Raipur to Bilaspur

बिलासपुर में मां-बेटी गिरफ्तार, सूटकेस से 10 किलो गोमांस बरामद; रायपुर से ट्रेन में पहुंची थीं

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में पुलिस ने गुरुवार रात रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई करते हुए मां-बेटी को गोमांस के साथ गिरफ्तार किया। दोनों महिलाएं ट्रॉली बैग में मांस छिपाकर ले जा रही थीं। बताया जा रहा है कि वे Raipur से ट्रेन के जरिए बिलासपुर पहुंची थीं। यह मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, बैग की तलाशी लेने पर करीब 10 किलोग्राम मांस बरामद हुआ, जिसे गवाहों ने गोमांस के रूप में पहचान की। घटना की जानकारी मिलते ही कुछ संगठनों के लोग थाने पहुंचे और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस को आशंका है कि इन महिलाओं का इस्तेमाल किसी गिरोह द्वारा कूरियर के रूप में किया जा रहा हो सकता है। फिलहाल दोनों से पूछताछ कर नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। गश्त के दौरान टीम को खबर मिली थी कि दो महिलाएं संदिग्ध स्थिति में ट्रॉली बैग लेकर रेलवे स्टेशन से बाहर निकल रही हैं। इसके बाद थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बताए गए हुलिए के आधार पर दोनों को रोका। महिलाओं की पहचान रेहाना परवीन बानो (47) और अलीजा रजा (20) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान बैग में पॉलिथीन में रखा मांस बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने मांस रखने की बात स्वीकार की, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों मगरपारा इलाके की रहने वाली हैं और रायपुर से ट्रेन में सफर कर बिलासपुर पहुंची थीं। हालांकि, मांस के स्रोत को लेकर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। घटना की सूचना मिलते ही कुछ संगठनों के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने मामले की गहराई से जांच कर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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नेशनल हाईवे-130 की खराब हालत पर हाई कोर्ट सख्त: अफसरों से पूछा – सड़क पर चलकर देखा है हाल?

रायपुर से बिलासपुर और पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक के बीच नेशनल हाईवे-130 की बदहाल स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जाहिर की है। इस मामले में मंगलवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनएचएआई रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल, प्रोजेक्ट प्रभारी डीडी परलावर और अधिकारी दिनेश चंद्र शाही से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी खुद इस मार्ग पर यात्रा की है? और क्या उन्हें इस बात का एहसास है कि सड़क की स्थिति बेहद खराब है? इस पर अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वे हाईवे पर चल चुके हैं और सड़क की हालत वाकई खराब है। उन्होंने यह भी बताया कि मरम्मत का कार्य फिलहाल जारी है और इसे तय मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सुधार कार्यों में तेजी लाई जा रही है, लेकिन काम लंबा होने के कारण कुछ समय लग सकता है। पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़क सुधारने का निर्देश सड़क की दूसरी बदहाल कड़ी, पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की स्थिति पर जब कोर्ट ने सवाल उठाया, तो बताया गया कि यह इलाका बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में आता है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की है। कोर्ट ने PWD को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हिस्से की सड़कों को जल्द सुधारें और व्यवस्था में सुधार लाएं। दो हफ्तों में प्रगति रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 25 अगस्त को हाई कोर्ट ने अधिकारियों को फिलहाल व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत दी है, लेकिन चेतावनी भी दी कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा तलब किया जाएगा। अगली सुनवाई की तारीख 25 अगस्त तय की गई है, जिसमें रायपुर से बिलासपुर और पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी पेश करनी होगी।

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Bilashpur, Raipur
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