैं। दोनों अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर शहर के अलग-अलग इलाकों में गांजा बेचने का काम कर रही थीं। पुलिस ने उनके पास से करीब 6 किलो गांजा, 5.98 लाख रुपये नकद, एक कार और दो स्कूटी जब्त की हैं। मामला सामने तब आया जब पुलिस को सूचना मिली कि मोपका के पाटलीपुत्र नगर और राजकिशोर नगर क्षेत्र में दो महिलाएं नशीले पदार्थ की बिक्री कर रही हैं। इसके बाद एसीसीयू और सरकंडा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से योजना बनाकर छापेमारी की और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान महिलाएं वाहन में गांजा रखकर सप्लाई करते हुए मिलीं। तलाशी में उनके पास से नकदी, मोबाइल फोन, घड़ियां और वाहन भी बरामद किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 15.78 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मानकी केंवट उर्फ विनिता जोशी (30) और सुदामा केंवट उर्फ रानी यादव (40) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से मस्तूरी क्षेत्र के जयराम नगर की रहने वाली हैं और फिलहाल सरकंडा इलाके में रह रही थीं। पूछताछ में सामने आया कि वे अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई झेल चुकी हैं। गांजा बिक्री से कमाए पैसों से उन्होंने स्कूटी खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल सप्लाई के लिए किया जाता था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर

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रायपुर में पुलिस की तड़के रेड, 132 बदमाशों की जांच; 11 वारंटी गिरफ्तार

राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को सख्त करने के उद्देश्य से पुलिस ने रविवार सुबह बड़ा अभियान चलाया। सेंट्रल ज़ोन में चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 132 हिस्ट्रीशीटर और निगरानी बदमाशों की जांच की, साथ ही 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल ज़ोन) उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में की गई। इस अभियान में कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना पुलिस ने मिलकर भाग लिया। अभियान के तहत पुराने अपराधियों को थानों में बुलाकर उनकी परेड कराई गई और उनकी गतिविधियों की जांच की गई। खासकर चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर फरार वारंटियों की तलाश की, जिसमें 8 स्थायी वारंटी सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि करीब 28 प्रतिशत बदमाश थाने पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया में शामिल हुए, जबकि लगभग 20 प्रतिशत आरोपी अपने घरों से गायब मिले। इनकी तलाश के लिए अलग से कार्रवाई की जा रही है। वहीं करीब 24 प्रतिशत आरोपी पहले से जेल में बंद पाए गए, जबकि बाकी आरोपियों के घर पहुंचकर पुलिस ने उनकी जांच की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी बदमाशों को सख्त चेतावनी देते हुए अपराध से दूर रहने, नियमित रूप से थाने में हाजिरी देने और कानून का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट लेकर NAFIS सिस्टम में दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने बताया कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

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छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब प्रिंसिपल भी पढ़ाएंगे और रोज होगी पढ़ाई की समीक्षा

छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में आने वाले सत्र से पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नया अकादमिक मॉडल लागू किया है, जिसमें अब ध्यान केवल प्रशासन नहीं बल्कि पढ़ाई, निगरानी और छात्रों के समग्र विकास पर रहेगा। नई व्यवस्था के तहत प्रिंसिपल की भूमिका में अहम बदलाव किया गया है। अब वे सिर्फ प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें अकादमिक लीडर की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्हें रोजाना शिक्षकों के साथ बैठकर पढ़ाई की समीक्षा करनी होगी और साथ ही प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड पढ़ाना भी अनिवार्य किया गया है। हर हफ्ते क्लास के अनुसार पढ़ाई का लक्ष्य तय किया जाएगा, ताकि सिलेबस समय पर पूरा हो सके और छात्रों की प्रगति पर नजर रखी जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली बार पूरे सत्र के लिए विस्तृत अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। इसमें हर महीने पढ़ाए जाने वाले पाठ पहले से निर्धारित होंगे और उसी के अनुसार परीक्षाओं की योजना भी बनाई गई है। स्कूलों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए वंदे मातरम को अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए हर स्कूल को साउंड सिस्टम खरीदने हेतु 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। हर शनिवार को अब “गतिविधि दिवस” के रूप में विकसित किया गया है। इस दिन छात्र बिना बैग के स्कूल आएंगे और योग के बाद उन्हें अलग-अलग समूहों में बांटा जाएगा। एक समूह गार्डनिंग, क्राफ्ट जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेगा, जबकि दूसरा समूह टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आकलन करेगा। इससे एक ही दिन में कौशल विकास और पढ़ाई दोनों को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ाई को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के त्योहारों और परंपराओं का भी कैलेंडर तैयार किया गया है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की पारंपरिक गतिविधियों को स्कूलों में शामिल किया जाएगा, ताकि बच्चे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहें। इसके अलावा बच्चों को महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराने के लिए विशेष कैलेंडर बनाया गया है। हर महीने दो महान व्यक्तित्वों की जयंती या पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें छात्र उनके आदर्शों पर चर्चा और भाषण देंगे। शिक्षा सत्र जून 2026 से शुरू होगा, जिसमें 1 से 20 जून तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 22 जून को शाला प्रवेशोत्सव के साथ नई कक्षाएं शुरू होंगी। इस पूरे मॉडल का उद्देश्य शिक्षा के स्तर में सुधार लाना, अनुशासन बढ़ाना और छात्रों को बेहतर वातावरण देना है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के अनुसार, इस पहल के जरिए आत्मानंद स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ-साथ बच्चों को संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

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केमिकल आपदा से निपटने की तैयारी: 23 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मॉक ड्रिल

केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं।केंद्र सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में रासायनिक और औद्योगिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 23 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पहले इस अभ्यास में केवल 10 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसके लिए एनडीएमए ने 1 मार्च 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए थे। मॉक ड्रिल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। 10 अप्रैल को ओरिएंटेशन और समन्वय बैठक हो चुकी है, जबकि 21 अप्रैल को ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के तहत संभावित आपदा स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 23 अप्रैल को जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति जैसा अभ्यास किया जाएगा। इस ड्रिल का उद्देश्य राज्य और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता की जांच करना है। अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैनात रहेंगी। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के इलाज और बचाव कार्यों का रिहर्सल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभाग जैसे नगर सेना, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर काम करेंगे। मॉक ड्रिल के बाद 20 मई 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। औद्योगिक हादसों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। पिछले तीन वर्षों में 296 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। वहीं जनवरी 2026 तक के 13 महीनों में 171 हादसों में 124 लोगों की जान गई और 86 घायल हुए हैं। मॉक ड्रिल के लिए अलग-अलग जिलों को विशेष परिदृश्य दिए गए हैं। इनमें स्टील प्लांट, सीमेंट फैक्ट्री, केमिकल इकाइयां, पाइपलाइन, पेपर मिल और खदान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित हादसों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टैंकर दुर्घटना, अस्पताल में आग, बस हादसा और ट्रेन टक्कर जैसे आपात हालात पर भी अभ्यास किया जाएगा।

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रायपुर में नकली पनीर का बड़ा खुलासा: 1200 किलो जब्त, सेहत के लिए बना ‘धीमा जहर’

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। भाठागांव स्थित केसरी बगीचा इलाके में संचालित एक फैक्ट्री से करीब 1200 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया गया। इस दौरान मौके से पामFake Dairy Products,ऑयल, दूध पाउडर, एसेटिक एसिड और अन्य रसायन भी बरामद किए गए, जिनसे यह पनीर तैयार किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री का संचालन आदर्श पराशर द्वारा किया जा रहा था। विभाग को पहले ही नकली पनीर निर्माण की सूचना मिली थी, जिसके बाद रविवार को छापेमारी की योजना बनाई गई। टीम सुबह करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंची, जहां बड़े पैमाने पर पनीर की पैकेजिंग होती मिली। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी फैक्ट्री पर जनवरी 2026 में भी कार्रवाई करते हुए 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। इसके बावजूद दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन होना कई सवाल खड़े कर रहा है। कार्रवाई के लिए इस बार रायपुर की टीम को शामिल नहीं किया गया, बल्कि अन्य जिलों जैसे धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार से अधिकारियों को बुलाकर अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इसी दौरान उरला क्षेत्र में स्थित एक अन्य डेयरी पर भी छापा मारा गया, जहां गंदगी के बीच पनीर बनाया जा रहा था। वहां से 500 किलो पनीर नष्ट किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री पिछले करीब 6 साल से संचालित हो रही थी, जबकि इसका लाइसेंस हाल ही में 2025 में लिया गया था। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना के बताए जा रहे हैं, जिनके रहने की व्यवस्था भी वहीं की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का मिलावटी पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इसके सेवन से शुरुआत में अपच और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि लंबे समय तक उपयोग करने पर लिवर को गंभीर नुकसान, हार्ट डिजीज और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार सेवन करने से कुछ ही वर्षों में लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी शामिल है।

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नेटवर्क नहीं तो बगीचा बना समाधान: आम के पेड़ों के नीचे हुआ महतारी वंदन योजना का ई-केवाईसी

डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या बड़ी चुनौती बनी हुई है, लेकिन पंडरिया ब्लॉक के ग्राम आगरपानी में प्रशासन ने इसका अनोखा समाधान निकाला। महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी की प्रक्रिया पंचायत भवन में नेटवर्क कमजोर होने के कारण पूरी नहीं हो पा रही थी। बार-बार कोशिश के बावजूद तकनीकी दिक्कतों से काम अटक रहा था। महिलाएं सुबह से पंचायत भवन में लाइन लगाकर खड़ी रहती थीं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उनका ई-केवाईसी नहीं हो पाता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने जुगाड़ के तौर पर पंचायत भवन के बजाय आम के बगीचे में अस्थायी शिविर लगाया। यहां नेटवर्क बेहतर मिलने पर पेड़ों के नीचे बैठकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पहल से गांव की महिलाओं को बड़ी राहत मिली और उनका काम तेजी से पूरा हो सका। प्रशासन के इस प्रयास को ग्रामीणों ने सराहा है, क्योंकि इससे तकनीकी बाधा के बावजूद योजना का लाभ लोगों तक पहुंच पाया।

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