March 2025

​दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को फैसला सुनाया कि रेस्तरां और होटल भोजन बिलों में अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है और अनुचित व्यापार प्रथा है।

​दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को फैसला सुनाया कि रेस्तरां और होटल भोजन बिलों में अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है और अनुचित व्यापार प्रथा है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की एकल पीठ ने इस निर्णय में राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (NRAI) और होटल और रेस्तरां संघ महासंघ (FHRAI) द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के दिशानिर्देशों को चुनौती दी थी। ​ न्यायालय ने CCPA के उन दिशानिर्देशों को बरकरार रखा, जो होटल और रेस्तरां को भोजन बिलों में स्वचालित या डिफ़ॉल्ट रूप से सेवा शुल्क लगाने से रोकते हैं। इन दिशानिर्देशों के अनुसार:​ न्यायालय ने कहा कि सेवा शुल्क या टिप उपभोक्ता द्वारा स्वैच्छिक भुगतान है और इसे अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। रेस्तरां द्वारा इसे अनिवार्य रूप से वसूलना उपभोक्ता हितों के खिलाफ है और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है। ​ इसके अलावा, न्यायालय ने NRAI और FHRAI पर प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया, जिसे उपभोक्ता कल्याण के लिए CCPA के पास जमा करना होगा। ​www.ndtv.com यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करता है और रेस्तरां और होटल उद्योग में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है। अब उपभोक्ताओं को यह स्वतंत्रता होगी कि वे सेवा से संतुष्ट होने पर अपनी इच्छा से टिप दें, बिना किसी अनिवार्य शुल्क के।

​दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को फैसला सुनाया कि रेस्तरां और होटल भोजन बिलों में अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क नहीं लगा सकते हैं, क्योंकि यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है और अनुचित व्यापार प्रथा है। Read Post »

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​सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया

​सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय इन-हाउस समिति द्वारा इस मामले की जांच चल रही है, और वर्तमान में न्यायालय का हस्तक्षेप अनुचित होगा। ​ याचिकाकर्ता, अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा, ने तर्क दिया कि न्यायाधीशों को नियमित आपराधिक जांच से छूट नहीं दी जानी चाहिए और पुलिस को स्वतंत्र रूप से जांच करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने 1991 के के. वीरास्वामी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी चुनौती दी, जिसमें उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने की आवश्यकता होती है। ​ यह मामला 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने की घटना के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से शुरू हुआ। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टोर रूम में नोटों की गड्डियां देखीं, जिनमें से कई जल चुकी थीं। इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश ने तीन सदस्यीय समिति गठित की, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. एस. संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनु शिवरामन शामिल हैं। ​ बाद में, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में करने की सिफारिश की, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, दिल्ली हाईकोर्ट के एक अन्य न्यायाधीश, जस्टिस चंद्रधारी सिंह का भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरण किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन-हाउस जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी विकल्प खुले रहेंगे, और वर्तमान में किसी भी हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। न्यायालय ने कहा कि इन-हाउस जांच समाप्त होने के बाद मुख्य न्यायाधीश रिपोर्ट की जांच करके एफआईआर दर्ज करने या मामले को संसद को भेजने जैसे निर्णय ले सकते हैं। इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इन-हाउस जांच प्रक्रिया के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहा है और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। यह मामला न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति आम जनता की चिंताओं को भी उजागर करता है।

​सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया Read Post »

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​म्यांमार में शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दोपहर 12:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र सागाइंग शहर से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और गहराई 10 किलोमीटर थी।

​28 मार्च 2025 को दोपहर 12:50 बजे (स्थानीय समयानुसार), म्यांमार में 7.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र सागाइंग शहर से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और गहराई 10 किलोमीटर थी। इस भूकंप के झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, भारत, और चीन के कई हिस्सों में महसूस किए गए, जिससे व्यापक दहशत और नुकसान हुआ।​ म्यांमार में, विशेष रूप से मांडले क्षेत्र में, भारी तबाही हुई है। मांडले में कई ऐतिहासिक स्थलों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें 90 साल पुराना एवा ब्रिज का ढहना शामिल है। राजधानी नेपीदा में भी कई इमारतें गिर गईं, जिससे सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। सरकारी प्रसारणों के अनुसार, अब तक म्यांमार में 144 लोगों की मौत हो चुकी है और 700 से अधिक लोग घायल हैं। म्यांमार की सैन्य सरकार ने छह क्षेत्रों में आपातकाल घोषित किया है और अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है।​ थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और 81 लोग मलबे में फंस गए। बचाव कार्य जारी है, और शहर को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने स्थिति की समीक्षा के लिए अपनी आधिकारिक यात्रा को रद्द कर दिया है और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है।​ भारत में, कोलकाता और मणिपुर के कुछ हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित देशों को सहायता की पेशकश की है और भारतीय अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। ​ बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटे हैं। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स से बचने की सलाह दी है। इस आपदा के कारण क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है, और राहत कार्यों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

​म्यांमार में शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को दोपहर 12:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र सागाइंग शहर से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था और गहराई 10 किलोमीटर थी। Read Post »

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हंगामा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिए गए भाषण के दौरान हंगामा हो गया। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनसे तीखे सवाल पूछे। छात्रों के सवाल और ममता का जवाब ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। एक व्यक्ति ने उनसे विशेष निवेशों के नाम बताने को कहा, तो ममता ने जवाब दिया, “बहुत सारे हैं…” इसके बाद कुछ लोगों ने उस व्यक्ति को चुप रहने को कहा, यह तर्क देते हुए कि यह कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं है। हंगामे के बीच क्या हुआ? SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के छात्रों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए। छात्रों ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दों पर सवाल किए। ममता ने कहा, “यह मामला अदालत में है, राजनीति मत करो।” उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों से कहा, “आप बंगाल जाइए और अपनी पार्टी को मजबूत कीजिए।” ममता बनर्जी का जवाब विरोध को लेकर ममता ने कहा, “आप मुझे बोलने दें, यह संस्थान का अपमान है।” उन्होंने कहा, “मैं हर धर्म का सम्मान करती हूं।” जब ‘गो अवे’ के नारे लगे, तो ममता ने जवाब दिया, “दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता, दीदी रॉयल बंगाल टाइगर की तरह लड़ेगी।” उन्होंने कहा, “मैं जनता के सामने सिर झुकाऊंगी, लेकिन जबरदस्ती नहीं झुकूंगी।” SFI-UK ने ली जिम्मेदारी SFI-UK (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, यूके) ने विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। संगठन ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के छात्रों और श्रमिक वर्ग के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। यह घटना ममता बनर्जी की विदेश यात्राओं के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक नई बहस छेड़ रही है।

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कुख्यात गैंगस्टर बंटी पांडे साधु के वेश में गिरफ्तार

सूरत: कुख्यात गैंगस्टर बंटी पांडे, जो पिछले पांच साल से नाथ संप्रदाय के साधु के रूप में रह रहा था, को सीआईडी क्राइम और सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। बंटी पांडे पर 2004 में सूरत के हीरा व्यापारी राजेश भट्ट के अपहरण और हत्या का गंभीर आरोप है। क्या था मामला? राजेश भट्ट का अपहरण कर उनकी अमेरिका में पत्नी और मुंबई में भाई से दो करोड़ रुपये फिरौती मांगी गई थी। फिरौती नहीं मिलने पर उनकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया। कैसे छुपा हुआ था बंटी पांडे? उसने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर खुद को महंत बना लिया। पांच साल से अनाज नहीं खाता था, सिर्फ फल और दूध लेता था। भस्म लगाता था और साधु जैसा जीवन जी रहा था, जिससे पुलिस को शक नहीं हुआ। कई संत भी उसे महंत मानते थे। गैंगस्टर के अपराध बंटी पांडे अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के लिए काम करता था। हत्या, जबरन वसूली, अपहरण जैसे कई अपराधों में शामिल था। वापी के एक उद्योगपति के बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में भी उसका नाम है। गिरफ्तारी कैसे हुई? 2004 के मामले में फिरौती के फोन कॉल की ऑडियो जांच से वह दोषी साबित हुआ। सीआईडी क्राइम ने तिहाड़ जेल से हिरासत में लिया और अब सूरत लाकर चार दिन की रिमांड पर रखा गया है। पूछताछ में कई और पुराने मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

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मौत की कॉफी: मुजफ्फरनगर में पत्नी ने पति की हत्या की रची साजिश

मेरठ/मुजफ्फरनगर। मेरठ के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे मुजफ्फरनगर निवासी अनुज शर्मा को कथित रूप से जहर देकर मारने की कोशिश की गई। इस घटना में उसकी पत्नी पिंकी शर्मा को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। शादी के बाद शुरू हुआ विवाद अनुज की शादी दो साल पहले गाजियाबाद के लोनी निवासी पिंकी शर्मा से हुई थी। लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रहा। अनुज की बहन मीनाक्षी शर्मा के अनुसार, शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के बीच झगड़े होने लगे। अनुज को शक था कि पिंकी का किसी और से संबंध है। कई बार उसने पिंकी को फोन पर किसी से बातें करते हुए पकड़ा, लेकिन पिंकी ने हमेशा बहाने बना दिए। एक दिन जब अनुज ने पिंकी का फोन छीन लिया, तो उसे चौंकाने वाले मैसेज और तस्वीरें मिलीं। तलाक की बात से हत्या की साजिश तक इस मामले के बाद अनुज और पिंकी के बीच दूरियां बढ़ गईं। पिंकी मायके चली गई और अनुज ने उसे बुलाने की कोशिश नहीं की, क्योंकि वह तलाक चाहता था। कुछ समय बाद पिंकी ने अपनी गलती स्वीकार कर अनुज के साथ रहने की इच्छा जताई। अनुज ने उसे दूसरा मौका दिया, लेकिन घर लौटते ही पिंकी ने महिला थाने में अनुज के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। काउंसलिंग के बाद पुलिस ने उसे अनुज के साथ घर भेज दिया। जहर मिली कॉफी से बिगड़ी अनुज की हालत परिजनों के अनुसार, 25 मार्च को जब अनुज अपनी नौकरी से घर लौटा, तो पिंकी ने उसे कॉफी दी। कुछ ही देर में अनुज की तबीयत बिगड़ने लगी। जब हालत गंभीर हुई, तो परिवार उसे अस्पताल लेकर गया। डॉक्टरों ने बताया कि अनुज को किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कराया गया है। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। पिंकी हुई फरार, पुलिस जांच जारी परिजनों ने बताया कि घटना के बाद न तो पिंकी अस्पताल आई और न ही उसके घरवाले। उल्टा, वे उसे अपने साथ गाजियाबाद ले गए। अनुज अब खतरे से बाहर है, लेकिन अभी तक वह बोलने की स्थिति में नहीं है और सिर्फ इशारों से बातचीत कर पा रहा है। परिवार का आरोप है कि यह एक सोची-समझी हत्या की साजिश थी। सीओ खतौली रामाशीष यादव ने बताया कि पुलिस को पिंकी द्वारा अनुज को जहर देने की सूचना मिली थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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बेंगलुरु में दिल दहला देने वाला कत्ल: पत्नी की हत्या कर सूटकेस में छिपाया शव, ससुरालवालों को खुद दी जानकारी

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक खौफनाक हत्याकांड सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर उसके शव के टुकड़े एक सूटकेस में भर दिए। हत्या के बाद आरोपी ने खुद अपने ससुरालवालों को फोन कर इस वारदात की जानकारी दी। पति ने खुद ससुरालवालों को दी हत्या की सूचना इस हत्याकांड का आरोपी महाराष्ट्र निवासी राकेश बताया जा रहा है, जो बेंगलुरु के हुलीमावु इलाके में अपनी पत्नी गौरी अनिल सम्बेकर (32) के साथ रह रहा था। पुलिस के अनुसार, गौरी ने मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया था और इस समय बेरोजगार थीं, जबकि राकेश एक निजी कंपनी में कार्यरत था और वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। पुलिस को मिली सूचना, जांच जारी हत्या की जानकारी मिलने के बाद हुलीमावु पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस उपायुक्त (DCP) सारा फातिमा भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गईं। अधिकारियों के मुताबिक, मकान मालिक ने शाम करीब 5:30 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी थी। अक्सर होते थे झगड़े, वारदात के दिन बढ़ा विवाद दंपती के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। बताया जा रहा है कि गौरी कई बार राकेश पर हाथ भी उठा चुकी थी। लगातार हो रहे विवाद से राकेश के अंदर गुस्सा भरता जा रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। गला रेतकर की हत्या, शव को सूटकेस में छिपाया झगड़े के दौरान राकेश ने गुस्से में आकर पहले गौरी के पेट में चाकू घोंपा और फिर उसका गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव के टुकड़े कर एक बड़े ट्रैवल सूटकेस में ठूंस दिया और बाथरूम में छोड़कर फरार हो गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस हत्या के बाद आरोपी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

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​थाईलैंड पर्यटन महोत्सव 2025 का 43वां संस्करण 26 से 30 मार्च तक बैंकॉक के क्वीन सिरिकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।

​थाईलैंड पर्यटन महोत्सव 2025 का 43वां संस्करण 26 से 30 मार्च तक बैंकॉक के क्वीन सिरिकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है और इसमें प्रवेश निःशुल्क है।​ इस वर्ष का महोत्सव “थाईलैंड में करने योग्य 5 अनिवार्य अनुभव” थीम पर केंद्रित है और कार्बन-न्यूट्रल पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देता है। आगंतुकों के लिए नौ विभिन्न क्षेत्रों में थाईलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, प्रामाणिक क्षेत्रीय व्यंजन, और पारंपरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। ​ महोत्सव में आने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। क्वीन सिरिकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर एमआरटी स्टेशन के माध्यम से स्थल तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह महोत्सव थाईलैंड की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने और सतत पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

​थाईलैंड पर्यटन महोत्सव 2025 का 43वां संस्करण 26 से 30 मार्च तक बैंकॉक के क्वीन सिरिकिट नेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। Read Post »

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​अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया विधेयक पेश किए जाने से पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।

​अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया विधेयक पेश किए जाने से पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।​ यह विधेयक, जिसे “पाकिस्तान डेमोक्रेसी एक्ट” कहा जाता है, अमेरिकी कांग्रेस में प्रतिनिधि जो विल्सन और जिम्मी पनेटा द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान में राजनीतिक विरोधियों के उत्पीड़न में शामिल व्यक्तियों की पहचान करना और उन पर प्रतिबंध लगाना है, जिसमें वीज़ा प्रतिबंध और अमेरिका में प्रवेश पर रोक शामिल है। ​ विधेयक विशेष रूप से जनरल मुनीर पर “राजनीतिक विरोधियों के गलत तरीके से उत्पीड़न और कैद” में संलिप्त होने का आरोप लगाता है। यह पाकिस्तान में सैन्य शासन समाप्त करने, नागरिक नेतृत्व वाली लोकतंत्र की बहाली, और सभी गलत तरीके से हिरासत में लिए गए राजनीतिक बंदियों की रिहाई की स्थिति में प्रतिबंध हटाने की अनुमति देता है। ​ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जिन्हें 2022 में अविश्वास मत के माध्यम से पद से हटाया गया था और अगस्त 2023 में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, उनके समर्थकों का दावा है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उन्हें सत्ता में लौटने से रोकने के लिए सैन्य द्वारा आयोजित किए गए हैं। ​ यह विधेयक अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में महत्वपूर्ण तनाव पैदा कर सकता है, क्योंकि यह पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के कार्यों की सीधी आलोचना करता है और लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली की मांग करता है।

​अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया विधेयक पेश किए जाने से पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। Read Post »

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​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया।

​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया। यह आयोजन क्षेत्र में “मिनी कुंभ” के रूप में प्रसिद्ध है, जहां भक्तगण यह मानते हैं कि इस दिन नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा की शुद्धि होती है।​ सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने विस्तृत प्रबंध किए हैं, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को नदी के निकट तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।​ स्नान का यह पावन कार्य सुबह जल्दी शुरू हुआ, जो मधु कृष्ण त्रयोदशी और शतभिषा नक्षत्र के साथ संयोगित था। कई श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियों के विसर्जन और तर्पण के लिए भी यहां पहुंचे, क्योंकि स्थानीय मान्यता के अनुसार इस दिन नदी त्रिवेणी संगम का रूप धारण करती है, जिससे स्नान और तर्पण का विशेष महत्व बढ़ जाता है।​ सिद्धेश्वर मंदिर, जिसे कपिलाश्रम या कपिल मुनि के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है, इस क्षेत्र का एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। हैलाकांडी से लगभग 25 किलोमीटर दूर थांडापुर, पंचग्राम के निकट स्थित यह मंदिर बराक घाटी के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और इसका गहरा पौराणिक महत्व है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में स्थित शिवलिंग पत्थर से निर्मित है, जिसे प्राचीन भारतीय दार्शनिक कपिल मुनि द्वारा स्थापित किया गया माना जाता है।​ बारूणी मेले के चलते, आगामी पंद्रह दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं के मंदिर में आगमन की संभावना है, जिससे यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा।

​हैलाकांडी, 27 मार्च: दक्षिण असम के बराक घाटी में स्थित कपिलाश्रम, सिद्धेश्वर में गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक बारूणी स्नान के अवसर पर बराक नदी में पवित्र स्नान किया। Read Post »

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